{“_id”:”6ad8046245a11cfdbb01da82″,”slug”:”digital-gold-market-growth-170-billion-dollar-by-2031-wgc-bcg-report-2026-10-21″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”डिजिटल गोल्ड की बढ़ती मांग: बाजार 2031 तक 170 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद; किन बाधाओं को दूर करना होगा?”,”category”:{“title”:”Business Diary”,”title_hn”:”बिज़नेस डायरी”,”slug”:”business-diary”}}
डिजिटल गोल्ड की मांग में बड़ा उछाल?
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) और बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, यदि उद्योग जगत विश्वास, पहुंच, मूल्य निर्धारण और उत्पाद की उपयोगिता से जुड़ी चिंताओं को दूर कर ले तो वैश्विक डिजिटल गोल्ड बाजार मौजूदा 45-55 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक 160-170 अरब डॉलर (करीब 16.10 लाख करोड़ रुपये) का हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन बाधाओं को दूर करने से लंबी अवधि में 700 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। हालांकि, डब्ल्यूजीसी ने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा निकट अवधि का बाजार पूर्वानुमान न होकर संभावित मांग को दर्शाता है।
ये भी पढ़ें: रेडसीर रिपोर्ट: ऑनलाइन खरीद बढ़ी, 90 अरब डॉलर के पार होगा कारोबार; पहली छमाही में कितनी रही बिक्री?
भारत की मजबूत स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बाजारों में बैंकिंग एप्स और भुगतान प्लेटफार्मों जैसे मुख्यधारा के चैनलों के माध्यम से डिजिटल गोल्ड उपलब्ध है, वहां पैठ की दर सात गुना तक अधिक दर्ज की गई है। अकेले भारत में 12 करोड़ से अधिक ग्राहक डिजिटल गोल्ड लेनदेन से जुड़ चुके हैं। डब्ल्यूजीसी ने कहा कि डिजिटल गोल्ड पारंपरिक सोने या गोल्ड ईटीएफ से पैसा मोड़ने के बजाय बाजार में नए निवेशकों को ला सकता है। अनुमान है कि कुल नई मांग का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा उन लोगों से आएगा जो वर्तमान में सोना नहीं रखते हैं।