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दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग: 10 में से 8 बार हरे निशान में बंद हुआ बाजार; जानें 8 नवंबर को कारोबार का समय क्या


दिवाली का त्योहार भारतीय शेयर बाजार के लिए न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह निवेशकों के लिए नए संवत वर्ष की शुभ शुरुआत भी माना जाता है। बीते एक दशक (2016 से 2025) के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान घरेलू शेयर बाजारों का झुकाव सकारात्मक रुख की ओर अधिक रहा है। इस अवधि के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी 50 ने 10 में से 8 अवसरों पर बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया है।

वर्ष 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीख और समय क्या तय किया गया है?

स्टॉक एक्सचेंज एनएसई और बीएसई इस साल दिवाली के पावन अवसर पर 8 नवंबर (रविवार) को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित करेंगे। 


  • ट्रेडिंग का समय: विशेष ट्रेडिंग सत्र दोपहर 2:20 बजे से शुरू होकर शाम 3:30 बजे तक चलेगा।

  • प्री-ओपनिंग सेशन: मुख्य सौदों से पहले 15 मिनट का प्री-ओपनिंग सत्र दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

पिछले 10 वर्षों में मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयर बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा है?

बीएस रिसर्च द्वारा 2016 से 2025 के ऐतिहासिक बाजार आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, बीते 10 वर्षों में केवल 2 बार ही ऐसा हुआ है जब मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन बाजार में गिरावट दर्ज की गई। इस विशेष सत्र के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम आम तौर पर सीमित रहता है, जिससे सूचकांकों में औसतन सीमित बढ़त ही देखने को मिलती है। इन 10 सत्रों में सेंसेक्स ने औसतन 0.34 प्रतिशत और निफ्टी 50 ने औसतन 0.31 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। 

साल 2022 में 24 अक्टूबर को दोनों प्रमुख सूचकांकों ने 0.88-0.88 प्रतिशत की सबसे मजबूत बढ़त दर्ज की थी, जबकि साल 2017 में सेंसेक्स 0.60 प्रतिशत और निफ्टी 0.63 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ था, जो इस अवधि का सबसे कमजोर प्रदर्शन था। बीते 21 अक्टूबर 2025 को आयोजित पिछले मुहूर्त सत्र में सेंसेक्स 84,426 के स्तर पर 0.07 प्रतिशत और निफ्टी 25,869 के स्तर पर 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था।

क्या मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन मिली तेजी अगले एक महीने तक भी जारी रहती है?

ऐतिहासिक आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन मिलने वाला शुरुआती उत्साह हमेशा आगे के हफ्तों में जारी नहीं रहता है। 2016 से 2025 के बीच 8 मौकों पर सेंसेक्स और 7 मौकों पर निफ्टी ने मुहूर्त ट्रेडिंग के एक महीने बाद भी सकारात्मक रिटर्न दिया है। इस दौरान एक महीने का औसत रिटर्न सेंसेक्स के लिए 1.69 प्रतिशत और निफ्टी के लिए 1.43 प्रतिशत रहा। 

सबसे मजबूत प्रदर्शन साल 2023 के मुहूर्त सत्र के बाद देखा गया था, जब अगले एक महीने में सेंसेक्स 6.58 प्रतिशत और निफ्टी 7.07 प्रतिशत चढ़ा था। इसी तरह 2020 में भी एक महीने के दौरान क्रमश: 5.99 प्रतिशत और 6.09 प्रतिशत की तेजी आई थी। हालांकि, साल 2021 के सत्र के बाद अगले एक महीने में सेंसेक्स में 5.53 प्रतिशत और निफ्टी में 5.61 प्रतिशत की गिरावट आई थी, और 2016 में भी दोनों सूचकांक 4.5 प्रतिशत से अधिक टूटे थे।

नए संवत 2083 के लिए बाजार विशेषज्ञों की क्या रणनीति?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग अल्पकालिक मुनाफे के पीछे भागने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से निवेश यात्रा शुरू करने का एक बेहतरीन अवसर है। बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढांचे पर खर्च और मजबूत घरेलू मांग के दम पर संवत 2083 के लिए बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, कैपिटल गुड्स, पावर ट्रांसमिशन, रक्षा और चुनिंदा कंजप्शन शेयरों पर सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है। 



इसके अतिरिक्त, एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल का मानना है कि नए संवत में ऑटो ओईएम व एंसिलरी, कैपिटल गुड्स व इंजीनियरिंग (रक्षा, एयरोस्पेस, रेलवे सुरक्षा, पॉवर इक्विपमेंट), बीएफएसआई, ईएमएस, रीसाइक्लिंग, न्यू एज प्लेटफॉर्म, फार्मा (सीडीएमओ) और कंजप्शन (होटल, ज्वेलरी) जैसे सेक्टर्स से संपत्ति सृजन होने की प्रबल संभावना है।



ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि मुहूर्त ट्रेडिंग का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए पारंपरिक रूप से सकारात्मक झुकाव वाला रहा है। हालांकि, निवेशकों को केवल एक दिन के प्रदर्शन पर निर्भर रहने के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक बुनियाद और विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए मजबूत क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी निवेश योजना बनानी चाहिए।



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