पहला सुराग: पुलिस को घटना स्थल के पास से महिला की महंगी सैंडल और कुछ कपड़े मिले. शव की हालत देखकर लग रहा था कि मृतका किसी अच्छे या अमीर परिवार से ताल्लुक रखती थी.
2. ‘दृश्यम’ स्टाइल में कहानी का पहला मोड़
गुमशुदगी की रिपोर्ट: पुलिस ने जब हाल ही में लापता हुई लड़कियों का रिकॉर्ड खंगाला, तो उन्हें शिवानी कलमेकर नाम की एक लड़की की मिसिंग रिपोर्ट मिली. हुलिए के आधार पर पुलिस को लगा कि लाश शिवानी की ही है.
पिता और भाई का कबूलनामा: पुलिस ने जब शिवानी के परिवार को बुलाकर पूछताछ की, तो कहानी ने बेहद चौंकाने वाला मोड़ लिया. शिवानी के पिता ने खुद पुलिस के सामने कबूल कर लिया कि उन्होंने ही अपनी बेटी की हत्या की है.
गिरफ्तारी: इस झूठे कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने शिवानी के पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस को लगा कि केस सुलझ गया है.
3. जब ‘मुर्दा’ खुद चलकर थाने पहुंच गया!
तारीख – 28 मई: इस मर्डर मिस्ट्री का सबसे बड़ा ट्विस्ट 28 मई को आया. जिस शिवानी को मरा हुआ मानकर उसके पिता जेल में बंद थे, वह शिवानी अचानक जिंदा और सही-सलामत थाने पहुंच गई!
शिवानी ने पुलिस के सामने खड़े होकर कहा कि वो जिंदा है और पुलिस तुरंत उसके पिता और भाई को रिहा करे क्योंकि वे बेकसूर हैं. शिवानी के जिंदा सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस का बनाया पूरा केस ताश के पत्तों की तरह ढह गया.
4. अब पुलिस के सामने क्या बड़ी चुनौतियां हैं?
शिवानी के जिंदा लौटने के बाद अब बुलढाणा पुलिस के सामने यह केस एक बहुत बड़ी पहेली बन चुका है. पुलिस मुख्य रूप से तीन पॉइंट पर जांच कर रही है.
असल में किसका कत्ल हुआ है? सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर जंगल में मिली लाश शिवानी की नहीं थी, तो वो किस लड़की की है? पुलिस अब नए सिरे से राज्य और आस-पास के जिलों की मिसिंग रिपोर्ट्स खंगाल रही है. महंगी सैंडल के आधार पर हाई-प्रोफाइल परिवारों से गायब हुई लड़कियों की लिस्ट बनाई जा रही है.
पिता ने झूठा जुर्म क्यों कबूला? पुलिस इस बात से हैरान है कि कोई पिता अपनी जिंदा बेटी के मर्डर का इल्जाम अपने सिर क्यों लेगा? क्या पिता को सचमुच लगा था कि लाश उसकी बेटी की है, या फिर वह किसी और को बचाने के लिए खुद जेल गया था? पुलिस इस ‘झूठे कबूलनामे’ के पीछे की साजिश का पता लगा रही है.
फॉरेंसिक और डीएनए (DNA) जांच: पुलिस ने अब मृतका के शरीर के अंगों और डीएनए सैंपल को फॉरेंसिक लैब भेजा है ताकि जांच का दायरा बढ़ाया जा सके.
शिवानी कौन है?
उम्र और बैकग्राउंड: शिवानी की उम्र लगभग 20 से 22 साल के बीच है. वो बुलढाणा जिले के मोताला तालुका के रोहिणखेड गांव की रहने वाली है.
लापता कब हुई: अप्रैल महीने में शिवानी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी. काफी तलाश करने के बाद जब वह नहीं मिली, तो उसके परिवार ने स्थानीय बोराखेड़ी पुलिस स्टेशन में उसकी मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
अचानक वापसी: जब पुलिस ने उसकी लाश मिलने का दावा किया, तो वह 28 मई को खुद पुलिस स्टेशन चलकर आ गई. उसने पुलिस को बताया कि वो अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी और बिल्कुल सही-सलामत है.
शिवानी का परिवार यानी पिता और भाई कौन?
गजानन कलमेकर: शिवानी के पिता का नाम गजानन कलमेकर है. जब पुलिस को जंगल में अज्ञात लाश मिली, तो उन्होंने पुलिस के सामने यह झूठा बयान दे दिया कि उन्होंने ही ‘ऑनर किलिंग’ के तहत अपनी बेटी को मार डाला है. पुलिस के मुताबिक, शव काफी हद तक जल चुका था, इसलिए मुमकिन है कि पिता ने घबराहट या गलतफहमी में उस लाश को अपनी बेटी समझ लिया हो.
कृष्णा कलमेकर: शिवानी के भाई का नाम कृष्णा कलमेकर है. पिता के झूठे कबूलनामे के बाद पुलिस ने कृष्णा को भी सह-आरोपी बनाते हुए पिता के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. पुलिस ने तुरंत अदालत को इस नए मोड़ की जानकारी दी. कानूनी प्रक्रिया के तहत गजानन कलमेकर और कृष्णा कलमेकर को जेल से रिहा करने की कार्यवाही तुरंत शुरू कर दी गई.



