नई दिल्ली2 मिनट पहले
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युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों पर अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई लोगों में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है।
डॉ. रेड्डी के मुताबिक इसका कारण जेनेटिक है। करीब 300 साल पहले देश में आए अकाल का असर लोगों की आने वाली पीढ़ियों के शरीर पर पड़ा। इसी वजह से दक्षिण एशियाई लोगों में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा है।
डॉ. रेड्डी ने कहा कि जब उन्होंने देश में काम शुरू किया, तब भी बड़ी संख्या में युवा लोगों को हृदय संबंधी समस्याओं के साथ देखा जाता था। उनके मुताबिक, 1991 में ड्यूटी रूम में तीन भारतीय डॉक्टरों की मौत के बाद इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी।
उस समय युवाओं में हार्ट अटैक के लिए शारीरिक गतिविधियां कम होना, घी और नारियल तेल जैसी चीजों को जिम्मेदार माना गया। बाद की रिसर्च में यह सामने आया कि दक्षिण एशियाई लोगों में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा उनके जीन और आनुवंशिक बनावट से भी जुड़ा हो सकता है।

युवाओं को सतर्क रहने की जरूरत
डॉ. रेड्डी का कहना है कि युवाओं को हार्ट अटैक के खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित जांच, अच्छा खान-पान, रोजाना शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्वास्थ्य की निगरानी जरूरी है।




