नवंबर महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में रौनक दिखाई दी। शेयर बाजार में सोमवार, 1 नवंबर 2026 को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई। सुबह 09:30 बजे सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक बढ़कर 75,270 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 200 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 23,260 पर कारोबार कर रहा था। त्योहारी सीजन में शेयर बाजार में लौटी हरियाली से निवेशकों में उत्साह का माहौल दिखा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा
बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। ईरान युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीद के बीच पिछले सप्ताह छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद कच्चे तेल के दाम नीचे आए। ब्रेंट क्रूड 3.02 फीसदी गिरकर 110.01 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल डब्ल्यूटीआई की कीमत 3.05 फीसदी गिरकर 100.94 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
रिलायंस, मेटल और सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी
शेयर बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बड़ा योगदान रहा। सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे आने के बाद कंपनी का शेयर 4.42 फीसदी चढ़ गया। टाटा स्टील के शेयर में 3.52 फीसदी और एनटीपीसी में 3.16 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। मारुति का शेयर 2.46 फीसदी चढ़ा। वहीं, पावर ग्रिड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के शेयरों में क्रमशः 1.80 फीसदी और 1.79 फीसदी की तेजी रही।
निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2.39 फीसदी चढ़ा, जबकि मेटल इंडेक्स में 1.47 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सरकारी बैंकों के शेयरों वाला पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.63 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 1.20 फीसदी ऊपर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी 0.46 फीसदी की तेजी आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी
बाजार में तेजी का असर बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखा। निफ्टी 100 में 0.95 फीसदी, निफ्टी 200 में 0.92 फीसदी और निफ्टी 500 में 0.89 फीसदी की बढ़त रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.78 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया विक्स 1.71 फीसदी बढ़कर 15.57 पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी मिला समर्थन
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत के आयात बिल और महंगाई को लेकर कुछ चिंताएं कम हुई हैं। विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी बाजार को सहारा मिला है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर तिमाही नतीजों का भी निवेशकों के रुझान पर सकारात्मक असर पड़ा। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण भारत जैसे बाजारों के प्रति निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ है। माना जा रहा है कि भारत का बाजार एआई निवेश से जुड़े कारोबार पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
बाजार के जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इन कारकों से बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।