बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 1 फीसदी तक लुढ़क गए। निवेशकों के बीच अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 788.52 अंक गिरकर 76,155.76 पर आ गया; निफ्टी 269 अंक गिरकर 23,786.80 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 2 पैसे गिरकर 94.97 पर आ गया।
बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 750 अंक से अधिक गिरकर 76,200 के स्तर से नीचे आ गया। निफ्टी 50 भी 200 अंक से अधिक की गिरावट के साथ 23,800 के स्तर से नीचे चला गया। इस तेज गिरावट से बीएसई के कुल बाजार पूंजीकरण से करीब पांच लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
यह घटकर 488 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। आईटी और ऑटो सूचकांकों में भी 1 फीसदी की गिरावट देखी गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया। निवेशकों में घबराहट का माहौल साफ नजर आया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई।
बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई कारण रहे। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई। इन वैश्विक कारकों ने भारतीय बाजार पर नकारात्मक असर डाला। निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाना शुरू कर दिया।



