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पाई-पाई जोड़कर खरीदा था मोबाइल, वही बना मौत की वजह, सनकी पति ने मासूमों के सामने फावड़े से पत्नी को उतारा मौत के घाट


शाहजहांपुर: कहते हैं कि शक का कोई इलाज नहीं होता, और जब यह शक किसी के सिर पर सवार हो जाए, तो वह हैवान बन जाता है. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक पति ने सिर्फ इसलिए अपनी पत्नी की गर्दन फावड़े से काटकर अलग कर दी, क्योंकि उसने उसे अपने जीजा से वीडियो कॉल पर बात करते देख लिया था. जिस मोबाइल को एक पत्नी ने मेहनत की पाई-पाई जोड़कर खुशियों के लिए खरीदा था, वही उसकी मौत का पैगाम लेकर आया.

मेहनत की कमाई और वो ‘किस्मत का मोबाइल’
शाहजहांपुर जिले के थाना मिर्जापुर के भौती गांव की रहने वाली सोमवती (35) एक साधारण ग्रामीण महिला थी. घर के चूल्हे-चौके से लेकर खेतों की कड़ी मशक्कत तक, सोमवती का पूरा दिन काम में बीतता था. व्यस्तता ऐसी थी कि रिश्तेदारों और मायके वालों से उसका मिलना-जुलना लगभग खत्म हो गया था. लोग शिकायत करते थे, लेकिन सोमवती मजबूर थी. आस-पड़ोस की महिलाओं को स्मार्टफोन पर अपनों से बात करते देख सोमवती के मन में भी एक टीस उठती थी.

उसने ठान लिया कि वह भी फोन लेगी. उसने खेतों में मजदूरी बढ़ाई, पेट काटकर पैसे बचाए और पिछले महीने ही एक सस्ता सा मोबाइल खरीदा. घर में मोबाइल आया तो बच्चे चहक उठे और सोमवती भी खुश थी कि अब वह अपनों के करीब रहेगी. लेकिन उसे क्या पता था कि यह मोबाइल उसकी जिंदगी के आखिरी पन्ने लिख रहा है.

शक का जहर और खूनी दोपहर
सोमवती का पति छत्रपाल अनपढ़ और बेहद शक्की मिजाज का इंसान था. जब से घर में फोन आया था, उसका शक गहराने लगा था. सोमवती जब भी किसी से फोन पर बात करती, छत्रपाल के कान खड़े हो जाते. उसे सबसे ज्यादा चिढ़ सोमवती के अपने जीजा से बात करने पर थी. उसे वहम हो गया था कि उसकी पत्नी के अपने जीजा के साथ नाजायज ताल्लुक हैं.

तारीख 28, दोपहर के करीब 2:30 बज रहे थे. छत्रपाल खेतों से काम करके वापस लौटा. हाथ में फावड़ा था और दिमाग में शक का शैतान. जैसे ही उसने घर में कदम रखा, उसने देखा कि सोमवती मोबाइल पकड़े वीडियो कॉल पर अपने जीजा से मुस्कुराकर बात कर रही है. बस, यही मंजर देख छत्रपाल का बचा-कुचा आपा भी खो गया.

मासूमों की चीखें और हैवानियत का तांडव
गुस्से में पागल छत्रपाल ने आव देखा न ताव, अपने कंधे पर रखा धारदार फावड़ा पूरी ताकत से सोमवती की गर्दन पर दे मारा. एक जोरदार प्रहार और सोमवती लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी. पास ही बैठे उसके मासूम बच्चे अपनी मां को तड़पता देख चीखने-चिल्लाने लगे, लेकिन पत्थरदिल बाप को तरस नहीं आया. सोमवती की जान पूरी तरह निकल जाए, इसके लिए छत्रपाल ने एक के बाद एक कई वार किए.

चंद मिनटों में सोमवती की गर्दन धड़ से अलग हो चुकी थी और घर का आंगन खून से लाल था. वारदात को अंजाम देने के बाद कातिल पति खून से सना फावड़ा लेकर गांव से फरार हो गया. गांव में इस कत्ल की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई.

गन्ने के खेत में छिपा कातिल, पुलिस ने घेरा
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी फोर्स के साथ गांव पहुंचे. पुलिस को डर था कि सनकी छत्रपाल कहीं सोमवती के जीजा पर हमला करने न पहुंच जाए या खुद को नुकसान न पहुंचा ले. एसपी के निर्देश पर पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं. सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. करीब 24 घंटे की लुका-छिपी के बाद पुलिस ने छत्रपाल को गांव के पास ही एक घने गन्ने के खेत से दबोच लिया. गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से वही खून से सना फावड़ा भी बरामद हुआ है, जिससे उसने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या की थी.

पीछे छूट गए अभागे बच्चे और अनसुलझे सवाल
इस खौफनाक वारदात ने सबसे गहरा जख्म उन मासूम बच्चों को दिया है, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने पिता को जल्लाद बनते और मां को दम तोड़ते देखा. आज उस घर में सन्नाटा है. रिश्तेदार जुटे हैं, पड़ोसियों की भीड़ है, लेकिन बच्चों की उन आंखों का जवाब किसी के पास नहीं है जो पूछ रही हैं कि ‘अब हमारा क्या होगा?’

मां श्मशान जा चुकी है और पिता अब सलाखों के पीछे. एक मामूली से मोबाइल और बेबुनियाद शक ने एक हसंते-खेलते परिवार को राख के ढेर में तब्दील कर दिया. पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है, लेकिन भौती गांव के लोग आज भी इस मंजर को याद कर कांप उठते हैं.



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