Last Updated:
Mira Road Attack News: मुंबई के करीब मीरा रोड में सुरक्षा गार्डों पर जानलेवा हमला करने वाले जुबैर अंसारी के तार आईएसआईएस से जुड़े मिले हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का पूरा परिवार अमेरिका में सेटल है, लेकिन वह भारत में अकेले रहकर ‘लोन वुल्फ अटैक’ की तैयारी कर रहा था. एटीएस अब उसके लैपटॉप और मोबाइल के जरिए उसके विदेशी हैंडलर्स की तलाश कर रही है.
रेडिकलाइज्ड जुबैर अंसारी का खतरनाक प्लान: चाकू से हमले को बताया आतंकी संगठन में शामिल होने का पहला कदम! (Photo : PTI/CCTV)
मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित मीरा रोड के नया नगर इलाके में हुई एक वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. यहां अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास ड्यूटी पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर जानलेवा हमला किया गया. पुलिस ने इस मामले में 31 साल के जबर जुबैर अंसारी को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं. जुबैर ने न केवल गार्डों पर चाकू से हमला किया, बल्कि उनसे उनका धर्म भी पूछा था. चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी ने एक गार्ड को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया और नाकाम रहने पर उन पर वार कर दिया. अब महाराष्ट्र एटीएस इस मामले की जांच ‘लोन वुल्फ अटैक’ के एंगल से कर रही है, क्योंकि जुबैर के घर से आईएसआईएस से जुड़े दस्तावेज और संदिग्ध नोट मिले हैं.
जुबैर अंसारी का पूरा परिवार अमेरिका में है तो वह भारत क्यों आया?
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल जुबैर अंसारी का बैकग्राउंड बना हुआ है. जुबैर के माता-पिता और उसकी बहन अमेरिका के नागरिक हैं और वहीं रहते हैं. जुबैर की पत्नी के पास भी यूएस की सिटीजनशिप है. उसके पिता अमेरिका में टैक्सी ड्राइवर का काम करते हैं. जुबैर खुद भी कई सालों तक अमेरिका में रहा है और वह एक साइंस ग्रेजुएट है. सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरा परिवार विदेश में अच्छी जिंदगी बिता रहा था, तो जुबैर उन्हें छोड़कर भारत क्यों आया. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि कहीं उसका भारत आना किसी खास मकसद या मिशन का हिस्सा तो नहीं था.
क्या ऑनलाइन कोचिंग की आड़ में कट्टरपंथ का रास्ता चुन लिया था?
- अमेरिका में नौकरी न मिलने के बाद जुबैर भारत लौट आया था. वह मीरा रोड में अकेला रहता था और बच्चों को ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग देता था.
- पुलिस का मानना है कि अकेले रहने के दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथ की राह पर चल पड़ा. वह पूरी तरह से रेडिकलाइज्ड हो चुका था.
- जांच के दौरान उसके घर से हाथ से लिखे हुए नोट्स मिले हैं, जिनमें उसने आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने की इच्छा जताई थी.
- इन नोट्स में उसने सुरक्षा गार्डों पर किए गए हमले को आतंकी संगठन में शामिल होने की दिशा में अपना ‘पहला कदम’ बताया है.
(इंफोग्राफिक्स : Generative AI)
मोबाइल और लैपटॉप में छिपे हैं कौन से राज?
- गिरफ्तारी के समय पुलिस को जुबैर के पास से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप मिला है. पुलिस ने उसके घर से वह चाकू भी बरामद कर लिया है जिससे उसने हमला किया था.
- सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद जुबैर फरार होने के बजाय अपने घर जाकर आराम से सो गया था.
- पुलिस ने उसे उसके घर से ही दबोचा है. अब एटीएस उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है.
- एक्सपर्ट्स यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह सीमा पार बैठे किसी हैंडलर के सीधे संपर्क में था या नहीं.
- उसके कॉल रिकॉर्ड्स और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
क्या महाराष्ट्र में सक्रिय हैं आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल?
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं. इससे पहले भी महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई के कुर्ला, शिवाजी नगर और गोविंदपुर जैसे इलाकों में छापेमारी की थी, जहां कुछ युवाओं के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के संपर्क में होने की खबरें मिली थीं. फरवरी में भी अहिल्यानगर और यवतमाल में 21 जगहों पर छापेमारी हुई थी. जुबैर अंसारी का मामला इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि वह एक पढ़ा-लिखा युवक है जो ‘लोन वुल्फ’ अटैक की तर्ज पर हमला कर रहा था. ऐसी वारदातों में हमलावर अकेले ही काम करता है, जिससे उसे पकड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है.
About the Author

दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें



