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Meera Road ‘Lone Wolf’ Attack: मुंबई के मीरा रोड मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. मुंबई पुलिस और एटीएस को आरोपी के घर से जो दस्तावेज मिले हैं, उनमें आईएसआईएस, गाजा, जिहाद, लोन वुल्फ अटैक जैसी बातें लिखी गईं हैं. मामले की जांच में ठाणे एटीएस को भी शामिल किया गया है.
मुंबई के मीरा रोड में पहलगाम जैसी हैवानियत देखने को मिली है.
Mumbai Meera Road ‘Lone Wolf’ Attack: तुम हिंदू हो ना… इस सवाल का जवाब हां में मिलते ही चाकू से ताबड़तोड़ वार शुरू हो गए. अपनी जान बचाने के लिए पीडि़त किसी तरह भागकर अपनी कंपनी के सुपरवाइजर के केबिन तक पहुंचने में कामयाब रहा. कुछ ही पलों में आरोपी भी पीछा करते हुए वहां पहुंच गया. आरोपी ने सुपरवाइजर से भी यह सवाल किया- तू भी हिंदू है ना. सुपरवाइजर कोई जवाब देता इससे पहले उस पर भी चाकू से वार की बौछार हो गई.
यह घटना पाकिस्तान या बांग्लादेश की नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई की है. मुंबई के मीरापुर इलाके में आज तड़के इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन जांच में जिस तरह के तथ्य सामने आए हैं, उसने मुंबई ही नहीं महाराष्ट्र पुलिस के कान खड़े कर दिए है. आईएसआईएस, जिहाद और गाजा कनेक्शन सामने आने के बाद मामले की जांच एटीएस के हवाले कर दी गई है.
मीरा रोड़ कांड की पूरी कहानी पीडि़त सुब्रतो रमेश सेन की जुबानी
- सुबह के करीब तीन बजे रहे होंगे. मीरा रोड पर मैं ड्यूटी पर था. तभी एक अनजान शख्स मेरे पास आया और उसने पूछा – आगे मस्जिद है क्या? मैंने जवाब दिया- हां, आगे दाहिनी तरफ एक मस्जिद है.
- इसके बाद उसने मुझसे पूछा- मस्जिद का नाम क्या है? मैंने कहा, मुझे नाम पता नहीं है. फिर उसने मुझसे पूछा, तुम हिंदू हो क्या? इस पर मैंने उसे हां में जवाब दिया. इसके बाद वह व्यक्ति वहां से चला गया.
- वह अनजान शख्स मेरे पास से तो चला गया था, लेकिन वह लगातार आसपास की सड़कों पर घूमता रहा. इस बीच वह अपनी निगाह मेरे ऊपर ही बनाए हुए थे. मुझे असामान्य तो लगा, लेकिन मैने उससे कुछ कहा नहीं.
- सुबह लगभग 04:00 बजे मैं रसाज सिनेमा के पास स्थित एक ईरानी चाय वाले के यहां चाय पीने गया. उस समय वही व्यक्ति मुझे वहां भी दिखाई दिया. चाय पीकर मैं लगभग 04:30 बजे अपने ड्यूटी स्थान पर वापस आ गया.
- उसी दौरान वह व्यक्ति फिर मेरे पास आया और बोला- हिंदू हो ना. यह कहते हुए मेरा दाहिना हाथ पकड़ लिया और चाकू से मुझ पर वार करने लगा. मैंने उस वार से बचने की कोशिश की, लेकिन चाकू मेरी पीठ पर जा लगा.
- मैं किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर सुपरवाइजर के केबिन की ओर भागा. मैं किसी तरह लोहे के मेन गेट के अंदर दाखिल हुआ और सुपरवाइजर के केबिन में पहुंच गया.
- कुछ ही पल बीते थे, तभी मेरे ऊपर हमला करने वाला व्यक्ति भी वहां पहुंच गया. उसने सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से भी पूछा- तू भी हिंदू है ना? अगर नहीं है तो कलमा पढ़. जब राजकुमार मिश्रा कलमा नहीं पढ़ पाए, तो उसने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया.
- मैं डरकर वहां से भाग गया और बिल्डिंग के पीछे जाकर छिप गया. लगभग 5 से 7 मिनट बाद जब कोई हलचल दिखाई नहीं दी, तो मैंने राजकुमार मिश्रा को फोन किया. उस समय वे रोते हुए कह रहे थे, मैं मर जाऊंगा, मैं मर जाऊंगा. इसके बाद मैं फिर से सुपरवाइजर के केबिन के पास गया.
- सुपरवाइजर केबिन में हरी सिंह के साथ दो अन्य व्यक्ति मौजूद थे. तब हरी सिंह से मुझे पता चला कि जिस व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया था, उसी ने राजकुमार मिश्रा से उनका धर्म पूछकर उन पर भी हमला किया है.
- इसके बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने राजकुमार मिश्रा को समीपवर्ती अस्पताल में पहुंचा, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. वहीं, इस मामले की जांच पुलिस ने हरएंगल से शुरू कर दी है.
पूरी घटना में अहम है नायब शेख का किरदार
इसी दौरान इस घटना में एक अहम किरदार के तौर पर नायब शेख का नाम सामने आया है. नायब शेख पास की ही बिल्डिंग में रहता है. पीडि़तों की चींख सुनने के बाद नायब शेख ही सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचकर था और घायलों की मदद की थी. उसने बिना समय गंवाए अपनी स्कूटी से पीड़ित को पुलिस स्टेशन पहुंचाया, जिसके बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. पीडि़तों को अस्पताल पहुंचाने के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुट गईं.
सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपी की पहचान
एक्शन में आई पुलिस ने इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया. महज डेढ़ घंटे के भीतर आरोपी की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबैर अंसारी के तौर पर कर ली गई. पहचान होते ही पुलिस टीम ने जुबैर की तलाश शुरू कर दी और उसे उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी ने जिस जगह पर वारदात को अंजाम दिया था, वह जगह उसके घर से महज 50 मीटर दूर थी.
आरोपी का ISIS, जिहाद और गाजा कनेक्शन!
जांच के दौरान पुलिस और एटीएस को आरोपी के घर से कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले है. इनमें कुछ पन्नों पर ISIS, लोन वुल्फ, जेहाद और गाजा जैसे शब्द लिखे हुए पाए गए हैं. इन दस्तावेजों के मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है. पुलिस आरोपी के संभावित कट्टरपंथी एंगल की भी जांच भी कर रही है. पुलिस ने अभी तक किसी सांप्रदायिक या आतंकी एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. हर पहलू को सावधानी से वेरिफाई किया जा रहा है.
आरोपी का घर पुलिस ने किया सील
मामले की गंभीरता को देखते हुए ठाणे एटीएस को भी जांच में शामिल किया गया है. आरोपी के घर को सील कर दिया गया है और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहीं, पीडि़त राजकुमार मिश्रा का जिस अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहां भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं, इस बीच राजनैतिक हलचल भी तेज हो गई है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया समेत कई कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों का हालचाल जाना.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



