12:54 AM9 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम की सीट क्यों अहम?
नंदीग्राम
1. ममता की हार वाली सीट: 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था। 2026 में भी शुभेंदु ने यहां जीत दर्ज की, लेकिन भवानीपुर सीट रखने के लिए नंदीग्राम छोड़ दिया। इसलिए उपचुनाव में BJP के लिए इस सीट पर अपना प्रभाव बनाए रखना अहम है।
2. TMC मैदान से बाहर, कांग्रेस को समर्थन: TMC प्रत्याशी संचिता प्रधान डे के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन दिया। यानी BJP के खिलाफ इस बार TMC नहीं, कांग्रेस का प्रत्याशी है।
3. ममता की राजनीति से जुड़ा नंदीग्राम आंदोलन: 2007 में लेफ्ट सरकार की जमीन अधिग्रहण योजना के विरोध में नंदीग्राम में बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। ममता ने इसका समर्थन किया और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ मोर्चा खोला। नंदीग्राम-सिंगूर आंदोलनों ने उनकी राजनीति को नई पहचान दी और 2011 में TMC की सत्ता में वापसी के अहम मुद्दे बने।
4. समर्थन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार: ममता के समर्थन के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। हाई कोर्ट ने उन्हें 21 अक्टूबर तक जमानत दी, ताकि वे चुनाव लड़ सकें।
5. BJP प्रत्याशी का भी नंदीग्राम कनेक्शन: BJP ने शुभेंदु अधिकारी के पूर्व PA चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ की 4 मई को विधानसभा चुनाव नतीजों के दो दिन बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसलिए BJP के उम्मीदवार का चयन भी नंदीग्राम के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और स्थानीय भावनाओं से जुड़ा हुआ है।