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म्यूचुअल फंड में बदला निवेशकों का रुख: 30 महीने बाद लार्जकैप से निकाला पैसा; अब स्मॉलकैप में कितना निवेश बढ़ा?


भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे मूल्यांकन के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव दिखा है। जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश 15 फीसदी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रह गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि 30 महीने बाद पहली बार लार्जकैप फंड में निवेशकों ने पैसा निकाल लिया। इसके उलट स्मॉलकैप फंड में रिकॉर्ड 7,767 करोड़ रुपये का निवेश आया। हालांकि, निवेशकों का एसआईपी पर भरोसा मजबूत बना हुआ है।

क्या निवेशकों का लार्जकैप फंड से मोहभंग हो गया है?

जुलाई में लार्जकैप फंड से 1,321 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई। दिसंबर 2023 के बाद यह पहली बार है जब इस श्रेणी में निवेश से ज्यादा पैसा निकाला गया। बाजार विश्लेषक विरल भट्ट के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में लार्जकैप शेयरों से अपेक्षाकृत कम रिटर्न और ऊंचे मूल्यांकन की चिंता इसकी वजह हो सकती है। निवेशकों ने लार्जकैप से पैसा निकालकर मुनाफावसूली की या फिर बेहतर रिटर्न की उम्मीद में दूसरे फंडों का रुख किया।

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स्मॉलकैप और मिडकैप फंड में कितना पैसा आया?

जुलाई में स्मॉलकैप फंड निवेशकों की पहली पसंद रहे। इस श्रेणी में 7,767 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश आया, जो किसी एक महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मिडकैप फंड में भी 6,192 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। इसके अलावा फ्लेक्सीकैप में 4,709 करोड़ रुपये, लार्ज एवं मिडकैप में 3,425 करोड़ रुपये और मल्टीकैप फंड में 3,227 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक ज्यादा जोखिम वाले शेयरों में बेहतर रिटर्न की तलाश कर रहे हैं।

इक्विटी फंड में कुल निवेश क्यों घटा?

जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश 24,697 करोड़ रुपये रहा, जबकि जून में यह 28,973 करोड़ रुपये था। यानी महीने के आधार पर निवेश में करीब 15 फीसदी की कमी आई। बाजार के ऊंचे स्तर और मौजूदा मूल्यांकन को लेकर निवेशकों में सावधानी बढ़ी है। इसके बावजूद इक्विटी फंड में लगातार 65वें महीने शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। जुलाई में 25 नए फंड लॉन्च हुए, जिनमें दो लाइफ-साइकिल फंड शामिल थे और इन नए फंडों ने कुल 2,022 करोड़ रुपये जुटाए।

क्या एसआईपी में निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत है?

लार्जकैप से निकासी के बावजूद एसआईपी के मामले में निवेशकों का भरोसा कायम है। जुलाई में एसआईपी के जरिए निवेश रिकॉर्ड 31,961 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह लगातार पांचवां महीना है जब एसआईपी निवेश 31,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा। जुलाई 2025 के 28,464 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार एसआईपी निवेश करीब 12 फीसदी अधिक रहा। जुलाई में एसआईपी के तहत प्रबंधनाधीन संपत्ति 18,19,541.56 करोड़ रुपये रही, जो मासिक आधार पर 2.8 फीसदी अधिक है। कुल एसआईपी खातों की संख्या 10,62,74,060 रही।

डेट फंड में अचानक इतनी बड़ी रकम क्यों आई?

पिछले दो महीनों में बिकवाली के बाद जुलाई में डेट फंड में 1.87 लाख करोड़ रुपये का भारी निवेश आया। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लिक्विड फंड का रहा, जिसमें 1.19 लाख करोड़ रुपये आए। यानी निवेशकों ने एक तरफ शेयर बाजार के कुछ हिस्सों में सावधानी दिखाई, वहीं दूसरी तरफ डेट और लिक्विड फंड में बड़ी रकम लगाई। जुलाई के आंकड़ों से कुल मिलाकर संकेत मिलता है कि निवेशक बाजार से पूरी तरह दूर नहीं हुए हैं, बल्कि अलग-अलग श्रेणियों में जोखिम और संभावित रिटर्न को देखते हुए अपने निवेश का रुख बदल रहे हैं।



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