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Murder Convict Arrested: क्राइम करना असामान्य बात नहीं है, लेकिन हत्या जैसे संगीन मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद फरार होना और बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों के साथ फिल्में करना चौंकाने वाली बात है. गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने हत्या मामले में दोषी करार एक बेल जंपर को 12 साल बाद गिरफ्तार किया है.
हेमंत नागिनदास पुरुषोत्तम दास मोदी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. उसे अब गिरफ्तार किया गया है.
Murder Convict Arrested: नटरवरलाल का नाम तो आपने सुना ही होगा. कहा जाता है कि वह तमाम तरह का अपराध कर गायब हो जाता था. पुलिस के लिए उसे पकड़ना टेढ़ी खीर साबित हो गया था. कुछ उसी तरह का मामला गुजरात में सामने आया है. एक शख्स को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. वह हाईकोर्ट से पैरोल लेने में सफल रहा था. पैरोल पर जेल से छूटने के बाद वह कभी हाजिर ही नहीं हुआ. इस दौरान वह अमिताभ बच्चन, आमिर खान, रणवीर सिंह, साउथ सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल जैसे दिग्गज एक्टर्स के साथ फिल्में बनाता रहा. चौंकाने वाली बात यह है कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी पुलिस को तो छोड़िए लाखों-करोड़ों दर्शक भी उसे नहीं पहचान सके. गुप्त सूचना के आधार पर उस हत्यारे को 12 साल के बाद पकड़ा जा सका है.
जानकारी के अनुसार, करीब 12 साल तक फरार रहने वाला गुजरात के इस हत्यारे की पहचान हेमंत नागिनदास पुरुषोत्तम दास मोदी के तौर पर हुई है. हैरानी की बात यह है कि इस दौरान वह नकली पहचान के साथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहा और कई बड़े सितारों के साथ फिल्मों, वेब सीरीज और नाटकों में काम करता रहा. अहमदाबाद पुलिस की डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार किया. हेमंत फिल्मी दुनिया में ‘स्पंदन मोदी’ नाम से जाना जाता था. पुलिस के अनुसार, हेमंत वर्ष 2008 में एक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. 15 जून 2005 को नरेंद्र उर्फ नैनो यशवंत कांबले की हत्या के मामले में हेमंत के साथ ही उसके भाई सचिन मोदी और पांच अन्य आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. सजा के बाद हेमंत मोदी को पहले साबरमती सेंट्रल जेल और बाद में मेहसाणा जेल भेजा गया, जहां उसकी पहचार कैदी नंबर 31146 के तौर पर थी.
पैरोल मिलने के बाद फरार
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 6 साल जेल में रहने के बाद 25 जुलाई 2014 को गुजरात हाईकोर्ट ने हेमंत को 30 दिन की पैरोल दी. लेकिन पैरोल पर बाहर आने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया. पुलिस के मुताबिक, उसके साथ दोषी ठहराए गए बाकी छह लोगों ने अपनी सजा पूरी कर ली और अब सामान्य जीवन जी रहे हैं, जबकि हेमंत लगातार फरार रहा. जांच अधिकारी पुलिस इंस्पेक्टर पीएम धाखड़ा ने बताया कि पैरोल जम्प करने के बाद हेमंत ने सबसे पहले पाटन जिले में करीब एक साल तक छिपकर जीवन बिताया. इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर ‘ट्विंकल मुकुंद दवे’ रख लिया और अहमदाबाद आ गया. यहां उसने एक निजी कंपनी में नौकरी की और पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने लगा. इसी दौरान उसने अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया.
अमिताभ बच्चन से लेकर आमिर खान तक के साथ किया काम
पुलिस के अनुसार, हेमंत ने थिएटर से शरुआत की और कुछ ही वर्षों में उसने मुंबई का रुख कर लिया. वहां वह छोटे-मोटे किरदार निभाते हुए धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने लगा. ‘स्पंदन मोदी’ नाम से उसने कई हिंदी, गुजराती और मलयालम फिल्मों में काम किया. पुलिस के मुताबिक, उसने अमिताभ बच्चन और आमिर खान के साथ फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ में काम किया. इसके अलावा रणवीर सिंह और बोमन ईरानी अभिनीत ‘जयेशभाई जोरदार’ में भी वह नजर आया. वह आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान की फिल्म ‘मेट्रो… इन दिनों’ में भी काम कर चुका है. मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म ‘L2: एम्पुरान’ में भी उसकी भूमिका बताई जा रही है. इसके अलावा आरोपी आगामी फिल्मों ‘लाहौर 1947’ और ‘तू है मेरी किरण’ से भी जुड़ा हुआ था. पुलिस का कहना है कि उसने करीब 20 गुजराती फिल्मों, कई टीवी सीरियलों, वेब सीरीज ‘टास्करी’ और 17 गुजराती नाटकों में अभिनय किया. इनमें ‘युगपुरुष’ और ‘गांधी विरुद्ध गोडसे’ जैसे चर्चित नाटक शामिल हैं.
परिवार और पत्नी से तोड़ा नाता
पुलिस के अनुसार, हेमंत मोदी ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए परिवार और दोस्तों से लगभग पूरी तरह दूरी बना ली थी. उसने पत्नी से तलाक ले लिया था और सोशल मीडिया से भी दूर रहता था. उसकी डिजिटल मौजूदगी लगभग न के बराबर थी, जिससे पुलिस के लिए उसे ढूंढना बेहद मुश्किल हो गया था. इंस्पेक्टर धाखड़ा ने बताया कि वर्ष 2025 में हेमंत मोदी दोबारा अहमदाबाद लौट आया था. इसी दौरान किसी व्यक्ति ने उसे पहचान लिया और पुलिस को गुप्त सूचना दी. इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया. पुलिस ने जेल रिकॉर्ड में दर्ज उसके हुलिए और शारीरिक विशेषताओं का मिलान किया, जो पूरी तरह मेल खा गए. पूछताछ के दौरान उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किस-किस की मदद मिलती रही और उसने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान किस तरह बनाई.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



