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राहुल गांधी ने कहा- ₹2.25 लाख में बिका UGC-NET पेपर: हरियाणवी एडवोकेट के दावे को आधार बनाया, वो अंडरग्राउंड; छात्र नेताओं से पूछताछ कर रही पुलिस – Rohtak News




NEET विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा को लेकर नए पेपर लीक का दावा किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सोशियोलॉजी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले 2.25 लाख रुपये में बेचा गया। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में हरियाणा के एक एडवोकेट की खबर को अटैच किया है। जिसमें एडवोकेट दीपक धनखड़ ने करीब 100 पेज की PDF जारी कर दावा किया है कि 28 और 29 जून की रात को सवाल लीक हुए थे। उनके अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने सौदा किया, उन्हें जो सवाल पहले से तैयार कराए गए थे, वही अगले दिन परीक्षा में पूछे गए। एडवोकेट ने 6 जुलाई को एक ऑडियो संदेश भी जारी कर कहा है कि उन्हें पेपर लीक माफिया से जान का खतरा है, इसलिए वे अंडरग्राउंड हैं। हालांकि, अब तक उनकी ओर से इस मामले में पुलिस या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के समक्ष कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी नहीं है। उधर, राहुल गांधी की पोस्ट के बाद रोहतक पुलिस एक्टिव हो गई है। एडवोकेट दीपक धनखड़ की तलाश शुरू कर दी है। शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा के मुताबिक पुलिस धनखड़ को खोज रही है। उसके बारे में कई छात्र संगठनों के नेताओं से भी पूछताछ की गई है। नहीं पता कि धनखड़ इस समय कहां है। वहीं, इनसो प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने ने कहा कि रोहतक एसपी स्पष्ट करे धनखड़ को क्यों खोजा जा रहा है? पहले जानिए, राहुल की पोस्ट में क्या दावा राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा- पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। NEET पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई। यह PDF उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग की है, जो सिर्फ NTA के पास उपलब्ध होती है। PDF के लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया। NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औजार हमारी सम्मिलित आवाज है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा रिवोल्यूशन लाकर रहेगी। अब पढ़िए….दीपक धनखड़ के 3 बड़े दावे दीपक की वो ऑडियो, जिसमें पेपर लीक के बारे में बताया दीपक धनखड़ ने 6 जुलाई को 2 मिनट 10 सेकेंड की एक ऑडियो भी जारी की थी। इसमें उन्होंने कहा था- मैं दीपक धनखड़, छात्र नेता एमडीयू रोहतक। यूजीसी नेट के 30 जून को जो एग्जाम हुए थे, उनके पेपर लीक होने की बात मैंने जनता में उठाने की कोशिश की। उसकी भनक प्रशासन व सरकार को लगी। हमारा ये अंदरुनी एक प्लान बनाया हुआ था कि कैसे एक्सपोज करना है, लेकिन सरकार ने प्रशासन पर दबाव डालकर मेरे व मेरे परिवार को बार-बार परेशान किया। मेरे निर्दोष परिजनों को बार-बार हिरासत में लिया जा रहा है। मेरे भाई को कई दिन से इलीगल कस्टडी में रखा हुआ है। मुझे आशंका है पेपर लीक की सच्चाई को दबाने के लिए मेरे परिवार के खिलाफ षड़यंत्र किया जा रहा है। मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि मुझे दबाने की बजाय निष्पक्ष तरीके से जांच करें और असली पेपर माफिया को पकड़े। हमने पेपर माफिया को एक्सपोज किया है। आप बिना बात जाने, बिना किसी बात के मेरे परिवार को परेशान कर रहे हो। हम पीछे हटने वाले नहीं है। हम बिल्कुल सामने आकर सारे साक्ष्य देने व बात की गवाही देने को तैयार है। देश के भविष्य की लड़ाई जो हम लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार युवाओं को लड़वाने की कोशिश कर रही है। मेरा अनुरोध है कि मेरे परिवार को परेशान ना किया जाए। हम कहीं भाग नहीं रहे। सारे सबूत के साथ सामने आएंगे। और बताएंगे कि जो माफिया पेपर लीक करवाते हैं। एक रात पहले वो पेपर लेकर आए और रात को पढ़ाए, वही पेपर एग्जाम में आए। मेरा सरकार से अनुरोध है कि सच्चाई को जाने और बिना बात के मेरे परिवार को परेशान ना करे। ————— यह खबर भी पढ़ें… UGC-NET पेपर परीक्षा से पहले लीक होने का दावा:रोहतक में छात्र नेता ने दिखाए कथित प्रश्नपत्र; फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग रोहतक में छात्र नेताओं ने NTA द्वारा आयोजित UGC-NET-2026 जून परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने दावा किया कि 29 और 30 जून को आयोजित कुछ विषयों के कथित प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही एक संगठित नेटवर्क तक पहुंच चुके थे। (पूरी खबर पढ़ें)



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