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Dausa Rahul Murder Case: दौसा के मंडावर थाना क्षेत्र में राहुल उर्फ भानु मीणा हत्याकांड का पुलिस ने करीब 15 दिन की जांच के बाद खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार राहुल अपने दो साथियों के साथ किशोरपुर गांव में चोरी करने गया था. इसी दौरान घर में लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आकर वह घायल हो गया. आरोप है कि इसके बाद साथियों ने उसके गले में चुन्नी और पैर बांधकर उसे करीब तीन किलोमीटर दूर खेड़ली कला गांव के बाजरे के खेत में फेंक दिया. पुलिस का दावा है कि जांच को भटकाने के लिए शव चेतराम मीणा के घर के पास फेंका गया था. मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक आरोपी हिस्ट्रीशीटर बताया गया है.
दौसा पुलिस नेराहुल मीणा हत्याकांड का किया खुलासा
दौसा. मंडावर थाना क्षेत्र में 15 अगस्त को हुए राहुल उर्फ भानु मीणा हत्याकांड का पुलिस ने करीब 15 दिन की जांच के बाद खुलासा कर दिया है. पुलिस ने मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें सुरेश उर्फ सुर्रा और शेरसिंह उर्फ शेरू निवासी खोखर शामिल हैं, जबकि गिरफ्तार महिला को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है. पुलिस के अनुसार, मामला पहली नजर में हत्या और पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरी कहानी अलग सामने आई. पुलिस का दावा है कि राहुल अपने दो साथियों के साथ चोरी करने गया था, जहां करंट की चपेट में आने के बाद उसके साथियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव करीब तीन किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया.
डीएसपी महवा अनूप सिंह ने बताया कि राहुल मीणा अपने दोनों साथियों के साथ मंडावर के किशोरपुर गांव में चोरी की वारदात करने पहुंचा था. इसी दौरान जिस घर में वे घुसे, वहां घर की सुरक्षा के लिए करंट वाला तार लगाया गया था. राहुल इसी तार की चपेट में आकर घायल हो गया. इसके बाद उसके साथियों ने कथित तौर पर उसकी मदद करने के बजाय उसके गले में चुन्नी बांध दी और पैर भी बांध दिए. आरोपियों ने राहुल को घसीटते हुए घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर खेड़ली कला गांव पहुंचाया. यहां बाजरे के खेत में उसका शव पटक दिया गया.
पुरानी कहासुनी को बनाया जांच भटकाने का हथियार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना से करीब दो दिन पहले राहुल की चेतराम मीणा से कहासुनी हुई थी. आरोपियों ने इसी विवाद का फायदा उठाकर पुलिस को गुमराह करने की कथित साजिश रची. पुलिस के मुताबिक, राहुल का शव चेतराम के घर के समीप इसलिए फेंका गया, ताकि हत्या का शक उस पर जाए और जांच की दिशा दूसरी तरफ मुड़ जाए. शुरुआत में पुलिस की जांच में महिला और चेतराम दोनों की भूमिका को लेकर भी संदेह सामने आया था. हालांकि जांच के दौरान चेतराम की हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली. वहीं गिरफ्तार महिला की भी प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आने की बात पुलिस ने कही है.
जम्मू-कश्मीर और यूपी तक पहुंची पुलिस
डीएसपी अनूप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडावर थानाधिकारी हरिओम मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने कई एंगल से जांच शुरू की. संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची. पुलिस ने शेरसिंह उर्फ शेरू को जम्मू-कश्मीर से डिटेन किया, जबकि दूसरे आरोपी सुरेश उर्फ सुर्रा को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है.
एक आरोपी हिस्ट्रीशीटर, 15 मामले दर्ज
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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