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दुनिया में कई ऐसे फूल हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं, लेकिन एक फूल ऐसा भी है जिसकी पहचान उसकी बदबू से होती है. हैरानी की बात यह है कि इसकी तेज दुर्गंध के बावजूद लोग इसे देखने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं. आखिर ऐसा क्या खास है इस फूल में? आइए जानते हैं.
कॉर्प्स फ्लावर मूल रूप से इंडोनेशिया का पौधा है. (US-BOTANY-TITAN ARUM)
जब भी फूलों की बात होती है, तो दिमाग में सबसे पहले गुलाब, कमल, चमेली या ऑर्किड जैसी खूबसूरत और खुशबूदार प्रजातियां आती हैं. लेकिन प्रकृति ने कुछ ऐसे अद्भुत पौधे भी बनाए हैं जो अपनी सुगंध नहीं, बल्कि बदबू के कारण पूरी दुनिया में मशहूर हैं. ऐसा ही एक अनोखा फूल है कॉर्प्स फ्लावर (Corpse Flower), जिसे वैज्ञानिक भाषा में Amorphophallus titanum कहा जाता है. इसे दुनिया के सबसे अनोखे पौधों में गिना जाता है.
कॉर्प्स फ्लावर से निकलने वाली गंध बिल्कुल सड़े हुए मांस जैसी होती है. यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह प्रकृति की एक अनोखी रणनीति है. इस फूल की बदबू मक्खियों, बीटल्स और ऐसे कीड़ों को अपनी ओर आकर्षित करती है, जो आमतौर पर सड़े हुए जीवों के आसपास पाए जाते हैं. यही कीट इस फूल के परागण में मदद करते हैं. यानी इसकी बदबू ही इसके जीवन चक्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.
हर साल नहीं खिलता यह फूल
कॉर्प्स फ्लावर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर मौसम में नहीं खिलता. कई बार इसे पहली बार खिलने में 7 से 10 साल, जबकि कुछ पौधों को इससे भी ज्यादा समय लग सकता है. इतना ही नहीं, जब यह पूरी तरह खिलता है तो इसकी खूबसूरती और विशाल आकार देखने लायक होता है, लेकिन यह नजारा ज्यादा देर तक नहीं रहता. आमतौर पर यह फूल सिर्फ 24 से 48 घंटे तक ही पूरी तरह खिला रहता है. इसके बाद यह मुरझाने लगता है.
ऊंचाई भी है हैरान करने वाली
कॉर्प्स फ्लावर दुनिया के सबसे ऊंचे पुष्पक्रम (Inflorescence) वाले पौधों में शामिल है. इसकी ऊंचाई 8 से 10 फीट या उससे भी ज्यादा हो सकती है. यही वजह है कि जब यह खिलता है, तो देखने में किसी छोटे पेड़ जैसा नजर आता है. इसका बीच वाला लंबा हिस्सा और बाहर की बड़ी पंखुड़ी इसे बेहद आकर्षक बनाती है.
लोग क्यों देखने पहुंच जाते हैं?
सवाल यह है कि इतनी तेज बदबू होने के बावजूद लोग इसे देखने क्यों जाते हैं? इसकी सबसे बड़ी वजह इसका बेहद दुर्लभ होना है. क्योंकि यह कई वर्षों बाद सिर्फ एक या दो दिन के लिए खिलता है, इसलिए जैसे ही किसी बॉटनिकल गार्डन में इसके खिलने की खबर आती है, हजारों लोग इसे देखने पहुंच जाते हैं. कई जगहों पर तो इसके लिए विशेष समय तय किया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस दुर्लभ नजारे का आनंद ले सकें.
कहां पाया जाता है यह अनोखा फूल?
कॉर्प्स फ्लावर मूल रूप से इंडोनेशिया के सुमात्रा (Sumatra) के वर्षावनों का पौधा है. हालांकि आज दुनिया के कई बड़े बॉटनिकल गार्डन और रिसर्च सेंटर इसे संरक्षित करके उगाते हैं. इसके दुर्लभ स्वभाव और सीमित प्राकृतिक आवास की वजह से इसके संरक्षण पर भी लगातार काम किया जा रहा है.
प्रकृति का अनोखा चमत्कार
कॉर्प्स फ्लावर इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि प्रकृति सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, बल्कि अनोखी रणनीतियों से भी भरी हुई है. जहां ज्यादातर फूल अपनी खुशबू से कीड़ों को आकर्षित करते हैं, वहीं यह फूल अपनी बदबू के दम पर अपना जीवन चक्र पूरा करता है. यही अनोखी विशेषता इसे दुनिया के सबसे चर्चित और रहस्यमयी फूलों में शामिल करती है. अगर कभी आपको इसे खिलते हुए देखने का मौका मिले, तो शायद आप भी इसकी बदबू से ज्यादा इसके अद्भुत स्वरूप को याद रखेंगे.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



