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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शादी का रिश्ता टूटने से नाराज एक युवक ने युवती के पिता पर दिनदहाड़े चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि घायल का इलाज सिम्स में जारी है.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कुदुदंड इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां शादी से इनकार करने पर एक सिरफिरे युवक ने दिनदहाड़े एक युवती के पिता पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गंभीर रूप से घायल पीड़ित को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि धोखाधड़ी और पहचान छिपाने से जुड़ी हुई है. कुदुदंड पानी टंकी इलाके में रहने वाला आरोपी साहिल मरावी एक युवती से शादी करना चाहता था.
शुरुआत में उसने खुद को साहिल मानिकपुरी बताकर युवती के परिवार से शादी की बात चलाई थी, जिससे परिवार रिश्ता तय करने के लिए राजी भी हो गया था. हालांकि, कुछ समय बाद जब परिवार के सामने यह सच्चाई आई कि युवक का असली सरनेम मानिकपुरी नहीं बल्कि मरावी है, तो उन्होंने तुरंत इस रिश्ते को ठुकराया और शादी करने से मना कर दिया. रिश्ता टूटने के बाद से ही आरोपी साहिल लगातार युवती और उसके परिवार पर शादी का दबाव बना रहा था और उन्हें प्रताड़ित कर रहा था. आरोपी की धमकियों से परेशान होकर पीड़ित परिवार अपना किराए का मकान छोड़कर किसी दूसरी जगह शिफ्ट होने की योजना बना रहा था. सोमवार सुबह करीब 11 बजे जब युवती के पिता मोहितदास मानिकपुरी अपने घर के पास स्थित एक गैरेज में बाइक बनवाने के लिए गए थे, तभी अचानक आरोपी साहिल वहां चाकू लेकर पहुंच गया.
उसने बिना कुछ सोचे समझे मोहितदास पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया और उनके सीने व पीठ पर कई गहरे वार किए. हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की, तो पुलिस को देखकर भागने की कोशिश में आरोपी खुद ही गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. इस खौफनाक घटना के बाद पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही भी उजागर हुई है. परिजनों का सीधा आरोप है कि घटना से दो दिन पहले भी साहिल ने बीच सड़क पर उनकी नाबालिग लड़की के साथ मारपीट की थी. इस संबंध में जब परिवार सिविल लाइन थाने पहुंचा, तो वहां कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई.
परिजनों का साफ कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो आज यह जानलेवा हमला टाला जा सकता था. हालांकि, थाना प्रभारी ने पीड़ित परिवार के थाने आने की बात से साफ इनकार किया है. इस मामले के साथ ही बिलासपुर पुलिस की लापरवाही के दो अन्य बड़े मामले भी उजागर हुए हैं. सीपत के फरहदा गांव में 25 मई को जमीन विवाद की धमकियों से परेशान होकर कनक पटेल ने पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर कीटनाशक पी लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई. वहीं 1 अप्रैल को रतनपुर के पेंडरवा गांव में पुरानी रंजिश की शिकायत पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद आरोपियों ने तलवार से हमला कर एक वृद्धा की हत्या कर दी और सात लोगों को घायल कर दिया था.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें



