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सेबी की बड़ी कार्रवाई: 20 करोड़ रुपये की हेराफेरी से जुड़े मामले में सात लोगों पर प्रतिबंध, जानें सबकुछ


पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शेयर बाजार में हेरफेर के एक बड़े मामले में सात व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन पर सोशल मीडिया मंचों के जरिए ‘पंप-एंड-डंप’ योजना चलाने का आरोप है। इस योजना से 20.25 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लाभ कमाया गया था। सेबी ने इन सभी को प्रतिभूतियों में कारोबार करने से तुरंत रोक दिया है।

सेबी ने 22 मई को जारी अपने 234 पृष्ठ के अंतरिम आदेश में यह निर्देश दिया। नियामक ने फिनफ्लुएंसर हेमंत गुप्ता और उनके बेटों रोहन गुप्ता व अनिकेत गुप्ता को अपंजीकृत शोध विश्लेषक सेवाएं देने से रोका है। उन्हें खुद को शोध विश्लेषक के रूप में पेश करने से भी मना किया गया है।

सेबी के अनुसार, हेमंत, रोहन और अनिकेत ने ‘ऑपरेटर’ के रूप में काम किया। उन्होंने पहले पतले कारोबार वाले एसएमई शेयरों में अपनी स्थिति बनाई। फिर सोशल मीडिया पर तेजी की सिफारिशें प्रसारित करके कीमतें बढ़ाईं। इसके बाद उन्होंने लाभ पर अपनी होल्डिंग बेच दी। परिवार के चार अन्य सदस्य, शेरोन, लीना, रजनी और पूर्वांगी गुप्ता ने इस काम में मदद की। उन्होंने अपने ट्रेडिंग खातों का उपयोग करने दिया या ऑपरेटरों के निर्देशों पर व्यापार किया।

कैसे हुई हेराफेरी?

जांच अवधि 1 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 तक थी। इस दौरान 82 शेयरों में हेराफेरी की गई। रोहन और अनिकेत ने अपने एक्स हैंडल पर तेजी के अपडेट पोस्ट किए। हेमंत ने इन सिफारिशों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों पर फैलाया। उन्होंने अक्सर स्पष्ट लक्ष्य मूल्य भी जोड़े। नियामक जांच से बचने के लिए उन्होंने ऐसी जानकारी एक्स पर नहीं डाली।

निवेशकों को कितने रुपये का उठाना पड़ा नुकसान?

सेबी ने पाया कि इन सात व्यक्तियों का कुल सकल कारोबार मूल्य 86 फीसदी बढ़ा। यह पूर्व-जांच अवधि के 548 करोड़ रुपये से बढ़कर 1023 करोड़ रुपये हो गया। उनका कुल लाभ 242 फीसदी बढ़कर 58.40 करोड़ रुपये हो गया। रोहन और शेरोन गुप्ता को सबसे अधिक 50.03 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। गुप्ता परिवार ने भोले-भाले निवेशकों की जेब से 20.25 करोड़ रुपये से अधिक का गलत लाभ कमाया। ये निवेशक सोशल मीडिया पर प्रसारित स्टॉक सिफारिशों का पालन करते थे।

सेबी ने क्या निर्देश दिया है?

हेमंत, रोहन और अनिकेत शोध विश्लेषक के रूप में पंजीकृत नहीं थे। पंजीकरण न होने के बावजूद वे अपने ग्राहकों को सेवाएं दे रहे थे। वे उन्हें स्टॉक विश्लेषण के आधार पर प्रतिभूति बाजार में व्यापार करने के लिए गुमराह कर रहे थे। सेबी ने गुप्ता परिवार को 20.25 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लाभ संयुक्त रूप से और अलग-अलग जब्त करने का निर्देश दिया है। उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या उनमें डील करने से भी रोक दिया गया है। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा।



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