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एक से पूछा- तुम हिंदू हो, दूसरे से कहा- कलमा पढ़कर सुनाओ… फिर चाकू से इतने वार किए कि एक पीड़ित मरणासन्न हो गए, जबकि दूसरा गंभीर रूप से जख्मी. दोनों पीडि़तों का इजाल मुंबई के एक हॉस्पिटल में चल रहा है. जहां एक हालत नाजुक बनी हुई है. पीड़ित सुब्रतो रमेश सेन की जुबानी जानिए कि पहलगाम जैसे इस हमले में आखिर क्या और कैसे हुआ.
पहले से धर्म पूछा, दूसरे से कहा-कलमा पढ़ो. मुंबई में हुई पहलगाम जैसी वारदात.
Mira Road Knife Attack Case: तुम हिंदू हो ना… इस सवाल का जवाब हां में मिलते ही आरोपी ने चाकू से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया. किसी तरह पीड़ित सुब्रतो रमेश सेन अपनी जानबचाकर सुपरवाइजर के केबिन में घुस गया. आरोपी जैब जुबैर अंसारी भी पीछे-पीछे वहां पहुंच गया. इसके बाद, उसने सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से कहा- तू भी हिंदी है ना. राजकुमार कुछ बोल भी पाते, इससे पहले जुबैर ने उन पर चाकू से हमला करना शुरू कर दिया. मुंबई के मीरापुर इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात में राजकुमार और सुब्रतो गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. दोनों को समीपवर्ती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां राजकुमार की हालत नाजुक बनी हुई है.
इस मामले के पीड़ित सुब्रतो रमेश सेन की जुबानी जानिए पूरी कहानी…
27 अप्रैल को रात लगभग 03:00 बजे एक अज्ञात शख्स मेरे पास आया. उसने मुझसे पूछा, आगे मस्जिद है क्या? मैंने उसे बताया- हां, आगे दाहिनी तरफ एक मस्जिद है. इसके बाद उसने मुझसे पूछा, मस्जिद का नाम क्या है? मैंने कहा, मुझे नाम पता नहीं है. फिर उसने मुझसे पूछा, तुम हिंदू हो क्या? इस पर मैंने उसे ‘हां’ कहा. इसके बाद वह शख्स वहां से चला गया, लेकिन मैंने उसे सड़क पर घूमते हुए देखा.
सुबह करीब 04:00 बजे मैं रसाज सिनेमा के पास स्थित एक ईरानी चाय वाले के यहां चाय पीने गया. उस समय वही शख्स मुझे वहां भी दिखाई दिया. चाय पीकर मैं लगभग 04:30 बजे अपनी ड्यूटी की जगर पर वापस आ गया. उसी दौरान वह शख्स फिर मेरे पास आया और ‘हिंदू हो ना’ कहते हुए मेरा दाहिना हाथ पकड़ लिया और चाकू से मुझ पर वार करना शुरू कर दिया. मैंने उस वार से बचने की बहुत कोशिश की, लेकिन चाकू मेरी पीठ पर लग गया.
मैं किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर सुपरवाइजर के केबिन की ओर भागा. मैं मुख्य लोहे के प्रवेश द्वार के अंदर जाकर सुपरवाइजर के केबिन में पहुंच गया. मेरे ऊपर हमला करने वाला शख्स भी वहां पहुंच गया. उसने सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से भी कहा, ‘तू भी हिंदू है ना? अगर नहीं है तो कलमा पढ़.’ जब मिश्रा जी कलमा नहीं पढ़ पाए, तो उस शख्स ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया.
मैं डरकर वहां से भाग गया और बिल्डिंग के पीछे जाकर छिप गया. लगभग 5 से 7 मिनट बाद जब कोई हलचल दिखाई नहीं दी, तो मैंने मिश्रा सर को फोन किया. उस समय वे रोते हुए कह रहे थे, ‘मैं मर जाऊंगा, मैं मर जाऊंगा.’ इसके बाद मैं फिर से सुपरवाइजर के केबिन के पास गया, जहां हरी सिंह के साथ दो अन्य शख्स मौजूद थे. तब हरी सिंह से मुझे पता चला कि जिस शख्स ने मुझ पर हमला किया था, उसी ने मिश्रा सर से उनका धर्म पूछकर उन पर भी हमला किया. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



