प्रवर्तन निदेशालय ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निदेशालय ने धन शोधन मामले में कंपनी के 526 करोड़ रुपये के बैंक जमा फ्रीज कर दिए हैं। इसके साथ ही 3.5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 11 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। बेंगलुरु स्थित इस कंपनी के खिलाफ 7 मई को दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में तलाशी अभियान शुरू हुआ था। यह अभियान 13 मई को समाप्त हुआ। तलाशी के दौरान बैंक जमा, बॉन्ड और सावधि जमा जैसे चल संपत्ति कुल 526.49 करोड़ रुपये के फ्रीज किए गए। छापेमारी के बाद निदेशालय ने कंपनी के तीन संस्थापकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए संस्थापकों में दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा शामिल हैं।
केंद्रीय एजेंसी ने गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और अन्य संबंधित संस्थाओं के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया था। यह मामला धोखाधड़ी और ठगी से संबंधित कई पुलिस एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया था। गेम्सक्राफ्ट ‘रमीकल्चर’ और ‘रमीटाइम ऐप’ जैसे ऑनलाइन वास्तविक धन वाले खेल चलाती है। सरकार ने अगस्त 2025 में ऑनलाइन धन वाले खेलों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
ईडी की कार्रवाई और जब्त संपत्तियां
प्रवर्तन निदेशालय ने गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कंपनी के विभिन्न बैंक खातों में जमा 526 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई। इसके अतिरिक्त, 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी जब्त किए गए हैं। साथ ही, 11 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई है।
धोखाधड़ी के आरोप और गिरफ्तारी
निदेशालय ने धोखाधड़ी और ठगी से जुड़ी कई पुलिस एफआईआर का संज्ञान लिया था। इन्हीं एफआईआर के आधार पर गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया गया। तलाशी अभियान के बाद कंपनी के तीन प्रमुख संस्थापकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा शामिल हैं। गेम्सक्राफ्ट ऑनलाइन वास्तविक धन वाले खेलों का संचालन करती है, जिन पर अगस्त 2025 से प्रतिबंध है।



