केंद्र सरकार ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) में दो पूर्णकालिक सदस्यों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने इन महत्वपूर्ण पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। यह कदम सेबी के सुचारु कामकाज और नियामक क्षमता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
वर्तमान में सेबी में चार पूर्णकालिक सदस्य कार्यरत हैं। इनमें कमलेश चंद्र वार्ष्णेय, अमरजीत सिंह, संदीप प्रधान और केवीआर मूर्ति शामिल हैं। कमलेश चंद्र वार्ष्णेय और अमरजीत सिंह का तीन साल का कार्यकाल सितंबर में पूरा हो जाएगा। हालांकि, वे पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र हैं। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित है। सेबी बोर्ड की संरचना में एक अध्यक्ष, चार पूर्णकालिक सदस्य और चार अंशकालिक सदस्य होते हैं। सरकार ने 26 मई को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
क्या होगा कार्यकाल, पात्रता के मानदंड क्या?
पूर्णकालिक सदस्य का कार्यकाल अधिकतम पांच वर्ष का होगा। यह नियुक्ति इस शर्त के अधीन है कि नियुक्त व्यक्ति 65 वर्ष की आयु से अधिक पद पर नहीं रह पाएगा। हालांकि, लागू नियमों के तहत पुनर्नियुक्ति की अनुमति दी गई है। सरकार ने ऐसे व्यक्तियों से आवेदन मांगे हैं जिनकी सत्यनिष्ठा, ख्याति और प्रतिष्ठा उच्च हो। उम्मीदवारों के पास अधिमानतः 20 वर्ष से अधिक का पेशेवर अनुभव होना चाहिए।
कितना अनुभव चाहिए?
इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 45 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक में प्रतिभूति बाजारों से संबंधित समस्याओं से निपटने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्हें कानून, वित्त, अर्थशास्त्र, लेखा, प्रशासन या केंद्र सरकार द्वारा सेबी के लिए उपयोगी माने जाने वाले किसी अन्य विषय में विशेष ज्ञान या अनुभव होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पूर्णकालिक सदस्य का कोई ऐसा वित्तीय या अन्य हित न हो जो उसके कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले।
चयन प्रक्रिया क्या है और अंतिम तिथि कब?
योग्य उम्मीदवार 30 जून तक इन महत्वपूर्ण पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इन नियुक्तियों का निर्णय केंद्रीय सरकार द्वारा वित्तीय क्षेत्र नियामक नियुक्ति खोज समिति (एफएसआरएएससी) की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा। एफएसआरएएससी को यह अधिकार है कि वह योग्यता के आधार पर किसी ऐसे व्यक्ति की भी पहचान कर सकती है और उसकी सिफारिश कर सकती है जिसने पद के लिए आवेदन नहीं किया हो। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाएगी।



