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- Manipur: 6 Naga Bodies Recovered After Abduction, Protests Erupt Outside JNIMS Mortuary
इम्फाल5 घंटे पहले
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नगा शव मिलने के बाद कई जिलों में हिंसा भड़क गई।
मणिपुर में गुरुवार सुबह 4:55 बजे संदिग्ध उग्रवादियों के कुकी समुदाय के 2 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। 30 घरों में आग भी लगा दी गई। घटना कामजोंग जिले के कुलतूह कुकी गांव की है।
एक दिन पहले कांगपोकपी जिले में नगा समुदाय के 6 लोगों के शव बरामद हुए थे। आशंका जताई गई है कि सभी शव उन 6 लोगों के हैं, जिन्हें 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अगवा किया गया था।
पुलिस के मुताबिक दोनों की घटनाओं के बाद से इन इलाकों में तनाव का माहौल है। इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
घटना की 2 तस्वीरें…

कुलतूह कुकी गांव में दो लोगों की हत्या की गई। हत्या करने वालों की जानकारी सामने नहीं आई।

गांव में उग्रवादियों ने 30 से ज्यादा घरों में आग भी लगाई। ये कुकी बहुल्य इलाका है।
कांगपोकपी जिले में नगा समुदाय के 6 लोगों के शव मिले
मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई गांव से 13 मई को नगा समुदाय के 6 लोगों का अपहरण कर लिया गया था। करीब 29 दिन बाद, 9 जून को कराम वैफेई गांव से 6 शव मिले। माना जा रहा है कि ये शव उन्हीं छह लोगों के हैं, जिन्हें अगवा किया गया था।
पुलिस के अनुसार, सभी शव बुधवार रात करीब 2 बजे पोरोम्पाट स्थित अस्पताल लाए गए। शवों के पहुंचने की खबर मिलते ही वहां सैकड़ों लोग जुट गए। भीड़ के कारण तनाव बढ़ गया, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
घटना की जांच के लिए NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं।
इस घटना के विरोध में कई जगह प्रदर्शन हुए। सेनापति जिले के करोंग इलाके में कुछ लोगों ने सामान से भरे ट्रकों में आग लगा दी। नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। वहीं, तमेंगलोंग जिले के तामेई इलाके में भी लोगों ने हंगामा किया।
पोरोम्पाट के अस्पताल की 2 तस्वीरें…

बुधवार रात 2 बजे 6 युवकों के शव पोरोम्पाट के अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाबलों ने भीड़ पर आंसू गैस छोड़ी। लाठीचार्ज भी किया।
8 जून: कांगपोकपी जिले नें उग्रवादियों में थी गोलीबारी की
8 जून को कांगपोकपी जिले के पोंग्रिंगलॅान्ग रोंग्मेई नगा गांव में कुकी उग्रवादी संगठन ने गोलीबारी की। इस घटना के बाद लापता चुन्जांग्लुंग पान्मेई नाम के नगा विलेज गार्ड का शव जंगल से बरामद हुआ था। उसे सिर में गोली मारी गई थी। नगा समूहों ने आरोप लगाया कि केंद्र कुकी समूहों का इस्तेमाल शैडो वॉर (छाया युद्ध) के तौर पर कर रहा है।
3 साल में 731 मौतें
मणिपुर में जारी हिंसा-तनाव की वजह से बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। आरटीआई से मांगी गई जानकारी में सामने आया है कि तीन साल में 731 विस्थापित अपनी जान गंवा चुके हैं। चूराचांदपुर में सबसे ज्यादा 248, बिष्णुपुर में 151 और कंग्पोक्पी में 128 मौतें दर्ज हुईं हैं। जबकि राज्य के 9 जिलों में अभी भी 43,676 लोग विस्थापित हैं।

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