दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के लंबे समय से सहयोगी और विभिन्न टाटा ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फर्म रतन टाटा की निजी निवेश फर्म है, जिसका निवेश पोर्टफोलियो 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। इसमें ओला इलेक्ट्रिक और अर्बन कंपनी जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है।
मिस्त्री का इस्तीफा रतन टाटा की वसीयत के तहत ट्रस्टीशिप में बदलाव के बाद आया है। उन्होंने रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट (आरटीईटी) और रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (आरटीईएफ) के ट्रस्टी पद से भी इस्तीफा दे दिया था। इस बदलाव के साथ ही आरएनटी एसोसिएट्स का निदेशक पद भी नए ट्रस्टियों को हस्तांतरित हो गया। एक अधिकारी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। मिस्त्री ने बताया कि उन्होंने नए ट्रस्टियों को निदेशक पद सौंप दिया है। यह हस्तांतरण रतन टाटा की वसीयत के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।
मेहली मिस्त्री ने इस्तीफा क्यों दिया?
मेहली मिस्त्री ने अपने त्यागपत्र में अन्य प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि वे अपनी अन्य व्यस्तताओं के कारण निदेशक पद से इस्तीफा दे रहे हैं। उनका त्यागपत्र 30 जून, 2026 को आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल को संबोधित था। मिस्त्री ने कंपनी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए निदेशक मंडल और कंपनी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अब रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट और फाउंडेशन के ट्रस्टी नहीं हैं। इसलिए उन्होंने निदेशक पद छोड़ दिया ताकि हस्तांतरण सुगम हो सके। उनका इस्तीफा 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी हो गया है।
क्या है आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड?
आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड दिवंगत रतन टाटा की निजी निवेश फर्म है। यह फर्म उनके व्यक्तिगत निवेश पोर्टफोलियो का प्रबंधन करती है। इस फर्म का कुल निवेश पोर्टफोलियो 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। इसमें कई प्रमुख स्टार्टअप कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है। ओला इलेक्ट्रिक और अर्बन कंपनी इसके कुछ उल्लेखनीय निवेश हैं। यह फर्म रतन टाटा के वित्तीय हितों का प्रबंधन करती थी।
वसीयत का क्या प्रभाव पड़ा?
रतन टाटा की वसीयत में ट्रस्टीशिप के हस्तांतरण के प्रावधान शामिल थे। इन प्रावधानों के अनुसार, ट्रस्टीशिप बदलने पर आरएनटी एसोसिएट्स का निदेशक पद भी बदल गया। मिस्त्री के ट्रस्टी पद से हटने के बाद नए ट्रस्टी नियुक्त किए गए। इन नए ट्रस्टियों को ही निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम वसीयत के कानूनी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करता है। इससे रतन टाटा के निजी ट्रस्ट और फाउंडेशन के बीच संपत्तियों का विभाजन संभव होगा।



