निजी क्षेत्र के बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 502 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 372 करोड़ रुपये था।
अप्रैल-जून 2026 की अवधि में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 5.9 फीसदी बढ़कर 2,921 करोड़ रुपये रही। यह एक साल पहले 2,757 करोड़ रुपये थी। बैंक की कुल शुद्ध आय 1.2 फीसदी की वृद्धि के साथ 3,524 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। जून 2026 तक सकल अग्रिम 16.4 फीसदी बढ़कर 1,55,555 करोड़ रुपये हो गए।
एक साल पहले यह आंकड़ा 1,33,625 करोड़ रुपये था। खुदरा ऋण पुस्तिका (आवास को छोड़कर) में 45 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। थोक बैंकिंग में 38 फीसदी की वृद्धि हुई। आवास ऋण पुस्तिका 6 फीसदी बढ़ी। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि यह प्रदर्शन बैंक की मजबूती को दर्शाता है।
क्या बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है?
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में क्रमिक सुधार देखा गया है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) तिमाही में 3.1 फीसदी रहीं। पिछली तिमाही में यह 3.3 फीसदी थीं। शुद्ध एनपीए 0.9 फीसदी रहा, जो पिछली तिमाही में 1 फीसदी था। सालाना आधार पर सकल एनपीए में 182 आधार अंक और शुद्ध एनपीए में 43 आधार अंक का सुधार हुआ।
बैंक के अन्य वित्तीय आंकड़े क्या कहते हैं?
30 जून 2026 तक प्रावधान कवरेज अनुपात 85.9 फीसदी रहा। कर के अलावा प्रावधान और आकस्मिकताएं 683 करोड़ रुपये रहीं, जो 40 फीसदी कम है। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 18.2 फीसदी दर्ज किया गया। परिसंपत्तियों पर प्रतिफल 1 फीसदी और इक्विटी पर प्रतिफल 7.7 फीसदी रहा। बैंक ने विनय जैन को 26 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक अंतरिम मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त करने की मंजूरी दी है।



