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Mount Abu Adventure Activities: राजस्थान के इकलौते हिल स्टेशन माउंट आबू में पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज का आनंद भी ले सकते हैं. यहां नक्की झील के आर्य समाज पार्किंग क्षेत्र, तिब्बती मार्केट से सनसेट रोड और देलवाड़ा रोड स्थित एडवेंचर स्पोर्ट्स जोन में घुड़सवारी की सुविधा उपलब्ध है. स्थानीय घोड़ा मालिक पर्यटकों को निर्धारित रूट पर सैर करवाते हैं. तिब्बती मार्केट के घोड़ा प्वाइंट पर दूरी और समय के हिसाब से करीब 150 से 300 रुपये तक किराया लिया जाता है. कुछ घोड़ा मालिक एडवांस पेमेंट पर एक से दो घंटे तक घुड़सवारी भी करवाते हैं. इस रोजगार से करीब तीन दर्जन से अधिक घोड़ा मालिक जुड़े हुए हैं. यहां मुख्य रूप से मारवाड़ी और काठियावाड़ी नस्ल के घोड़ों का इस्तेमाल किया जाता है
सिरोही. राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन आबूराज (माउंट आबू) को यहां के पर्यटक स्थलों के अलावा एडवेंचर और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए भी पहचाना जाता है. यहां देश-विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं. प्राकृतिक सुंदरता के बीच रोमांच का अनुभव लेना चाहते हैं, तो घुड़सवारी भी यहां के मुख्य एट्रेक्शन में शामिल है. अगर आप भी माउंट अबे घूमने आ रहे है और घुड़सवारी का आनंद लेना चाहते है, माउंट आबू में घुड़सवारी का भी मजा ले सकते हैं.
नक्की झील के आर्य समाज पार्किंग या तिब्बती मार्केट से सनसेट रोड तक घुड़सवारी कर सकते हैं. इसके अलावा देलवाड़ा रोड स्थित एडवेंचर स्पोर्ट्स जोन में भी घुड़सवारी की सुविधा उपलब्ध है. इन इलाकों में स्थानीय घोड़ा मालिक पर्यटकों को अपने निर्धारित मार्गों पर सैर करवाते हैं. यहां घुड़सवारी करवाने वाले घोड़ा मालिक अनिल कुमार ने बताया कि करीब 3 दर्जन से अधिक घोड़ा मालिक इस रोजगार से जुड़े हैं. दिवाली या समर सीजन में घोड़ों की संख्या बढ़ जाती है.
समय और दूरी के हिसाब से तय होता है किराया
घुड़सवारी के लिए पर्यटकों को करीब तिब्बती मार्केट के घोड़ा प्वाइंट पर 150 से 300 रुपए तक दूरी के हिसाब से चुकाने पड़ते हैं. किराया सवारी की अवधि और तय किए गए मार्ग पर निर्भर करता है. नक्की झील के किनारे से धौलपुर हाउस की तरफ में और सनसेट पार्किंग और पोलो ग्राउंड के आसपास से टैक्सी स्टैंड की ओर घुड़सवारी की जा सकती है. कुछ घोड़ा मालिक एडवांस पेमेंट करने पर एक से दो घंटे तक सवारी की सुविधा भी देते हैं. यहां घुड़सवारी के लिए मुख्य रूप से मारवाड़ी और काठियावाड़ी नस्ल के घोड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा कुछ पशुपालक मालानी नस्ल के घोड़े भी पालते हैं.
पर्यटकों की सुरक्षा का भी रखते हैं ध्यान
स्थानीय घोड़ा मालिक इन घोड़ों के खानपान और देखभाल पर खास ध्यान देते हैं, ताकि पर्यटकों को सवारी के दौरान परेशानी न हो. माउंट आबू की यात्रा के दौरान पहाड़ों और हरियाली के बीच घुड़सवारी पर्यटकों को एक अलग अनुभव देती है. अपनी सुरक्षा के लिए घोड़ा मालिक की ओर से दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखना भी जरूरी होता है. वहीं घुड़सवारी के लिए निर्धारित रूट और ट्रैफिक का ध्यान रखना भी जरूरी होता है.
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…