तमिलनाडु सरकार ने रेस्तरां, होटलों और चाय की दुकानों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की जगह बिजली के चूल्हों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देने की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि यह फैसला 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद खानपान प्रतिष्ठानों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच लिया गया है।
क्या है इस पहल का उद्देश्य?
सरकार के मुताबिक, संकट शुरू होने के बाद से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य छोटे और मध्यम स्तर के खानपान कारोबारों को वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था उपलब्ध कराना और ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के प्रभाव को कम करना है।
सब्सिडी का विवरण
शनिवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में, राज्य सरकार ने यह तय किया कि जो होटल, चाय की दुकानें और क्लाउड किचन इंडक्शन स्टोव का उपयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त बिजली की खपत पर प्रति यूनिट ₹2 की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सब्सिडी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक एलपीजी के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध लागू हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने इस बात की पुष्टि की है।
इस सब्सिडी योजना का उद्देश्य रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों पर अपनी निर्भरता कम करने और बिजली से चलने वाले उपकरणों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इससे न केवल एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को भी बढ़ावा देगा।



