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भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के दो मामलों में बदमाशों ने APK फाइल और फर्जी पहचान का सहारा लेकर दो युवकों से कुल 4.75 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली. पहले मामले में APK फाइल डाउनलोड करते ही एक युवक के खाते से 90,247 रुपये निकल गए, जबकि दूसरे मामले में परिचित बनकर एक युवक से 3.85 लाख रुपये ऑनलाइन ठग लिए गए.
एआई से बनाई गई तस्वीर
भिंड. जिले में साइबर अपराधियों के नए-नए तरीके लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं. देहात थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में अज्ञात आरोपियों ने दो युवकों से कुल 4 लाख 75 हजार रुपये से अधिक की ठगी कर ली. पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साथ ही लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक, ऐप या कॉल पर भरोसा नहीं करने की अपील की है.
पहला मामला ग्राम मनौरा बाग निवासी 40 वर्षीय मुकेश कुमार गोयल से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार, 3 जुलाई को उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात APK फाइल भेजी गई. अनजाने में उन्होंने उस फाइल को डाउनलोड कर लिया. इसके कुछ समय बाद उनके बैंक खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 90,247 रुपये निकाल लिए गए. जब खाते से पैसे कटने के संदेश मिले तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर देहात थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दूसरा मामला शहर के रेवा नगर, जामना रोड निवासी 27 वर्षीय शैलेन्द्र कुशवाह का है. पुलिस के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को परिचित बताकर शैलेन्द्र से संपर्क किया और विश्वास में लेकर ऑनलाइन माध्यम से उनसे 3,85,524 रुपये की ठगी कर ली. ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले में भी अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है.
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की सलाह
- किसी भी अनजान APK फाइल, लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें.
- ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें.
- संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें.
- यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर
- क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं.
- बैंक खाते से जुड़े किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक और पुलिस को दें.
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