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Bengaluru pooja death case: पूजा का नग्न अवस्था में मिला शव, कार्डों से भरा कमरा, दीवारों पर लिखे शब्द, 3 महीने से किसी से बात नहीं, नौकरी छोड़ी हुई, पति की पुरानी मौत का सदमा, बैंक और कॉल रिकॉर्ड की जांच… इस पूरी कड़ी में कई सवाल हैं और जवाब अब भी धुंधले. क्या यह गहरे अवसाद में उठाया गया कदम है या इसके पीछे कोई और खौफनाक राज छिपा है? पुलिस की जांच जारी है और बेंगलुरु की यह रहस्यमय मौत एक मर्डर मिस्ट्री बनकर सबको चौंका रही है…
पूजा दत्ता का नग्न अवस्था में मिला शव
बेंगलुरु के अडुगोडी इलाके में टेक्नीशियन पूजा दत्ता की रहस्यमय मौत हर दिन नया मोड़ ले रही है. किराए के मकान में पूजा का शव नग्न अवस्था में मिला और कमरे की दीवारें अजीबोगरीब कार्डों और शब्दों से पटी थीं. इतना ही नहीं पूजा का मोबाइल 3 महीने से बंद था और वह किसी से बातचीत नहीं करती थी. अब सवाल यही है कि यह हत्या है या अवसाद में की गई आत्महत्या?
3 महीने से किसी से बात नहीं, मोबाइल भी बंद
पुलिस जांच में सामने आया कि पूजा के मोबाइल पर पिछले 3 महीने से न तो कोई इनकमिंग कॉल थी और न आउटगोइंग. रिचार्ज नहीं होने की वजह से नंबर ही बंद हो चुका था. बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ महीनों से कमरे में बिल्कुल अकेली रह रही थी और मानसिक अवसाद से जूझ रही थी.
कमरा कार्डों से भरा, दीवारों पर लिखे अजीब शब्द
पूजा के कमरे में दर्जनों कार्ड बिखरे मिले. कुछ कार्ड उसने खुद लिखकर फाड़ दिए थे. दीवारों पर ‘शांति’, ‘अहंकार’, ‘विश्वास’, ‘संतुष्टि’, ‘प्रेम’, ‘एकाकी प्रेम’ जैसे शब्द चिपकाए गए थे. 3 महीने तक किसी से संपर्क न होने के बावजूद वह इसी कमरे में अकेली कैसे रह रही थी, यह भी पुलिस के लिए बड़ा सवाल है.
नौकरी छोड़ी, फिर किराया और खर्च कैसे चल रहा था?
टेक्नीशियन का काम करने वाली पूजा ने कुछ साल पहले अपनी नौकरी छोड़ दी थी. इसके बाद उसने दोबारा नौकरी जॉइन नहीं की. ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किराया और रोजमर्रा का खर्च कैसे उठा रही थी. क्या कोई उसकी आर्थिक मदद कर रहा था? इसी कड़ी में पुलिस ने पूजा के बैंक खाते की डिटेल्स मांगी हैं और पिछले 1 साल के वित्तीय लेन-देन की जांच चल रही है. साथ ही उसकी पुरानी कंपनी से भी जानकारी ली जा रही है कि उसने नौकरी क्यों छोड़ी थी.
पोस्टमार्टम और मकान मालिक से पूछताछ
पूजा के शव का पोस्टमार्टम सेंट जॉन अस्पताल में किया गया. शुरुआती आशंका अवसाद के कारण आत्महत्या की है लेकिन पुलिस हत्या की एंगल को भी खारिज नहीं कर रही. मकान मालिक को नोटिस जारी कर पूछा जा रहा है कि पूजा कितने साल से यहां रह रही थी.किराया ऑनलाइन देती थी या नकद और क्या उसके घर कोई आता-जाता था.
1 साल के कॉल रिकॉर्ड और कॉन्टैक्ट्स की जांच
पुलिस ने पूजा के मोबाइल नंबर के 1 साल के CDR रिकॉर्ड मांगे हैं, ताकि यह पता चल सके कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में थी. बेंगलुरु आने के बाद उसने अपने परिवार से भी दूरी बना ली थी. यही वजह है कि उसकी मौत की खबर भी परिवार को तब लगी जब पुलिस ने खुद फोन किया.
शादीशुदा थी पूजा, कोरोना काल में पति की मौत
पूजा के पिता सनाथन दत्ता झारखंड से बेंगलुरु पहुंचे तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया. उनके मुताबिक पूजा की शादी कोरोना काल में हुई थी लेकिन उसी दौरान उसके पति की मृत्यु हो गई. पति की मौत के बाद वह गहरे सदमे में चली गई और पिछले 4 साल से अवसाद से जूझ रही थी.
परिवार से नाता तोड़ लिया, नंबर तक नहीं दिया
पूजा 2023 में काम के सिलसिले में बेंगलुरु आई और एक निजी कंपनी में नौकरी की. पिता के अनुसार, जब उन्होंने उससे पूछा कि उसने नौकरी क्यों छोड़ी तो पूजा ने उनसे बात करना ही बंद कर दिया. वह दो बार बेंगलुरु आए लेकिन पूजा का संपर्क नंबर तक नहीं मिल पाया. पिता का कहना है कि बेंगलुरु आने के बाद उसने हमसे बात करना बंद कर दिया. हमें नहीं पता उसने आत्महत्या क्यों की. बचपन से पढ़ने में तेज थी, लिखने की आदत भी नहीं थी. उसकी मां की तबीयत भी ठीक नहीं है.



