डिजिटल भारत निधि के तहत केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को 2432 करोड़ की सहायता राशि देगी। राज्य सरकार के साथ संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का समझौता किया गया है। इसके तहत केंद्र से 2,432 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इससे पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों को फाइबर कनेक्शन मिलेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को इस कार्यक्रम को मंजूरी दी थी।
गुजरात में नारियल उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ा
गुजरात में पिछले दो वर्षों में कच्चे नारियल के उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के बागवानी विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब इसका कुल वार्षिक उत्पादन लगभग 26 करोड़ नारियल होने का अनुमान है। यह बढ़ोतरी राज्य के तटीय जिलों में नारियल की खेती के लगातार विस्तार के साथ दर्ज की गई है, जो बागवानी-आधारित खेती की ओर हो रहे क्रमिक बदलाव को दर्शाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में नारियल की खेती इस समय लगभग 28,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। मुख्य योगदान देने वाले जिलों में गिर सोमनाथ, जूनागढ़, भावनगर, वलसाड, नवसारी, कच्छ और देवभूमि द्वारका शामिल हैं। 2024-25 के दौरान कच्चे नारियल की औसत उत्पादकता लगभग 9.26 हजार प्रति हेक्टेयर थी, जो कई उत्पादक क्षेत्रों में बेहतर पैदावार का संकेत है। मौजूदा योजनाओं के तहत, किसानों को नारियल के बाग लगाने पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है।
नारियल की खेती का विस्तार राज्य में कृषि में विविधता लाने की व्यापक बागवानी रणनीति का एक हिस्सा है। अधिकारियों ने आने वाले वर्षों में नारियल की खेती के तहत आने वाले क्षेत्र को बढ़ाकर 70,000 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ, मूल्य-संवर्धन और प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है, जिसमें ‘वर्जिन कोकोनट ऑयल’ और ‘कोकोनट पाउडर’ जैसे उत्पाद शामिल हैं, ताकि बाज़ार तक पहुंच को मजबूत किया जा सके और निर्यात की संभावनाओं को बेहतर बनाया जा सके।



