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CCI की सख्ती के बाद इंडिगो का बड़ा फैसला: संकट में एयरपोर्ट स्लॉट छोड़ेगी, यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?


देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अब दबाव में है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग उसकी जांच कर रहा है। यह जांच दिसंबर 2025 में हुए बड़े उड़ान संकट के बाद शुरू हुई। अब इंडिगो ने आयोग के सामने कई बड़े वादे किए हैं। इनमें संकट प्रबंधन से लेकर एयरपोर्ट स्लॉट छोड़ने तक के प्रस्ताव शामिल हैं। अगर इन्हें मंजूरी मिलती है तो भविष्य में यात्रियों को कम परेशानी हो सकती है।

क्यों शुरू हुई सीसीआई की जांच?

दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। हजारों फ्लाइट रद्द हो गई थीं। कई उड़ानों में लंबी देरी हुई थी। लाखों यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ी थी। इसके बाद फरवरी 2026 में सीसीआई ने जांच के आदेश दिए। आयोग का मानना था कि इंडिगो के कदम से बाजार में उड़ानों की उपलब्धता कम हुई। इससे प्रतिस्पर्धा भी प्रभावित हुई।

इंडिगो ने क्या प्रस्ताव दिए?

जांच के दौरान इंडिगो ने पांच बड़ी प्रतिबद्धताएं दी हैं। एयरलाइन ने कहा है कि वह भविष्य में ऐसी स्थिति से बेहतर तरीके से निपटेगी। अगर सीसीआई इन प्रस्तावों को मंजूरी दे देता है तो जांच बंद हो सकती है। फिलहाल आयोग ने जनता से भी सुझाव मांगे हैं। अंतिम फैसला इन्हीं प्रतिक्रियाओं के बाद होगा।

संकट के समय क्या करेगी एयरलाइन?

इंडिगो एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) बनाएगी। इसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम संकट के समय तुरंत फैसले लेगी। एयरलाइन 24 घंटे चलने वाला कस्टमर एक्सपीरियंस वॉर रूम भी बनाएगी। यहां यात्रियों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा। एयरपोर्ट पर खाने और पीने की व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त विक्रेताओं की मदद ली जाएगी। यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान देने की कोशिश होगी। रिफंड की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

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एयरपोर्ट स्लॉट क्यों छोड़ेगी इंडिगो?

इंडिगो के पास कई बड़े एयरपोर्ट पर प्राइम स्लॉट हैं। यानी उड़ान भरने और उतरने का तय समय। अब एयरलाइन ने कहा है कि बड़े संकट के समय वह कुछ स्लॉट अस्थायी तौर पर एयरपोर्ट प्राधिकरण को दे सकती है। ऐसा होने पर दूसरी एयरलाइंस उन स्लॉट का इस्तेमाल कर सकेंगी। इससे उड़ानों की संख्या अचानक कम नहीं होगी। यात्रियों को भी वैकल्पिक उड़ान मिलने में आसानी होगी।

दिसंबर 2025 में कितना बड़ा संकट आया था?


  • तीन से पांच दिसंबर 2025 के बीच हालात सबसे खराब रहे थे।

  • इन तीन दिनों में 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं।

  • 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी।

  • इससे तीन लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए थे।

  • इसके बाद डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 फरवरी तक 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी।

सीसीआई का क्या कहना है?

सीसीआई का कहना है कि बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हुई। आयोग ने इसे प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 4(2)(b)(i) से जुड़ा मामला माना है। यह धारा बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग से संबंधित है। अब आयोग जनता की राय ले रहा है। इसके बाद तय होगा कि जांच जारी रहेगी या खत्म कर दी जाएगी।

क्या यात्रियों को मिलेगा फायदा?

अगर इंडिगो के सभी प्रस्ताव लागू हो जाते हैं तो भविष्य में बड़े उड़ान संकट का असर कम हो सकता है। यात्रियों को जल्दी जानकारी मिलेगी।

वैकल्पिक उड़ान मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं, रिफंड में देरी कम होगी। दूसरी एयरलाइंस भी खाली स्लॉट का इस्तेमाल कर सकेंगी। यानी यात्रियों की परेशानी पहले के मुकाबले कम हो सकती है।

मुख्य बातें क्या-क्या हैं? 


  • 66% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी वाली इंडिगो सीसीआई की जांच के दायरे में है।

  • दिसंबर 2025 में 2,507 उड़ानें रद्द और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी।

  • 3 लाख से अधिक यात्री इस संकट से प्रभावित हुए थे।

  • इंडिगो ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप और वॉर रूम बनाने का प्रस्ताव दिया है।

  • बड़े व्यवधान की स्थिति में एयरलाइन अस्थायी रूप से एयरपोर्ट स्लॉट छोड़ने को तैयार है।

  • सीसीआई ने इन प्रस्तावों पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं।



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