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Crude Oil Price Update: कच्चे तेल के दाम नरम, ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे; कंपनियों को कितना लाभ?


पश्चिम एशिया में शांति की आहट के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस कारण बुधवार को तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और ईरान से तेल आपूर्ति बढ़ने की उम्मीदों के बीच यह वृद्धि हुई। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।

किन कंपनियों के शेयरों में कितना उछाल?

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के शेयर 2.26 फीसदी बढ़कर 410.45 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुंच गए। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के शेयर भी 2.46 फीसदी की वृद्धि के साथ 319.50 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के शेयरों में 1.61 फीसदी का उछाल आया और वे 147.45 रुपये पर पहुंच गए।

होर्मुज में तनाव घटने पर बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का हाल क्या?

ओएमसी शेयरों में यह तेजी कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद आई है। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते से अतिरिक्त ईरानी कच्चे तेल के निर्यात का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। इससे वैश्विक बाजारों में आपूर्ति संबंधी चिंताएं कम होंगी। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था। यह पिछले कुछ सत्रों में तेज गिरावट के बाद तीन महीने के निचले स्तर के करीब है।

ईरान समझौते का कितना प्रभाव?

रिपोर्टों के अनुसार, अंतरिम समझौता ईरान को कच्चे तेल की बिक्री फिर से शुरू करने की अनुमति दे सकता है। यह व्यापक वार्ताओं के लिए एक ढांचा तैयार करेगा। इन वार्ताओं का उद्देश्य शत्रुता समाप्त करना और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित चिंताओं को दूर करना है। प्रस्तावित व्यवस्था से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद है। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा शिपिंग मार्ग है। इससे क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में सुधार होगा।

बाजार विशेषज्ञों की राय क्या?

बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि ब्रेंट क्रूड पिछले 5 दिनों में लगभग 16 फीसदी गिरकर 79 डॉलर पर आ गया है। इससे भारत में बढ़ते भुगतान संतुलन घाटे की बड़ी चिंता दूर हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बाजार के नजरिए से एफआईआई बहिर्वाह में कमी एक और सकारात्मक रुझान है। रुपये के लगातार मजबूत होने से यह रुझान जारी रहने की संभावना है। बुधवार को व्यापक इक्विटी बाजार वैश्विक भावना में सुधार और ऊर्जा कीमतों पर चिंताओं में कमी के कारण सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहा था।



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