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DU प्रोफेसर मर्डर: कपड़े बदलना पड़ा भारी, 1400 KM दूर भागकर भी नहीं बचे हत्‍यारे – DU assistant professor Debosmita Paul murder accused change cloth


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DU प्रोफेसर मर्डर: कपड़े बदलना पड़ा भारी, 1400 KM दूर भागे, पर नहीं बचे

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DU Professor Murder: दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी विषय पढ़ाने वालीं असिस्‍टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्‍या मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. हत्‍यारोपियों ने बचने के लिए जिन ट्रिक्‍स का इस्‍तेमाल किया, वही होशियारी उनपर भारी पड़ गई. दिल्‍ली पुलिस ने इस हत्‍याकांड को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं.

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दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की असिस्‍टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल हत्‍याकांड में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. (फाइल फोटो)

DU Professor Murder: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्‍टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पश्चिम बंगाल के एक दंपती को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के कारण आरोपियों ने करीब 1,400 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया. मर्डर के आरोपों से बचने और पहचान छुपाने के लिए दोनों आरोपी कपड़े बदलकर देबोस्मिता के फ्लैट से बाहर निकले थे, लेकिन यही ट्रिक आरोपियों के लिए महंगा साबित हुआ.

दरअसल, 49 वर्षीय देबोस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं. उनका शव 4 जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में उनके फ्लैट से बरामद हुआ था. मामले की जांच के बाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्दवान निवासी रामप्रसाद दास (42) और उनकी पत्नी बनश्री दास (36) को गिरफ्तार कर लिया है. उनके नाबालिग बेटे को भी किशोर न्याय कानून के तहत हिरासत में लिया गया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपती वर्ष 2023 से बर्दवान स्थित उस मकान में रह रहे थे, जो पारिवारिक बंटवारे के बाद देबोस्मिता पॉल के हिस्से में आया था. यह संपत्ति उनके नाना की मृत्यु के बाद उन्हें मिली थी. पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर पॉल लगातार आरोपियों से मकान खाली करने को कह रही थीं और हाल ही में उन्होंने अंतिम चेतावनी भी दी थी. इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया.

लिफ्ट नहीं, सीढ़ियों का किया था इस्‍तेमाल

जांच अधिकारियों के अनुसार, दंपती ने संपत्ति पर कब्जा बनाए रखने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची. 3 जून को वे अपने बेटे के साथ बर्दवान से दिल्ली पहुंचे. पुलिस का कहना है कि नाबालिग बेटे को साथ लाने का उद्देश्य संदेह से बचना था. दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने एक गेस्ट हाउस में ठहराव किया और पहचान छिपाने के लिए अन्य लोगों के आधार कार्ड विवरण का इस्तेमाल किया. सीसीटीवी फुटेज में 4 जून को दो नकाबपोश लोगों को वसुंधरा एन्क्लेव स्थित आवासीय परिसर में प्रवेश करते देखा गया. दोनों एक निजी कैब से पहुंचे थे और बैग लेकर सीढ़ियों के रास्ते छठी मंजिल पर स्थित प्रोफेसर के फ्लैट तक पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले से परिचित होने के कारण बिना किसी संदेह के फ्लैट में प्रवेश करने में सफल रहे.

कपड़े बदलना पड़ा भारी

पुलिस का आरोप है कि फ्लैट के भीतर आरोपियों ने अपने साथ लाए गए हथियार से देबस्मिता पॉल पर हमला किया. हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट पहुंची और हाथ की नसें भी काट दी गईं. वारदात के लगभग आधे घंटे बाद दोनों कपड़े बदलकर दोबारा परिसर में दिखाई दिए और उसी कैब से वहां से निकल गए. मामले का खुलासा तब हुआ जब अगले दिन प्रोफेसर की बहन देवरती उनसे संपर्क नहीं कर सकीं. कई बार फोन करने के बावजूद जवाब न मिलने पर वह फ्लैट पहुंचीं. बाहर से ताला लगा होने के कारण उन्होंने दरवाजा खुलवाया और अंदर जाकर बहन का शव देखा. पुलिस को मौके से लूटपाट के कोई संकेत नहीं मिले. घर में रखे गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान सुरक्षित थे, जिससे जांच का फोकस व्यक्तिगत और संपत्ति संबंधी विवाद पर केंद्रित हो गया.

200 लोगों पर रखी नजर

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाया. अपार्टमेंट और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. जांचकर्ताओं ने उस दिन सोसायटी में प्रवेश करने वाले लगभग 200 लोगों की गतिविधियों की समीक्षा की और 13 संदिग्धों को चिन्हित किया. सात पुलिस टीमों ने चार राज्यों में छापेमारी कर संदिग्धों की यात्रा और गतिविधियों का पता लगाया. जांच में बड़ा सुराग उस कैब चालक से मिला, जिसने आरोपियों को घटनास्थल तक पहुंचाया था. सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों के कपड़े बदलने और पहचान छिपाने की कोशिश भी सामने आई. इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम 6 जून को बर्दवान पहुंची और रेलवे स्टेशन से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों के ठिकाने तक पहुंच गई. 7 जून को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, कपड़े, यात्रा संबंधी दस्तावेज और हत्या में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला एक रेजर बरामद किया है. दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है, जहां उनसे आगे पूछताछ की जाएगी. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.



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