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डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के नेटवर्क का मास्टरमाइंड घनश्याम कलाल को गिरफ्तार किया है. आरोपी दुबई में बैठकर फर्जी म्यूल खातों के जरिए देशभर में ठगी का खेल चला रहा था. रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद आरोपी बैंकॉक और भूटान के रास्ते भारत पहुंचा, जहां पुलिस ने उदयपुर के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया. जांच में 450 से ज्यादा फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है.
डूंगरपुर. साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी घनश्याम कलाल को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी दुबई में बैठकर अपने साथियों के साथ साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था. पुलिस के अनुसार आरोपी के नेटवर्क से देशभर में करीब 160 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है. डूंगरपुर के पुलिस उपाधीक्षक साइबर हंसाराम चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025 में बथड़ी निवासी लालशंकर रोत ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि विक्रम मालीवाड़ और उसके साथियों ने फ्री में पैन कार्ड बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उसका बैंक खाता खुलवाया.
इसके बाद आरोपियों ने नया सिम कार्ड लेकर बैंक खाते से लिंक करवाया और खाते की किट अपने कब्जे में ले ली. जांच में सामने आया कि इस खाते में 81.69 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ था. मामले में विक्रम मालीवाड़ के अलावा बांसिया निवासी महावीर सिंह, सीमलवाड़ा निवासी घनश्याम कलाल और कनबा निवासी बैंककर्मी कौशल प्रजापत की भूमिका सामने आई.
दुबई से बैंकॉक और भूटान के रास्ते भारत पहुंचा आरोपी
पुलिस ने मामले में पहले ही विक्रम, महावीर सिंह, कौशल प्रजापत सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन मुख्य आरोपी घनश्याम कलाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया था. साइबर थाना प्रभारी मुकेश परमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी. तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी दुबई से बैंकॉक और फिर भूटान के रास्ते भारत पहुंचा है. इसके बाद वह असम और केरल होते हुए अजमेर पहुंचा था. पुलिस टीम ने उदयपुर के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
450 से ज्यादा म्यूल खातों का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठग आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ, फ्री पैन कार्ड और पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खातों को खुलवाते थे. इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. इन खातों के जरिए विदेशों से शेयर मार्केट ट्रेडिंग और ऑनलाइन बेटिंग के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी की जाती थी. पुलिस अभियान के दौरान अब तक 450 से अधिक म्यूल खातों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें करीब 160 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है. फिलहाल पुलिस आरोपी घनश्याम कलाल से पूछताछ कर रही है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



