एचडीएफसी बैंक ने अपनी कारोबार वृद्धि को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक ने विदेशी बॉन्ड के माध्यम से 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर की बड़ी पूंजी जुटाई है। यह राशि बैंक के विस्तार योजनाओं को वित्तपोषण करने में मदद करेगी।
बैंक ने नियामक जानकारी में बताया कि यह निर्गम जीआईएफटी सिटी शाखा के माध्यम से पूरा किया गया है। जारी किए गए बॉन्ड वरिष्ठ असुरक्षित श्रेणी के हैं। निजी क्षेत्र के इस प्रमुख ऋणदाता ने दो अलग-अलग बॉन्ड जारी किए हैं। पहले बॉन्ड से 500 दस लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए गए हैं। इसकी कूपन दर 5.159 फीसदी है और यह तीन वर्ष में परिपक्व होगा। शेष 1.25 अरब अमेरिकी डॉलर पांच वर्षीय बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इस बॉन्ड पर 5.4 फीसदी की कूपन दर लागू होगी। इन बॉन्ड को इंडिया आईएनएक्स और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर सूचीबद्ध किया जाएगा। यह कदम बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा।
बैंक ने यह पूंजी क्यों जुटाई है?
एचडीएफसी बैंक ने अपनी कारोबार वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए यह पूंजी जुटाई है। बैंक अपनी ऋण देने की क्षमता का विस्तार करना चाहता है। इससे ग्राहकों को अधिक वित्तीय सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। यह पूंजी बैंक को नए बाजारों में प्रवेश करने में भी सहायता करेगी। बैंक की दीर्घकालिक रणनीतिक योजनाओं के लिए यह निवेश महत्वपूर्ण है।
बॉन्ड निर्गम की मुख्य बातें क्या हैं?
बैंक ने कुल 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर के वरिष्ठ असुरक्षित बॉन्ड जारी किए हैं। इसमें 500 दस लाख अमेरिकी डॉलर के बॉन्ड की परिपक्वता अवधि तीन वर्ष है। इन बॉन्ड पर 5.159 फीसदी की कूपन दर मिलेगी। वहीं, 1.25 अरब अमेरिकी डॉलर के बॉन्ड पांच वर्ष में परिपक्व होंगे। इन पर 5.4 फीसदी की कूपन दर लागू होगी। ये सभी बॉन्ड इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (आईएफएससी) लिमिटेड और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (एनएसई-आईएक्स) पर सूचीबद्ध होंगे।



