केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) निकट भविष्य में संपन्न होने की संभावना नहीं है। इसका मुख्य कारण कुछ उत्पादों के लिए बाजार पहुंच से जुड़ी गंभीर चिंताएं हैं। गोयल ने यह भी बताया कि कनाडा के साथ एफटीए वार्ता अच्छी प्रगति पर है। इस्राइल के साथ बातचीत पश्चिम एशिया संकट के बावजूद जारी है, हालांकि उसकी गति धीमी है। गोयल ने टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो 2026 के मौके पर बातें कही।
पीयूष गोयल ने वैश्विक आर्थिक मंदी की चिंताओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विजिटर्स की मेजबानी हुई है। यह भारत की आर्थिक सफलता की कहानी का साफ संकेत है। यह देश को ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय उद्योग को लगातार गुणवत्ता, स्केल और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया है। गोयल ने विश्वास जताया कि खिलौना उद्योग का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और यह उल्लेखनीय प्रगति के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्या भारत-पेरू एफटीए में देरी क्यों हो रही है?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते में देरी का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। भारत कई ऐसे उत्पादों के लिए पेरू को बाजार में पहुंच की पेशकश नहीं कर सकता है। दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। गोयल ने साफ किया कि उन्हें नहीं लगता कि पेरू के साथ एफटीए बहुत जल्द संभव हो पाएगा। यह मुद्दा दोनों पक्षों के लिए एक बड़ी बाधा है। भारत अपने घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा करना चाहता है।
कनाडा और इस्राइल के साथ व्यापार वार्ता की स्थिति क्या है?
पीयूष गोयल ने बताया कि कनाडा के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता अच्छी प्रगति कर रही है। वार्ता का अगला महत्वपूर्ण दौर सोमवार को शुरू होने वाला है। भारत सरकार अगले छह महीनों में इस समझौते को संपन्न करने का प्रयास कर रही है। यह दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को नई गति देगा। इस्राइल के साथ प्रस्तावित एफटीए पर भी बातचीत और चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण इसकी गति थोड़ी धीमी हो गई है। गोयल ने उम्मीद जताई कि शांति प्रक्रिया समाप्त होने के बाद वार्ता को तेज किया जा सकेगा। भारत दोनों देशों के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूरोपीय संघ के साथ व्यापार संबंधों पर क्या योजना है?
मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि वह विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रुसेल्स जाएंगे। वे यूरोपीय आयोग के साथ भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) संवाद में भाग लेंगे। गोयल ने कहा कि यह संवाद भारत द्वारा अंतिम रूप दिए गए मुक्त व्यापार समझौते का पूरक बनेगा। इसका उद्देश्य समझौते के क्रियान्वयन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। यह एफटीए को लागू करना आसान बनाएगा और उसके लाभों को हासिल करने में मदद करेगा। यह बैठक भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भविष्य के व्यापारिक संबंधों की नींव रखेगा।



