Lady Don News: अपराध की दुनिया में अक्सर ‘डॉन’ शब्द सुनते ही किसी खूंखार पुरुष चेहरे की तस्वीर जहन में आती है. लेकिन कई लेडी भी डॉन हुईं, जिन्होंने कानून, समाज और दुनिया को हिला कर रख दिया. उनका नाम सुनते ही न केवल आम पब्लिक बल्कि पुलिस-प्रशासन भी कांपने लगती है. उनकी गिरफ्तारी तो दूर उन्हें छूने में भी पुलिस एक बार के लिए सोचती है. पाकिस्तान की एक ऐसी डॉन की खूब चर्चा हो रही है.
कराची शहर में पिछले 17 सालों से अंडरवर्ल्ड और नशे के बाजार की कमान एक महिला के हाथों में थी. बलोच पारा की रहने वाली ‘अनमोल’ जो रईसों की महफिलों में ‘पिंकी’ के नाम से जानी जाती थी. गार्डन पुलिस ने बुधवार को इस ‘लेडी डॉन’ को गिरफ्तार कर लिया है. पिंकी शहर की सबसे सक्रिय कोकीन और ड्रग्स सप्लायर थी. लेकिन उसकी गिरफ्तारी ने पुलिस की कामयाबी से ज्यादा सिस्टम की उस नाकामी और मिलीभगत को उजागर किया है, जिसके साए में यह काला कारोबार दो दशकों तक फलता-फूलता रहा.
बलोच पारा की अनमोल से ‘पिंकी’ बनने का सफर
अनमोल की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है. उसने साल 2008 में अपने नेटवर्क की नींव रखी थी. उसने शुरुआत से ही आम सड़कों या छोटी बस्तियों में ड्रग्स बेचने के बजाय एक बेहद सोची-समझी रणनीति अपनाई. उसने अपना टारगेट कराची के सबसे अमीर और हाई-प्रोफाइल इलाकों – डिफेंस और क्लिफ्टन एरिया को बनाया.
पिंकी ने इन पॉश इलाकों में होने वाली रईसों की ‘प्राइवेट डांस पार्टियों’ में कोकीन की सप्लाई शुरू की. उसने ‘पिंकी’ नाम का एक ऐसा ब्रांड बनाया जो सीक्रेसी की गारंटी देता था. उसकी रणनीति साफ थी कि अमीर क्लाइंट पैसा मुंहमांगा देते हैं, माल की क्वालिटी पर कम किचकिच करते हैं, और सबसे बड़ी बात पुलिस की पूछताछ में कभी मुंह नहीं खोलते. इसी फॉर्मूले ने बलोच पारा की एक आम लड़की को कराची की लेडी डॉन बना दिया.
पिंकी डॉन को छूने से पुलिस भी डरती थी.
800 क्लाइंट्स, ऑनलाइन डिलीवरी
जैसे-जैसे पिंकी की पैठ हाई-सोसाइटी में बढ़ी, उसका नेटवर्क एक कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम करने लगा. गिरफ्तारी के समय तक उसके पास 800 से ज्यादा सक्रिय (Active) वीआईपी क्लाइंट्स का एक पुख्ता डेटाबेस था.
उसने अपने ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को इतना हाई-टेक कर लिया था कि इसमें पुरुष और महिला, दोनों तरह के एजेंट शामिल थे. उसका कोकीन नेटवर्क सिर्फ कराची तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य शहरों, नामी यूनिवर्सिटी कैंपस और कॉलेजों तक पहुंच गया. बदलते वक्त के साथ पिंकी ने ऑनलाइन चैनलों के जरिए भी नशे की डिलीवरी शुरू कर दी थी.
पूरा परिवार ही था अपराध में शामिल
पिंकी का यह साम्राज्य रातों-रात खड़ा नहीं हुआ था. इसके पीछे उसके परिवार का भी बड़ा हाथ था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अनमोल उर्फ पिंकी के दो भाई पहले ही ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं और जेल की हवा खा रहे हैं. इससे यह साफ होता है कि यह सिंडिकेट पूरी तरह से एक ‘फैमिली बिजनेस’ की तरह चलाया जा रहा था.
बुटीक तो मुखौटा था
पिंकी के 17 साल के निर्बाध सफर में पहला बड़ा ब्रेकर पिछले साल आया, जब कराची में मशहूर अरमुघान केस का पर्दाफाश हुआ. इस केस ने एलिट क्लास (अमीर वर्ग) तक पहुंचने वाली ड्रग्स सप्लाई चेन की पोल खोल दी थी. पुलिस की दबिश बढ़ने लगी तो शातिर पिंकी ने कराची छोड़ दिया. वह पुलिस की रडार से बचने के लिए लाहौर और इस्लामाबाद के बीच ठिकाने बदलने लगी. लेकिन उसने अपना धंधा बंद नहीं किया, बल्कि ‘रिमोट कंट्रोल’ से इसे ऑपरेट करने लगी. अपने काले धन को सफेद करने और दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसने लाहौर में एक ‘क्लोदिंग बिजनेस’ (कपड़ों का व्यापार) शुरू कर दिया.
गिरफ्तारी या VIP मेहमाननवाजी?
बुधवार को जब गार्डन पुलिस ने आखिरकार पिंकी को गिरफ्तार किया, तो कोर्टरूम के बाहर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया. 17 साल तक शहर की रगों में नशा घोलने वाली इस लेडी डॉन के हाथों में हथकड़ी तक नहीं थी! चश्मदीदों के मुताबिक, पिंकी को किसी खतरनाक मुजरिम की तरह नहीं, बल्कि एक वीआईपी मेहमान की तरह कोर्ट में पेश किया गया. एक पुलिस अधिकारी बड़े ही अदब से उसे रास्ता दिखाते हुए ले जा रहा था. बिना किसी बेल हियरिंग के गिरफ्तारी के पहले ही दिन ऐसा शाही प्रोटोकॉल मिलना सीधे तौर पर सिस्टम पर सवाल उठाता है. यह इस बात का सबूत था कि पिंकी के तार पुलिस और प्रशासन में कितने ऊपर तक जुड़े हुए थे.
सिस्टम की नाकामी का जीता-जागता सबूत
पिंकी की कहानी का सबसे खौफनाक पहलू यह नहीं है कि उसने कितना ड्रग्स बेचा, बल्कि यह है कि वह कराची के उन इलाकों में 17 साल तक यह सिंडिकेट चलाती रही जो सबसे ज्यादा ‘सुरक्षा और सर्विलांस’ वाले माने जाते हैं. 800 क्लाइंट्स, ऑनलाइन सेल, यूनिवर्सिटी कैंपस में डिलीवरी और कई शहरों तक फैला नेटवर्क कभी भी ‘अदृश्य’ होकर नहीं चलाया जा सकता.
कराची पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई ‘लेडी डॉन’ का असली नाम क्या है
गिरफ्तार महिला का असली नाम अनमोल है, जो ड्रग्स और कोकीन की काली दुनिया में ‘पिंकी’ के नाम से मशहूर थी. वह कराची के बलोच पारा इलाके की रहने वाली है.
पिंकी ने अपने ड्रग्स नेटवर्क की शुरुआत कब और कैसे की थी?
पिंकी ने साल 2008 में कराची के सबसे पॉश इलाकों- डिफेंस और क्लिफ्टन की एलीट ‘प्राइवेट डांस पार्टियों’ में कोकीन की सप्लाई करके अपने नेटवर्क की शुरुआत की थी.
पिंकी की कोर्ट में पेशी के दौरान क्या बड़ा विवाद खड़ा हुआ?
गिरफ्तारी के बाद जब पिंकी को कोर्ट में पेश किया गया, तो पुलिस ने उसे हथकड़ी नहीं लगाई थी. एक पुलिस अधिकारी उसे एस्कॉर्ट करते हुए ले जा रहा था. इस ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ ने पुलिस और ड्रग माफिया के बीच मिलीभगत के गंभीर सवाल खड़े कर दिए.
पिंकी का यह ड्रग नेटवर्क कितना बड़ा था?
पिंकी का नेटवर्क बेहद संगठित था जिसमें पुरुष और महिला दोनों तरह के ऑपरेटिव शामिल थे. उसके 800 से ज्यादा वीआईपी क्लाइंट्स थे और वह ऑनलाइन चैनलों के जरिए यूनिवर्सिटी कैंपस और कॉलेजों तक भी ड्रग्स सप्लाई करती थी.



