रिलायंस की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में मुकेश अंबानी ने कहा कि बीते छह साल अत्यधिक अस्थिर और अनिश्चित रहे हैं। उन्होंने भारत को दुनिया के सबसे लचीले देशों में से एक बताया। अंबानी ने जोर दिया कि भारत ने अतीत के सबसे बुरे संकटों को पार किया है। उन्होंने भावी योजनाओं को लेकर कहा कि रिलायंस पेय पदार्थों और दैनिक आवश्यक वस्तुओं से लेकर ताजे फलों और वस्त्र निर्माण तक मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण मंच भी स्थापित करेगा।
भारत की भावी भूमिका को लेकर क्या बोले अंबानी?
मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में भारत सभी देशों का मित्र, शांति को बढ़ावा देने वाला और संतुलन बनाने वाला बनेगा। अंबानी ने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास तेज करने होंगे। उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दे दी है। यह दस्तावेज शुक्रवार को सेबी के पास दाखिल किया जाएगा।
जियो की लिस्टिंग से दुनिया के सामने कौन सी मिसाल?
जियो की लिस्टिंग से दुनिया देखेगी कि भारत वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां बना सकता है। भारत को एआई का केवल यूजर या उपभोक्ता नहीं बनना चाहिए। इसे एआई का निर्माता, अपनाने वाला और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने वाला बनना होगा।
रिलायंस की 49वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान और क्या पता लगा?
- विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक जियो का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा होने के आसार हैं।
- इसका मूल्यांकन 130-180 अरब अमेरिकी डॉलर होने की संभावना है।
- जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) का 66.43% पेड-अप शेयर कैपिटल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के पास।
- शेष 33.57 प्रतिशत हिस्सेदारी में मेटा और गूगल के पास 17.71 फीसदी।
जियो प्लेटफॉर्म्स और कौन सी नई पहल करने वाला है?
एजीएम के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने भी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स एक संप्रभु लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रह समूह विकसित करने पर विचार कर रहा है। कंपनी भारत में अपना खुद का ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी। यह पहल देश की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगी। यह भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



