Last Updated:
Jaipur News: जयपुर के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है. मृतका के भाई राकेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि हत्या से पहले घर में चोरी और कब्जे की कोशिश को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई. परिजनों ने चोरी की घटना और हत्या के बीच संभावित कनेक्शन की जांच की मांग की है. साथ ही विजय शर्मा की मौत को भी संदिग्ध बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CID-CB से कराने की मांग उठाई है.
जयपुर. राजधानी के चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है. मृतका के भाई राकेश शर्मा ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से पहले दर्ज कराई गई घर में हुई चोरी की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह वारदात टाली जा सकती थी. साथ ही उन्होंने अपनी बहन के पति विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत को भी संदिग्ध बताते हुए दोनों मामलों की जांच सीआईडी-सीबी से कराने की मांग की है.
राकेश शर्मा के अनुसार, 1 मार्च 2026 को नीरज शर्मा ने सांगानेर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में घर का ताला तोड़ने, कब्जे की कोशिश करने और सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य सामान चोरी होने की बात कही गई थी. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की. उनका दावा है कि चोरी हुए पैसों का इस्तेमाल बाद में हत्या की साजिश रचने में किया गया.
मामले में पहले ही हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2026 को प्रतापनगर थाना क्षेत्र में 45 वर्षीय नीरज शर्मा की स्कॉर्पियो की टक्कर से मौत हो गई थी. शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या थी. पुलिस ने इस मामले में नीरज शर्मा की बेटी आयुषी शर्मा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, आयुषी का चचेरा भाई बलराम अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है.
सरकारी नौकरी बना हत्या का कथित कारण
पुलिस जांच के अनुसार, आयुषी शर्मा एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी और अपनी मां की सरकारी नौकरी हासिल करने की मंशा से इस वारदात की साजिश रची गई. पुलिस का दावा है कि इसी उद्देश्य से हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई. राकेश शर्मा का कहना है कि अब उनकी बहन के पति विजय शर्मा की वर्ष 2025 में हुई मौत पर भी संदेह गहरा गया है. उन्होंने मांग की कि दोनों मामलों की एक साथ निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके. परिवार का यह भी आरोप है कि पूरे मामले में आयुषी शर्मा को मुख्य आरोपी बनाकर एकतरफा कहानी पेश करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे वास्तविक साजिश क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
About the Author

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



