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Women Reservation Amendment Bill LIVE : आज लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन


Women Reservation Amendment Bill LIVE : आज लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन | Women Reservation Bill Live Nari Shakti Vandan Adhiniyam Lok Sabha, Delimitation Bill, PM Modi Speech Latest Updates Hindi – Hindi Oneindia



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Aaj Ka Mausam: असम-बंगाल समेत 13 राज्यों में आंधी-पानी की आशंका, चलेंगी तूफानी हवाएं


Aaj Ka Mausam: असम-बंगाल समेत 13 राज्यों में आंधी-पानी की आशंका, चलेंगी तूफानी हवाएं | IMD Weather Forecast Today 16 April 2026 Aaj Ka Mausam Heat Wave Alert UP, Rain expected Assam, West Bengal, JK-UTT in Hindi – Hindi Oneindia



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ममता ने कहा- दिल्ली के जमींदारों को मुंहतोड़ जवाब दें: अमित शाह बोले- घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से हटाया, अब देश से निकालेंगे




पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को बंगाली नव वर्ष के अवसर पर लोगों को ‘पोइला बोइशाख’ की शुभकामनाएं दीं और मतदाताओं से कहा कि वे दिल्ली के जमींदारों द्वारा लोगों के मतदान के अधिकार छीनने के प्रयासों का मुंहतोड़ जवाब दें। वहीं, कूचबिहार जिले के तूफानगंज में एक सभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- वोटर लिस्ट से घुसपैठियों के नाम हटाए गए हैं, अब उन्हें देश की सीमा से बाहर करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार बॉर्डर फेंसिंग के लिए जरूरी 600 एकड़ जमीन BSF को नहीं देना चाहती। BJP का मुख्यमंत्री बनने के बाद 45 दिनों के भीतर फेंसिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। सीएम ममता बनर्जी ने भी दावा किया कि बुधवार को कोलकाता एयरपोर्ट जाते समय केंद्रीय बलों ने उनकी गाड़ी की जांच करने की कोशिश की। उन्होंने कहा—अगर हिम्मत है तो रोज मेरी गाड़ी चेक करें। इस्लामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री-गृहमंत्री की कार की जांच क्यों नहीं होती? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सेंट्रल मिनिस्टर पैसा लेकर आते हैं। चुनाव से जुड़े कल के 3 अपडेट्स… 1. भाजपा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में मातृशक्ति भरोसा कार्ड लॉन्च किया। सरकार बनने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3,000 देने का वादा किया गया है। कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी और स्मृति ईरानी मौजूद रहीं। 2. चुनाव आयोग 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 2,407 कंपनियां तैनात करेगा, जिसमें सबसे ज्यादा जवान मुर्शिदाबाद के लिए रखे जाने की संभावना है। 3. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चुनाव प्रचार के लिए पूर्वी वर्धमानपुर पहुंची। यहां इन्होंने हथकरघा कारीगर सुकुमार हलदर के घर खाना खाया।



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Samay Raina Caste: क्या है स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना की जाति-धर्म? खुद को ‘डेड बॉडी’ जैसा क्यों कहा?


Samay Raina Caste: क्या है स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना की जाति-धर्म? खुद को ‘डेड बॉडी’ जैसा क्यों कहा? | samay raina caste what religion stand up comedian follow why he describe himself as dead body – Hindi Oneindia



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Aviation: छुट्टियों पर लगा महंगाई का ग्रहण, पश्चिम एशिया संकट से विमानन क्षेत्र को ₹18000 करोड़ का नुकसान


क्या आप गर्मियों की छुट्टियां मनाने विदेश जाने की सोच रहे हैं? या हाल ही में आपने हवाई टिकट बुक करते समय अचानक बढ़े हुए किरायों पर गौर किया है? इसकी वजह सिर्फ घरेलू महंगाई नहीं है, बल्कि आपके शहर से हजारों किलोमीटर दूर चल रहा पश्चिम एशिया का तनाव है। इस अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक संकट ने न सिर्फ वैश्विक व्यापार को प्रभावित किया है, बल्कि भारतीय विमानन और पर्यटन क्षेत्र को भी सीधे तौर पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि विदेशी जमीन पर हो रहा यह तनाव आपकी जेब और देश के पर्यटन कारोबार पर कैसे भरी पड़ रहा है।

सवाल : पश्चिम एशिया के तनाव से भारतीय एविएशन को कितना और कैसे नुकसान हुआ है?

जवाब: पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट से भारत के एविएशन सेक्टर को करीब ₹18,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। दरअसल, पश्चिम एशिया के प्रमुख हवाई रास्ते (कॉरिडोर) दुनिया के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक हैं, लेकिन युद्ध के कारण वहां उड़ान भरना सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके चलते एयरलाइंस को उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं या अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है, जिससे उड़ान के समय में 2 से 4 घंटे तक की बढ़ोतरी हुई है।

सवाल: उड़ान का समय बढ़ने का आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ रहा है?

जवाब: इसका सीधा असर आपकी जेब पर हवाई किराये के रूप में पड़ रहा है। एयरलाइन कंपनियों के कुल ऑपरेटिंग (संचालन) खर्च में 35-40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ विमानन ईंधन (एटीएफ) का होता है। जब फ्लाइट्स को लंबे रास्ते से जाना पड़ता है, तो ईंधन की खपत काफी बढ़ जाती है। इस बढ़ी हुई लागत का बोझ एयरलाइंस आखिर में यात्रियों पर ही डालती हैं, जिससे फ्लाइट के टिकट महंगे हो गए हैं।

सवाल: क्या विदेशी और भारतीय पर्यटकों के घूमने-फिरने के प्लान में भी कोई बदलाव आया है?

जवाब: बिल्कुल। वैश्विक अनिश्चितता के डर से विदेशी पर्यटकों के भारत आने में 15 से 20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, विदेश घूमने जाने वाले भारतीय भी अब सतर्क हो गए हैं। अब भारतीय पर्यटक यूरोप या अमेरिका जैसे लंबी दूरी वाले देशों के बजाय थाईलैंड, सिंगापुर और वियतनाम जैसे कम दूरी वाले देशों की छोटी छुट्टियां मनाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

सवाल: विदेशी पर्यटक घटने से होटल और रेस्तरां कारोबार की स्थिति कैसी है?

जवाब: होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर भारी दबाव से गुजर रहे हैं। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के आंकड़ों के मुताबिक, आयातित सामग्री, लॉजिस्टिक और ऊर्जा के महंगे होने से रेस्तरां वालों की लागत 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। विदेशी पर्यटकों की कमी से प्रीमियम होटलों और डाइनिंग की कमाई घटी है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि घरेलू लोग अभी भी खूब यात्राएं कर रहे हैं और ऑनलाइन फूड डिलीवरी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे इस सेक्टर को एक बड़ा सहारा मिला हुआ है।

सवाल: इस संकट के असर को कम करने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?

जवाब: रिपोर्ट में सरकार और उद्योग जगत को कुछ अहम सुझाव दिए गए हैं:


  • विवादित क्षेत्रों से हटकर नए सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग खोजे जाएं।

  • विमानन ईंधन (एटीएफ), होटल और फूड सर्विस पर लगने वाले टैक्स को तर्कसंगत किया जाए।

  • टूरिज्म से जुड़े छोटे उद्योगों (एमएसएमई) को आसान शर्तों पर लोन दिया जाए।

  • वीजा प्रक्रिया को तेज करने के साथ-साथ घरेलू पर्यटन (घरेलू पर्यटन) के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाए।

अब आगे क्या?

पश्चिम एशिया के इस भू-राजनीतिक संकट ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया के किसी भी कोने में हो रही घटना का असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। हालांकि घरेलू मांग ने भारतीय बाजार को संभाला हुआ है, लेकिन लंबी अवधि में भारत को अपने टूरिज्म इकोसिस्टम को और अधिक लचीला और विविध बनाने की जरूरत है।





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बच्चों की गर्मी छुट्टियों को बनाएं यादगार,दिल्ली की इन 5 जगहों पर जरूर ले जाएं


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इन छुट्टियों में बच्चों के लिए दिल्ली किसी जादुई पिटारे से कम नहीं है. यहां मनोरंजन के साथ ज्ञान का अनोखा संगम मिलेगा. विज्ञान के रहस्यों से लेकर रोमांचक सैर तक, बच्चों के लिए बहुत कुछ खास है. लेख में जानें उन 5 जगहों के बारे में जो आपकी छुट्टियों को यादगार बना देंगी.

गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आने लगती है. ऐसे में हर माता-पिता की कोशिश होती है कि बच्चों को कुछ नया दिखाया जाए, जहां वे सीखें भी और एंजॉय भी करें. राजधानी दिल्ली में ऐसी कई जगहें हैं, जहां बच्चों के लिए मस्ती, ज्ञान और रोमांच तीनों का बेहतरीन मेल देखने को मिलता है. आइए जानते हैं दिल्ली की 5 ऐसी खास जगहों के बारे में, जहां इस समर वेकेशन बच्चों को जरूर लेकर जाएं.

Science Museum

प्रगति मैदान के पास स्थित यह सेंटर बच्चों के लिए बेहद रोचक है. यहां साइंस के मॉडल्स, इंटरएक्टिव गेम्स और 3D शो बच्चों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करते हैं. यह जगह बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उनके ज्ञान को भी बढ़ाती है.सिर्फ ₹30 में, आप बच्चों को मजेदार अनुभव के ज़रिए दिलचस्प इतिहास और इतिहास से परिचित करा सकते हैं. इसके अलावा, साइंस म्यूज़ियम के अंदर एक कैंटीन भी है जहां आप खाने का मज़ा ले सकते हैं.

Doll Museum

आईटीओ के पास स्थित Shankar’s International डॉल म्यूजियम बच्चों के लिए किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है. यहां 85 से ज्यादा देशों की हजारों खूबसूरत गुड़ियां प्रदर्शित हैं, जो अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं को दर्शाती हैं. हर डॉल की अपनी खास पोशाक Shankar’s International Dolls Museum स्टाइल बच्चों को काफी आकर्षित करती है. यह म्यूजियम बच्चों को दुनिया की विविधता से परिचित कराने का शानदार जरिया है, जहां वे खेल-खेल में अलग-अलग देशों के बारे में जान सकते हैं.

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नेहरू तारामंडल

तीन मूर्ति भवन के पास स्थित नेहरू तारामंडल बच्चों के लिए बेहद रोमांचक जगह है. यहां बच्चे अंतरिक्ष, ग्रहों और तारों के बारे में दिलचस्प तरीके से सीखते हैं. डोम थिएटर में होने वाले स्पेस शो बच्चों को ब्रह्मांड की सैर कराते हैं, जो उनके लिए यादगार अनुभव बनता है. यह जगह विज्ञान और खगोल विज्ञान में रुचि बढ़ाने का शानदार माध्यम है, जहां बच्चे खेल-खेल में अंतरिक्ष की अनोखी दुनिया को समझते हैं.

Delhi Zoo

दिल्ली का यह चिड़ियाघर बच्चों के लिए सबसे पसंदीदा घूमने की जगहों में से एक है. यहां शेर, बाघ, हाथी, भालू और कई दुर्लभ पक्षियों को करीब से देखने का मौका मिलता है. बड़े क्षेत्र में फैला यह ज़ू हरियाली से घिरा हुआ है, जहां बच्चे प्रकृति के बीच समय बिताते हैं. साथ ही, उन्हें जानवरों की आदतों और उनके संरक्षण के बारे में भी सीखने को मिलता है, जिससे यह जगह मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान का भी बेहतरीन केंद्र बन जाती है.

Rail Museum

चाणक्यपुरी स्थित रेल म्यूजियम बच्चों के लिए बेहद खास जगह है, जहां वे भारत की रेलवे विरासत को करीब से देख सकते हैं. यहां 100 से ज्यादा पुराने इंजन और कोच प्रदर्शित हैं, जो देश के रेल इतिहास की कहानी बताते हैं. बच्चों के लिए टॉय ट्रेन की सवारी सबसे बड़ा आकर्षण होती है, जिसमें बैठकर वे पूरे म्यूजियम का चक्कर लगाते हैं. इसके अलावा यहां इंटरएक्टिव गैलरी और मॉडल्स भी हैं, जो बच्चों को मनोरंजन के साथ ज्ञान देते हैं. यह जगह बच्चों को इतिहास, तकनीक और रोमांच तीनों का अनूठा अनुभव कराती है.



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Q4 Results: विप्रो का चौथी तिमाही का मुनाफा 1.8% गिरकर 3502 करोड़ रुपये हुआ, जानिए कंपनी ने क्या एलान किया


विप्रो ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 1.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए इसे 3,501.8 करोड़ रुपये बताया। आईटी कंपनी का पिछले वर्ष की इसी अवधि का मुनाफा 3,569.6 करोड़ रुपये था।

नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में परिचालन से राजस्व 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गया। पिछले दिसंबर तिमाही की तुलना में, लाभ और राजस्व में क्रमशः 12.2 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विप्रो ने 13,197.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 2024-25 की तुलना में मामूली 0.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026 में राजस्व 3.96 प्रतिशत बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये हो गया।

विप्रो के सीईओ और एमडी श्रीनि पल्लिया ने कहा, “एआई में हो रही प्रगति ग्राहकों की प्राथमिकताओं को नया आकार दे रही है और मूल्य-आधारित परिणाम देने के लिए हमें और अधिक गहन साझेदारी करने के नए अवसर प्रदान कर रही है। एआई-प्रधान दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए, हम एआई नेटिव बिजनेस एंड प्लेटफॉर्म्स यूनिट के माध्यम से सर्विसेज-एज़-ए-सॉफ्टवेयर मॉडल की ओर अग्रसर हो रहे हैं। ओलाम ग्रुप के साथ हमारा रणनीतिक समझौता व्यापक स्तर पर अवसरों का लाभ उठाने के लिए किए जा रहे हमारे निर्णायक निवेशों को और दर्शाता है,” 

गुरुवार को बीएसई पर विप्रो के शेयर 0.19 प्रतिशत बढ़कर 210.20 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। बाजार बंद होने के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की गई।

आईटी सेवाओं की दिग्गज कंपनी विप्रो ने गुरुवार को 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की, जो शेयर के अंतिम बंद भाव से 19% अधिक है। यह लगभग तीन वर्षों में आईटी क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी द्वारा की गई पहली शेयर बायबैक योजना है। विप्रो के बोर्ड ने कुल चुकता शेयर पूंजी के 5.7% के बराबर, अधिकतम 60 करोड़ शेयरों की बायबैक योजना को मंजूरी दी है, जिसकी कुल राशि 15,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।



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खबर हटके- 100 रोबोट मैराथन में दौड़ेंगे: सफाई में मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका; चेहरा पढ़कर खाना देने वाला AI रेस्टोरेंट




चीन में 100 रोबोट 21 किलोमीटर की मैराथन में दौड़ेंगे। वहीं, ब्रिटेन में घर की सफाई के दौरान मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका। उघर, चीन के एक रेस्टोरेंट में लोगों का चेहरा पढ़कर खाना दिया जा रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…



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आज का सिंह राशिफल 16 अप्रैल 2026: मुश्किलों का करें डटकर सामना, कैसा रहेगा करियर?


आज का सिंह राशिफल 16 अप्रैल 2026: मुश्किलों का करें डटकर सामना, कैसा रहेगा करियर? | Aaj Ka Singh Rashifal 16 April 2026: ऊर्जावान दिन, भावनाओं पर नियंत्रण और पुराने मसले – Hindi Oneindia



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MoU: भारत-ऑस्ट्रिया के बीच व्यापार, निवेश और रक्षा संबंधों से जुड़े छह अहम समझौते, बना फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म


भारत और ऑस्ट्रिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल छह समझौतों, समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और सहमति पत्रों (एलओआई) का आदान-प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऑस्ट्रियाई चांसलर के सम्मान में आयोजित एक विशेष लंच के बाद इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया।

सरकार की ओर से क्या बताया गया?

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस उच्च स्तरीय दौरे पर एक विशेष ब्रीफिंग में बताया कि हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापक बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को कवर किया और आपसी हित के क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया। 

भारत-ऑस्ट्रिया के बीच समझौतों का किस क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?

व्यापारिक जगत के लिए इस वार्ता का सबसे बड़ा आकर्षण निवेश और उद्योग से जुड़े फैसले रहे:


  • निवेश के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म: दोनों देशों की ओर से द्विपक्षीय निवेश को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक ‘फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ (त्वरित तंत्र) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए एक-दूसरे के देश में पूंजी प्रवाह और व्यापार करना ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • खाद्य सुरक्षा और मानक: दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा और मानकों पर एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और कृषि व्यापार से जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य अहम समझौते

भारत और ऑस्ट्रिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी का दायरा बढ़ाते हुए कई अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की रूपरेखा तैयार की है:


  • रक्षा और तकनीक क्षेत्र: सैन्य मामलों, रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी साझेदारी में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर मुहर लगी है। यह समझौता इस साल जनवरी में हस्ताक्षरित ‘भारत-ईयू रक्षा और सुरक्षा साझेदारी’ के आधार पर आगे बढ़ेगा।

  • ऑडियो-विजुअल और मीडिया: मीडिया और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन’ के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है।

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग: अंतरिक्ष उद्योग को नई गति देने के लिए दोनों पक्ष वर्ष 2026 में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में एक संयुक्त रूप से द्विपक्षीय अंतरिक्ष उद्योग सेमिनार आयोजित करने पर सहमत हुए हैं। 

  • रोजगार और शांति स्थापना: युवाओं और पेशेवरों की गतिशीलता के लिए ‘वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम’ को शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ‘इंडिया सेंटर फॉर यूएन पीसकीपिंग’ (संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के लिए भारत केंद्र) और ‘ऑस्ट्रियाई आर्म्ड फोर्सेज इंटरनेशनल सेंटर’ के बीच एक नई साझेदारी का भी ऐलान किया गया है।

कुल मिलाकर, ऑस्ट्रियाई चांसलर की यह भारत यात्रा दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। विशेषकर निवेश के लिए स्थापित किया गया ‘फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ और रक्षा व अंतरिक्ष उद्योग में होने वाले संयुक्त प्रयास आने वाले समय में दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय के लिए नए और मजबूत अवसर पैदा करेंगे।



समझौतों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”



पीएम मोदी ने कहा कि चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।



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