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खबर हटके- 100 रोबोट मैराथन में दौड़ेंगे: सफाई में मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका; चेहरा पढ़कर खाना देने वाला AI रेस्टोरेंट




चीन में 100 रोबोट 21 किलोमीटर की मैराथन में दौड़ेंगे। वहीं, ब्रिटेन में घर की सफाई के दौरान मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका। उघर, चीन के एक रेस्टोरेंट में लोगों का चेहरा पढ़कर खाना दिया जा रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…



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आज का सिंह राशिफल 16 अप्रैल 2026: मुश्किलों का करें डटकर सामना, कैसा रहेगा करियर?


आज का सिंह राशिफल 16 अप्रैल 2026: मुश्किलों का करें डटकर सामना, कैसा रहेगा करियर? | Aaj Ka Singh Rashifal 16 April 2026: ऊर्जावान दिन, भावनाओं पर नियंत्रण और पुराने मसले – Hindi Oneindia



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MoU: भारत-ऑस्ट्रिया के बीच व्यापार, निवेश और रक्षा संबंधों से जुड़े छह अहम समझौते, बना फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म


भारत और ऑस्ट्रिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल छह समझौतों, समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और सहमति पत्रों (एलओआई) का आदान-प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऑस्ट्रियाई चांसलर के सम्मान में आयोजित एक विशेष लंच के बाद इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया।

सरकार की ओर से क्या बताया गया?

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस उच्च स्तरीय दौरे पर एक विशेष ब्रीफिंग में बताया कि हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यापक बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं को कवर किया और आपसी हित के क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया। 

भारत-ऑस्ट्रिया के बीच समझौतों का किस क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?

व्यापारिक जगत के लिए इस वार्ता का सबसे बड़ा आकर्षण निवेश और उद्योग से जुड़े फैसले रहे:


  • निवेश के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म: दोनों देशों की ओर से द्विपक्षीय निवेश को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक ‘फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ (त्वरित तंत्र) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए एक-दूसरे के देश में पूंजी प्रवाह और व्यापार करना ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • खाद्य सुरक्षा और मानक: दोनों देशों ने खाद्य सुरक्षा और मानकों पर एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और कृषि व्यापार से जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

रक्षा, अंतरिक्ष और अन्य अहम समझौते

भारत और ऑस्ट्रिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी का दायरा बढ़ाते हुए कई अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की रूपरेखा तैयार की है:


  • रक्षा और तकनीक क्षेत्र: सैन्य मामलों, रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी साझेदारी में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर मुहर लगी है। यह समझौता इस साल जनवरी में हस्ताक्षरित ‘भारत-ईयू रक्षा और सुरक्षा साझेदारी’ के आधार पर आगे बढ़ेगा।

  • ऑडियो-विजुअल और मीडिया: मीडिया और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन’ के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है।

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग: अंतरिक्ष उद्योग को नई गति देने के लिए दोनों पक्ष वर्ष 2026 में ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में एक संयुक्त रूप से द्विपक्षीय अंतरिक्ष उद्योग सेमिनार आयोजित करने पर सहमत हुए हैं। 

  • रोजगार और शांति स्थापना: युवाओं और पेशेवरों की गतिशीलता के लिए ‘वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम’ को शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ‘इंडिया सेंटर फॉर यूएन पीसकीपिंग’ (संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना के लिए भारत केंद्र) और ‘ऑस्ट्रियाई आर्म्ड फोर्सेज इंटरनेशनल सेंटर’ के बीच एक नई साझेदारी का भी ऐलान किया गया है।

कुल मिलाकर, ऑस्ट्रियाई चांसलर की यह भारत यात्रा दोनों देशों के आर्थिक और सामरिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत है। विशेषकर निवेश के लिए स्थापित किया गया ‘फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म’ और रक्षा व अंतरिक्ष उद्योग में होने वाले संयुक्त प्रयास आने वाले समय में दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय के लिए नए और मजबूत अवसर पैदा करेंगे।



समझौतों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”



पीएम मोदी ने कहा कि चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।



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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 600 अंक चढ़कर फिसला, निफ्टी 24200 से नीचे आया


बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kumar Vivek

Updated Thu, 16 Apr 2026 03:27 PM IST

The Bonus Market Update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 600 अंक चढ़कर फिसला, निफ्टी 24200 से नीचे आया



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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स 600 अंक चढ़कर फिसला, निफ्टी 24200 से नीचे आया


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Pension: पेंशन की गाढ़ी कमाई होगी और सुरक्षित, काले धन पर नकेल कसने के लिए FIU-IND और PFRDA के बीच बड़ा समझौता


आम आदमी के जीवन भर की बचत और पेंशन फंड को वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। भारत में मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को वैध बनाने) और वित्तीय अपराधों के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूत करते हुए ‘फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया’ (एफआईयू-आईएनडी) और ‘पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (पीएफआरडीए) ने एक व्यापक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार का सीधा मकसद सूचनाओं को साझा करके पेंशन सिस्टम में पारदर्शिता लाना और संदिग्ध लेन-देन पर रोक लगाना है।

क्या हैं पीएफआरडीए और एफआईयू-आईएनडी?

आम निवेशक के लिहाज से यह जानना जरूरी है कि पीएफआरडीए भारत में ‘नेशनल पेंशन सिस्टम’ (एनपीएस) और ‘अटल पेंशन योजना’ (एपीवाई) सहित पूरे पेंशन सेक्टर का नियमन और विकास करता है। वहीं, एफआईयू-आईएनडी देश की वह केंद्रीय एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी प्राप्त करने, उसका विश्लेषण करने और मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम देती है। इस महत्वपूर्ण समझौते पर फआईयू-आईएनडी के निदेशक अमित मोहन गोविल और पीएफआरडीए के पूर्णकालिक सदस्य रणदीप सिंह जगपाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर पीएफआरडीए के अध्यक्ष शिवसुब्रमण्यम रमन भी मौजूद रहे। 

सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के लिए उठाए जाने वाले कदम

इस भागीदारी के तहत दोनों एजेंसियां मिलकर कई अहम मोर्चों पर काम करेंगी, जिनका सीधा फायदा पेंशन ढांचे की मजबूती में दिखेगा:


  • संदिग्ध लेन-देन की पहचान: मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग (एमएल/टीएफ) के जोखिमों का आकलन किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध लेन-देन को पकड़ने के लिए ‘रेड फ्लैग इंडिकेटर्स’ (खतरे के संकेत) तैयार किए जाएंगे।

  • कड़ी निगरानी: पेंशन सेक्टर से जुड़ी संस्थाओं द्वारा ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), इसके नियमों और पीएफआरडीए के दिशानिर्देशों का सही से पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी की जाएगी।

  • ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण: एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने (सीएफटी) से जुड़ी क्षमताओं को बेहतर करने के लिए आउटरीच और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। 

  • नोडल अधिकारियों की नियुक्ति: दोनों एजेंसियों के बीच लगातार संपर्क और बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए विशेष ‘नोडल अधिकारी’ और एक ‘वैकल्पिक नोडल अधिकारी’ नियुक्त किए जाएंगे।

  • नियमित समीक्षा और विदेशी एजेंसियों से सहयोग: अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए हर तिमाही बैठकें होंगी। इसके अलावा, ‘एगमोंट प्रिंसिपल्स’ के तहत विदेशी एफआईयू के साथ भी सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी।

आम आदमी को क्या फायदा?

पीएफआरडीए अपने अंतर्गत आने वाले मध्यस्थों जैसे- पेंशन फंड्स, सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों, ट्रस्टियों, एग्रीगेटर्स और पॉइंट ऑफ प्रेजेंस के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशन इकोसिस्टम का सुव्यवस्थित विकास और अंशधारकों (सब्सक्राइबर्स) के हितों की रक्षा करना है। 



इस समझौते से वित्तीय उप-क्षेत्रों में जोखिमों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि आम आदमी जो पैसा अपने रिटायरमेंट या भविष्य के लिए एनपीएस और एपीवाई जैसी योजनाओं में जमा कर रहा है, वह वित्तीय धोखाधड़ी और काले धन के खतरे से सुरक्षित रहेगा।



एफआईयू-आईएनडी और पीएफआरडीए के बीच हुआ यह रणनीतिक समझौता भारत के पेंशन सेक्टर को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह पहल न केवल वित्तीय अपराधों पर नकेल कसेगी, बल्कि आम लोगों का देश की नियामक संस्थाओं के प्रति भरोसा भी बढ़ाएगी।





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सेबी का बड़ा कदम: सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर एनपीओ के लिए नियमों में ढील, फंड जुटाना हुआ आसान


पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोशल स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सुधार लागू किए हैं। बुधवार को जारी एक सर्कुलर में, सेबी ने नॉट-फॉर-प्रॉफिट संगठनों (एनपीओ) के लिए रजिस्ट्रेशन की वैधता बढ़ाने और फंड जुटाने की शर्तों को आसान बनाने की घोषणा की है। इन कदमों का मुख्य उद्देश्य बाजार में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाना और उनके लिए धन जुटाने की प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

रजिस्ट्रेशन की अवधि में विस्तार

नियामक ने बिना फंड जुटाए सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर पंजीकृत रहने की सीमा को बढ़ा दिया है। पहले यह सीमा दो साल थी, जिसे अब बढ़ाकर अधिकतम तीन साल कर दिया गया है। सेबी ने यह फैसला एनपीओ द्वारा सामना की जाने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, जैसे वैधानिक और विनियामक मंजूरियों में होने वाली देरी, को ध्यान में रखते हुए लिया है। 

नए नियमों के अनुसार, कोई भी एनपीओ पंजीकरण की तारीख से दो साल तक बिना फंड जुटाए एक्सचेंज पर पंजीकृत रह सकता है। इसके बाद, सोशल स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) की मंजूरी के साथ इस अवधि को एक अतिरिक्त वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

फंड जुटाने की सीमा में कटौती

एनपीओ के लिए फंडरेजिंग में लचीलापन लाने के लिए, सेबी ने ‘जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल’ (जेडसीजेडपी) इंस्ट्रूमेंट्स के लिए न्यूनतम सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता को 75 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, नियामक ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स पर लागू होगी जहां लागत और परिणामों को प्रति-इकाई के आधार पर स्पष्ट रूप से लागू किया जा सकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आंशिक फंड मिलने से प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

सख्त निगरानी और रिफंड की शर्त

सेबी के दिशानिर्देशों के तहत, आंशिक फंडरेजिंग वाले मामलों में इन-प्रिंसिपल मंजूरी देने से पहले सोशल स्टॉक एक्सचेंज को उचित जांच करनी होगी। एक्सचेंज को यह सुनिश्चित करना होगा कि जुटाए गए फंड का सार्थक तरीके से उपयोग किया जा सके और प्रोजेक्ट के उद्देश्य व्यावहारिक बने रहें। इसके अलावा, यदि तय न्यूनतम सब्सक्रिप्शन प्राप्त नहीं होता है, तो निवेशकों का पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।

रिटेल निवेशकों की भागीदारी पर जोर

बाजार में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सेबी लगातार प्रयास कर रहा है। इससे पहले मार्च में भी सेबी बोर्ड ने सोशल इंपैक्ट फंड्स में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी आसान करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया था। नियामक ने एनपीओ के लिए फंड जुटाने को सुगम बनाने के उद्देश्य से न्यूनतम निवेश सीमा को 2 लाख रुपये से भारी कटौती करते हुए मात्र 1,000 रुपये कर दिया था। 

अब आगे क्या आउटलुक?

सेबी के इन ताजा सुधारों से सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर निवेश और भागीदारी दोनों के बढ़ने की उम्मीद है। छोटे निवेशकों के लिए निवेश सीमा घटाने और एनपीओ के लिए अनुपालन में ढील देने से भारत में सामाजिक परियोजनाओं के लिए पारदर्शी तरीके से फंड जुटाने के एक नए और सशक्त ढांचे का निर्माण होगा।



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गुरुग्राम निवासी ने कथित तौर पर भ्रष्ट अग्निशमन अधिकारी सज्जन कुमार के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई


गुरुग्राम निवासी ने कथित तौर पर भ्रष्ट अग्निशमन अधिकारी सज्जन कुमार के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई | गुरुग्राम निवासी ने भ्रष्ट अग्निशमन अधिकारी के खिलाफ हरियाणा के मुख्यमंत्री से शिकायत की – Hindi Oneindia



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Putin India visit: एक साल में दूसरी बार भारत आ रहे हैं पुतिन, पश्चिमी देशों की उड़ी नींद


Putin India visit: एक साल में दूसरी बार भारत आ रहे हैं पुतिन, पश्चिमी देशों की उड़ी नींद | vladimir putin visit india 2026 brics summit pm modi russia strategic partnership western reaction – Hindi Oneindia



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Kal Ka Match Kon Jeeta 15 April: आरसीबी vs लखनऊ सुपर जायंट्स, Who Won Yesterday Match


Cricket

oi-Naveen Sharma

Kal Ka Match Kon Jeeta: चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जाइंट्स (LSG) को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की टीम बेंगलुरु की धारदार गेंदबाजी के सामने बेबस नजर आई और 20 ओवरों में महज 146 रनों पर सिमट गई।

रसिक सलाम डार ने कातिलाना गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने 3 और क्रुणाल पांड्या ने 2 विकेट लेकर लखनऊ की कमर तोड़ दी। लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श ने सबसे ज्यादा 40 और मुकुल चौधरी ने 39 रनों का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छूने के लिए भी संघर्ष करते दिखे।

Kal Ka Match Kon Jeeta

147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की शुरुआत दमदार रही। विराट कोहली ने 34 गेंदों में 49 रनों की शानदार पारी खेलकर जीत की नींव रखी, हालांकि वह अपने अर्धशतक से महज एक रन दूर रह गए। मध्यक्रम में रजत पाटीदार ने सिर्फ 13 गेंदों में 27 रन और जितेश शर्मा ने 9 गेंदों में 23 रनों की तूफानी बल्लेबाजी कर मैच को पूरी तरह बेंगलुरु की मुट्ठी में कर लिया।

लखनऊ की ओर से प्रिंस यादव ने 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन वह बेंगलुरु के विजय रथ को रोकने में नाकाम रहे। बेंगलुरु ने मात्र 15.1 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और अपनी नेट रन रेट में भी बड़ा सुधार किया। हेजलवुड ने 20 रन देकर 1 विकेट झटका, इस इम्पैक्ट को देखते हुए उनको प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।

आरसीबी ने इसके साथ ही इस सीजन की यह चौथी जीत दर्ज कर ली। अंक तालिका में आरसीबी ने छलांग लगाते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया। लखनऊ सुपर जायंट्स तीन हार के साथ अब सातवें स्थान पर आ गई है, सबसे नीचे केकेआर है। केकेआर को अब भी पहली जीत की तलाश है।



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Pakistan Hamas Training: हमास के लड़ाके को ट्रेनिंग दे रहा है पाकिस्तान, पूर्व सीनेटर ने इंटरव्यू में कबूला


Pakistan Hamas Training: हमास के लड़ाके को ट्रेनिंग दे रहा है पाकिस्तान, पूर्व सीनेटर ने इंटरव्यू में कबूला | pakistan hamas training senator mushahid hussain admits palestinian fighters at navy war college india israel security concerns – Hindi Oneindia



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