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Vedanta Power Plant blast: पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार रुपये


Vedanta Power Plant blast: पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार रुपये | Vedanta Power Plant blast in Chhattisgarh PM announced compensation, Rs 2 lakh deceased families, Rs 50 thousand for injured. – Hindi Oneindia



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Kasganj में अंबेडकर शोभायात्रा पर पथराव, एक पुलिसकर्मी घायल, 10 लोग हिरासत में


Kasganj में अंबेडकर शोभायात्रा पर पथराव, एक पुलिसकर्मी घायल, 10 लोग हिरासत में | Kasganj Ambedkar Jayanti Stone-Pelting: Police Act Swiftly, 10 Arrested Amidst Political Motive Probe – Hindi Oneindia



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CSK vs KKR: शॉट लगाना चाहते थे संजू, हवा में उड़ गया बल्ला! चेपॉक में दिखा IPL 2026 का सबसे फनी मोमेंट


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Samrat Chaudhary के बिहार CM बनने पर क्‍या बोलीं श्रेयसी सिंह? मुख्‍यमंत्री पद की थीं दावेदार


Samrat Chaudhary के बिहार CM बनने पर क्‍या बोलीं श्रेयसी सिंह? मुख्‍यमंत्री पद की थीं दावेदार | Samrat Chaudhary is become Bihar CM, Shreyasi Singh reaction, she Was a contender for Chief Minister post – Hindi Oneindia



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Lakhimpur Khiri में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल, आगजनी-पथराव, CO की गाड़ी तोड़ी, महिला को पीटा


Lakhimpur Khiri में अंबेडकर मूर्ति टूटने पर बवाल, आगजनी-पथराव, CO की गाड़ी तोड़ी, महिला को पीटा | Lakhimpur Kheri Ambedkar Statue Row: Violence Erupt Reason? Stone-Pelting, Vehicle Damaged, Woman Beaten News Hindi – Hindi Oneindia



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PM Modi Donald Trump Call: ट्रंप ने PM मोदी से 40 मिनट की फोन पर बात, क्या भारत बनेगा शांतिदूत


PM Modi Donald Trump Call: ट्रंप ने PM मोदी से 40 मिनट की फोन पर बात, क्या भारत बनेगा शांतिदूत | pm modi donald trump call iran ceasefire strait of hormuz india peacemaker global security news – Hindi Oneindia



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Gautam Gambhir क्या छोड़ देंगे टीम इंडिया का साथ? आखिर कब तक संभालेंगे हेड कोच की जिम्मेदारी!


Gautam Gambhir क्या छोड़ देंगे टीम इंडिया का साथ? आखिर कब तक संभालेंगे हेड कोच की जिम्मेदारी! | Head Coach Gautam Gambhir Seeks Contract Extension Until 2028 T20 World Cup – Hindi Oneindia



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NSA डोभाल बोले-जंग का मकसद दुश्मन का मनोबल तोड़ना: देश की सुरक्षा सिर्फ सेना की ताकत से तय नहीं होती, जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी


गांधीनगर2 घंटे पहले

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राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना

  • डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं।
  • जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके।
  • इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी।
  • भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।
  • अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है।
  • इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया।

डोभाल को मानद PhD से नवाजा

युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।”

दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

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अजीत डोभाल दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस में कार्यक्रम में शामिल हुए।

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा, ‘किसी राष्ट्र की असली ताकत उसकी सरकारों की ताकत में होती है। बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल में हाल के शासन परिवर्तन खराब गवर्नेंस के उदाहरण हैं।’ पढ़ें पूरी खबर…

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NSA डोभाल बोले-जंग का मकसद दुश्मन का मनोबल तोड़ना: देश की सुरक्षा सिर्फ सेना की ताकत से तय नहीं होती, जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी


गांधीनगर51 मिनट पहले

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राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ उसकी सैन्य ताकत से तय नहीं होती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी है। देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती लोगों के मनोबल को नजरअंदाज करना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए डोभाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जटिल और मल्टी डायमेंशनल विषय है। इसमें सेना, तकनीक, संसाधन और कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

डोभाल ने कहा-राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।

युद्ध का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना

  • डोभाल ने कहा कि सोवियत संघ का अफगानिस्तान से 1988-89 में हटना, अमेरिका का वियतनाम से 1970 के दशक में पीछे हटना या अफगानिस्तान में अपने लक्ष्य हासिल न कर पाना, इन सबका कारण सैन्य या तकनीकी कमजोरी नहीं थी। असल वजह वहां के लोगों की भावना और प्रतिबद्धता थी, जिसे हम राष्ट्र की इच्छाशक्ति कहते हैं।
  • जंग का मुख्य उद्देश्य दुश्मन का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि उसे अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर किया जा सके।
  • इच्छाशक्ति को मजबूत करने में आम जनता की भूमिका सबसे अहम है। लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता जितनी ज्यादा होगी, देश की ताकत उतनी ही मजबूत होगी।
  • भारत में अब इस दिशा में बदलाव दिख रहा है और लंबे समय बाद नई जागरूकता आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे देश की जिम्मेदारी है।
  • अकादमिक, रिसर्च और ऑपरेशनल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का ज्ञान और तकनीकी क्षमता नतीजों को प्रभावित करती है।
  • इसमें सफल होने के लिए चरित्र, अनुशासन, मानसिक शक्ति और टीमवर्क बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रतिबद्धता को तीसरा जरूरी तत्व बताया।

डोभाल को मानद PhD से नवाजा

युवाओं को संदेश देते हुए डोभाल ने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें कोई सिल्वर मेडल नहीं होता। आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं।”

दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा में उनके योगदान के लिए मानद PhD की उपाधि भी दी। इस पर डोभाल ने आभार जताते हुए कहा कि वह इस सम्मान को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।

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