9 अप्रैल को कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। तब इन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
गुरुग्राम में 9 अप्रैल को सैलरी बढ़ाने को लेकर हुए प्रदर्शन में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि कंपनियों को पेट्रोल बम से जलाने की साजिश थी। बाहरी लोगों ने कर्मचारियों को तोड़फोड़ और आगजनी के लिए उकसाया था। वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी सामने आए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक के भरान निवासी आकाश, जींद के लखमीरवाला निवासी अजीत सिंह, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी हरीश चंद, बिहार के मधुबनी निवासी पिंटू कुमार यादव, उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर निवासी राजू सिंह और उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी श्यामबीर के रूप में हुई है। मामला मानेसर IMT स्थित कंपनियों से जुड़ा है।
वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट…
9 अप्रैल को कर्मचारियों ने प्रदर्शन शुरू किया
कुछ दिन पहले मानेसर IMT स्थित होंडा कंपनी में सैलरी बढ़ाने को लेकर स्ट्राइक हुई थी। इसके बाद 9 अप्रैल कोत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। हालांकि, होंडा कंपनी के समझौते के बाद काम पर लौट गए थे। दूसरी कंपनियों के कर्मचारी लौटने को तैयारी नहीं हुए थे।
पुलिस के लाठीचार्ज में 20 कर्मचारी घायल
कर्मचारी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस के समझाने के बाद भी कर्मचारी नहीं माने। इन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान 20 से ज्यादा कर्मचारियों को चोटें आईं। भड़के कर्मचारियों ने पुलिस की एक बाइक फूंक दी और गाड़ी पर पथराव किया। मानेसर थाने में तोड़फोड़ करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान करने पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पुलिस के लाठीचार्ज में 20 कर्मचारी घायल हुए थे।
जानिए आरोपियों के बारे में पुलिस ने क्या बताया….
कर्मचारियों को आगजनी के लिए उकसाया
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि बाहरी लोगों द्वारा साजिश के तहत श्रमिकों को तोड़फोड़ व आगजनी के लिए उकसाया गया था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी हड़ताल के दौरान कंपनियों और वाहनों में तोड़फोड़ करने, आगजनी करने, पुलिस पर पथराव करने, कंपनी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने जैसी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रचने वालों में मुख्य थे।
आरोपियों का किसी कंपनी से संबंध नहीं
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार छह आरोपियों में से ज्यादातर का गुरुग्राम की किसी भी कंपनी से कोई संबंध नहीं है। पुलिस सभी श्रमिकों से अपील करती है कि वे किसी बाहरी व्यक्ति (गैर-श्रमिक) के बहकावे में न आएं। यदि कोई बाहरी व्यक्ति (गैर-श्रमिक) माहौल खराब करने की कोशिश करता है या उकसाने की कोशिश करता है, तो उसकी सूचना गुरुग्राम पुलिस को अवश्य दें।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम हर काम को आसान, तेज और बिना झंझट के करना चाहते हैं-चाहे वह बैंकिंग हो, शॉपिंग हो या फिर किचन की जरूरतें। किचन, जो हर घर का दिल होता है, अब उसी स्मार्ट सोच के साथ बदल रहा है। ऐसे में पाइप्ड नैचुरल गैस यानी PNG एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आया है, जो न सिर्फ सुविधा देता है बल्कि पूरी प्रक्रिया को भी बेहद सरल बना देता है।
अगर पहले कभी आपने सोचा हो कि गैस कनेक्शन लेना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है, तो अब यह धारणा बदलने का समय है। आज PNG कनेक्शन लेना उतना ही आसान हो गया है जितना मोबाइल पर कोई ऐप डाउनलोड करना। Hello BPCL App इसी सोच के साथ बनाया गया एक प्लेटफॉर्म है, जहां आप LPG से लेकर PNG तक की सर्विस एक ही जगह पर एक्सेस कर सकते हैं।
Hello BPCL App से PNG कनेक्शन सिर्फ कुछ मिनटों में
अब PNG कनेक्शन लेने के लिए लंबी लाइनों या बार-बार फॉलोअप की जरूरत नहीं है। आपके जिले में PNG उपलब्ध है या नहीं-यह जानकारी भी अब कुछ क्लिक में मिल जाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स के जरिए आप अपने एरिया की उपलब्धता चेक कर सकते हैं, आवेदन कर सकते हैं और आगे की प्रक्रिया को ट्रैक भी कर सकते हैं।
“Hello BPCL App” जैसे प्लेटफॉर्म इसी अनुभव को और आसान बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जहां यूजर फ्रेंडली इंटरफेस के साथ पूरी जानकारी साफ और सरल तरीके से मिलती है। Hello BPCL App पर PNG कनेक्शन के लिए कैसे अप्लाई करें, और यह ऐप आपकी लाइफ को कैसे आसान बनाता है।
Hello BPCL एक ऑल-इन-वन मोबाइल ऐप है, जिसमें आप गैस से जुड़ी लगभग हर सर्विस पा सकते हैं-जैसे नया कनेक्शन लेना, पेमेंट करना, सर्विस रिक्वेस्ट करना और लोकेशन आधारित जानकारी देखना। इसका मकसद है कि यूजर को एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी सुविधा मिले, बिना कंफ्यूजन और बिना भागदौड़ के।
PNG कनेक्शन के लिए अप्लाई कैसे करें?
ऐप डाउनलोड और लॉगिन, Google Play Store या App Store से Hello BPCL App डाउनलोड करें।
मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें, OTP के जरिए लॉगिन पूरा करें।
ऐप के होमपेज पर “Gas” या “PNG/Natural Gas” ऑप्शन पर जाएं।
“New Connection” या “Apply for PNG” पर क्लिक करें।
अपना शहर और एरिया डालें, ऐप आपको तुरंत बता देगा कि आपके इलाके में PNG उपलब्ध है या नहीं।
यहां आपसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान प्रमाण (Aadhaar आदि), KYC प्रोसेस (डिजिटल e-KYC भी संभव) मांगा जाएगा।
सभी जानकारी चेक करके फॉर्म सबमिट करें, आपको एक रेफरेंस नंबर मिल जाएगा।
कंपनी की टीम साइट विजिट और कनेक्शन सेटअप के लिए आपसे संपर्क करेगी, पूरी प्रक्रिया ट्रैक भी की जा सकती है ऐप के जरिए।
Hello BPCL App की खासियत क्या है?
यह ऐप सिर्फ अप्लाई करने का टूल नहीं, बल्कि पूरा गैस मैनेजमेंट सिस्टम है। यहां LPG, PNG, पेमेंट, सर्विस हर जानकारी आपको मिल जाएगी। यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, घर बैठे आवेदन और स्टेटस अपडेट, मल्टी-सर्विस प्लेटफॉर्म, डिजिटल KYC और ट्रैकिंग, पेट्रोल पंप लोकेटर, पेमेंट, सर्विस रिक्वेस्ट हर डिटेल यहां मिलेगी। इस ऐप के साथ करोड़ों यूजर्स का भरोसा है।
अब जानिए PNG क्यों बन रहा है आसान विकल्प?
🔷बिना बुकिंग के लगातार सप्लाई
PNG का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें गैस खत्म होने का डर नहीं होता। सिलेंडर की तरह बुकिंग करने या डिलीवरी का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार कनेक्शन मिल जाने के बाद गैस सप्लाई लगातार बनी रहती है, जिससे किचन का काम बिना रुकावट चलता रहता है।
🔷जगह की बचत और स्मार्ट किचन
हममें से कई लोग किचन में जगह की कमी का सामना करते हैं। सिलेंडर रखने के लिए अलग से स्पेस चाहिए होता है, जबकि PNG में यह जरूरत खत्म हो जाती है। पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे आपके स्टोव तक आती है, जिससे किचन ज्यादा खुला, साफ और व्यवस्थित महसूस होता है।
🔷सिलेंडर बदलने की झंझट से राहत
हर महीने या कुछ हफ्तों में सिलेंडर बदलना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार यह असुविधाजनक भी हो सकता है। PNG के साथ यह पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाती है। न कोई भारी सिलेंडर उठाना, न रेगुलेटर बदलना-बस एक बार कनेक्शन और फिर लगातार उपयोग।
🔷सुरक्षा और भरोसा
सुरक्षा हर घर की प्राथमिकता होती है। PNG को इस लिहाज से सुरक्षित विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और किसी भी लीक की स्थिति में जल्दी फैल जाती है। इसके अलावा, पाइपलाइन नेटवर्क और सिस्टम को नियमित रूप से मॉनिटर किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता को भरोसेमंद अनुभव मिलता है।
🔷जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान
PNG का बिलिंग सिस्टम भी इसे अलग बनाता है। इसमें आपको सिलेंडर की तरह एकमुश्त भुगतान नहीं करना होता, बल्कि आप जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उसी के अनुसार बिल आता है। इससे खर्च ज्यादा पारदर्शी और नियंत्रित रहता है, और बजट मैनेज करना आसान हो जाता है।
🔷बदलते वक्त के साथ सही विकल्प
एलपीजी ने भारतीय घरों को सुरक्षित और सुविधाजनक कुकिंग का भरोसा दिया है और आज भी यह एक मजबूत विकल्प है। लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे PNG जैसे विकल्प नई जरूरतों के हिसाब से ज्यादा फिट बैठते नजर आते हैं।
PNG सिर्फ एक गैस कनेक्शन नहीं, बल्कि एक आसान और स्मार्ट किचन की ओर बढ़ता कदम है। जहां प्रोसेस सरल है, जानकारी स्पष्ट है और अनुभव बिना किसी कंफ्यूजन के पूरा होता है। अगर आप भी अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी को थोड़ा और सहज बनाना चाहते हैं, तो PNG की ओर एक नजर जरूर डाल सकते हैं।
SRH vs RR Hyderabad weather Report: आईपीएल 2026 (IPL 2026) के 21वें मुकाबले में आज यानी सोमवार 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है। रियान पराग की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स ने अब तक खेले गए चारों मैचों में जीत दर्ज की है। दूसरी तरफ मेजबान हैदराबाद अपने घर में पहली जीत और खोई हुई लय की तलाश है।
क्या मैच के दौरान है बारिश का खतरा? (SRH vs RR Hyderabad weather Report)
हैदराबाद के क्रिकेट फैंस के लिए राहत की खबर है। आज के मैच में बारिश की कोई संभावना नहीं है। शाम के समय हैदराबाद का पारा 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। गर्मी और उमस खिलाड़ियों की परीक्षा लेगी। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन खेल में कोई खलल या रुकावट होने की कोई उम्मीद नहीं है।
हाई स्कोरिंग मैच होने की है उम्मीद
राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच इस सीजन के अपने पिछले मैच में थोड़ी धीमी रही थी। जहां हैदराबाद की टीम महज 156 रन बना सकी थी। लेकिन आज कहानी अलग होगी। आज यह मुकाबला रात में है, जिससे पिच की ड्राईनेस कम होगी और गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आएगी। पिच क्यूरेटर के मुताबिक रात के मैच में यह विकेट बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन साबित हो सकता है। वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा जैसे विस्फोटक ओपनर्स यहां रनों की बारिश कर सकते हैं।
हैदराबाद के लिए जीत जरूरी
ओस के प्रभाव को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। राजस्थान रॉयल्स फिलहाल टूर्नामेंट की सबसे संतुलित टीम दिख रही है। वैभव सूर्यवंशी की शानदार फॉर्म और गेंदबाजी में रवि बिश्नोई की फिरकी राजस्थान की ताकत है। वहीं हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन के लिए सबसे बड़ी चुनौती टॉस की किस्मत बदलना और अपनी मजबूत बल्लेबाजी यूनिट से बड़ा स्कोर निकलवाना है। SRH ने अब तक 4 में से 3 मैच गंवाए हैं।
हैदराबाद के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। अगर वे आज हारते हैं तो उनके लिए प्ले-ऑफ की राह और मुश्किल हो जाएगी। वहीं राजस्थान अपनी विनिंग स्ट्रीक को 5-0 करना चाहेगी। टॉस की भूमिका अहम होगी, क्योंकि दूसरी पारी में ओस के कारण गेंदबाजों को ग्रिप करने में दिक्कत आ सकती है, जिसका फायदा बल्लेबाजों को मिलेगा।
आज भी भारत के करोड़ों घरों में एलपीजी सिलेंडर रसोई का सबसे भरोसेमंद साथी है। सरकार की योजनाओं और तेल कंपनियों की पहुंच ने इसे हर घर तक पहुंचाया है। लेकिन जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे हमारी जरूरतें और उम्मीदें भी बदल रही हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हमारा किचन भी स्मार्ट और आसान होना चाहिए। यही वजह है कि अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर लोग पाइप्ड नैचुरल गैस यानी PNG की ओर रुख कर रहे हैं।
बिना बुकिंग, बिना इंतजार और बिना सिलेंडर स्टोर किए-PNG आपके घर तक लगातार गैस सप्लाई का भरोसा देती है। इसमें आपको सिर्फ उतनी ही गैस का भुगतान करना होता है, जितनी आप इस्तेमाल करते हैं, जिससे खर्च भी ज्यादा पारदर्शी हो जाता है। सुरक्षा के लिहाज से भी PNG एक बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर जल्दी फैल जाती है।
इसके साथ ही किचन में जगह की बचत, सिलेंडर बदलने की झंझट से छुटकारा और बिना रुकावट के काम करने की सुविधा-ये सब मिलकर एक स्मार्ट किचन का अनुभव देते हैं। बदलते समय के साथ यह बदलाव सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक बेहतर लाइफस्टाइल की ओर बढ़ने का संकेत भी है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी रोजमर्रा की सुविधाओं को नए नजरिए से देखें और समझें कि क्या बेहतर हो सकता है। यहां हम एलपीजी की आलोचना नहीं कर रहे, बल्कि कुछ ऐसे पहलुओं को समझा रहे हैं, जिनके बारे में अक्सर हम सोचते नहीं हैं।
1. स्टोरेज का सवाल – सुरक्षा और जगह दोनों
एलपीजी सिलेंडर एक प्रेशराइज्ड कंटेनर होता है, जिसे सुरक्षित जगह पर रखना जरूरी होता है। घर में इसके लिए एक तय जगह चाहिए होती है, जहां हवा का सही वेंटिलेशन हो। छोटे घरों या फ्लैट्स में यह जगह निकालना कभी-कभी चुनौती बन जाता है।
2. सप्लाई गैप – खत्म हुआ तो इंतजार
हम सभी ने वो दिन देखा है जब सिलेंडर अचानक खत्म हो जाता है और नया सिलेंडर आने में समय लगता है। बुकिंग, डिलीवरी और कभी-कभी देरी – ये सब मिलकर किचन के काम को रोक सकते हैं। हालांकि तेल कंपनियां लगातार सप्लाई सुधारने पर काम कर रही हैं, लेकिन यह पूरी तरह “ऑन-डिमांड” सिस्टम अभी नहीं बन पाया है।
3. बुकिंग और निर्भरता – सिस्टम पर भरोसा
एलपीजी के लिए आपको बुकिंग करनी होती है, चाहे ऐप के जरिए या कॉल से। इसका मतलब है कि आप पूरी तरह सिस्टम और डिस्ट्रीब्यूटर पर निर्भर हैं। अगर नेटवर्क या सर्विस में कोई दिक्कत हो, तो असर सीधे आपकी रसोई पर पड़ता है।
4. छुपे हुए खर्च – सिर्फ सिलेंडर की कीमत नहीं
सिलेंडर की कीमत के अलावा भी कई छोटी-छोटी चीजें जुड़ी होती हैं – जैसे रेगुलेटर, पाइप बदलना, डिलीवरी चार्ज या मेंटेनेंस। ये खर्च सीधे दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय में जुड़ते रहते हैं।
5. स्पेस और हैंडलिंग – रोजमर्रा की असुविधा
एक फुल सिलेंडर का वजन लगभग 29-30 किलो तक होता है (खाली और भरा मिलाकर)। इसे उठाना, बदलना या स्टोर करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह एक असुविधाजनक प्रक्रिया बन सकती है।
PNG पाइपलाइन गैस के फायदे?
आज जब हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी तेज और सुविधाजनक होती जा रही है, किचन भी उसी बदलाव का हिस्सा बन रहा है। पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) इसी सोच के साथ एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आई है, जो रसोई को ज्यादा सहज बनाती है। सबसे पहले, इसमें लगातार गैस सप्लाई मिलती है, जिससे सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग के इंतजार जैसी स्थिति नहीं बनती।
दूसरा, स्टोरेज की जरूरत नहीं होती, यानी किचन में अतिरिक्त जगह मिलती है और सिलेंडर रखने की चिंता खत्म हो जाती है। तीसरा, इसका उपयोग-आधारित बिलिंग सिस्टम खर्च को पारदर्शी और नियंत्रित बनाता है। चौथा, सुरक्षा के लिहाज से PNG भरोसेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर जल्दी फैल जाती है। इन सबके साथ, कम मेंटेनेंस और आसान उपयोग इसे आज के स्मार्ट किचन के लिए एक स्वाभाविक और सुविधाजनक विकल्प बनाते हैं।
बदलते वक्त की जरूरत क्या कहती है?
आज की लाइफस्टाइल तेजी से बदल रही है। लोग ज्यादा सुविधाजनक, ऑन-डिमांड और कम मेंटेनेंस वाले विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में पाइप्ड नैचुरल गैस यानी PNG जैसे विकल्प धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं, जहां गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घर तक आती है। इसमें स्टोरेज, बुकिंग और सिलेंडर बदलने जैसी झंझट नहीं होती।
एलपीजी ने भारत की रसोई को सुरक्षित और बेहतर बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। यह आज भी एक भरोसेमंद और जरूरी विकल्प है। लेकिन जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नए विकल्पों को समझना और अपनाना भी जरूरी हो जाता है।
Delhi Liquor Scam: Kejriwal Seeks Recusal Of Justice Swaran Kanta Sharma
नई दिल्ली28 मिनट पहले
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अरविंद केजरीवाल कोर्ट पहुंचे।
दिल्ली शराब घोटाला मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल इस केस की जज स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग (रिक्यूज) करने की मांग करेंगे। केजरीवाल खुद अपनी दलीलें रखेंगे। वे कोर्ट पहुंच गए हैं।
इससे पहले इस मामले में 6 अप्रैल को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि अगर कोई जज को मामले से हटाने की मांग वाली अर्जी देना चाहता है, तो दे सकता है।
CBI ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उसने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 22 आरोपियों को शराब घोटाला केस में बरी कर दिया था।
इसी मामले में बुधवार को CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर अरविंद केजरीवाल की याचिकाओं का विरोध किया है। CBI ने कहा कि ‘अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद’ (ABAP) के सेमिनार में शामिल होने का मतलब ये नहीं है की जस्टिस शर्मा का झुकाव किसी खास संगठन की तरफ है।
27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी किया था
27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट के बाहर बयान देते समय केजरीवाल रोने लगे। मनीष सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया था।
ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी।
ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है।
साथ ही, जस्टिस शर्मा की कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी।
केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे
दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया।
इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ।
इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे।
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पीएम मोदी ने महिला आरक्षण यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ कहा कि देश की संसद एक ऐतिहासिक बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। उन्होंने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाने के फैसले को इसी दिशा में अहम कदम बताया। पीएम मोदी ने कहा यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही मांग को पूरा करने का मौका है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब विधानसभाओं से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी को वास्तविक रूप से सुनिश्चित किया जाए। आइए, समझते हैं पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें।
1. 16 अप्रैल से विशेष सत्र: इतिहास रचने की तैयारी
पीएम मोदी ने घोषणा की कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसका एकमात्र उद्देश्य उस रुकावट को हटाना है जो महिला आरक्षण को लागू करने की राह में रोड़ा बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि हमारी संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है और अब विधानसभाओं से लेकर संसद तक महिलाओं की गूंज सुनाई देगी।
2. ‘गृहस्थ नहीं हूं, पर जानता सब हूं’
पीएम मोदी का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि भले ही उनका अपना परिवार (गृहस्थी) नहीं है, लेकिन उन्हें पता है कि एक महिला को रसोई के धुएं में कितनी तकलीफ होती है, या मीलों दूर से पानी ढोकर लाने में कितना दर्द होता है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला से लेकर नल से जल तक की योजनाएं इसी ‘दर्द’ को समझकर बनाई गई हैं।
3. जन्म से करियर तक सरकार का साथ
पीएम मोदी ने अपनी सरकार के विजन को समझाते हुए कहा कि 2014 के बाद से हमने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि बेटी के जन्म से लेकर उसके बुढ़ापे तक सरकार एक मजबूत ढाल बनकर खड़ी रहे।
बचपन: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मिशन इंद्रधनुष (टीकाकरण)।
शिक्षा: सुकन्या समृद्धि योजना और सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोलना।
करियर: मैटरनिटी लीव को बढ़ाकर 26 हफ्ते करना, जो दुनिया के कई अमीर देशों में भी नहीं है।
4. स्टार्टअप और मुद्रा लोन में महिलाओं का दबदबा
आंकड़ों का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि आज देश के स्टार्टअप रेवोल्यूशन को महिलाएं लीड कर रही हैं। लगभग 42% रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। इतना ही नहीं, मुद्रा योजना के तहत दिए गए कुल लोन में से 60% से ज्यादा का लाभ महिलाओं ने उठाया है, जो उनकी आर्थिक ताकत को दर्शाता है।
5. रसोई के धुएं से सेना की वर्दी तक का सफर
पीएम मोदी ने कहा कि हमने सिर्फ घर की दहलीज तक महिलाओं को सीमित नहीं रखा। आज बेटियां एनडीए (NDA) के जरिए सेना में अधिकारी बन रही हैं। वहीं, करोड़ों महिलाओं को ‘ड्रोन दीदी’ बनाकर कृषि क्षेत्र में नई क्रांति का नेतृत्व सौंपा गया है। अब महिलाएं खेतों में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
6. मकान मालकिन बनीं 3 करोड़ महिलाएं
एक बहुत बड़े सामाजिक बदलाव का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि पहले सारी संपत्ति पुरुषों के नाम होती थी। हमने इसे बदला और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मिलने वाले घरों को महिलाओं के नाम रजिस्टर करना शुरू किया। आज 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अपने घर की कानूनी मालकिन हैं, जिससे परिवार में उनकी इज्जत और फैसले लेने की ताकत बढ़ी है।
7. 40 साल का इंतजार और 2029 का संकल्प
पीएम ने याद दिलाया कि महिला आरक्षण पर विमर्श पिछले 4 दशकों से चल रहा था। कई पीढ़ियों ने इसके लिए प्रयास किए। 2023 में जब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ आया, तो इसे सर्वसम्मति से पास किया गया। उन्होंने विपक्ष को भी याद दिलाया कि 2029 तक इसे लागू करने की मांग सभी ने की थी और अब सरकार उसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
8. बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी 32 करोड़ महिलाएं
जनधन योजना का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 2014 से पहले करोड़ों महिलाओं ने बैंक का दरवाजा तक नहीं देखा था। आज 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के पास अपने बैंक खाते हैं। अब जब वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, तो समाज की सोच भी बदली है।
9. पंचायतों से संसद तक: महिला नेतृत्व का मॉडल
भारत में महिला नेतृत्व का उदाहरण देते हुए पीएम ने बताया कि आज 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों (पंचायतों) में काम कर रही हैं। 21 राज्यों में तो उनकी भागीदारी 50% तक पहुंच चुकी है। जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाएं शामिल होती हैं, तो व्यवस्था में संवेदनशीलता (Sensitivity) आती है।
10. सीटों का गणित: 543 से 816 तक की छलांग
संसद के इस विशेष सत्र में सीटों के परिसीमन (Delimitation) पर भी चर्चा होगी। योजना के मुताबिक, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। इसमें 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जा सकता है। सरकार दो बड़े संवैधानिक संशोधन लाने की तैयारी में है ताकि 2029 के चुनावों में महिलाओं को उनका हक मिल सके।
क्या है मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक?
प्रधानमंत्री का यह संबोधन साफ करता है कि सरकार महिला आरक्षण को केवल एक ‘चुनावी वादा’ नहीं बल्कि एक ‘सामाजिक क्रांति’ के रूप में देख रही है। “वोकल्स फॉर लोकल्स” की ब्रांड एंबेसडर से लेकर “ड्रोन दीदी” तक, मोदी सरकार ने महिलाओं के इर्द-गिर्द एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जो आने वाले चुनावों में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) 1. नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है? यह एक ऐतिहासिक कानून है जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।
2. 16 अप्रैल के विशेष सत्र में क्या होगा? इस सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने की बाधाओं को दूर करने के लिए संवैधानिक संशोधनों और परिसीमन (सीटों के निर्धारण) पर चर्चा और वोटिंग होगी।
3. क्या 2029 में लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी? जी हां, नए परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 होने की संभावना है, जिसमें करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए होंगी।
4. क्या इस आरक्षण में OBC कोटा शामिल है? फिलहाल मौजूदा प्रस्ताव में SC/ST आरक्षण तो पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन OBC के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है।
Poonam Pandey: एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे का नाम आते ही विवादों की एक लंबी फेहरिस्त याद आ जाती है लेकिन साल 2011 का क्रिकेट वर्ल्ड कप वाला बयान आज भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। उस वक्त पूनम पांडे ने ऐसा ऐलान किया था, जिसने न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि उनके निजी जीवन में भी भूचाल ला दिया था।
क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 और पूनम पांडे का विवादित ऐलान आपको बता दें कि साल 2011 में जब ICC Cricket World Cup का खुमार पूरे देश पर छाया हुआ था, उसी दौरान पूनम पांडे ने घोषणा की थी कि अगर टीम इंडिया ट्रॉफी जीतती है तो वह अपने सारे कपड़े उतार देंगी।
कानूनी विवाद में बदल गया था पूनम पांडे का बयान
पूनम पांडे का ये बयान सामने आते ही इंटरनेट पर हंगामा मच गया था। जहां कुछ लोगों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया था, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने इसका विरोध भी किया था। मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया था कि ये कानूनी विवाद में भी बदलने लगा था।
पूनम पांडे ने कहा- मैंने बिना सोचे समझे फैसला लिया
-हाल ही में एक इंटरव्यू में पूनम पांडे ने इस पूरे विवाद के पीछे की वजह बताई है। उन्होंने माना कि उस समय वह अपने करियर के ऐसे दौर में थीं, जहां उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इंडस्ट्री में आगे कैसे बढ़ा जाए।
-पूनम पांडे ने कहा कि किंगफिशर और ग्लैडरैग्स जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बावजूद उन्हें वो मौके नहीं मिल रहे थे, जिनकी उन्हें तलाश थी। ऐसे में उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए ये कदम उठाया था। पूनम पांडे ने कहा- उस वक्त मैं बेहद फ्रस्ट्रेटेड थीं और बिना सोचे-समझे ये फैसला ले लिया था, जिसे अब मैं खुद बचकाना मानती हूं।
कानूनी पचड़े में फंस गई थीं पूनम पांडे
-पूनम पांडे का ये बयान सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहा बल्कि कानूनी पचड़े में भी फंस गया। जब टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीत गई तो उनके सामने वादा निभाने का दबाव भी आ गया।
-पूनम पांडे ने बताया कि वह इस स्थिति से डर गई थीं और समझ नहीं पा रही थीं कि क्या करें। उन्होंने यहां तक कि BCCI (Board of Control for Cricket in India) से अनुमति लेने की भी कोशिश की थी लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली।
घर में मचा बवाल, पिता ने जड़ा थप्पड़
-बाहर जहां लोग पूनम पांडे के इस बयान पर नाराज थे, वहीं घर के अंदर हालात और भी खराब हो गए थे। पूनम पांडे ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार को इस बारे में कुछ नहीं बताया था। जब उनके पिता को अखबार के जरिए इस विवाद की जानकारी मिली, तो वह गुस्से से भड़क उठे थ। घर पहुंचते ही उन्होंने पूनम को जोरदार थप्पड़ मार दिया था और कहा था कि उन्होंने पूरे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिला दी है।
-इस वायरल बयान के बाद परिवार ने पूनम पांडे की परवरिश, समाज में प्रतिष्ठा और भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। यहां तक कि उनकी शादी को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। पूनम पांडे ने ये भी बताया था कि इस पूरे मामले में उनकी मां ने भी उन्हें काफी डांटा और मारा था।
पूनम पांडे का विवादों से पुराना नाता
आपको बता दें कि पूनम पांडे का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने कई बार ऐसे कदम उठाए थे, जिससे वह मिनटों में वायरल हो गई थीं। कभी गिरफ्तारी, कभी बोल्ड पोस्ट्स, तो कभी अजीबोगरीब ऐलान, वह हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं। पूनम पांडे ने अपने मरने की झूठी खबर तक सोशल मीडिया पर फैला दी थी।
पूनम पांडे का बेबी बंप और मरने की झूठी खबर
-जानकारी के अनुसार हाल ही में पूनम पांडे ने बेबी बंप के साथ तस्वीरें शेयर कर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी, जिसे बाद में उन्होंने अप्रैल फूल प्रैंक बताया था। इससे पहले साल 2024 में उन्होंने सर्वाइकल कैंसर से अपनी मौत की झूठी खबर फैलाकर भी विवाद खड़ा किया था, जिस पर उन्हें जमकर आलोचना झेलनी पड़ी थी।
-आपको बता दें कि पूनम पांडे का साल 2011 वर्ल्ड कप वाला बयान आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। ये घटना न सिर्फ उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बनी बल्कि ये भी दिखाती है कि पब्लिसिटी पाने की चाह कभी-कभी कितना बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है।
Hajj 2026: अमेरिका-ईरान की जंग में सऊदी पर भी कई हमले हुए थे। जिसके बाद से सऊदी अपनी इंटरनल सिक्योरिटी मजबूत करने पर जोर दे रहा है। शायद यही कारण है सऊदी अरब ने हज 2026 से ठीक पहले मक्का में एंट्री को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। सरकार ने उमरा वीजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है और शहर में प्रवेश के नियम काफी कड़े कर दिए हैं। यह फैसला हज और उमरा मंत्रालय ने आंतरिक मंत्रालय के साथ मिलकर लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य हर साल आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करना और मौजूदा खतरों के बीच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बिना परमिट मक्का में एंट्री बैन
13 अप्रैल 2026 से मक्का में एंट्री सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलेगी जिनके पास वैध हज परमिट होगा या जो वहां काम या रहने के लिए सही दस्तावेज रखते हैं। इसके अलावा, टूरिस्ट वीजा, उमरा वीजा या किसी अन्य वीजा पर आने वाले लोगों को इस दौरान मक्का में एंट्री नहीं मिलेगी। पहले ऐसा होता था कि उमरा वीजा या टूरिस्ट वीजा पर आए लोग मक्का में दर्शन कर लेते थे, पर अब ऐसा नहीं होगा। मिनिस्ट्री ने साफ कहा है कि यह कदम तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और पवित्र स्थलों पर सुचारु आवाजाही बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसके साथ ही मक्का के सभी मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर सिक्योरिटी चेक भी बढ़ा दिए गए हैं।
उमरा वीजा की अहम डेडलाइन क्या थी?
फिलहाल उमरा परमिट पूरी तरह सस्पेंड कर दिए गए हैं। इससे पहले कुछ महत्वपूर्ण तारीखें तय की गई थीं। उमरा वीजा जारी करने की आखिरी तारीख 19 मार्च 2026 थी। सऊदी अरब में एंट्री की अंतिम तारीख 2 से 3 अप्रैल 2026 रखी गई थी, जबकि देश छोड़ने की अंतिम तारीख 18 अप्रैल 2026 तय की गई थी। इन तारीखों के बाद उमरा वीजा धारकों को न तो सऊदी में प्रवेश मिलेगा और न ही वे हज परमिट के बिना मक्का में रह पाएंगे। हज परमिट अलग होगा जबकि उमरा परमिट पर पाबंदी रहेगी।
हज वीजा की बुकिंग कब से शुरू?
हज 2026 के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया 8 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। तीर्थयात्रियों की पहली बड़ी खेप 18 अप्रैल से सऊदी पहुंचना शुरू करेगी। अभी फाइनल आंकड़े सामने नहीं आए हैं, लेकिन उम्मीद है कि 2025 की तरह इस बार भी 1.8 मिलियन (18 लाख) या उससे ज्यादा लोग हज में शामिल हो सकते हैं। यह दिखाता है कि दुनिया भर में धार्मिक यात्रा की डिमांड अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
निगरानी का तरीका भी बदला
सऊदी अरब अब टेक्नोलॉजी का भी पूरा इस्तेमाल कर रहा है। नुसुक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर तीर्थयात्री की जानकारी और परमिट को वेरिफाई किया जाएगा। इससे अनऑथराइज लोगों को रोकना आसान होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई नियम तोड़ता है तो उसे भारी जुर्माना, देश से निकालने (डिपोर्ट) और भविष्य में सऊदी में एंट्री बैन जैसे कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
नुसुक ऐप से होगी पूरी प्लानिंग और ट्रैकिंग
नुसुक प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों हज आवेदन प्रोसेस किए जा चुके हैं। यह ऐप न सिर्फ बुकिंग में मदद करता है, बल्कि तीर्थयात्रियों की ट्रैकिंग भी आसान बनाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वीजा पहले जारी करना और यात्रियों को अलग-अलग चरणों में बुलाना इसलिए किया जा रहा है ताकि आखिरी समय में भीड़ न बढ़े और पूरे सिस्टम को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके।
हज के दौरान उमरा पूरी तरह बंद रहेगा
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि हज के दौरान मक्का में एंट्री सिर्फ हज परमिट से ही मिलेगी। इस दौरान उमरा पूरी तरह से जून 2026 में हज खत्म होने तक सस्पेंड रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें और हज के लिए टूरिस्ट वीजा पर निर्भर न रहें। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे भारी जुर्माना, डिपोर्टेशन और लंबे समय तक सऊदी में एंट्री बैन का सामना करना पड़ेगा।
मध्यप्रदेश के खरगोन अंतर्गत भगवानपुरा थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी शेख सलमान (29 वर्ष) को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से गिरफ्तार कर लिया है.
सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लव जिहाद और अपहरण का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. महाराष्ट्र के रहने वाले एक मुस्लिम युवक ने भगवानपुरा थाना क्षेत्र के सिरवेल बाजार से एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर लिया था. हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने न केवल किशोरी को अगवा किया, बल्कि उसे महाराष्ट्र ले जाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया और उसकी पहचान मिटाने के उद्देश्य से उसका नाम भी बदल दिया. घटना बीते 6 जनवरी 2026 की है, जब पीड़िता अपने रिश्तेदार छगन कनासे के साथ कपड़े खरीदने के लिए बाजार गई थी. जब उसका रिश्तेदार नाश्ता करने के लिए थोड़ा दूर गया, तभी आरोपी शेख सलमान (29 वर्ष) ने उसे अपने जाल में फंसाया और वहां से फरार हो गया.
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो लोकेशन महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मिली. पुलिस की एक विशेष टीम ने औरंगाबाद में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और किशोरी को उसके चंगुल से छुड़ाया. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले का रहने वाला आरोपी शेख सलमान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने किशोरी का धर्म परिवर्तन करवाया था. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है. वर्तमान में किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश में सलमान के साथ और कौन-कौन शामिल था.
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. इसे सीधे तौर पर लव जिहाद का मामला बताते हुए हिंदू संगठनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है और साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल आरोपी पुलिस की रिमांड पर है और उसके पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है जो इस तरह के कृत्यों को अंजाम देता है. फिलहाल, किशोरी को उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है और उसे आवश्यक परामर्श (Counselling) भी दिया जा रहा है ताकि वह इस मानसिक आघात से बाहर निकल सके.
न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें