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क्रिसिल की चेतावनी: पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़ सकता है भारत के चालू खाते का घाटा, जीडीपी पर भी दबाव


भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरक के आयात बिल में भारी उछाल आने की आशंका है। इससे व्यापार घाटा बढ़ने के साथ देश की जीडीपी वृद्धि भी धीमी पड़ सकती है। यदि संकट लंबा खिंचता है तो भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब 2 फीसदी तक पहुंच सकता है।


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क्या है रिपोर्ट में?

रिपोर्ट में कहा है कि मुश्किल हालात में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी तथा उर्वरक आयात में वृद्धि से व्यापार घाटा काफी बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आधार पर 23 फीसदी की वृद्धि हो सकती है,  जिससे पेट्रोलियम आयात बिल में तेज उछाल आने की आशंका है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया निर्यात में संभावित बाधाएं, शिपिंग व बीमा लागत में वृद्धि एवं वैश्विक मांग में नरमी भी निर्यात पर दबाव डाल सकती है। इन सब कारणों से व्यापार घाटा और बढ़ेगा। इससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है, साथ ही रुपये पर भी दबाव बढ़ेगा।



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तेलंगाना के सरकारी स्कूल में एआई से पढ़ाई: 105 सीटों के लिए 3500 आवेदन आए; मंत्री ने डिजिटल स्कूल के लिए ट्रस्ट से ₹8 करोड़ दिए


हैदराबाद4 मिनट पहले

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से 104 किमी दूर नलगोंडा स्थित कोमटिरेड्डी प्रतीक सरकारी स्कूल का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। अब यह एसी कैंपस, 36 स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, लाइब्रेरी और एआई आधारित पढ़ाई से लैस मॉडल सरकारी स्कूल बन गया है।

स्कूल में बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर है। कक्षा 2 और 3 के लिए खेल व गतिविधि आधारित शिक्षण, कहानी, फॉनिक्स, ऑडियो-वीडियो और प्रैक्टिकल लर्निंग की व्यवस्था की गई है। पर्यावरण शिक्षा के लिए किचन गार्डन भी बनाया गया है।

स्कूल में स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, डाइनिंग हॉल और हर मंजिल के लिए लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। ये सभी सुविधाएं छात्रों को पूरी तरह नि:शुल्क दी जा रही हैं।

तेलंगाना के सड़क और भवन मंत्री कोमाटिरेड्डी ने अपने ट्रस्ट से 8 करोड़ रुपये खर्च कर स्कूल का पुनर्निर्माण कराया है। सीटें सीमित होने से समय पर आवेदन करने वाले छात्रों को ही प्रवेश मिला है, जिससे एडमिशन के लिए पैरेंट्स की लंबी लाइन लग रही हैं।

मंत्री कोमाटिरेड्डी ने स्कूल में बच्चों से बातचीत की।

मंत्री कोमाटिरेड्डी ने स्कूल में बच्चों से बातचीत की।

105 सीटों के लिए 3500 आवेदन आए

स्कूल में 12 शिक्षक और करीब 250 बच्चे हैं। अब तक 3500 आवेदन फार्म अभिभावक ले जा चुके हैं। इनमें से 2084 आवेदन फार्म जमा भी हो गए हैं। लेकिन सीटें सिर्फ 105 हैं। मंत्री ने सरकार को प्रपोजल दिया है कि इस स्कूल में शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाए।

तेलंगाना के नलगोंडा जिले के प्रतीक सरकारी स्कूल में हजारों पैरेंट्स अपने बच्चों के एडमिशन के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।

तेलंगाना के नलगोंडा जिले के प्रतीक सरकारी स्कूल में हजारों पैरेंट्स अपने बच्चों के एडमिशन के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।

हादसे में गुजरे बेटे की याद में बनाया

मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने कहा कि मेरे 19 साल के बेटे प्रतीक की 2011 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसकी याद को बनाए रखने के लिए मैंने मन बनाया था कि बेटे की याद में एक स्कूल बनाऊंगा या किसी स्कूल की मदद करूंगा, जहां शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके।

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स्कूल में तैयार होंगे इंसान जैसे रोबोट:मेयो कॉलेज में बनी 7 करोड़ की AI लैब

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अजमेर में राजकुमारों के लिए खोले गए स्कूल मेयो कॉलेज को 150 साल पूरे हो गए हैं। रॉयल लुक और महल की तरह बना यह स्कूल तकनीक के मामले में भी आगे है। यहां एडवांस AI लैब बनाई गई है। करीब 7 करोड़ की इस लैब का खर्च मेयो कॉलेज के ही पूर्व स्टूडेंट ने उठाया है। इस लैब में बच्चे मानव जैसा रोबोट बनाना सीखेंगे। इसका GPU बेस सर्वर होगा। पूरी खबर पढ़ें…

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Crude Oil Price Hike: हॉर्मुज पर ट्रंप की घेराबंदी से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल,भारत में क्या है रेट?


Business

oi-Puja Yadav

Crude Oil Price Hike: दुनिया एक बार फिर बड़े ऊर्जा संकट की दहलीज पर खड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) की नौसैनिक घेराबंदी (Naval Blockade) के आदेश के बाद वैश्विक तेल बाजारों में हड़कंप मच गया है।

इस फैसले के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत तक का जबरदस्त उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यानी 13 अप्रैल को जब दुनिया भर के शेयर बाजार खुलेंगे, तो उनमें भारी गिरावट देखने को मिल सकती है, जबकि कच्चा तेल $115 प्रति बैरल के स्तर को पार कर सकता है।

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Strait of Hormuz पर क्यों लिया गया घेराबंदी का फैसला?

यह तनाव तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। ईरान ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। इसके जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त कार्रवाई करते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग (Oil Transit Route) ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को ब्लॉक करने का आदेश दे दिया।

दिलचस्प बात यह है कि इस सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक रहस्यमयी पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था, मिड-टर्म चुनाव से पहले तेल और गैस की कीमतें कम भी हो सकती हैं और शायद थोड़ी ज्यादा भी। अब जबकि उन्होंने खुद ही घेराबंदी का आदेश दिया है, यह साफ है कि ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का दौर लंबा चलने वाला है। ट्रंप का यह कदम न केवल ईरान को घुटनों पर लाने की कोशिश है, बल्कि आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले उनकी ‘मजबूत नेता’ की छवि को भी दर्शाता है।

बाजार में मची खलबली: $96 के पार पहुंचा क्रूड ऑयल

पारंपरिक बाजारों के बंद होने के बावजूद, डिसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म ‘हाइपरलिक्विड’ (Hyperliquid) पर तेल की कीमतों ने आसमान छू लिया। इसकी कीमत 7% उछलकर $96.40 पर पहुंच गई। प्लेटफॉर्म पर इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम $1.53 बिलियन दर्ज किया गया। ब्रेंट फ्यूचर्स भी 6% की बढ़त के साथ $96 के स्तर को छू गया।

मार्केट में महंगाई और मंदी का खतरा: भारत समेत दुनिया पर असर

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का वह ‘चोकपॉइंट’ है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने का मतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की भारी कमी हो जाएगी। तेल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे खाने-पीने की चीजों से लेकर हर चीज के दाम बढ़ेंगे।

शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। 13 अप्रैल को वैश्विक बाजारों में ‘ब्लैक मंडे’ जैसी स्थिति बन सकती है। निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों जैसे बिटकॉइन (Bitcoin) और शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भाग सकते हैं।

मार्केट गुरुओं का मानना है कि आपातकालीन तेल भंडार पहले ही अपनी सीमा पर हैं। ऐसे में यदि यह घेराबंदी जारी रहती है, तो दुनिया में तेल की भारी किल्लत हो सकती है। कल 13 अप्रैल को बाजारों में ‘शेडिंग’ यानी बिकवाली का दौर चलने की पूरी आशंका है।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। हॉर्मुज की घेराबंदी भारत के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है, क्योंकि भारत का अधिकांश तेल आयात इसी रास्ते से होता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें: अगर कच्चा तेल $115 के पार जाता है, तो भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) पर भारी दबाव पड़ेगा। हालांकि भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाई है, लेकिन वैश्विक बेंचमार्क में बढ़ोतरी घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

महंगाई का खतरा: ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई (Logistics) महंगी होगी, जिससे सीधे तौर पर खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामानों के दाम बढ़ेंगे।

शेयर बाजार में हलचल: 13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार (Sensex/Nifty) के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण दिन होने वाला है। निवेशक ‘रिस्क एसेट्स’ जैसे शेयर और बिटकॉइन (Bitcoin) से पैसा निकालकर सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर सकते हैं।

क्या कहते हैं आर्थिक जानकार?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह घेराबंदी जारी रहती है, तो सोमवार को तेल की कीमतें $115-$120 तक जा सकती हैं। आपातकालीन तेल भंडार (Strategic Reserves) भी अपनी सीमा पर हैं, जिससे कीमतों को नियंत्रित करना लगभग नामुमकिन होगा। कल सुबह भारतीय शेयर बाजार (Sensex/Nifty) के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण होने वाली है।



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Varuthini Ekadashi 2026: वरुथिनी एकादशी आज, क्या है पूजा विधि और कथा?


Religion Spirituality

oi-Ankur Sharma

Varuthini Ekadashi 2026: हर साल वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं। यह व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे सौभाग्य, समृद्धि तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों के अनुसार, इस एकादशी का पुण्य हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर होता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति चाहते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि यह व्रत व्यक्ति को दुर्भाग्य से बचाता है।

Varuthini Ekadashi 2026

वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को 1: 17 AM पर हुई थी और इसका समापन 14 अप्रैल 2026, रात 01:08 बजे होगा ,उदयातिथि मान्य होने के कारण व्रत आज रखा गया है, व्रत का पारण 14 अप्रैल को सुबह 06:54 बजे से 08:31 बजे के बीच का है।

वरुथिनी एकादशी की पूजा विधि क्या है?

प्रातः स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करें।घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।फिर तुलसी पत्ते, फल, फूल, धूप, दीप, पीला वस्त्र और पंचामृत अर्पित करें।मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। दिनभर उपवास रखें, फलाहार या निर्जला व्रत कर सकते हैं। वरुथिनी एकादशी की कथा सुनें या पढ़ें। अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि अनुसार व्रत खोलें।

वरुथिनी एकादशी की कथा क्या है?

प्राचीन समय में राजा मान्धाता नामक एक महान और धर्मात्मा राजा थे। वे सत्यवादी, दानी और प्रजा के हित में कार्य करने वाले शासक थे। एक बार राजा मान्धाता जंगल में तपस्या कर रहे थे। उसी दौरान एक भालू (रीछ) ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को काटने लगा। राजा अत्यंत पीड़ा में थे, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और तप को नहीं छोड़ा और भगवान से प्रार्थना करते रहे। राजा की इस स्थिति को देखकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने अपने सुदर्शन चक्र से उस भालू का वध कर दिया। इसके बाद भगवान विष्णु ने राजा को वरुथिनी एकादशी का व्रत करने को कहा।

राजा ने श्रद्धा और नियम के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत किया

भगवान विष्णु ने कहा कि इस व्रत के प्रभाव से राजा अपने खोए हुए अंग को पुनः प्राप्त कर लेंगे और उनके सभी पाप नष्ट हो जाएंगे। राजा मान्धाता ने श्रद्धा और नियम के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत किया। व्रत के प्रभाव से उनका शरीर पुनः स्वस्थ हो गया और उन्हें पूर्व की तरह संपूर्ण अंग प्राप्त हो गए। यह व्रत मनुष्य को दुर्भाग्य, दुख और पापों से बचाता है।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



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म्यूचुअल फंड गिफ्ट कार्ड: अब उपहार में दीजिए सुनहरे भविष्य की चाबी, निवेश की पहली सीढ़ी की तरह करेगा काम


मान लीजिए आपके छोटे भाई का जन्मदिन है या भतीजे की शादी। आप लिफाफे में 1,100 या 5,100 रुपये रखकर थमा देते हैं। दो दिन बाद पूछिए तो पता चलता है कि वह पैसा या तो पार्टी में उड़ गया या किसी गैर-जरूरी सामान में खर्च हो गया।

24 मार्च, 2026 को, पूंजी बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड की खरीद के लिए गिफ्ट कार्ड/गिफ्ट प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) शुरू करने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को गिफ्ट कार्ड खरीदने और उसे पारंपरिक उपहारों की तरह दूसरों को देने की अनुमति देना है।

यह कैसे काम करेगा?

सारांश अपनी बहन नैना को जन्मदिन पर म्यूचुअल फंड उपहार में देना चाहता है। वह किसी पीपीआई जारीकर्ता से भौतिक या ऑनलाइन रूप में गिफ्ट कार्ड खरीद सकता है। इसका भुगतान केवल बैंक से इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर या यूपीआई के माध्यम से ही करना होगा। क्रेडिट कार्ड का उपयोग मना होगा। गिफ्ट कार्ड की वैधता अवधि एक वर्ष होगी।

अब नैना को म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाना होगा और म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदकर इस गिफ्ट कार्ड को भुनाना होगा। नैना अपनी पंसद के अनुसार कोई भी योजना चुन सकती है।

नैना का यह ट्रांजैक्शन डायरेक्ट प्लान के तहत प्रोसेस किया जाएगा। अगर नैना को म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी नहीं है, तो वह म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की सेवाएं ले सकती है। ऐसी स्थिति में, निवेश को रेगुलर प्लान के तहत माना जाएगा।

नया निवेश करने वालों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए इसे दो चरणों में बांटा गया है:

 पहला चरण: उपहार खरीदने वाले के लिए

1. आप किसी भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से अधिकतम दस हजार रुपये तक का गिफ्ट कार्ड खरीद सकते हैं।

2. आप कार्ड खरीदते समय यह सुझाव भी दे सकते हैं कि पैसा किस योजना में लगाया जाए, हालांकि यह मानना या न मानना उपहार पाने वाले पर निर्भर करेगा।

 दूसरा चरण: उपहार पाने वाले के लिए

1. जिसे उपहार मिला है, उसे अपना KYC पूरा करना होगा।

2. इसके बाद वह कार्ड में दर्ज राशि को निवेश के लिए जमा करेगा।

3. कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि कार्ड पर लिखा नाम और निवेश करने वाले का नाम एक ही हो।

गिफ्ट कार्ड के मुख्य नियम

अधिकतम राशि : प्रत्येक गिफ्ट कार्ड के लिए दस हजार रुपये

दोबारा पैसा डालना : संभव नहीं, यह केवल एक बार के उपयोग के लिए है

उपयोग की शर्त : पूरी राशि का निवेश एक ही बार में करना अनिवार्य

वैधता की अवधि : जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक

उपयोग न होने पर : पैसा वापस खरीदने वाले के बैंक खाते में चला जाएगा

जारी करने का शुल्क : कंपनी वहन करेगी, ग्राहक को कोई अतिरिक्त भार नहीं देना होगा

किसे कितना टैक्स देना होगा?


  • रिश्तेदारों से मिला उपहार: यदि पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या बच्चों से गिफ्ट कार्ड मिलता है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, चाहे राशि कितनी भी हो।

  • गैर-रिश्तेदारों (मित्रों) से मिला उपहार: यदि पूरे साल में कुल मिलाकर 50 हजार रुपये तक के उपहार मिलते हैं, तो वह टैक्स-फ्री है। यदि यह सीमा पार होती है, तो पूरी राशि आपकी आय में जोड़ दी जाएगी और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।

  • मुनाफे पर टैक्स: जब आप निवेश बेचेंगे, तो होने वाले लाभ पर पूंजीगत लाभ कर के सामान्य नियम लागू होंगे।

ये भी पढ़ें: मई से लागू हो सकता है भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, कार-व्हिस्की पर आयात शुल्क घटेगा

उपहार की माथा- पच्ची होगी खत्म

अक्सर लोग यह तय नहीं कर पाते कि क्या उपहार दें। कई बार इसको लेकर भी असमंजस रहता है कि उपहार उपयोगी होगा या नहीं। ऐसी स्थिति में, म्यूचुअल फंड उपहार में देना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके जरिये आप अपने किसी खास के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।


  • युवाओं के लिए: अपने छोटे भाई-बहनों को पॉकेट मनी देने के बजाय ये कार्ड दें। इससे उन्हें कम उम्र में ही धन प्रबंधन की सीख मिलेगी।

  • शादियों के लिए: भारी-भरकम उपहारों के बजाय भविष्य की सुरक्षा दें।



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बंगाल चुनाव से पहले नेताजी के पोते TMC में शामिल: चंद्र कुमार बोले- BJP बांटने वाली राजनीति करती है; पीएम का आज तमिलनाडु में वर्चुअल संवाद


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  • Chandra Kumar Bose Joins TMC, Slams BJP Divisive Politics | PM Tamil Nadu Dialogue

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई3 घंटे पहले

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सुभाष चंद्र बोस के पोते और पूर्व बीजेपी नेता चंद्र कुमार बोस रविवार को टीएमसी में शामिल हो गए। बोस ने राज्य मंत्री ब्रात्य बसु और TMC सांसद कीर्ति आजाद की मौजूदगी में सत्ताधारी पार्टी जॉइन की।

टीएमसी में शामिल होने के बाद चंद्र कुमार ने कहा- आज हम देख रहे हैं कि BJP बांटने वाली राजनीति करती है और सांप्रदायिक नफरत फैलाती है। अब हमें भारत को बचाने और बांटने वाली राजनीति का विरोध करने के लिए लड़ना होगा।

चंद्र बोस 2016 में BJP में शामिल हुए थे और उसी साल भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए। बाद में उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव कोलकाता दक्षिण से लड़ा लेकिन उन्हें फिर से हार का सामना करना पड़ा। 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़ दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को शाम 4 बजे ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से तमिलनाडु के भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे।

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चुनाव राज्यों में कल के बड़े अपडेट्स…

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- बीजेपी ने बंगाल में टीएमसी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए ₹1000 करोड़ की डील की है।
  • ममता बनर्जी बोलीं- बीजेपी जहरीले सांप से भी ज्यादा खतरनाक है। सांप को शरण दी जा सकती है, लेकिन बीजेपी को नहीं।
  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को तमिलनाडु के सत्तूर में रोड शो किया।
  • TVK प्रमुख विजय नेआज कन्याकुमारी में छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के लिए रैली की।

चुनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….



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बंगाल चुनाव से पहले नेताजी के पोते TMC में शामिल: चंद्र कुमार बोले- BJP बांटने वाली राजनीति करती है; पीएम का आज तमिलनाडु में वर्चुअल संवाद


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नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई34 मिनट पहले

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सुभाष चंद्र बोस के पोते और पूर्व बीजेपी नेता चंद्र कुमार बोस रविवार को टीएमसी में शामिल हो गए। बोस ने राज्य मंत्री ब्रात्य बसु और TMC सांसद कीर्ति आजाद की मौजूदगी में सत्ताधारी पार्टी जॉइन की।

टीएमसी में शामिल होने के बाद चंद्र कुमार ने कहा- आज हम देख रहे हैं कि BJP बांटने वाली राजनीति करती है और सांप्रदायिक नफरत फैलाती है। अब हमें भारत को बचाने और बांटने वाली राजनीति का विरोध करने के लिए लड़ना होगा।

चंद्र बोस 2016 में BJP में शामिल हुए थे और उसी साल भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए। बाद में उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव कोलकाता दक्षिण से लड़ा लेकिन उन्हें फिर से हार का सामना करना पड़ा। 2023 में उन्होंने भाजपा छोड़ दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को शाम 4 बजे ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से तमिलनाडु के भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे।

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चुनाव राज्यों में कल के बड़े अपडेट्स…

  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- बीजेपी ने बंगाल में टीएमसी सरकार को सत्ता से हटाने के लिए ₹1000 करोड़ की डील की है।
  • ममता बनर्जी बोलीं- बीजेपी जहरीले सांप से भी ज्यादा खतरनाक है। सांप को शरण दी जा सकती है, लेकिन बीजेपी को नहीं।
  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को तमिलनाडु के सत्तूर में रोड शो किया।
  • TVK प्रमुख विजय नेआज कन्याकुमारी में छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के लिए रैली की।

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आज का मेष राशिफल 13 अप्रैल 2026: खर्चों पर रखें नजर, धैर्य से काम लें, दिन शुभ


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Mesh Rashifal: आज मेष राशि के जातकों के लिए ऊर्जा से भरा दिन रहने वाला है, लेकिन कुछ मामलों में धैर्य की परीक्षा हो सकती है। नए विचारों को ज़मीन पर उतारने का अच्छा मौका मिलेगा, पर जल्दबाजी से बचें। निजी और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाना आज आपकी प्राथमिकता रहेगी।

Aaj Ka Mesh Rashi Rashifal 13 April 2026

सामान्य भविष्यफल: आज आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने में सफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आएगी, जिससे सहकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित होंगे। हालांकि, कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं, इसलिए बजट पर ध्यान देना ज़रूरी होगा। शाम का समय परिवार के साथ बिताने से मन को शांति मिलेगी और आप तरोताजा महसूस करेंगे।

स्वास्थ्य: आज आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा। अत्यधिक काम के बोझ से तनाव बढ़ सकता है, इसलिए बीच-बीच में आराम करना न भूलें। हल्का व्यायाम और संतुलित आहार आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और जल्दबाजी से बचें।

करियर/वित्त: करियर के मोर्चे पर आज का दिन नई संभावनाओं से भरा है। आपको कोई ऐसा प्रोजेक्ट मिल सकता है जो आपकी क्षमताओं को निखारेगा और आपको आगे बढ़ने का मौका देगा। हालांकि, आर्थिक मामलों में थोड़ा सतर्क रहें, किसी भी बड़े निवेश से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आय के नए स्रोत तलाशने का यह सही समय है।

प्रेम: प्रेम संबंधों में आज मधुरता बनी रहेगी, लेकिन छोटी-मोटी गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात करें और उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें। सिंगल जातकों को आज कोई दिलचस्प व्यक्ति मिल सकता है, जिससे भविष्य में कोई नया रिश्ता शुरू हो सकता है।

शुभ अंक: 9

शुभ रंग: लाल

मंत्र: ॐ अंग अंगारकाय नमः

पूजनीय देवता: हनुमान जी

ग्रहों का प्रभाव:

आपकी राशि का स्वामी मंगल आज आपको ऊर्जा और साहस देगा। आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित रहेंगे, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखना ज़रूरी होगा, वरना बेवजह के विवादों में पड़ सकते हैं।

सूर्य की स्थिति आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी। आप अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाएंगे और नेतृत्व करने में सहज महसूस करेंगे। यह समय अपनी पहचान बनाने के लिए अनुकूल है।

बुध की चाल संचार में थोड़ी बाधा डाल सकती है। अपनी बात कहने से पहले शब्दों का चुनाव ध्यान से करें ताकि कोई गलतफहमी न हो। ईमेल या मैसेज भेजते समय दोबारा जांच लें।

शुक्र का प्रभाव आपके प्रेम संबंधों और आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक रहेगा। आप कला और सौंदर्य की ओर आकर्षित महसूस करेंगे, जिससे आपके जीवन में कुछ नयापन आएगा।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपने पैशन को फॉलो करने के लिए आज का दिन अच्छा है, पर कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले पूरी रिसर्च कर लें।
  • सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते समय शब्दों का चुनाव ध्यान से करें, क्योंकि आपकी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है।
  • किसी नए स्किल को सीखने की शुरुआत करें, यह भविष्य में आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
  • दोस्तों के साथ समय बिताएं, लेकिन अपने लक्ष्यों से भटकें नहीं और अपनी पढ़ाई या काम पर भी ध्यान दें।
  • अपने खर्चों पर नज़र रखें, छोटी बचत भी बड़ा बदलाव ला सकती है और आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणामों में भिन्नता संभव है। आपका दिन शुभ हो और आप अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त करें!



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India-UK FTA: मई से लागू हो सकता है भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, कार-व्हिस्की पर आयात शुल्क घटेगा


भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता अगले महीने से लागू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, यह समझौता मई के दूसरे सप्ताह से प्रभाव में आने की संभावना है।

दोनों देशों ने 24 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत भारत के 99 फीसदी निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में बिना किसी शुल्क के (ड्यूटी फ्री) प्रवेश मिलेगा, जबकि भारत ब्रिटिश उत्पादों जैसे कार और व्हिस्की पर आयात शुल्क में चरणबद्ध तरीके से कमी करेगा। भारत और ब्रिटेन ने वर्ष 2030 तक आपसी व्यापार को मौजूदा 56 अरब डॉलर से बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर पहुंच: समझौते की शर्तों के मुताबिक, भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और कॉस्मेटिक्स जैसे कई उपभोक्ता उत्पादों के लिए अपना बाजार खोला है, जबकि भारतीय निर्यातकों को कपड़ा, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण, खेल सामान और खिलौनों के लिए बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी।

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इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन निर्यात का मौका


  • ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क को तत्काल 150 फीसदी से घटाकर 75 फीसदी किया जाएगा। वर्ष 2035 तक धीरे-धीरे इसे 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा।

  • ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत आयात शुल्क को मौजूदा 110 फीसदी से घटाकर पांच वर्षों में 10 फीसदी करेगा।

  • इसके बदले भारतीय कंपनियों को ब्रिटिश बाजार में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के निर्यात के लिए कोटा के आधार पर प्रवेश मिलेगा।

  • भारत और ब्रिटेन ने दोहरा योगदान संधि करार पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

  • इससे दोनों देशों के अस्थायी कर्मियों को सामाजिक शुल्क को दो बार नहीं देना पड़ेगा।



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Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर मार्च में बढ़कर 3.40% पर; जानिए अरहर, आलू और प्याज के दाम घटे तो दबाव कहां?


खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में मामूली रूप से बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जबकि फरवरी में यह 3.21 प्रतिशत थी। सरकार ने सोमवार को इससे जुड़े आंकड़े जारी किए। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़ों के आधार पर, मार्च में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की दर 3.87 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने के 3.47 प्रतिशत से अधिक है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति क्रमशः 3.63 प्रतिशत और 3.11 प्रतिशत रही। हालांकि, यह मामूली उछाल तत्काल चिंता का विषय नहीं है क्योंकि समग्र मूल्य वृद्धि अभी भी 4 प्रतिशत के सुविधाजनक और प्रबंधनीय स्तर से नीचे बनी हुई है। 

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई का अंतर

आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि शहरों की तुलना में गांवों में महंगाई का दबाव थोड़ा अधिक बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि इसके मुकाबले शहरी इलाकों में यह दर 3.11 प्रतिशत के निचले स्तर पर रही। यह अंतर स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि गांवों और शहरों के बीच मूल्य दबाव किस प्रकार भिन्न है।

खाद्य महंगाई में उछाल और आवास क्षेत्र में राहत

घरेलू बजट में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हल्का इजाफा देखा गया है। 


  • खाद्य महंगाई (सीएफपीआई): अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) मार्च में 3.87 प्रतिशत (अनंतिम) दर्ज किया गया, जो फरवरी के 3.47 प्रतिशत से अधिक है। यहां भी ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई (3.96 प्रतिशत) शहरी क्षेत्रों (3.71 प्रतिशत) की तुलना में अधिक रही, जो बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य लागत तेजी से बढ़ रही है। 

  • आवास महंगाई: इसके विपरीत, आवास (हाउसिंग) क्षेत्र में महंगाई दर 2.11 प्रतिशत (अनंतिम) के निचले स्तर पर रही। शहरी आवास महंगाई 1.95 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.54 प्रतिशत रही। इससे यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल किराए और आवास से जुड़ी लागतों ने उपभोक्ताओं पर कोई बड़ा अतिरिक्त दबाव नहीं डाला है।

किन वस्तुओं ने दी राहत और क्या हुआ महंगा?

मार्च के आंकड़ों की सबसे बड़ी राहत रसोई के प्रमुख सामानों की कीमतों में आई भारी गिरावट है, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में महंगाई का असर अब भी कायम है।


  • सब्जियां और दालें: प्याज और आलू जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कुल खाद्य बिल को कम करने में मदद मिली है। इसके अतिरिक्त लहसुन, अरहर दाल और मटर जैसी वस्तुओं ने नकारात्मक महंगाई दर्ज की है, जिसका अर्थ है कि पिछले वर्ष की तुलना में इनकी कीमतें कम हुई हैं। वहीं, खाद्य पदार्थों की बात करें तो नारियल, टमाटर और फूलगोभी में भी उच्च महंगाई देखी गई है।

  • आभूषण: दूसरी ओर, आभूषणों के बाजार में कीमतें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। हालांकि चांदी के आभूषणों की कीमतों में फरवरी के मुकाबले मामूली नरमी आई है, लेकिन सोने, हीरे और प्लेटिनम के आभूषणों की कीमतों में मजबूत वृद्धि जारी है।

आगे के लिए महंगाई का क्या अनुमान?

मार्च 2026 के महंगाई आंकड़े उपभोक्ताओं के लिए एक मिली-जुली स्थिति पेश करते हैं। जहां एक ओर सब्जियों और दालों की गिरती कीमतों ने घरेलू बजट को कुछ हद तक राहत प्रदान की है, वहीं दूसरी ओर आभूषणों और चुनिंदा खाद्य पदार्थों की बढ़ती लागतें अभी भी दबाव बनाए हुए हैं। चूंकि मुख्य महंगाई दर नियंत्रण में है, इसलिए व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण स्थिर प्रतीत होता है, हालांकि विभिन्न श्रेणियों में कीमतों के उतार-चढ़ाव के कारण प्रत्येक परिवार पर इसका वास्तविक प्रभाव अलग-अलग पड़ रहा है।



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