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Inter-Ministerial Briefing: ‘आम जनता को कम से कम परेशानी हो इसके लिए सरकार सक्रिय’, जानें और क्या कहा गया?


पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देशभर में एलपीजी की आपूर्ति स्थिर और पर्याप्त बनी हुई है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और जिम्मेदारी से रसोई गैस का इस्तेमाल करना जारी रखें।

वैश्विक संकट और आपूर्ति शृंखला की चुनौतियों के बीच भारत में घरेलू एलपीजी (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया है कि देश में किसी भी वितरक के पास गैस की कमी की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चल रहे वैश्विक संकट के बावजूद आवश्यक वस्तुओं की कमी से बचने, आपूर्ति शृंखला के व्यवधानों को रोकने और औद्योगिक संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।

गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे?

घरेलू और व्यावसायिक ऊर्जा सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी देते हुए सुजाता शर्मा ने बताया कि गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गैस के डायवर्जन या कालाबाजारी को रोकने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गैस आपूर्ति के संदर्भ में उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, 14 मार्च से लेकर अब तक लगभग 1,82,900 टन व्यावसायिक एलपीजी की बिक्री की जा चुकी है।

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मौजूदा वितरण नेटवर्क की मजबूती को देखते हुए, देशभर के घरों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, एलपीजी की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और उसका प्रबंधन किया जा रहा है।

मंत्रालय ने बताया कि ने एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग पर भी जोर दिया। मंत्रालय ने कहा कि लगभग 95% उपभोक्ता अब आईवीआरएस, एसएमएस, व्हाट्सएप और मोबाइल एप्लिकेशन जैसे ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को वितरक केंद्रों पर भीड़ से बचने और निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाजनक और कुशल डिजिटल चैनलों का उपयोग जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने क्या बताया?

ऊर्जा आपूर्ति के साथ-साथ समुद्री व्यापार मार्गों और शिपिंग क्षेत्र के प्रभाव पर बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने निम्नलिखित प्रमुख जानकारियां साझा कीं:


  • जहाजों की वापसी के प्रयास: मंत्रालय विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ समन्वय स्थापित कर होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद 15 भारतीय ध्वज और स्वामित्व वाले जहाजों को वापस लाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। इस मार्ग से नौकायन संभव होते ही इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

  • ‘जग विक्रम’ की सुरक्षित यात्रा: एक बड़ी राहत के रूप में, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत ‘जग विक्रम’ 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह जहाज 20,400 मीट्रिक टन गैस और 24 नाविकों के साथ 14 अप्रैल को कांडला बंदरगाह पहुंचेगा।

  • बंदरगाहों की स्थिति: वर्तमान में भारत के सभी बंदरगाहों पर संचालन पूरी तरह से सामान्य है और कहीं से भी किसी प्रकार के कंजेशन (भीड़भाड़) की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

खाड़ी क्षेत्र के इस संवेदनशील माहौल में कूटनीतिक समाधान और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत सरकार उच्च स्तर पर सक्रिय है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए खाड़ी देशों के साथ भारत अपनी पहुंच और संपर्क को मजबूत कर रहा है। इसी पहल के तहत, विदेश मंत्री ने 11 से 12 अप्रैल, 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का महत्वपूर्ण दौरा किया है।


 



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Iranian Crude: ट्रंप के होर्मुज बंद करने की चेतावनी के बीच भारत पहुंचे ईरानी क्रूड के जहाज, जानिए सबकुछ


अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी जारी है और इसी दौरान लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद ईरानी कच्चे तेल की खेप भारत पहुंची है। अमेरिका की ओर से दी गई प्रतिबंधों में अस्थायी छूट के चलते करीब 40 लाख (4 मिलियन) बैरल कच्चा तेल लेकर दो सुपरटैंकर भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर पहुंचे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई है और वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी (ब्लॉकेड) का एलान किया है।

जहाजों की आमद और तेल की खेप

शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी द्वारा संचालित ‘फेलिसिटी’ नामक एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर रविवार देर रात गुजरात के सिक्का तट पर लंगर डाल चुका है। इस जहाज में लगभग 20 लाख (2 मिलियन) बैरल कच्चा तेल है, जिसे मार्च के मध्य में ईरान के खार्ग द्वीप से लोड किया गया था। उसी समय, दूसरा टैंकर ‘जया’ ओडिशा के पारादीप तट के पास खड़ा हुआ है, जिसमें इतनी ही मात्रा में तेल मौजूद है। ‘जया’ में मौजूद तेल फरवरी के अंत में तब लोड किया गया था, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू नहीं किए थे।

अमेरिका की अस्थायी छू’ से मिला रास्ता

ईरानी तेल का भारत आना अमेरिकी प्रशासन द्वारा पिछले महीने दी गई 30 दिनों की प्रतिबंध छूट का परिणाम है। यह कदम वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधाओं को कम करने और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के कारण तेजी से बढ़ती तेल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया था। यह एक महीने की छूट केवल पारगमन वाले तेल को बेचने की अनुमति देती है।

सेक्टर पर प्रभाव और प्रमुख खरीदार

इन खेपों के खरीदारों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। हालांकि, पारादीप बंदरगाह मुख्य रूप से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) द्वारा संचालित होता है, जिसने इस छूट के तहत कम से कम एक ईरानी खेप खरीदने की पुष्टि की है। दूसरी ओर, गुजरात का सिक्का रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) के लिए एक प्रमुख क्रूड हैंडलिंग हब है। 

कुछ अहम आंकड़े और ऐतिहासिक संदर्भ


  • भुगतान की अड़चन: पिछले महीने 600,000 बैरल ईरानी कच्चा तेल लेकर आ रहे ‘पिंग शुन’ नामक एक टैंकर को गुजरात के वाडिनार आना था, लेकिन भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण इसे बीच रास्ते से ही चीन की ओर मोड़ दिया गया। 

  • अतीत का शानदार व्यापार: ऐतिहासिक रूप से भारत ईरानी कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार रहा है। 2018 में भारत ईरान से प्रतिदिन 518,000 बैरल तेल खरीदता था, लेकिन 2019 में अमेरिकी प्रतिबंध सख्त होने के बाद मई 2019 से यह आयात पूरी तरह बंद हो गया था।

  • आयात में हिस्सेदारी: प्रतिबंधों से पहले, भारत के कुल तेल आयात में ईरानी कच्चे तेल की हिस्सेदारी अपने चरम पर 11.5 प्रतिशत हुआ करती थी।

अब आगे क्या संभावना?

अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली इस छूट की अवधि 19 अप्रैल को समाप्त हो रही है। अनुमान है कि वर्तमान में लगभग 9.5 करोड़ (95 मिलियन) बैरल ईरानी तेल समुद्र में मौजूद जहाजों पर है। इसमें से करीब 5.1 करोड़ बैरल भारत को बेचा जा सकता है, जबकि शेष तेल चीन और दक्षिण पूर्व एशियाई खरीदारों के अनुकूल है। हालांकि, शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका द्वारा सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी (ब्लॉकेड) की चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आपूर्ति लंबे समय तक जारी नहीं रहने वाली है और इसका लक्ष्य तेहरान के तेल निर्यात राजस्व पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।





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कर्नाटक कांग्रेस के 30 विधायक दिल्ली पहुंचे: कैबिनेट में फेरबदल की मांग; पहली बार जीते 38 MLA ने भी 5 मंत्री पद मांगे


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बेंगलुरु/नई दिल्ली5 मिनट पहले

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कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल की मांग कर रहे 40 सीनियर विधायकों में 30 विधायक रविवार को दिल्ली पहुंचे। यहां वे पार्टी हाईकमान से मिलकर मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए चेहरों को मौका देने की मांग करेंगे।

तीन से ज्यादा बार विधायक बन चुके करीब 40 विधायकों की मांग है कि मौजूदा मंत्रियों को लगभग तीन साल का समय मिल चुका है, इसलिए अब सीनियर विधायकों को मौका दिया जाए। दूसरी ओर पहली बार चुने गए विधायकों ने भी दबाव बढ़ाते हुए मंत्री बनाने की मांग दोहराई है।

कर्नाटक कांग्रेस के विधायक अशोक पट्टन ने कहा कि पोर्टफोलियो बांटते समय रणदीप सुरजेवाला ने भरोसा दिया था कि सभी को मौका मिलेगा, लेकिन वही लोग बार-बार चौथी बार भी उन्हीं मंत्रालयों में नियुक्त किए जा रहे हैं। विधायक किसी को ब्लैकमेल नहीं कर रहे, बल्कि पार्टी नेतृत्व को सिर्फ उसका पुराना वादा याद दिलाने आए हैं।

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पहली बार चुने गए 38 MLA ने भी मंत्री पद मांगा

कैबिनेट फेरबदल की मांग सिर्फ सीनियर विधायकों तक सीमित नहीं है। पहली बार विधायक बने 38 कांग्रेस MLA भी लामबंद हो गए हैं। इन विधायकों ने हाल ही में पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर मांग की है कि फेरबदल के दौरान उनमें से कम से कम 5 को मंत्री बनाया जाए।

मांड्या से पहली बार विधायक बने रविकुमार गौड़ा (रवि गनीगा) ने कहा कि मंत्री बनने की इच्छा हर विधायक की होती है और नए चेहरों को भी मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी मांग है कि पहली बार चुने गए विधायकों में से कम से कम पांच लोगों को कैबिनेट में शामिल किया जाए। मांग करना गलत नहीं है।”

2 कैबिनेट पद पहले से खाली

कर्नाटक में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की मंजूरी है। फिलहाल दो मंत्री पद पहले से खाली हैं। इनमें एक पद बी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद खाली हुआ, जिन पर कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में गबन के आरोप लगे थे।

दूसरा पद पार्टी हाईकमान के निर्देश पर केएन राजन्ना को हटाए जाने के बाद खाली हुआ। ऐसे में विधायकों की मांग है कि इन पदों को भरने के साथ व्यापक फेरबदल किया जाए।

दिल्ली पहुंचे नेताओं में टीबी जयचंद्र, अशोक पट्टन, एसएन नारायणस्वामी, के. शदाक्षरी, एआर कृष्णमूर्ति, पुट्टारंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण समेत कई विधायक शामिल हैं। ये नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और संभव हो तो राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे।

शिवकुमार ने कहा था- सब मंत्री या मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं

इस बीच डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने भी गुरुवार को कहा था कि यदि मुख्यमंत्री ने फेरबदल के संकेत दिए हैं तो हर विधायक का मंत्री या मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा था- इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हर कोई कोशिश कर सकता है।

फेरबदल के पीछे नेतृत्व की खींचतान भी

कर्नाटक कांग्रेस में यह हलचल ऐसे समय तेज हुई है, जब पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर भी खींचतान जारी है। 2023 में सरकार बनने के समय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी CM डीके शिवकुमार के बीच कथित पावर-शेयरिंग फॉर्मूले की चर्चा रही थी।

अब सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण में पहुंच रही है, जिसके बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं, जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला हो।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि हाईकमान कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी देता है, तो इसका संकेत यह माना जा सकता है कि सिद्धारमैया पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

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क्या है रोटेशन फॉर्मूला?

2023 विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं में तीखी प्रतिस्पर्धा थी। उस समय ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले की चर्चा थी, जिसके मुताबिक शिवकुमार 2.5 साल बाद CM बन सकते थे, लेकिन कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

2 दिसंबर: सिद्धारमैया ने कहा था- जब हाईकमान कहेगा डीके शिवकुमार CM होंगे, हमारे बीच मतभेद नहीं

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कर्नाटक CM सिद्धारमैया ​​​​​​ने कहा कि जब हाईकमान कहेगा, तब डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। उन्होंने यह बात ‘शिवकुमार को कब CM बनाया जाएगा’ से जुड़े सवाल पर कही। सिद्धारमैया ​​​​​​ने कहा कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और दोनों राज्य सरकार को एकजुट होकर चला रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे लंबे कार्यकाल वाले सीएम बनेंगे, देवराज उर्स के कार्यकाल की बराबरी की

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बनने जा रहे हैं। वे 7 जनवरी को यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद पर 2,792 दिन पूरे कर लिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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आयुष शेट्टी में शीर्ष पांच बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल होने की क्षमता है, कोच सागर चोपड़ा का कहना है।


Sports

-Oneindia Staff

पुरुष एकल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत के प्रभावशाली प्रदर्शन का समापन आयुष शेट्टी के रजत पदक जीतने के साथ हुआ। चीन के विश्व नंबर 2 शी यू ची से फाइनल में हारने के बावजूद, सेंटर फॉर बैडमिंटन एक्सीलेंस के मुख्य कोच सागर चोपड़ा ने शेट्टी की खेल के शीर्ष पायदानों पर पहुंचने की क्षमता में विश्वास व्यक्त किया।

 आयुष शेट्टी का बैडमिंटन में शीर्ष पांच में पहुंचने का सफर

Representative image

रविवार को निंगबो में शेट्टी का अभियान समाप्त हुआ, जहाँ वे शी से सीधे गेम में हार गए। चोपड़ा ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आयुष दुनिया के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में से एक बनने की क्षमता रखता है।” उन्होंने शेट्टी की भविष्य की सफलता के लिए धैर्य को एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में जोर दिया, यह बताते हुए कि शेट्टी कभी-कभी मैचों के दौरान बहुत जल्दी सीधे विजेता बनाने का प्रयास करते थे।

हार के बावजूद, शेट्टी के अभियान में ली शी फेंग, जोनाथन क्रिस्टी और कुनलावुत विटिड्सर्न पर महत्वपूर्ण जीतें शामिल थीं। यह सीज़न की शुरुआत में कई शुरुआती निकास के बाद एक सफलता थी। चोपड़ा ने इस बदलाव का श्रेय शेट्टी के विश्वास और पीठ की चोट के बाद बेहतर फिटनेस को दिया, जिसने साल की शुरुआत में उनकी तैयारी को प्रभावित किया था।

पीठ की चोट ने शेट्टी के शुरुआती सीज़न को बाधित किया, जिसके कारण चार से पांच सप्ताह का पुनर्वास आवश्यक था। चोपड़ा ने कहा, “इस सप्ताह का सबसे बड़ा प्लस विश्वास था,” शेट्टी के लंबे랠 के दौरान बेहतर धैर्य को उजागर किया। कोच ने शेट्टी की मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए खेल मनोवैज्ञानिक के साथ सत्रों का भी श्रेय दिया।

शेट्टी की प्रगति को स्वीकार करते हुए, चोपड़ा ने सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों को इंगित किया। उन्होंने कहा, “सहनशक्ति अभी भी एक प्रगति पर काम है,” उन्होंने कहा कि शेट्टी फिटनेस बढ़ाने के लिए प्रशिक्षकों और फिजियोथेरेपिस्ट के साथ ऑफ-कोर्ट सत्रों में लगे हुए हैं।

कोचिंग और तुलना

शेट्टी ने इंडोनेशियाई कोच इरवांशियाह आदि प्रतिमा के साथ काम करना शुरू कर दिया है, जिसे चोपड़ा फायदेमंद मानते हैं। प्रतिमा ने पहले इंडोनेशियाई खिलाड़ियों जैसे जोनाथन क्रिस्टी और एंथनी सिनिसुका गिंटिंग को उनके शिखर वर्षों के दौरान कोचिंग दी थी।

शेट्टी की ऊंचाई और खेलने की शैली के कारण दो बार के ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सलसन के साथ तुलनाएं उभरी हैं। चोपड़ा ने स्वीकार किया, “उनकी हमेशा विक्टर एक्सलसन से तुलना की गई है,” यह उल्लेख करते हुए कि एक्सलसन खुद और शेट्टी के बीच समानताएं देखते हैं।

भविष्य की संभावनाएं

आगे देखते हुए, शेट्टी के लिए विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसी प्रतियोगिताओं को लक्षित करने के लिए निरंतरता महत्वपूर्ण बनी हुई है। चोपड़ा ने कहा, “निरंतरता महत्वपूर्ण है,” शेट्टी को लगातार टूर्नामेंट के बाद के चरणों में पहुंचने और पोडियम फिनिश का लक्ष्य रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

चोपड़ा ने शेट्टी के खेल में विकास के लिए क्षेत्रों को उजागर किया, जिसमें अधिक नियंत्रण, हाफ-स्मैश, सॉफ्ट ड्रॉप्स और बेहतर भिन्नता जोड़ना शामिल है। जबकि शेट्टी ने यूएस ओपन में अपने खिताब की दौड़ जैसी पिछली सफलताओं के साथ वादा दिखाया है, उस स्तर को बनाए रखना निरंतर पहचान के लिए आवश्यक होगा।

इस टूर्नामेंट ने शेट्टी के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन सर्किट में निरंतर सफलता और दृश्यता के लिए प्रदर्शन के स्तर को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

With inputs from PTI



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Kal Ka Match Kon Jeeta 12 April: कल का मैच कौन जीता- मुंबई इंडियंस vs आरसीबी


Cricket

oi-Naveen Sharma

Kal Ka Match Kon Jeeta: मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मुकाबले में मुंबई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय टीम के लिए महंगा साबित हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 240 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

आरसीबी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। फिलिप सॉल्ट ने 36 गेंदों पर 78 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल थे। उनके साथ विराट कोहली ने 38 गेंदों में 50 रन बनाकर टीम को मजबूत आधार दिया। इसके बाद कप्तान रजत पाटीदार ने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। अंतिम ओवरों में टिम डेविड ने नाबाद 34 रन बनाकर स्कोर को 240 तक पहुंचा दिया।

Kal Ka Match Kon Jeeta

241 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन टीम नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही। रयान रिकेल्टन ने 37 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा 19 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। सूर्यकुमार यादव ने 33 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन बड़ी साझेदारी नहीं बन सकी।

कप्तान हार्दिक पांड्या ने 22 गेंदों में 40 रन बनाकर उम्मीद जगाई, लेकिन वह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। इसके बाद शेरफेन रदरफोर्ड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 31 गेंदों में नाबाद 71 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, जिसके चलते मुंबई की टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 222 रन ही बना सकी।

गेंदबाजी में आरसीबी के गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट निकाले। सुयश शर्मा और अन्य गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा, जिससे मुंबई लक्ष्य के करीब पहुंचकर भी जीत हासिल नहीं कर सकी।

इस तरह आरसीबी ने 18 रनों से मैच जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। टीम की जीत में शीर्ष क्रम की आक्रामक बल्लेबाजी और मध्य ओवरों में बनाए गए दबाव की अहम भूमिका रही।

डबल हेडर के पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से हुआ, इस मुकाबले में गुजरात ने जीत दर्ज कर ली। पहले खेलते हुए लखनऊ ने 8 विकेट पर 164 रन बनाए, जवाब में खेलते हुए गुजरात ने 3 विकेट पर 165 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।



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Monalisa अचानक हो गई लापता, पति फरमान बोला- मोनालिसा भाग गई, मां बोलीं- मेरी बेटी को गायब कर दिया’


Entertainment

oi-Bhavna Pandey

Monalisa Viral Girl Missing- प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई मोनोलिसा एक बार फिर चर्चा में हैं। मुस्लिम लड़के फरमान से शादी करने वाली मोनालिसा अचानक से कहीं गायब हो गई हैं। परिवार वालों के विरोध के बावजूद जिस फरमान से भूरी-भूरी आंखों वाली कुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा से केरल में कुछ दिन पहले शादी की थी, उसी पति फरमान ने अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मोनालिसा के पति अरमान ने दावा किया है कि मोनालिसा घर से भाग गई है और मैं उसे तलाश करने के लिए अजमेर पुष्कर आया हुआ हूं…”। वहीं मोनालिसा की मां ने आरोप लगाया है कि फरमान ने ही उनकी बेटी को कहीं गायब किया है और ये उसकी सुनियोजित साजिश है।

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फरमान ने जो वीडियो जारी कियाह उसमें वो कह रहा है, ”मैं अजमेर पुष्कर आया हुआ हूं, मैं उसे ढूंढने आया हूं। सो फ्रेंड्स उसका अजमेर में पता नहीं लग पाया। मैं जोधपुर जा रहा हूं। पता करेंगे। जोधपुर में हॉल्ट है तो आप किसी को पता चले तो मुझे बताएं।”

परिवार बोला- मोनालिसा को फरमान ने गायब कर दिया

इस वीडियो के सामने आने के बाद मोनालिस के गृहनगर महेश्वर नगर में एक बार फिर हड़कंप मच गया बेटी की गायब होने की खबर सुन पिता कुछ भी कह नहीं पाए। वहीं मोनालिसा के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि यह विवाह साजिश का हिस्सा था और दबाव बढ़ने पर बेटी को गायब कर दिया जाएगा।

युवती की मां ने बताया, ”15 से 20 दिन पहले फरमान ने हमारी थोड़ी सी बात कराई थी। इसके बाद ना तो बेटी को फोन लगता है और ना ही फरमान बात कराता है।” युवती की बड़ी मां ने भी पुष्टि की कि कुछ देर बात कराने के बाद फरमान ने उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया था, जिससे परिवार का उससे संपर्क टूट गया।

फरमान के खिलाफ दर्ज FIR

बता दें, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCSC) के हस्तक्षेप से मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में संज्ञान लिया। सरकार के निर्देशों पर युवती की वास्तविक जन्मतिथि का खुलासा हुआ, जिसके आधार पर फरमान के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

यह मामला मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और केरल-तीन राज्यों से जुड़ा होने के कारण लगातार सुर्खियों में है। फरमान पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद खरगोन पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। महेश्वर थाना इंचार्ज जगदीश गोयल से पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।”

वहीं, मंडलेश्वर की एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी ही टिप्पणी कर सकते हैं। एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल ने भी युवती के नाबालिग होने के चलते एसपी साहब से जानकारी लेने की बात कही। खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा को चार बार कॉल करने के बावजूद उन्होंने न तो फोन उठाया और न ही कोई जवाब देना उचित समझा।



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Hormuz Crisis: हॉर्मुज में पाकिस्तान की भारी बेइज्जती! ईरान ने बीच समुद्र में खदेड़े दो पाकिस्तानी जहाज


International

oi-Sumit Jha

Strait of Hormuz Crisis: हॉर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है। दुनिया की 20% ऊर्जा सप्लाई वाले इस रास्ते पर मचे घमासान के बीच पाकिस्तान के दो तेल टैंकर, ‘खैरपुर’ और ‘शालिमार’, बीच रास्ते से ही बैकरॉक (वापस) होने को मजबूर हो गए।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान खुद अमेरिका और ईरान के बीच शांतिदूत बनने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस्लामाबाद में हुई वार्ता बेनतीजा रही। नतीजा यह हुआ कि ‘शांति के उपासक’ पाकिस्तान की भारी बेइज्जती हो गई और उसके अपने जहाज सुरक्षित नहीं रह पाए।

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US-Iran peace talks failure: शांतिदूत बनने चले थे,’मोय-मोय’ हो गया

पाकिस्तान वैश्विक राजनीति में अपनी धाक जमाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा था। इस्लामाबाद में बड़ी उम्मीदों के साथ शांति वार्ता आयोजित की गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। जैसे ही बातचीत नाकाम हुई, ईरान ने कड़ा रुख अपना लिया। इसका सीधा असर पाकिस्तान के उन जहाजों पर पड़ा जो तेल लेने जा रहे थे। जब अपने ही जहाज वापस लौटने लगें, तो दुनिया भर में यह संदेश गया कि मध्यस्थ (Mediator) के तौर पर पाकिस्तान की कोई वैल्यू नहीं रह गई है।

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Pakistan oil tankers Return: खैरपुर और शालिमार की ‘दुखद’ घर वापसी

पाकिस्तानी झंडे वाले तेल टैंकर ‘खैरपुर’ और ‘शालिमार’ बड़े जोश के साथ हॉर्मुज की ओर बढ़ रहे थे। उन्हें लगा था कि शांति वार्ता के बाद रास्ता साफ होगा, लेकिन हकीकत कुछ और निकली। समझौते की शर्तें पूरी न होने पर उन्हें बीच समुद्र से ही यू-टर्न लेना पड़ा। यह सिर्फ जहाजों की वापसी नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान की समुद्री साख की वापसी थी। सोशल मीडिया पर लोग इसे पाकिस्तान की भारी फजीहत बता रहे हैं, क्योंकि उसके टैंकरों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

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ईरान-अमेरिका की जिद और बीच में फंसा पाकिस्तान

ईरान हॉर्मुज पर अपना पूरा कंट्रोल चाहता है, जबकि अमेरिका इसके खिलाफ है। 8 अप्रैल को हुआ संघर्ष विराम 15 दिन भी नहीं टिक सका। जब दो हाथियों की लड़ाई होती है, तो घास कुचली ही जाती है, यही हाल पाकिस्तान का हुआ है। पाकिस्तान को लगा था कि वह दोनों देशों को मना लेगा, लेकिन दोनों महाशक्तियों ने अपने हितों को ऊपर रखा। इस जिद के चलते पाकिस्तान के एनर्जी प्रोजेक्ट्स और तेल की सप्लाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

ऊर्जा संकट और अस्थायी राहत का खेल

हालांकि ‘MV Selen’ नाम का जहाज कराची पहुंच गया, लेकिन इसे ऊंट के मुंह में जीरे के समान माना जा रहा है। रणनीतिकारों का कहना है कि एक जहाज के आने से सप्लाई चेन नहीं सुधरेगी। अगर हॉर्मुज जलमार्ग इसी तरह बंद रहा या तनाव बना रहा, तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे। फिलहाल पाकिस्तानी अधिकारी अमेरिका और ईरान के आगे हाथ-पैर जोड़ रहे हैं कि कोई रास्ता निकले, वरना उनकी अर्थव्यवस्था का पूरी तरह ‘मोय-मोय’ होना तय है।



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Bihar Next CM: मुख्यमंत्री की रेस में पिछड़े सम्राट चौधरी! BJP की बैठक छोड़ अचानक नीतीश से मिलने क्यों पहुंचे?


Bihar

oi-Sumit Jha

Bihar Next CM: बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची है। चर्चा आम है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर अपनी नई भूमिका की शुरुआत कर सकते हैं। हाल ही में उनके राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ यह सवाल सत्ता के गलियारों में गूंज रहा है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त कर 14 अप्रैल को पटना में विधायक दल की बड़ी बैठक बुलाई है।

इस बैठक में नए नेता का चुनाव होना है, जो राज्य की कमान संभाल सकता है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से मुलाकात और दूसरी ओर युवा विधायक श्रेयसी सिंह की अमित शाह से बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक सस्पेंस को चरम पर पहुंचा दिया है।

Bihar Next CM Samrat Choudhary

BJP की बैठक छोड़ सीएम आवास पहुंचे सम्राट

बिहार की सियासत में हलचल तब और बढ़ गई जब सीएम रेस में सबसे आगे चल रहे सम्राट चौधरी बीजेपी के महत्वपूर्ण कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए। वहां पहले से ही जेडीयू के दिग्गज नेता मौजूद थे। सम्राट का बीजेपी की बैठक से दूरी बनाना और नीतीश कुमार के साथ लंबी चर्चा करना कई नए संकेत दे रहा है। माना जा रहा है कि, सम्राट चौधरी सीएम नीतीश के जरिए पैरवी में जुटे हैं।

Samrat Choudhary Bihar CM: दोबारा विधायक दल की बैठक बुलाने से संशय

वर्तमान में सम्राट चौधरी बीजेपी विधायक दल के नेता और डिप्टी सीएम हैं। गृह विभाग संभाल रहे सम्राट को नीतीश के बाद नंबर-2 माना जाता है। सियासी गलियारों में सबसे प्रबल दावेदार वही हैं, लेकिन दोबारा विधायक दल की बैठक बुलाने से संशय पैदा हो गया है। जानकारों का मानना है कि या तो उनकी स्थिति को और मजबूत करने के लिए फिर से मुहर लगाई जाएगी या फिर बीजेपी किसी नए चेहरे को सामने लाकर सबको चौंका सकती है।

श्रेयसी सिंह और अन्य दावेदारों का बढ़ता ग्राफ

मुख्यमंत्री की रेस में केवल सम्राट चौधरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य नाम भी चर्चा में हैं। इनमें जमुई विधायक और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह का नाम तेजी से उभरा है। हाल ही में उनकी गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन से मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। बीजेपी अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेती है, इसलिए श्रेयसी सिंह या किसी अन्य अनुभवी नेता के नाम पर मुहर लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

श्रेयसी सिंह नें किया अमित शाह व नितिन नवीन से मुलाकात?बढ़ी राजनीतिक हलचल,

क्या बन सकती है बिहार की सीएम? pic.twitter.com/66bxxsOJaB

— Mrigendra Pratap Singh (@MrigendraSpeaks) April 11, 2026 “>

Bihar Politics Hindi: 14 अप्रैल को विधायक दल की बैठक

बीजेपी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाकर बिहार भेजा है। 14 अप्रैल को होने वाली बैठक में उनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि आलाकमान बिहार के लिए कोई बड़ा और गंभीर फैसला ले चुका है। आमतौर पर पर्यवेक्षक तभी भेजे जाते हैं जब नेतृत्व में बदलाव करना हो या किसी खास नाम पर सभी विधायकों की सहमति सुनिश्चित करनी हो। यह बैठक बिहार की नई सरकार की दिशा तय करेगी।





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Aaj Ka Match Kon Jeeta 12 April: मुंबई इंडियंस vs आरसीबी, किसने मचाया मैदान पर तहलका


Cricket

oi-Naveen Sharma

Aaj Ka Match Kon Jeeta: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 240 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही और ओपनिंग बल्लेबाज फिलिप साल्ट ने तेज अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों पर 78 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 6 छक्के शामिल रहे, जिससे टीम ने पावरप्ले में ही मजबूत पकड़ बना ली। उनके साथ विराट कोहली ने भी संभलकर खेलते हुए 38 गेंदों में 50 रनों का योगदान दिया और टीम को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया।

मध्यक्रम में कप्तान रजत पाटीदार ने बेहद विस्फोटक बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनकी इस तेज पारी ने मुंबई के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया और रन गति लगातार ऊंची बनी रही। अंतिम ओवरों में टिम डेविड ने भी आक्रामक भूमिका निभाई और 16 गेंदों पर नाबाद 34 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के शामिल रहे। वहीं रोमारियो शेफर्ड 2 रन बनाकर नाबाद लौटे।

Aaj Ka Match Kon Jeeta

मुंबई इंडियंस की ओर से गेंदबाजी में कोई भी गेंदबाज खास असर नहीं छोड़ सका। हार्दिक पांड्या, शार्दुल ठाकुर, मिशेल सैंटनर और ट्रेंट बोल्ट को एक-एक विकेट जरूर मिला, लेकिन वे रन गति पर नियंत्रण नहीं रख पाए। टीम ने अतिरिक्त के रूप में 13 रन भी दिए, जो अंत में महंगे साबित हुए।

जवाबी पारी में खेलते हुए रोहित शर्मा और रिकल्टन ने मुंबई इंडियंस को अच्छी शुरुआत दी। दोनों ने अर्धशतकीय भागीदारी की लेकिन रोहित शर्मा को हेमस्ट्रिंग के कारण मैदान छोड़कर जाना पड़ा। वह 19 रन बनाकर चले गए। उनके बाद रिकल्टन भी 22 गेंदों में 37 रन बनाकर आउट हो गए।

यहां से मुकाबले का रुख ही पलट गया। तिलक वर्मा 1 रन बनाकर चले गए। सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या ने उम्मीदें जगाई लेकिन सूर्या भी 22 गेंदों में 33 रन पर आउट हो गए। हार्दिक पांड्या के ऊपर पूरा दबाव आ गया और अच्छी बैटिंग करते हुए वह 21 गेंदों में 40 रन बनाकर आउट हो गए। स्कोर 145/4 हो गया।



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Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों के खाते में ट्रांसफर की गई 35 वीं किस्‍त, ऐसे चेक करें 1500 रुपये आए या नहीं?


India

oi-Bhavna Pandey

Ladli Behna Yojana 35th Installment: मध्‍य प्रदेश के लाडली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर सामने आई है। 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की 35वीं किस्त जारी कर दी है।

मध्‍य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ₹1500 की राशि हस्तांतरित की गई। यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा संचालित की जा रही है।

Ladli Behna Yojana

महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए गए ₹1,836 करोड़

इस 35वीं किस्त के तहत कुल ₹1,836 करोड़ से अधिक की धनराशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा, “बहनों का सम्मान, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

Ladli Behna Yojana

ऐसे चेक करें 1500 रुपये अकाउंट में आए या नहीं?

मध्‍य प्रदेश में इस लाड़ली योजना की लाभार्थी महिलाएं अपने अकाउंट में 1500 रुपये की धनराशि के भुगतान की स्थिति जांचने के लिए, योजना की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibahna.mp.gov.in) पर जाएं। वहां ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना ‘आवेदन नंबर’ या ‘सदस्य समग्र आईडी’ (Member Composite ID)भरकर कैप्चा कोड डालें। रजिस्‍टर्ड मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर उसे दर्ज करते ही, आपको सभी भुगतानों की जानकारी मिल जाएगी।

Ladli Behna Yojana

अब तक कितनी धनराशि खर्च कर चुकी है सरकार?

लाड़ली बहना योजना, मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर सशक्त बनाना है। पहले इसमें ₹1250 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब ₹1500 कर दिया गया है। राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जात हैं। जिससे पात्र महिलाओं को सीधा लाभ मिलता है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल 34 किस्तों में ₹55,976 करोड़ से अधिक की राशि लाड़ली बहनों को वितरित की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण है।

बेटियों और बहनों के विकास से ही समग्र विकास संभव है…

आज आष्टा, सीहोर में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में ₹184 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। क्षेत्रवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मांगें पूर्ण की जाएंगी।

5 लाख से अधिक… pic.twitter.com/AR9UCZa2Ex

— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 12, 2026 “>

e-KYC की प्रक्रिया क्‍यों की अनिवार्य?

योजना का लाभ निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं की e-KYC पूरी नहीं हुई है, उनकी ₹1500 की किस्त अटक सकती है। इन लाभार्थियों को समग्र पोर्टल (samagra.gov.in) पर अपनी e-KYC तुरंत अपडेट करने की सलाह दी गई है।

e-KYC अपडेट करने के लिए, समग्र पोर्टल (Composite portal) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। ‘e-KYC’ विकल्प चुनें और अपनी समग्र आईडी दर्ज करें। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से सत्यापन पूरा करें। अंत में, आधार कार्ड डिटेल साझा कर प्रक्रिया को अंतिम रूप दें।





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