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पंजाब में 8वीं की बोर्ड परीक्षा में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले की बेटी ने किया टॉप, केजरीवाल ने जमकर की तारीफ


Punjab

oi-Bhavna Pandey

Punjab PSEB 8th result 2026: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने हाल ही में आठवीं कक्षा के नतीजे जारी किए, जिनमें लड़कियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सभी सफल विद्यार्थियों, खास तौर पर बेटियों को, हार्दिक बधाई दी।

इसके बाद रविवार को आम आदमी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट के जरिए बच्‍चों की इस उपलब्धि पर छात्र-छात्राओं के साथ आप सरकार के प्रयासों की जमकर तारीफ की है।

Punjab PSEB 8th result 2026

अरविंद केजरीवाल ने लिखा, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 8वीं कक्षा के नतीजों में ईंट के भट्ठे पर काम करने वाले मुनीम की होनहार बेटी ने टॉप किया है। यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि अब पंजाब के गरीब परिवारों के, आम घरों के बच्चे सपने भी देख रहे हैं और उन्हें पूरा भी कर रहे हैं। यह इन बच्चों का अधिकार है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बच्चों को बेहतरीन शिक्षा व्यवस्था देने की लगातार कोशिश कर रही है,अब उस कोशिश के परिणाम दिखने लगे हैं।”

ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਪੰਜਾਬ ਸਕੂਲ ਸਿੱਖਿਆ ਬੋਰਡ ਦੀ 8ਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸੂਬੇ ਭਰ ਚੋਂ ਅੱਵਲ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਹੋਣਹਾਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਖ਼ਾਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਅਤੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦਿਲੋਂ ਵਧਾਈਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ।

ਇਸ ਵਾਰ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ ਇੱਕ ਭੱਠੇ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮੁਨੀਮ ਦੀ… pic.twitter.com/FfK3lbtOH3

— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) April 12, 2026 “>

सीएम भगवंत मान बोले-हमारे पंजाब की बेटियों ने मारी बाजी

वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल, 2026 को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा, “बीते दिनों पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा के नतीजे घोषित किए गए। इस बार भी हमारी बेटियों ने बाजी मारी है। अव्वल आने वाली लड़कियों में पहले स्थान पर फरीदकोट जिले की तमन्ना, दूसरे स्थान पर संगरूर जिले की जपनीत कौर और तीसरे स्थान पर फरीदकोट जिले की जश्नदीप कौर रही।”

टॉपर्स को दी बधाई

मुख्यमंत्री ने आगे जोर दिया कि बेटियों की यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सशक्तिकरण और राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने परीक्षा में उत्तीर्ण हुए सभी विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

पंजाब सरकार का शिक्षा में सुधार पर है फोकस

पंजाब सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण और छात्र-केंद्रित पहलों के माध्यम से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि बोर्ड परिणामों में इस तरह का बेहतर प्रदर्शन राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

शैक्षणिक परिणामों में लड़कियों का लगातार वर्चस्व राज्य में बालिका शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रोत्साहन का मजबूत संकेत है। सरकार समान अवसर और बेहतर संसाधन प्रदान करने को प्रतिबद्ध है, ताकि अधिक लड़कियां अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। आठवीं कक्षा के नतीजे छात्रों के आत्मविश्वास और उच्च कक्षाओं की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ाव माने जाते हैं, जिससे आगामी परीक्षाओं में भी बेहतर परिणामों की आशा है।





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T-तुष्टिकरण, M-माफिया राज! CM योगी ने बंगाल रैली में बताया TMC का असली मतलब, गुंडों को दी सीधी चेतावनी!


India

oi-Sohit Kumar

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में हुंकार भरी। सोनामुखी और नंदकुमार विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने न केवल टीएमसी (TMC) की नई परिभाषा दी, बल्कि राज्य में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव (Demography Change) और हिंदुओं की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई।

CM Yogi West Bengal Rally

योगी आदित्यनाथ ने अपने तीखे भाषण में टीएमसी का नया अर्थ बताते हुए कहा कि आज यह पार्टी बंगाल की बर्बादी का पर्याय बन चुकी है। उन्होंने TMC की फुल फॉर्म बताते हुए कहा कि….

  • T (Tushitikaran): तुष्टिकरण की राजनीति।
  • M (Mafia Raj): माफियाओं का बोलबाला।
  • C (Cut Money): हर काम में अवैध वसूली या कट मनी।

TMC का मतलब- T- तुष्टीकरण, M- माफियाराज, C- कटमनी…

मालदा, मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम, हावड़ा जैसे कई ऐसे जनपद हैं जहां हिंदू शून्य करने का षड्यंत्र हो रहा है…

हिंदुओं को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश हो रही है… pic.twitter.com/nffJVszJFp

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 12, 2026 “>

योगी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार केवल अपने वोट बैंक की चिंता करती है। उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में हुई एक दलित हिंदू की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि ‘ममता दीदी इस पर इसलिए मौन रहीं क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनका मुस्लिम वोट बैंक खिसक न जाए।’

‘हिंदू शून्य’ करने का षड्यंत्र

सीएम योगी ने बंगाल के कई जिलों जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर, नादिया और हावड़ा का नाम लेते हुए कहा कि यहां हिंदुओं को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में दुर्गा पूजा और अन्य हिंदू त्योहारों पर कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया जाता है, जबकि घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य की डेमोग्राफी बदली जा रही है।

‘खेला’ खत्म और ‘बुलडोजर’ की चेतावनी

यूपी के सुशासन का हवाला देते हुए योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते और माफिया ‘जहन्नुम’ की यात्रा पर भेज दिए गए हैं। उन्होंने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि, टबंगाल में अब ‘खेला’ बंद होगा और विकास का अध्याय शुरू होगा। सीएम योगी ने कहा कि, ‘अगर कोई बहन-बेटियों या संस्कृति के साथ खिलवाड़ करेगा, तो ‘बुलडोजर’ उसे जवाब देगा। बंगाल में उर्दू थोपने की कोशिश कामयाब नहीं होगी, यहां बांग्ला ही बोली जाएगी।’

TMC का मतलब- T- तुष्टीकरण, M- माफियाराज, C- कटमनी…

मालदा, मुर्शिदाबाद, दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम, हावड़ा जैसे कई ऐसे जनपद हैं जहां हिंदू शून्य करने का षड्यंत्र हो रहा है…

हिंदुओं को पूरी तरह समाप्त करने की साजिश हो रही है… pic.twitter.com/nffJVszJFp

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 12, 2026 “>


योगी आदित्यनाथ ने जनता से ‘डबल इंजन’ की सरकार बनाने का आह्वान किया ताकि बंगाल को फिर से ‘कल्चरल कैपिटल’ बनाया जा सके, जिसे टीएमसी ने ‘क्राइम कैपिटल’ में बदल दिया है।





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Turkey Threat to Israel: अमेरिका का दोस्त बना दुश्मन, तुर्किये ने इजराइल को दी धमकी, कहा- घुसकर मारेंगे


International

oi-Sumit Jha

Turkey Threat to Israel: अमेरिका और इज़राइल की दोस्ती जगजाहिर है, लेकिन तुर्किये (Turkey) भी अमेरिका का बहुत पुराना और बड़ा सैन्य साथी रहा है। अब हालात ये हैं कि तुर्किये ने इज़राइल को सीधी जंग की धमकी दे दी है।

राष्ट्रपति एर्दोगन का कहना है कि जैसे उन्होंने लीबिया और काराबाख की लड़ाइयों में दखल दिया था, वैसे ही वे इज़राइल में भी घुस सकते हैं। यह झगड़ा अब सिर्फ बातों तक नहीं रहा, बल्कि कानूनी और सैन्य धमकियों तक पहुंच गया है।

Turkey Threat to Israel

Netanyahu vs Erdogan: एर्दोगन की सीधी सैन्य धमकी

तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने साफ-साफ कहा है कि इज़राइल अपनी हद पार कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि तुर्किये की सेना इज़राइल में दाखिल होने की ताकत रखती है। एर्दोगन के मुताबिक, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू खून के प्यासे हो चुके हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव न कर रहा होता, तो तुर्किये अब तक इज़राइल को कड़ा सबक सिखा चुका होता।

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Turkey Israel war news Hindi: नेतन्याहू को जेल भेजने की तैयारी

तुर्किये ने सिर्फ जुबानी हमला नहीं किया, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कस दिया है। तुर्किये की अदालत ने नेतन्याहू और 35 इज़राइली अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला 2025 में गाजा जा रहे एक बेड़े (flotilla) को रोकने से जुड़ा है। तुर्किये चाहता है कि नेतन्याहू को करीब 4,500 साल की जेल हो। उन्होंने नेतन्याहू की तुलना ‘आज के दौर के हिटलर’ से की है, जिसका काम सिर्फ मासूमों का कत्लेआम करना है।

इजराइल का तीखा पलटवार

जब तुर्किये ने हमला बोला, तो इज़राइल भी चुप नहीं रहा। पीएम नेतन्याहू ने पलटवार करते हुए कहा कि एर्दोगन हमें नैतिकता न सिखाएं, क्योंकि वे खुद अपने ही देश के कुर्द लोगों पर जुल्म करते हैं। इज़राइल का आरोप है कि तुर्किये आतंकवादियों का साथ दे रहा है। इज़राइली मंत्रियों ने एर्दोगन की धमकियों को बड़बोलापन बताया और कहा कि तुर्किये में होने वाले मुकदमे सिर्फ एक नाटक हैं जिनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।

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शांति की कोशिशों में अड़चन

तुर्किये का मानना है कि इज़राइल जानबूझकर माहौल खराब कर रहा है ताकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति बातचीत (जो पाकिस्तान में हो रही है) फेल हो जाए। तुर्किये के मुताबिक, नेतन्याहू को डर है कि अगर शांति हो गई तो उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। इसलिए वे इलाके में अशांति फैलाकर तुर्किये और ईरान को आपस में भिड़ाना चाहते हैं और अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं।

अमेरिका के लिए बड़ी मुसीबत

अमेरिका के लिए यह सिरदर्द बन गया है। एक तरफ उसका सबसे करीबी दोस्त इज़राइल है, तो दूसरी तरफ नाटो (NATO) का ताकतवर सदस्य तुर्किये। तुर्किये ने अब अमेरिका की पसंद-नापसंद की परवाह करना छोड़ दिया है। वह खुद को मुस्लिम देशों का लीडर दिखाना चाहता है। इज़राइल से इस कदर दुश्मनी मोल लेकर तुर्किये ने जता दिया है कि अब वह अमेरिका के इशारों पर नहीं चलेगा, जिससे मिडिल-ईस्ट का पूरा गणित बिगड़ गया है।



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Asha Bhosle: सादगी से ग्लैमर तक, 80 वर्षों में कितनी बदली सुरों की मलिका? आशा ताई का ट्रांसफॉर्मेशन और जर्नी


Entertainment

oi-Kumari Sunidhi Raj

Asha Bhosle Transformation: भारतीय संगीत जगत में कुछ आवाजें वक्त की मोहताज नहीं होतीं, बल्कि वे समय के साथ और भी ज्यादा निखरती जाती हैं। आशा भोसले (Asha Bhosle) एक ऐसा ही नाम हैं, जिन्होंने अपनी गायकी और व्यक्तित्व से पिछले आठ दशकों में कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया है। 1940 के दशक में एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से करियर की शुरुआत करने वाली आशा ताई का सफर आज एक ग्लोबल आइकन के रूप में दुनिया के सामने थी।

उनकी यह ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ केवल उम्र के बढ़ने की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक कलाकार के खुद को बार-बार नया करने (Reinvention) की मिसाल है। शुरुआती दौर की संघर्षपूर्ण सादगी से लेकर आज के दौर के आधुनिक और ग्रेसफुल अंदाज तक, आशा जी ने साबित किया है कि अगर हुनर और जज्बा हो, तो उम्र महज एक आंकड़ा बनकर रह जाती है। 92 की उम्र में आशा ताई ने दुनिया को अलविदा कह दिया है।

Asha Bhosle: सादगी से ग्लैमर तक, 80 वर्षों में कितनी बदली सुरों की मलिका? आशा ताई का ट्रांसफॉर्मेशन और जर्नी

संघर्ष और अपनी पहचान की तलाश

आशा भोसले ने बहुत छोटी उम्र में गाना शुरू कर दिया था। उस समय उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर पहले से ही इंडस्ट्री में बड़ा नाम बन चुकी थीं। ऐसे में आशा के लिए अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें छोटे बजट की फिल्मों और कम चर्चित गानों में मौका मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्हें अक्सर उन गानों के लिए चुना जाता था जिन्हें अन्य गायिकाएं छोड़ देती थीं, लेकिन अपनी मेहनत और अनूठे अंदाज से उन्होंने उन्हीं गानों को यादगार बना दिया।

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गोल्डन पीरियड, जब हर धुन बनी इतिहास

1960 से 80 के दशक के बीच आशा भोसले का करियर अपने शिखर पर पहुंचा। इस दौरान उन्होंने मशहूर संगीतकार आर. डी. बर्मन के साथ कई सुपरहिट गाने दिए। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को किसी एक दायरे में सीमित नहीं रखा। उन्होंने रोमांटिक, क्लासिकल, गजल और कैबरे-हर स्टाइल में अपनी आवाज को बखूबी ढाला। ‘दम मारो दम’ से लेकर ‘इन आंखों की मस्ती’ तक, उनकी आवाज की विविधता ने उन्हें संगीत की दुनिया का ‘वर्सेटाइल क्वीन’ बना दिया।

Then vs Now: लुक और स्टाइल में बड़ा बदलाव

आशा भोसले के पुराने समय और आज के दौर की तुलना की जाए, तो उनका व्यक्तित्व और भी प्रभावशाली होकर उभरा है:

पुराना दौर (Then): करियर के शुरुआती वर्षों में आशा जी ज्यादातर सिंपल साड़ी और पारंपरिक लुक में नजर आती थीं। उनका अंदाज बेहद सादा, क्लासिक और संकोची था। वह अक्सर अपनी सादगी से ही लोगों का ध्यान खींचती थीं।

आज का दौर (Now): वहीं आज की आशा भोसले की बात करें, तो उनका स्टाइल काफी बदला हुआ है। अब वह ज्यादा कॉन्फिडेंट, स्टाइलिश और मॉडर्न अंदाज में नजर आती थीं। महंगी सिल्क साड़ियां, उनके चेहरे की चमक और उनकी सदाबहार मुस्कान आज भी उतनी ही प्रभावशाली थी। उम्र बढ़ने के बावजूद उनका ग्लैमर और एनर्जी भी बरकरार थी।

आज भी एक्टिव, उम्र सिर्फ एक नंबर

92 के करीब उम्र होने के बाद भी आशा भोसले संगीत से दूर नहीं हुई थी। वह रियलिटी शोज, लाइव कॉन्सर्ट और इंटरव्यू में पूरी ऊर्जा के साथ नजर आती थी। हाल ही में मार्च 2026 में भी उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेहद सक्रिय देखा गया था। उनकी आवाज की खनक आज भी वही थी, जो दशकों पहले थी। वह न केवल गाती हैं, बल्कि अपने कुकिंग पैशन और रेस्टोरेंट बिजनेस के जरिए भी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं।

With AI Inputs



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कांग्रेस बोली-सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती: जयराम रमेश ने कहा- महिला आरक्षण में बदलाव से देश को गुमराह किया जा रहा




कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार जाति जनगणना को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। साथ ही महिला आरक्षण कानून में बदलाव के जरिए देश को गुमराह कर रही है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- सरकार अनुच्छेद 334-A में संशोधन की बात कर रही है। यह तर्क दे रही है कि जाति जनगणना के नतीजे आने में समय लगेगा। लेकिन बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों ने 6 महीने से कम समय में जाति सर्वे पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार का छिपा हुई एजेंडा है। सरकार का असल मकसद जाति जनगणना नहीं कराना है। अनुच्छेद 334-A में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने को जनगणना और परिसीमन से जोड़ा गया है। सरकार अब इसे अलग करने की कोशिश कर रही है, ताकि इसे जल्द लागू किया जा सके। जयराम रमेश ने पोस्ट में चार मुख्य सवाल उठाए… महिला आरक्षण बिल के लिए 3 दिन का विशेष सत्र जयराम रमेश का बयान ऐसे समय आया है, जब 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र प्रस्तावित है। इसमें महिला आरक्षण कानून लागू करने और लोकसभा सीटें बढ़ाने से जुड़े बिल लाए जा सकते हैं। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। 1 अप्रैल से जनगणना का पहला फेज शुरू हुआ जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से शुरू हुआ। यह 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। जनगणना के पहले फेज में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती की जा रही है। दूसरा फेज ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। पहली बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए डेटा सीधे अपने स्मार्टफोन पर कलेक्ट करेंगे। जनगणना करने वाले आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे। ————- ये खबर भी पढ़ें… BJP ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया:16-18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहना होगा; महिला आरक्षण के लिए विशेष सत्र; PM ने पत्र लिखा BJP ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई थी। पूरी खबर पढ़ें…



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छिपे हैं कई शानदार व्यू पॉइंट्स! यहां क्लिक की गई हर फोटो लगेगी पोस्टकार्ड जैसी


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Sirohi Tourist Spot: राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित लक्की लेक पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है. यहां सिर्फ बोटिंग ही नहीं, बल्कि कई शानदार सेल्फी पॉइंट्स भी मौजूद हैं, जहां से झील और आसपास की पहाड़ियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. सनसेट के समय यहां का व्यू और भी खूबसूरत हो जाता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं. नक्की लेक के आसपास बने व्यू पॉइंट्स, गार्डन एरिया और वॉकिंग ट्रैक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. खासकर कपल्स और युवाओं के बीच ये जगह काफी लोकप्रिय है, जहां वे यादगार तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं.

नक्की लेक के परिक्रमा पथ से टॉड रॉक व्यू पॉइंट पहुंचने के लिए आपको करीब 150 सीढियां चढ़ना पड़ता हैं. यहां से नक्की लेक और शहर का एरियल व्यू देखने को मिलता है. पास में ही एक मेंढक जैसी दिखाई देने वाले बड़ी चट्टान भी हैं. इस चट्टान की वजह से ही इस व्यू पॉइंट का ये नाम पड़ा.

आई लव माउंट आबू व्यू पॉइंट

माउंट आबू की नक्की लेक के परिक्रमा पथ पर बनी ये जगह सेल्फ लवर्स का फेवरेट स्पॉट हैं. यहां से नक्की लेक और आई लव माउंट आबू लिखे स्थान का नजारा कैमरे में कैद किया जा सकता हैं. रात के समय सुंदर लाइटिंग और फव्वारे के सुंदर नजारे यहां से देखने पर पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं.

भारत माता नमन स्थल

नक्की लेक के परिक्रमा पथ पर बना भारतमाता नमन स्थल धार्मिक स्थल होने के साथ साथ पर्यटकों के लिए सेल्फी लेने और यहां से सुंदर फोटो क्लिक करने के लिए बेस्ट स्पॉट हैं. ऊंचाई पर मंदिर बना होने से पूरे इलाके का सुंदर नजारा यहां से दिखाई देता हैं. मुख्य नक्की लेक चौराहे से ये जगह कुछ कदम की दूरी पर ही हैं.

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वंडर पार्क व्यू पॉइंट

नक्की लेक के परिक्रमा पथ पर बना ये पार्क राजस्थान की प्रसिद्ध इमारतों और प्रदेश के राज्य पशु, रणथंबोर के टाइगर समेत राजस्थान की विरासत को दर्शाने वाली कलाकृतियों को एक स्थान पर पर्यटकों को दिखाने के लिए विकसित किया गया हैं. ये जगह पर्यटकों की फेवरेट शूटिंग लोकेशन में से एक हैं.

हनीमून पॉइंट

माउंट आबू नक्की लेक से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर बना ये व्यू पॉइंट डूबते सूरज के सुंदर नजारे को कैमरे में कैद करने के लिए बेस्ट जगह हैं. चारों तरफ हरियाली, पहाड़ और शांत वातावरण पर्यटकों को काफी पसंद आता हैं. यहां आप एडवेंचर इक्विटीज का भी आनंद ले सकते हैं.

बेलीज वॉक नैचुरल ट्रेल

माउंट आबू नक्की लेक के परिक्रमा पथ से शुरू होने वाली ये नेचुरल ट्रेल नक्की लेक और अरावली की पहाड़ियों का बेस्ट व्यू दिखाई देने वाली फेमस लोकेशन हैं. इस पाथ–वे से 2.5 किलोमीटर पैदल चलकर सीधा सनसेट पॉइंट पहुंच सकते हैं. यहां आप वन्यजीवों और पक्षियों की प्रजातियों को भी करीब देखने का मौका मिल सकता हैं.

रघुनाथ मंदिर, माउंट आबू

नक्की लेक के किनारे बना प्राचीन रघुनाथ मंदिर इस झील के सुंदर नजारों देखने के लिए बेस्ट स्पॉट भी हैं. यहां से पूरी झील का नजारा देखा जा सकता हैं. इसलिए मंदिर के पास से काफी पर्यटक नक्की लेक की फोटो क्लिक करने यहां आते हैं. ये प्राचीन मंदिर 14वीं शताब्दी में बनवाया गया था. मंदिर में भगवान राम अकेले बालस्वरुप में विराजमान हैं.



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Delhi Yamuna Elevated Road: यमुना किनारे 19.2Km एलिवेटेड रोड और मेट्रो का मेगा विस्तार,क्या है पूरा प्लान?


Delhi

pti-Pallavi Kumari

Delhi Yamuna Elevated Road: दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए सरकार अब बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड की तैयारी में है। इसी कड़ी में यमुना के किनारे 19.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का प्लान सामने आया है। यह रोड वजीराबाद से लेकर DND तक बनेगी और इसे तीन चरणों में तैयार किया जाएगा।

पहला चरण सुरघाट से ISBT, दूसरा ISBT से सराय काले खां और तीसरा सराय काले खां से DND तक जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि पूर्वी और केंद्रीय दिल्ली के बीच सफर तेज और स्मूथ हो जाएगा। सरकार का फोकस साफ है कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में वैकल्पिक रूट तैयार किए जाएं, ताकि मुख्य सड़कों पर दबाव कम हो सके।

Delhi Yamuna Elevated Road

मेट्रो का जाल और फैलेगा (Metro Expansion Push)

दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो को और मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल 104.45 किलोमीटर लंबा नेटवर्क और 81 स्टेशन निर्माणाधीन हैं।

फेज-IV के कई कॉरिडोर तेजी से पूरे होने की ओर हैं और इनका करीब 80 प्रतिशत काम हो चुका है। दिसंबर 2026 तक कई अहम रूट चालू होने की उम्मीद है, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इसके अलावा नए कॉरिडोर पर भी काम शुरू हो चुका है, जिनका टारगेट 2029 तक पूरा करना है। यानी आने वाले कुछ सालों में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और ज्यादा घना और व्यापक होने वाला है।

फ्लाईओवर और रोड प्रोजेक्ट्स से बदलेगा ट्रैफिक पैटर्न (Flyover and Road Projects)

सिर्फ मेट्रो ही नहीं, सड़कों और फ्लाईओवर पर भी तेजी से काम हो रहा है। आजादपुर से त्रिपोलिया चौक तक डबल-डेकर फ्लाईओवर करीब 73 प्रतिशत तैयार हो चुका है, जिसमें ऊपर मेट्रो और नीचे सड़क ट्रैफिक चलेगा।

वहीं यमुना विहार से भजनपुरा तक फ्लाईओवर लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दक्षिण दिल्ली में MB रोड पर भी बड़ा काम चल रहा है, जिसमें साकेत से संगम विहार तक 6-लेन फ्लाईओवर और अंडरपास शामिल हैं।

इन प्रोजेक्ट्स का मकसद सिर्फ दूरी कम करना नहीं, बल्कि ट्रैफिक का फ्लो बेहतर करना है ताकि जाम की समस्या स्थायी रूप से कम हो सके।

क्या है सरकार की बड़ी रणनीति? (Policy Vision and Strategy)

मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ कहा है कि दिल्ली को एक आधुनिक, तेज और टिकाऊ ट्रांसपोर्ट सिस्टम देना सरकार की प्राथमिकता है।

  • सरकार की रणनीति तीन स्तर पर काम करती दिख रही है
  • पहला, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
  • दूसरा, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर से ट्रैफिक डायवर्जन
  • तीसरा, इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम जिससे अलग-अलग साधन एक-दूसरे से जुड़े रहें

इसका मतलब है कि आने वाले समय में दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सिर्फ बड़ा नहीं, बल्कि ज्यादा स्मार्ट और कनेक्टेड होगा।

ट्रैफिक और प्रदूषण पर क्या पड़ेगा असर? (Impact on Traffic and Pollution)

इन सभी प्रोजेक्ट्स का सबसे बड़ा असर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण पर देखने को मिलेगा। एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, वहीं मेट्रो के विस्तार से लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ओर ज्यादा आकर्षित होंगे।

अगर ये योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो दिल्ली में रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए समय, ईंधन और तनाव तीनों की बचत होगी।

दिल्ली के ट्रांसपोर्ट का नया ब्लूप्रिंट

कुल मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली सरकार का यह प्लान सिर्फ नए प्रोजेक्ट्स जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर के पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को री-डिजाइन करने की कोशिश है।

यमुना एलिवेटेड रोड, मेट्रो विस्तार और फ्लाईओवर नेटवर्क मिलकर एक ऐसा ढांचा तैयार कर सकते हैं, जो दिल्ली को आने वाले वर्षों में ट्रैफिक के संकट से काफी हद तक राहत दिला सके।



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उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News


पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी।

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ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं।

चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया।

उमा भारती ने कहा-

ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।

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उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा।

उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा।

अब जानिए पूरा मामला…

उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी।

उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई।

रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव

उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है।

अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं।

अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं।

सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे।

फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया।

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मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना।

रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए।

रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन

नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई।

मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया-

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मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं।

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Siraj Zanai Bhosle: क्या है सिराज और जनाई के बीच रिश्ता? आशा भोंसले के निधन के बाद छिड़ी बड़ी बहस!


Cricket

oi-Amit Kumar

Siraj Zanai Bhosle: भारत की मशहूर प्लेबैक सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रही। आशा भोंसले के निधन के शोक के बीच उनकी पोती जनाई भोंसले और भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के रिश्तों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है। पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर दोनों के डेटिंग की खबरें छाई हुई थीं। लेकिन अब खुद ज़नाई ने सामने आकर इन दावों की असलियत साफ कर दी है।

सिराज जनाई भोंसले को लेकर उड़ी थी अफवाह (Siraj Zanai Bhosle)

अफवाहों का दौर तब शुरू हुआ जब मोहम्मद सिराज जनाई भोंसले के 23वें जन्मदिन के जश्न में शामिल हुए। पार्टी की तस्वीरें जैसे ही इंस्टाग्राम और एक्स पर वायरल हुईं, फैंस ने कयास लगाने शुरू कर दिए। सिराज और 23 वर्षीय ज़नाई के बीच 8 साल का अंतर हैं। लेकिन उनकी बॉन्डिंग को देख सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे लव अफेयर का नाम दे दिया।

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जनाई भोंसले ने बताया रिश्ते का सच

बढ़ती अफवाहों को देखते हुए ज़नाई भोंसले ने खुद मोर्चा संभाला और सच्चाई सामने रखी। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर सिराज के साथ एक तस्वीर शेयर की। जनाई ने सिराज को टैग करते हुए स्पष्ट रूप से मेरे प्यारे भाई लिखा और साथ में फूलों के इमोजी बनाए। उन्होंने इस फोटो के बैकग्राउंड में कोल्डप्ले का मशहूर गाना स्काई फुल ऑफ स्टार्स लगाया, जो उनकी गहरी दोस्ती को बताता है।

सिराज और भोंसले परिवार के बीच अच्छे हैं संबंध

सूत्रों और करीबी हलकों के मुताबिक मोहम्मद सिराज और भोंसले परिवार के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं। सिराज ने भी इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए साफ किया है कि उनके बीच केवल दोस्ती और भाई-बहन जैसा रिश्ता है। सोशल मीडिया के दौर में अक्सर दो हस्तियों का साथ दिखना उनके रिश्तों को लेकर गलतफहमी पैदा कर देता है। इससे पहले भी कई सेलिब्रेटी को लेकर इस तरह की अफवाहें उड़ती रही हैं।



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Asha Bhosle Last Song: मौत से पहले आशा भोसले ने गाया था अपना आखिरी गाना, कौन सा था वो सॉन्ग?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Asha Bhosle Last Song: भारतीय संगीत जगत की सबसे चमकदार आवाजों में से एक आशा भोसले अब हमेशा के लिए खामोश हो गई हैं। उनके निधन ने करोड़ों फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है। 92 साल की उम्र में भी आशा ताई उतनी ही एक्टिव थीं, जितनी अपने करियर के सुनहरे दौर में हुआ करती थीं। स्टेज परफॉर्मेंस से लेकर रिएलिटी शोज तक, उनकी मौजूदगी हमेशा खास रहती थी।

92 की उम्र में हुई आशा भोसले की मौत
हाल ही में आशा भोसले की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद से देशभर में उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की थी लेकिन अब वह अनंत यात्रा पर निकल चुकी हैं, अपने चाहने वालों को यादों और सुरों की अमर विरासत देकर।

Asha Bhosle Last Song

आखिरी सांस तक संगीत से जुड़ी रहीं

-आशा भोसले का संगीत के प्रति समर्पण ऐसा था कि उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्षों तक गाना नहीं छोड़ा। बेहद कम उम्र (करीब 10 साल की उम्र) में करियर शुरू करने वाली इस महान गायिका ने अपने आखिरी दिनों तक रिकॉर्डिंग जारी रखी।

-साल 2026 में ही आशा भोसले ने एक एल्बम के लिए अपनी आवाज दी थी, जो अब उनके करियर का अंतिम गीत माना जा रहा है। ये बात उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ शेयर की थी।

कौन सा था आशा भोसले का आखिरी गाना?

-आशा भोसले का आखिरी रिकॉर्ड किया गया गाना म्यूजिक बैंड Gorillaz के साथ जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस ट्रैक का नाम The Shadow Light (फीट) है, जिसे एक इंटरनेशनल एल्बम के लिए रिकॉर्ड किया गया था।

-इस गाने को Damon Albarn, कौसर मुनीर और ग्रफ रीस ने लिखा है जबकि इसे जेम्स फोर्ड, सैम्युअल एग्लेनटन और रेमी कबाका जूनियर ने प्रोड्यूस किया है। इस खास प्रोजेक्ट में आशा भोसले ने अपनी आवाज देकर एक बार फिर ये साबित कर दिया था कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती। उनके निधन के बाद ये गाना एक तरह से उनके चाहने वालों के लिए श्रद्धांजलि बन गया है, जिसे लोग अब बार-बार सुनकर उन्हें याद कर रहे हैं।

82 साल का बेमिसाल करियर और अनगिनत हिट्स

आशा भोसले का करियर करीब आठ दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गाने गाए। उनकी आवाज हर मूड और हर जॉनर के लिए फिट बैठती थी। ‘ये मेरा दिल’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘मेरा कुछ सामान’ जैसे गाने आज भी उतने ही पॉपुलर हैं। उनकी खासियत यही थी कि वह हर तरह के गीने, चाहे वो रोमांटिक हों, मस्ती भरे हों या फिर सूफियाना, हर अंदाज में जान डाल देती थीं।

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच बनाई अलग पहचान

-जब आशा भोसले ने इंडस्ट्री में कदम रखा था, उस समय पहले से ही लता मंगेशकर, शमशाद बेगम और नूर जेहन जैसी दिग्गज महिला सिंगर्स स्थापित थीं। ऐसे माहौल में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था।

-शुरुआत में आशा भोसले कई बार ऐसे गाने दिए जाते थे, जिन्हें दूसरे कलाकारों ने ठुकरा दिया था लेकिन आशा ताई ने हर मौके को अपनी मेहनत और जुनून से खास बना दिया। धीरे-धीरे उन्होंने अपने अलग अंदाज से इंडस्ट्री में ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज भी मिसाल बना हुआ है।

संगीत की दुनिया में हमेशा जिंदा रहेंगी आशा ताई

आज भले ही आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उनका आखिरी गीत इस बात का प्रमाण है कि सच्चा कलाकार कभी रुकता नहीं, वह अपने सुरों के जरिए हमेशा जीवित रहता है।



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