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Mojtaba Khamenei Update: कटा पैर-बिगड़ा चेहरा, नाजुक हालात में मोजतबा खामेनेई, रॉयटर्स का दावा


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oi-Sumit Jha

Mojtaba Khamenei Health Update: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) की वर्तमान स्थिति को लेकर वैश्विक स्तर पर भारी सस्पेंस बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे 28 फरवरी को हुए उस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।

मोजतबा का चेहरा गंभीर रूप से बिगड़ चुका है और उनके पैरों में भी गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों का दावा है कि वे कोमा में नहीं हैं, बल्कि ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश की कमान संभाल रहे हैं।

Mojtaba Khamenei Health Update

Khamenei Injury Report: चोट की वजह से चेहरे पहचान में नहीं आ रहे

रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी के हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई के चेहरे पर ऐसी चोटें आईं जिससे उनका चेहरा काफी हद तक विद्रूप (disfigured) हो गया है। इसके अलावा, हमले में उनके एक या दोनों पैरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उनके चलने-फिरने की क्षमता सीमित हो गई है। यही कारण है कि 8 मार्च को सर्वोच्च नेता नियुक्त होने के बाद भी उनकी कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया गया है।

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‘परदे के पीछे’ से चल रहा शासन?

भले ही मोजतबा का शरीर गंभीर रूप से जख्मी है, लेकिन खुफिया सूत्रों का दावा है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं। वे “ऑडियो कॉन्फ्रेंस” के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठकों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे विशेष रूप से अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता और सैन्य रणनीतियों पर सीधे नजर रख रहे हैं। ईरान की सरकारी मीडिया ने उन्हें ‘जांबाज’ (युद्ध में घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया है, जो उनकी शारीरिक अक्षमता की पुष्टि करता है।

द टाइम्स ने दावा किया था कि वे कोमा में हैं

मोजतबा की स्थिति को लेकर विरोधाभासी रिपोर्ट्स सामने आई हैं। जहां द टाइम्स ने दावा किया था कि वे कोमा में हैं और निर्णय लेने में असमर्थ हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके जीवित होने पर ही संदेह जताया है। हालांकि, मौजूदा इंटेलिजेंस असेसमेंट इस ओर इशारा करते हैं कि वे जीवित हैं लेकिन उनकी हालत इतनी नाजुक है कि वे जनता के सामने आने की स्थिति में नहीं हैं, जिससे शासन की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।

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Reuters Mojtaba Khamenei Report: IRGC का बढ़ता वर्चस्व और सत्ता का संकट

सर्वोच्च नेता की सार्वजनिक अनुपस्थिति ने ईरान के भीतर सत्ता के संतुलन को हिला दिया है। मोजतबा की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने देश के महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोजतबा लंबे समय तक शारीरिक रूप से अक्षम रहते हैं, तो वे अपने पिता जैसा प्रभाव कभी कायम नहीं कर पाएंगे और ईरान में एक ‘सैन्य जुंटा’ (Military rule) जैसी स्थिति बन सकती है।



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IPL 2026: वैभव के बाद अभिषेक शर्मा ने भी मचाया गदर, 18 गेंदों में जड़ा अर्धशतक, पंजाब का बुरा हाल!



IPL 2026 PBKS vs SRH: पंजाब के खिलाफ हैदराबाद के बल्लेबाजों ने रनों की बारिश कर दी। अभिषेक-हेड की जोड़ी ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी की।



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Indian Iron Dome: UP में बनेगा भारत का अपना आयरन डोम! मिसाइल-ड्रोन से करेगा रक्षा, कौन बनाएगा और कहां बनेगा?


International

oi-Siddharth Purohit

Indian Iron Dome: पिछले साल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ Operation Sindoor चलाया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत की तरफ ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए थे। ये पहली बार था जब भारत को अपने खुद के Defence System Iron Dome की जरूरत महसूस हुई। तभी से भारत इसकी तैयारी में जुट गया और अब लग रहा है भारत को अपना आयरन डोम जल्द मिल जाएगा। जानिए कहां बन रहा है, किस राज्य जमीन पर तैयार होगा, कौन बना रहा है और इसमें कितना खर्चा आने वाला है।

यूपी में बनेगा भारत का अपना आयरन डोम

भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके लिए Bharat Electronics Limited (BEL) ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट में 75 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। इस नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगली पीढ़ी की मिसाइलें, रडार सिस्टम और भारत का अपना ‘आयरन डोम’ तैयार किया जाएगा।

Indian Iron Dome

₹600 करोड़ से ज्यादा का बड़ा निवेश

BEL के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में ₹600 करोड़ से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट सरकार की तरफ से किया जाएगा। यह सुविधा क्विक-रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), कुशा एयर डिफेंस सिस्टम और अगली पीढ़ी के रडार सिस्टम जैसे अहम डिफेंस प्रोग्राम्स की जरूरतों को पूरा करेगी। इसके साथ ही यहां मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन (MRO) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

क्या है प्रोजेक्ट कुशा?

Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित प्रोजेक्ट कुशा एक लंबी दूरी का स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम है। इसका मकसद स्टील्थ फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और ड्रोन जैसे खतरों से देश की रक्षा करना है। यह सिस्टम करीब 400 किलोमीटर की रेंज में तीन अलग-अलग लेवल का सुरक्षा कवच (three-layer shield) प्रदान करेगा।

S-400 जैसा सिस्टम, लेकिन पूरी तरह स्वदेशी

प्रोजेक्ट कुशा की तुलना अक्सर रूस के S-400 सिस्टम से की जाती है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पूरी तरह भारत में विकसित हो रहा है। इसका लक्ष्य 2028-29 तक भारत का अपना ‘आयरन डोम’ तैयार करना है, जिससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम हो सके।तीन लेयर में काम

करेगा डिफेंस सिस्टम

कुशा सिस्टम में तीन तरह के इंटरसेप्टर मिसाइल होंगे-

M1- रेंज 150 किमी होगी,
M2- रेंज 250 किमी होगी,
M3- रेंज 350 से 400 किमी तक।

Indian Iron Dome

इसमें एडवांस रडार सिस्टम भी लगे होंगे, जो एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक और डिस्ट्रॉय करने की क्षमता रखते हैं।

CM योगी का बड़ा योगदान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BEL के CMD मनोज जैन को भूमि आवंटन पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग ₹562.5 करोड़ के निवेश से एक लेटेस्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जहां हाई टेक रडार और एयर डिफेंस सिस्टम का उत्पादन होगा।

MSME और इंडस्ट्री को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बड़ा फायदा होगा। इससे टेक्नोलॉजी सहयोग, इनोवेशन और नॉलेज ट्रांसफर के नए मौके मिलेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश को एक बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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हरियाणा ने अस्पतालों में सीटें और बिस्तर आरक्षित किए


Haryana

-Oneindia Staff

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गुरुग्राम में आगामी श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हरियाणा के छात्रों और निवासियों के लिए 150 एमबीबीएस सीटों का 33 प्रतिशत और 850 बिस्तरों का आवंटन किया जाए। इन आरक्षित सीटों के लिए शुल्क अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अनुरूप होगा, जिससे सस्ती शिक्षा सुनिश्चित होगी।

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यह निर्देश पीपीपी मॉडल के तहत परियोजना के संचालन और रखरखाव पर केंद्रित कैबिनेट उप-समिति की बैठक के दौरान जारी किया गया। बैठक में उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विरासत और पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आरती सिंह राव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

सैनी ने जोर दिया कि आरक्षित अस्पताल बिस्तरों पर रोगियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलना चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा सके। उन्होंने गुरुग्राम की स्वास्थ्य सेवा पहचान को बढ़ाने के उद्देश्य से संस्थान के विकास में अंतरराष्ट्रीय मानकों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुमिता मिश्रा ने बताया कि संस्थान गुरुग्राम के सेक्टर-102ए, खेड़की माजरा में 30.75 एकड़ में बनाया जा रहा है। निर्माण 1 अप्रैल, 2022 को शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य 31 अगस्त, 2026 तक पूरा करना है। 679.08 करोड़ रुपये की परियोजना लागत में से लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

बुनियादी ढांचे का विकास गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए), नगर निगम गुरुग्राम और श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा 50:45:5 के अनुपात में किया जा रहा है। जीएमडीए को निष्पादक एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। संस्थान का संचालन 31 अक्टूबर, 2026 तक एक सफल बोली लगाने वाले को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

भविष्य की योजनाएं

सैनी ने अधिकारियों को गुरुग्राम में प्रत्येक 100 से 150 बिस्तरों की क्षमता वाले तीन से चार अतिरिक्त अस्पतालों के प्रस्तावों का मसौदा तैयार करने का भी निर्देश दिया। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र की बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करना है।

With inputs from PTI



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देहरादून में जासूसी के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार


Uttarakhand

-Oneindia Staff

उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तान स्थित आतंकवादी के साथ मिलकर काम करने का आरोपी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप ने कथित तौर पर देहरादून में सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों के स्थान विवरण और तस्वीरें पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को भेजी थीं।

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एसएस पी सिंह के अनुसार, कश्यप कथित तौर पर इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) एजेंट और पाकिस्तानी आतंकवादी शहजाद भट्टी के निर्देशों पर काम कर रहा था। यह गिरफ्तारी गुरुवार शाम को प्रीमनगर इलाके में विशिष्ट खुफिया इनपुट के बाद हुई। अधिकारियों ने कश्यप के कब्जे से एक .32-बोर पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस और स्प्रे पेंट का एक कैन जब्त किया।

कश्यप पाकिस्तान स्थित भट्टी और अन्य हैंडलर्स के साथ इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में था। पूछताछ के दौरान, उसने स्वीकार किया कि वह दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और भट्टी से जुड़कर उसकी हत्या का बदला लेना चाहता था। मूसेवाला की मई 2022 में पंजाब के मनसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

आरोपित गतिविधियाँ

एसएसपी ने खुलासा किया कि कश्यप ने देहरादून में पुलिस मुख्यालय और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) जैसे प्रमुख स्थानों की तस्वीरें और वीडियो अपने हैंडलर्स को भेजी थीं। उसे कथित तौर पर इन साइटों पर विस्फोटक लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त, कश्यप को देहरादून में महत्वपूर्ण इमारतों पर “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” स्प्रे पेंट करने और इन कृत्यों के वीडियो रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया गया था।

भविष्य की योजनाएं

एसएसपी सिंह के अनुसार, कश्यप, जो 2024-2025 के दौरान पंजाब के नाभा में रहता था, को उसके हैंडलर्स ने नेपाल के रास्ते उसे दुबई भेजने की योजनाओं के बारे में सूचित किया था। उसके मोबाइल फोन से संवेदनशील जानकारी प्राप्त की गई है।

With inputs from PTI



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क्राइम कुंडली: कौन है साहिल चौहान? जिससे कांपता था हरियाणा-पंजाब, सात समंदर पार से दबोच लाई CBI


Last Updated:

Who is Sahil Chauhan: सीबीआई ने थाईलैंड से हरियाणा पुलिस के मोस्ट वांटेड अपराधी साहिल चौहान को डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाया है. साहिल, उत्तर भारत के कुख्यात भुप्पी राणा गैंग का सक्रिय सदस्य है और 2017 के जगाधरी कोर्ट शूटआउट का मुख्य आरोपी है. हत्या, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन जुर्मों के बाद वह जमानत पर फरार होकर बैंकॉक भाग गया था. इंटरपोल के रेड नोटिस के जरिए उसे पकड़ा गया. यह रिपोर्ट साहिल चौहान की अपराध की दुनिया, उसके गैंगवार और सीबीआई के इस बड़े एक्शन की पूरी ‘क्राइम कुंडली’ पेश करती है.

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साहिल चौधरी की क्राइम कुंडली.

Haryana Gangster Sahil Chauhan: कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे सात समंदर पार भी क्यों न छिपा हो, उसे वापस आना ही पड़ता है. 10 अप्रैल 2026 की रात जब दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर एक फ्लाइट लैंड हुई, तो वहां हरियाणा पुलिस की एक स्पेशल टीम पहले से तैनात थी. फ्लाइट से नीचे उतरने वाला शख्स कोई आम इंसान भगोड़ा नहीं था, बल्कि हरियाणा का मोस्ट वांटेड शूटर साहिल चौहान था.

अब ये जानना जरूरी है ये साहिल कौन है? आखिर भारतीय खुफिया एजेंसियां इसके पीछे क्यों पड़ी हुईं थी? इसका क्राइम क्या था कि इसे सात समंदर पार से डिपोर्ट करके लाया जा रहा है? क्या ये भारत विरोधी ताकतों के साथ काम कर रहा था या फिर ये भारत को अशांत करने की कोशिश कर रहा था? चलिए जानते हैं साहिल चौहान के बारे में.

भुप्पी राणा गैंग का राइट हैंड

साहिल चौहान की क्राइम कुंडली का सबसे बड़ा अध्याय भारत के कुख्यात भुप्पी राणा गैंग से जुड़ा है. हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय यह गैंग रंगदारी, हत्या और सुपारी लेकर हत्या करने के लिए कुख्यात है. साहिल इस गैंग का न केवल सदस्य था, बल्कि वह गैंग के सरगना भुप्पी राणा का बेहद करीबी और भरोसेमंद शूटर माना जाता था. उसके ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं.

जब जगाधरी कोर्ट में बरसाईं थीं गोलियां

साहिल चौहान के अपराध की दुनिया का सबसे खौफनाक मंजर 4 जनवरी 2017 को देखने को मिला था. यमुनानगर के जगाधरी कोर्ट परिसर में उस दिन भारी सुरक्षा थी, क्योंकि कुख्यात बदमाश मोनू राणा को पेशी के लिए लाया गया था. जैसे ही मोनू राणा कोर्ट परिसर में पहुंचा, साहिल चौहान और उसके साथियों ने फिल्मी स्टाइल में ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.

इस गैंगवार ने पूरे हरियाणा को दहला दिया था. कोर्ट के अंदर घुसकर पुलिस की मौजूदगी में गोलीबारी करना साहिल के दुस्साहस को दर्शाता था. इस हमले में मोनू राणा को कई गोलियां लगी थीं. इस मामले में पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद साहिल को गिरफ्तार किया और उसे 10 साल की सजा भी सुनाई गई.

जमानत, फरारी और ‘बैंकॉक’ ठिकाना

सजा मिलने के कुछ समय बाद साहिल चौहान को कानूनी पेचीदगियों के चलते जमानत मिल गई. लेकिन बाहर आते ही उसने कानून को ठेंगा दिखाया और अपनी लोकेशन बदलकर विदेश भागने की योजना बनाई. वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर थाईलैंड पहुँच गया और वहां बैंकॉक में छिपकर अपना ‘नेटवर्क’ चलाने लगा. उसे लगा था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद वह सुरक्षित है, लेकिन सीबीआई की नजर उस पर टिकी थी.

CBI का चक्रव्यूह कैसे फंसा

साहिल चौहान की वापसी के पीछे CBI (NCB-India), विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय का सामूहिक प्रयास है. इसके पकड़ने के लिए तमाम कोशिशें की गईं, जो आखिरकार 2026 में पूरी हुईं-

  • रेड नोटिस: हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से साहिल के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी करवाया.
  • लोकेशन ट्रेसिंग: बैंकॉक में उसकी गतिविधियों और लोकेशन को लगातार मॉनिटर किया गया.
  • डिपोर्टेशन: थाईलैंड की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर उसे डिपोर्ट करवाया गया और 10 अप्रैल को वह भारतीय सरजमीं पर लाया गया.

भारतपोल और अपराधियों की घर वापसी

सीबीआई अब ‘भारतपोल’ प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया भर में फैले भारतीय अपराधियों पर नजर रख रही है. पिछले कुछ वर्षों में 150 से अधिक भगोड़ों को वापस लाया जा चुका है. साहिल चौहान की गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि अब अपराधियों के लिए विदेश भागना सुरक्षित रास्ता नहीं रह गया है.

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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



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दिल्ली में 50 हजार की इनामी महिला ड्रग तस्कर अरेस्ट: पुलिस ने 200 CCTV और 100 मोबाइल खंगाले; 11 केस दर्ज; अपराध में बेटियां भी शामिल




दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर कुसुम को अरेस्ट किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। शाहदरा पुलिस के मुताबिक, वह दो महीने से कुसुम की तलाश कर रही थी और गुरुवार को जब वह शाहदरा आई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मीडिया को जानकारी शनिवार को दी। इसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक CCTV और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड तलाशे। कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच NDPS एक्ट (ड्रग्स से जुड़े मामलों) के तहत 11 केस दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कुसुम लगातार ठिकाने बदलती रहती थी। कई बार पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो जाती थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार सिम कार्ड बदलती रहती थी। बेटियां भी ड्रग्स व्यापार में शामिल ड्रग्स के व्यापार में कुसुम के साथ उसकी बेटियां भी शामिल थीं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बेटियां दीपा और चीकू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी उसके साथ पकड़े गए। कुसुम ने दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके से छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचने का काम शुरू किया था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। कुसुम दिल्ली से कई राज्यों में ड्रग्स का नेटवर्क चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। NDPS एक्ट के तहत 20 साल तक की सजा NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के जरिए नशीली दवाओं और ड्रग्स के सेवन, उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। ये कानून गांजा, अफीम,चरस और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। इस कानून तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष मानने के बजाय, यह मान लिया जाता है कि आरोपी को नशीले पदार्थ की जानकारी थी, और खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है। NDPS एक्ट के तहत 1 साल से 20 साल की जेल, जुर्माना और फांसी की सजा हो सकती है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में CCTV, लाइव फीड पाकिस्तान में दिख रही:दिल्ली पुलिस ने 11 आरोपी पकड़े, ISI एजेंटों ने सैन्य ठिकानों के पास लगवाए थे कैमरे पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर सेना और बीएसएफ के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी इस्लामाबाद भेजने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंटों ने पंजाब के सैन्य और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगा रखे थे। इसका लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था। पूरी खबर पढे़ं…



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गोंडा में दुखद घटना: बिजली का तार गिरने से व्यक्ति की मौत


Uttar Pradesh

-Oneindia Staff

शुक्रवार को जिले में एक दुखद घटना हुई, जब 37 वर्षीय रणजीत तिवारी की हाई-टेंशन बिजली के तार टूटकर उन पर गिरने से मौत हो गई। यह घटना कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के पथवालिया इलाके में हुई। तिवारी अपने घर के बाहर बच्चों से बात कर रहे थे, तभी लाइन टूट गई, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई।

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स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में बिजली विभाग के पांच अभियंताओं के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की है। इनमें एक जूनियर इंजीनियर, उप-मंडल अधिकारी, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षक अभियंता और मुख्य अभियंता शामिल हैं। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना के तुरंत बाद जिला न्यायाधीश दुर्गा नारायण सिंह, जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तिवारी के परिवार को मुआवजे और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी।

जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की। इस समिति में सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सिटी और मुख्य अभियंता हाइड्रो शामिल हैं। हालांकि, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण इस पैनल से मुख्य अभियंता को हटाने की संभावना है।

लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चिंताएं

तिवारी के परिवार ने खुलासा किया कि वह वर्षों से बिजली विभाग से अपने घर और पास के प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से गुजरने वाली हाई-टेंशन लाइन को स्थानांतरित करने का लगातार अनुरोध कर रहे थे। प्राथमिक शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे स्थानांतरण के लिए धन आवंटित किए जाने के बावजूद, अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।

परिवार के आरोपों से पता चलता है कि बिजली विभाग ने उपलब्ध संसाधनों के बावजूद सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण चूक की है। इस लापरवाही को घातक दुर्घटना का सीधा कारण माना जा रहा है।

जांच और जवाबदेही

जिला प्रशासन की जांच का उद्देश्य विद्युत अवसंरचना सुरक्षा के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की गई किसी भी चूक या लापरवाही का पता लगाना है। इस जांच के परिणाम दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

यह घटना भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए अवसंरचना सुरक्षा चिंताओं को तुरंत दूर करने के महत्वपूर्ण महत्व को रेखांकित करती है। समुदाय आगे के घटनाक्रम की प्रतीक्षा कर रहा है, क्योंकि अधिकारी रणजीत तिवारी की असामयिक मृत्यु के लिए जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

With inputs from PTI



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CM योगी का बड़ा ऐलान! लखीमपुर खीरी के मियांपुर गांव का नाम बदला, अब इस नए नाम से होगी पहचान


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिले के मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुदेव के सम्मान में अब इस गांव को नए नाम से जाना जाएगा। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहचान छिपाने के लिए इस गांव का नाम मियांपुर रखा गया था, जबकि वहां एक भी ‘मियां’ नहीं रहता था।

सीएम योगी ने जिले के विकास के लिए 213 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। चंदन चौकी में आयोजित कार्यक्रम में थारू समाज के 4356 परिवारों और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 परिवारों को कुल हजारों हेक्टेयर जमीन के भौमिक अधिकार पत्र सौंपे गए।

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गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोला गोकर्णनाथ में भगवान महादेव का भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे यह एक बड़े तीर्थ स्थल के रूप में उभरेगा। सपा सरकार के दौरान थारू जनजाति के लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन भी मुख्यमंत्री ने दिया।

विपक्ष और पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा, कांग्रेस और टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष हिंदुओं और सिखों पर होने वाले अत्याचारों पर चुप्पी साध लेता है। पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पाप की वजह से वहां के हिंदू विस्थापित हुए, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें अधिकार नहीं दिए। आज की डबल इंजन सरकार हर वर्ग को न्याय दे रही है।’

मुख्यमंत्री ने संबोधन कहा कि, ‘यह आयोजन केवल अधिकार प्राप्त करने का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की यात्रा है। हम ‘हिंदुआ सूर्य’ महाराणा प्रताप के वंशजों को उनका हक देने आए हैं। अब थारू समाज और पुनर्वासित परिवारों को न वन विभाग परेशान करेगा और न ही पुलिस। यूपी अब माफिया और गुंडा मुक्त है, और जो माफिया बनने की कोशिश करेगा, वह मिट्टी में मिलने को तैयार रहे।’



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नाव पलटने से पंजाब के पर्यटकों की जान गई


Uttar Pradesh

-Oneindia Staff

वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से मथुरा की एक आध्यात्मिक यात्रा लुधियाना और जगरोन के परिवारों के लिए दुखद मोड़ पर पहुँच गई, जब शुक्रवार को यह घटना हुई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, 22 घायल हो गए और पाँच लोग लापता हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चल रहे राहत प्रयासों में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

नाव पलटने से पंजाब के पर्यटकों की जान गई

शिकार हुए ज़्यादातर लोग जगरोन और लुधियाना के दुगरी के थे, जो श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा आयोजित 120 सदस्यीय तीर्थयात्रा का हिस्सा थे। यह समूह 9 अप्रैल को वृंदावन की चार दिवसीय यात्रा पर निकला था। पूर्व विधायक एस. आर. कालर ने याद करते हुए बताया कि उन्होंने उन्हें उत्साह के साथ विदा किया था, उन्हें आने वाली त्रासदी का कोई अंदाज़ा नहीं था।

यह हादसा केसी घाट के पास तब हुआ जब लगभग दो दर्जन से अधिक पर्यटकों को ले जा रही नाव एक तैरते हुए पोंटून से टकरा गई। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में बढ़ते जल स्तर के कारण एक पोंटून पुल को हटा दिया गया था, जिससे नदी में पोंटून के ड्रम रह गए थे।

मुख्यमंत्री मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ तीर्थयात्रियों की डूबने से मौत हो गई। उन्होंने पीड़ितों को सहायता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ निरंतर संचार की पुष्टि की। मृतकों की पहचान कविता रानी, ​​चरनजीत, सपना हंस, ऋषिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, ​​पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया और मीनू बंसल के रूप में की गई है।

लापता व्यक्तियों—मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका—का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। घायलों में, जिनका इलाज चल रहा है, उनमें पिंकी, मंजू, सविता, तनिष्क जैन, रेखा, राजिंदर कौर, सरोज और डॉली शामिल हैं। उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

खोज अभियानों में पुलिस बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन सेवाएं, नागरिक सुरक्षा दल और स्थानीय गोताखोर शामिल हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जल्द ही शामिल होने की उम्मीद है। वृंदावन संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृतकों में छह पुरुष और चार महिलाएँ शामिल हैं।

लुधियाना के पवन कुमार कटारिया ने इस घटना में अपने पोते ईशान कटारिया को खोने का अपना दुख साझा किया। उन्होंने याद किया कि कैसे समूह उच्च मनोबल के साथ निकला था लेकिन दुखद घटना का शिकार हो गया। जगरोन के एक जीवित बचे व्यक्ति ने एक दोस्त से फोन पर बात करते हुए अपने दो परिवार के सदस्यों को खोने का जिक्र किया।

लुधियाना प्रशासन ने सहायता के लिए लुधियाना और जगरोन में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं: एसडीएम जगरोन कार्यालय 01624223226 और उपायुक्त कार्यालय लुधियाना 01612403100। उपायुक्त हिमांशु जैन ने कहा कि पंजाब के अधिकारी स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के लिए वृंदावन में अपने समकक्षों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

बेहतर समन्वय के लिए नागरिक और पुलिस अधिकारियों की विशेष टीमों को वृंदावन भेजा गया है। घायल व्यक्ति प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से मुफ्त उपचार प्राप्त कर सकते हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे) रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर इस घटना पर दुख और सदमा व्यक्त किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे अत्यंत दुखद बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

With inputs from PTI



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