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US-India: विक्रम मिस्री का तीन दिन का अमेरिका दौरा; वार्ता में व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा पर जोर


भारत और अमेरिका अपने कई क्षेत्रों में व्यपार को बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहा है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान कई उच्चस्तरीय बैठकें की। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और जरूरी तकनीक के मामले में बातचीत बढ़ाई है। 

यह बातचीत पेंटागन और भारत के वाणिज्य विभाग के बीच हुई। इसके साथ ही व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने वाली पहल पर भी चर्चा की गई।

व्यापार फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च

भारत के विदेश सचिव मिस्री और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने मिलकर भारत-अमेरिकी व्यापार फैसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इसे भारत और अमेरिका के बीच व्यापार की पूरी क्षमता को खोलने की दिशा में एक और कदम बताया।

इस पोर्टल का मकसद मिशन 500 का समर्थन करना है, जिसमें एक्सपोर्टर्स के लिए रजिस्ट्रेशन अब खुले हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मकसद बाजार तक पहुंच को आसान बनाना और वाणिज्यिक जुड़ाव को गहरा करना है।

पेंटागन में, मिस्री अमेरिकी युद्ध विभाग में अधिग्रहण और सस्टेनमेंट के अवर सचिव माइक डफी के साथ बातचीत की। भारतीय दूतावास ने कहा, दोनों पक्षों ने पिछले साल हस्ताक्षर किए गए द्विपक्षीय मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क में तय बड़े लक्ष्यों के हिसाब से, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा उद्योग, तकनीक और सप्लाई चेन जुड़ाव को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।

रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बातचीत

रक्षा संबधित बातचीत में दोनों देशों के बीच ओद्योगिक सहयोग, तकनीकी आदान-प्रदान और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन पर बढ़ते फोकस पर जोर दिया गया।

वाणिज्य विभाग में मिस्री ने कमर्शियल और जरूरी तकनीक में सहयोग बढ़ाने के लिए अवर सचिव जेफरी केसलर और विलियम किमिट से मुलाकात की। 

विक्रम मिस्री का यह दौरा फरवरी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वॉशिंगटन दौरे के बाद हो रहा है। यह दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत की लगातार रफ्तार का हिस्सा है।

बातचीत दोनों देशों की मजबूती के लिए जरूरी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और व्यापार, रक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, साथ ही आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का मौका देता है।

भारत और अमेरिका ने हाल के वर्षों में एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग बढ़ाया है। इसमें रक्षा, तकनीक और सप्लाई चेन प्रमुख स्तंभों के रूप में उभरे हैं।

द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ी है और दोनों पक्ष इसे और बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं। नए ट्रेड पोर्टल जैसी पहलों से एक्सपोर्ट को मदद मिलने और आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की उम्मीद है।

 



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कॉफी लवर्स के लिए ये हैं भारत की ‘मस्ट-विजिट’ डेस्टिनेशंस! जानिए घूमने में कितना….


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Must Visit Coffee Plantations For Caffeine Lovers : कॉफ़ी की महक और आस-पास की हरियाली के बीच समय बिताना किसी भी कॉफ़ी प्रेमी के लिए एक अनोखा अनुभव होता है. भारत में कॉफ़ी पर्यटन अब एक लोकप्रिय आकर्षण के रूप में उभरा है, जहां आप पौधे से लेकर कप तक की पूरी प्रक्रिया को अपनी आंखों से देख सकते हैं.

कूर्ग, कर्नाटक: कूर्ग, बेहतरीन क्वालिटी की अरेबिका और रोबस्टा कॉफ़ी का उत्पादक है. यहां के पर्यटन स्थलों में हरे-भरे बागानों में घूमना, कटाई के मौसम में बेरी तोड़ने का मज़ा लेना, और पेड़ों की छांव में बने होमस्टे में शानदार अनुभव लेना शामिल है. इसका खर्च प्रति व्यक्ति ₹15,000 से ₹20,000 के बीच हो सकता है, जिससे आप 3 से 4 दिनों में आराम से कूर्ग घूम सकते हैं. सभी दर्शनीय स्थलों को देखने और कूर्ग की खूबसूरती में पूरी तरह डूब जाने के लिए, आप 3 से 4 दिनों की यात्रा का प्लान बना सकते हैं. यह समय कूर्ग के मुख्य आकर्षणों को आराम से घूमने के लिए काफी होता है.

Chikmagalur, Karnataka: As the legendary birthplace of Indian coffee, Chikmagalur offers a deep dive into history. The hills are dotted with heritage estates where you can learn about bean processing, visit the Coffee Museum, and hike to the scenic Baba Budangiri shrine.

चिकमगलूर, कर्नाटक: भारतीय कॉफ़ी का जन्मस्थान माने जाने वाले चिकमगलूर में, आपको इस क्षेत्र की ढलानों के इतिहास को गहराई से जानने का एक अनोखा मौका मिलता है. आप किले के पास मौजूद ऐतिहासिक बागानों में कॉफ़ी उगाने की प्रक्रिया के बारे में जान सकते हैं, कॉफ़ी म्यूज़ियम घूम सकते हैं, और खूबसूरत बाबा बुडांगिरी मंदिर तक ट्रेकिंग कर सकते हैं. चिकमगलूर की 2 दिन और 1 रात की यात्रा का खर्च लगभग ₹4,000 से ₹8,000 प्रति व्यक्ति के बीच होता है। यह बजट यात्रा के तरीके, ठहरने की जगह (होमस्टे या होटल) और आने-जाने के साधन (बस या कार) पर निर्भर करता है। वीकेंड के दौरान यह खर्च थोड़ा बढ़ सकता है.

Wayanad, Kerala: Wayanad is famous for its organic, shade-grown Robusta coffee, often intercropped with aromatic spices like black pepper. The plantations here are exceptionally scenic, featuring mist-covered trails, hidden waterfalls, and diverse wildlife, providing a tranquil escape for every nature-loving caffeine addict.

वायनाड, केरल: वायनाड अपनी ऑर्गेनिक, पेड़ों की छांव में उगाई जाने वाली रोबस्टा कॉफ़ी के लिए मशहूर है, जिसमें अक्सर काली मिर्च जैसा हल्का स्वाद होता है. यहां के बागान बेहद मनमोहक हैं जहां आपको कोहरे से ढके रास्ते और जंगल के रास्ते से लेकर झरने और तरह-तरह के पेड़-पौधे देखने को मिलते हैं जो प्रकृति प्रेमियों और बाहर घूमने के शौकीनों के लिए एक शांत और सुखद अनुभव देते हैं. वायनाड की 3–4 दिन की यात्रा के लिए, प्रति व्यक्ति लगभग ₹10,000 से ₹20,000 का बजट उचित है. बजट यात्रा के लिए, ₹5,599 प्रति व्यक्ति से शुरू होने वाले पैकेज उपलब्ध हैं जिनमें बेंगलुरु से बस यात्रा भी शामिल है.

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Yercaud, Tamil Nadu: Perched on the Shevaroy Hills, Yercaud is a serene destination for those seeking high-quality Arabica. The "MSP Coffee" estate is a major highlight here, offering guided tours that explain the journey from blossom to brew amidst a cool, temperate climate.

येरकौड, तमिलनाडु: शेवरॉय पहाड़ियों की गोद में बसा येरकौड, बेहतरीन क्वालिटी की अरेबिका कॉफ़ी के शौकीनों के लिए एक शांत और खूबसूरत जगह है. यहां का मुख्य आकर्षण “MSP प्लांटेशन्स” है, जहां गाइडेड टूर के ज़रिए सैलानियों को कॉफ़ी के पूरे सफ़र के बारे में बताया जाता है ठंडे और सुहाने मौसम में फूलों के खिलने से लेकर कॉफ़ी के दानों की आख़िरी कटाई तक. येरकाड की 2–3 दिन की यात्रा का खर्च लगभग ₹5,000 से ₹8,000 प्रति व्यक्ति के बीच होता है, जो रहने की जगह, आने-जाने के साधन और खाने-पीने की पसंद पर निर्भर करता है। जो यात्री वीकेंड पर आते हैं, उनके लिए खर्च थोड़ा ज़्यादा हो सकता है। बजट यात्रा के लिए, 2-दिन का पैकेज ₹4,000–₹5,000 से शुरू हो सकता है.मुन्नार, केरल: मुन्नार वैसे तो मुख्य रूप से अपनी चाय के लिए मशहूर है, लेकिन यहां कॉफ़ी के भी शानदार बागान हैं. ये बागान सैलानियों को एक अनोखा दोहरा अनुभव देते हैं, जहां आप एक ही हरे-भरे और सुंदर नज़ारे में चाय और कॉफ़ी, दोनों की खेती का एक साथ मेल देख सकते हैं.



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गुजरात की पहली जीत पर लगा दाग! GT के कप्तान शुभमन गिल को किस गलती की मिली इतनी बड़ी सजा?


Cricket

oi-Sohit Kumar

Shubman Gill Fined, IPL 2026: गुजरात टाइटंस (GT) के लिए दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ मिली रोमांचक जीत की खुशी थोड़ी फीकी पड़ गई है। टीम के कप्तान शुभमन गिल पर आईपीएल की आचार संहिता (IPL Code of Conduct) के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना लगाया गया है।

अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को महज 1 रन से हराकर सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की। हालांकि, इस जीत के बाद आईपीएल मैनेजमेंट ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि शुभमन गिल पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

Shubman Gill

क्यों लगा शुभमन गिल पर जुर्माना?

यह जुर्माना स्लो ओवर-रेट (तय समय में ओवर पूरे न करना) के कारण लगाया गया है।

आईपीएल के नियमों के अनुसार:

  • मैच नंबर 14 के दौरान गुजरात टाइटंस की टीम निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने ओवर पूरे करने में विफल रही।
  • यह आईपीएल 2026 के सीजन में टीम का पहला अपराध था, इसलिए आईपीएल आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के तहत कप्तान गिल पर न्यूनतम जुर्माना (12 लाख रुपये) लगाया गया।

आखिरी गेंद पर पलटी बाजी

211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन अंतिम क्षणों में मैच का रुख बदल गया। दिल्ली की ओर से कप्तान केएल राहुल ने 52 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके।

आखिरी ओवर का ड्रामा

दिल्ली को जीत के लिए अंतिम 2 गेंदों पर 2 रनों की जरूरत थी। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर डेविड मिलर (जो दिल्ली के लिए खेल रहे थे) ने एक रन लेने से मना कर दिया और आखिरी गेंद मिस कर गए। कुलदीप यादव रन लेने की कोशिश में जोस बटलर के सीधे थ्रो पर आउट हो गए। इससे पहले गुजरात ने 210/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। कप्तान शुभमन गिल ने 70 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि जोस बटलर (52) और वॉशिंगटन सुंदर (55) ने अर्धशतक जमाए।



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अनोखा ग्रीन कॉरिडोर; 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन: 210 किमी लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, 100 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन, जानवर र​हेंगे सुरक्षित




पहाड़ों के बीच बल खाती एक सिंगल लेन सड़क… सामने अचानक हाथियों का झुंड, पीछे लंबा जाम। कभी उफनती नदी तो कभी शिवालिक पहाड़ियों से गिरता मलबा। पहले ऐसा था दिल्ली से देहरादून रोड पर आने वाला मोहंड बेल्ट। 210 किमी लंबे और तीन राज्यों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे का 20 किमी का हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व में आता है। यह हिस्सा अब पूरी तरह बदल चुका है। मैं उसी मोहंड घाटी के ऊपर बने एलिवेटेड कॉरिडोर पर हूं। गाड़ी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बिना ब्रेक, बिना जाम दौड़ रही हैं और नीचे हाथियों का झुंड गुजर रहा है। 20 किमी लंबे हिस्से में एलिवेटेड पार्ट 12 किमी का है। यह ग्रीन कॉरिडोर पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। मोहंड घाटी जिस बरसाती नदी से घिर जाती थी, वो अब नजर नहीं आती, क्योंकि उसे इस एलिवेटेड रोड के नीचे से निकाला गया है। सड़क को 35-40 फीट ऊपर, 400 से ज्यादा पिलर्स पर खड़ा किया गया है, ताकि नदी का बहाव, जानवरों के झुंड और विकास तीनों बिना रुकावट चलते रहें। एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर कोको रोसे कहते हैं कि 14 हजार करोड़ रुपए में बने एक्सप्रेस-वे का 12 किमी का हिस्सा एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर है। तस्वीरें इस बात का संकेत हैं कि जानवर इसके नीचे से सुरक्षित निकल रहे हैं। ऊपर से भारी वाहन 80 की स्पीड में बाएं और हल्के वाहन 100 की स्पीड पर दाएं चलेंगे। जंगल और विकास साथ-साथ पे-पर-यूज टोल सिस्टम – टोल पारंपरिक नाकों वाला नहीं, बल्कि क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम होगा। एंट्री-एग्जिट के आधार पर दूरी के हिसाब से शुल्क कटेगा। फास्टैग से बिना रुके भुगतान, जाम की समस्या नहीं। सहारनपुर के कुम्हारहेड़ा में एक टोल प्लाजा पहले से सक्रिय, बाकी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर टोल गेट्स। इस एक्सप्रेसवे से क्या बदलेगा? सफर तेज, खर्च कम – 6-7 घंटे का सफर अब 2.5-3 घंटे में, दूरी 260 किमी से 210 किमी होगी। सुरक्षा बेहतर- 20 किमी जोखिम भरा पहाड़ी रास्ता अब 12 किमी एलिवेटेड, एक्सीडेंट रिस्क कम। प्रदूषण घटेगा- सालाना 93 लाख किलो कार्बन उत्सर्जन घटेगा। पर्यटन, व्यापार बूस्ट- हरिद्वार-ऋषिकेश-देहरादून का सफर आसान, छुटमलपुर इंटरचेंज से लॉजिस्टिक्स तेज। पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। छोटे शहरों को फायदा- बागपत, शामली, सहारनपुर जैसे शहरों में एक्सप्रेसवे पर नए ग्रोथ हब बनेंगे।



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Silver Rate Today: चांदी में भारी गिरावट, 3671 गिरे दाम, अब 100 ग्राम से 1 किलो तक,किस भाव में मिल रहा सिल्वर


Business

oi-Pallavi Kumari

Silver Rate Today 9 April 2026: सोने के बाद अब चांदी के बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। 9 अप्रैल 2026 की सुबह निवेशकों के लिए बड़ा झटका लेकर आई, जब चांदी के दाम अचानक लुढ़क गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव करीब 1.53% टूटकर ₹3,671 की गिरावट के साथ ₹2,36,247 प्रति किलो पर पहुंच गया। इससे पहले यह ₹2,39,918 प्रति किलो पर बंद हुआ था।

हालांकि दिलचस्प बात यह है कि एक दिन पहले ही बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी ₹11,000 उछलकर ₹2,51,000 प्रति किलो तक पहुंच गई थी। वहीं गुडरिटर्न्स के मुताबिक कुछ जगहों पर गिरावट के बाद भाव ₹2,55,000 प्रति किलो तक भी देखा गया।

Silver Rate Today 9 April 2026

Silver Price In India: भारत में चांदी का ताज़ा रेट (9 अप्रैल 2026)

शहर 10 ग्राम 100 ग्राम 1 किलो
🔹 दिल्ली ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 मुंबई ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 कोलकाता ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 चेन्नई ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000
🔹 पटना ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 लखनऊ ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 मेरठ ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 अयोध्या ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 कानपुर ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 गाजियाबाद ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 नोएडा ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 गुरुग्राम ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 चंडीगढ़ ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 जयपुर ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 लुधियाना ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 गुवाहाटी ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 इंदौर ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 अहमदाबाद ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 सूरत ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 नागपुर ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 पुणे ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 नासिक ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 बेंगलुरु ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔹 वडोदरा ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000
🔸 भुवनेश्वर ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000
🔸 कटक ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000
🔸 केरल ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000
🔸 हैदराबाद ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000

ग्लोबल मार्केट का असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव करीब $76.52 प्रति औंस बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर ने पहले बाजार में तेजी लाई, लेकिन अब मुनाफावसूली के चलते कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।

याद दिला दें कि इस साल 29 जनवरी को चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी, जिससे मौजूदा स्तर काफी नीचे है।

पिछले दिन की बड़ी तेजी

बुधवार को चांदी में जोरदार उछाल आया था। दिल्ली सर्राफा बाजार में कीमत ₹2,40,000 से बढ़कर ₹2,51,000 प्रति किलो हो गई थी, यानी करीब 5% की तेजी। वहीं MCX पर भी वायदा भाव ₹15,028 उछलकर ₹2,46,376 प्रति किलो तक पहुंच गया था।

कैसे तय होते हैं सोना-चांदी के दाम?

भारत में सोना और चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और निवेशकों का रुझान सीधे असर डालते हैं। इसके अलावा देश में आयात शुल्क, जीएसटी (GST) और रुपये की कमजोरी या मजबूती भी दाम तय करती है।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के पीछे सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ना एक बड़ी वजह रही। अमेरिका-ईरान तनाव के चलते निवेशकों ने सोना-चांदी की तरफ रुख किया। लेकिन जैसे ही स्थिति में सुधार आया, बाजार में मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिससे गिरावट दिख रही है।

खरीदें या रुकें?

अगर आप निवेश के लिए सोच रहे हैं तो अभी बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा है, इसलिए चरणबद्ध निवेश बेहतर रहेगा। वहीं ज्वैलरी खरीदने वालों के लिए गिरावट एक अच्छा मौका साबित हो सकती है।



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गर्मियों में घूमने का परफेक्ट ठिकाना! इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जयसमंद झील बन रही टॉप टूरिस्ट स्पॉट


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राजस्थान की छिपी हुई जन्नत! जयसमंद झील की खूबसूरती देख भूल जाएंगे हिल स्टेशन

 

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Jaisamand Lake Udaipur: जयसमंद झील राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो गर्मियों में सुकून की तलाश कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही है. यह एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक मानी जाती है और इसका निर्माण महाराणा जयसिंह द्वारा कराया गया था. झील के आसपास की हरियाली, पहाड़ियां और शांत वातावरण पर्यटकों को खास आकर्षित करते हैं. यहां बोटिंग, पिकनिक और फोटोग्राफी का आनंद लिया जा सकता है. गर्मी के मौसम में यहां की ठंडी हवाएं और प्राकृतिक नजारे लोगों को राहत देते हैं. यही कारण है कि जयसमंद झील इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बनती जा रही है.



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By Elections Voting Percentage: कर्नाटक, त्रिपुरा और नागालैंड की 4 सीटों पर वोटिंग, कितने प्रतिशत हुआ मतदान?


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

By Elections 2026 Voting Percentage: देश की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम है। 3 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ तीन राज्यों की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थानीय सत्ता के संतुलन को बनाए रखने के लिए ये उपचुनाव ‘लिटमस टेस्ट’ माने जा रहे हैं। इन सीटों पर होने वाली वोटिंग के रुझान न केवल क्षेत्रीय नेतृत्व की लोकप्रियता तय करेंगे, बल्कि आगामी समय में होने वाले बड़े चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल का स्पष्ट संकेत भी देंगे।

आज यानी 9 अप्रैल गुरुवार को कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की कुल चार विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में नजर आ रहे हैं। मतदान प्रक्रिया शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों के नतीजे स्थानीय समीकरणों में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं।

By Elections Voting Percentage: कर्नाटक, त्रिपुरा और नागालैंड की 4 सीटों पर वोटिंग, कितने प्रतिशत हुआ मतदान?

उपचुनाव में हुई कितने प्रतिशत वोटिंग (By Election Voting Percentage)

इलेक्शन कमीशन द्वारा दिए गए अपडेट के सुबह 11 बजे तक –

  • दावणगेरे साउथ (कर्नाटक) – 22.01%
  • बागलकोट (कर्नाटक) – 27.01%
  • कोरीदांग (नागालैंड) – 41.06%
  • धर्मनगर (त्रिपुरा) – 33.51% वोटिंग हुई है।

Goa By Election: गोवा उपचुनाव पर बड़ा फैसला

गोवा की पोंडा सीट पर होने वाला उपचुनाव आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा कि विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में अब एक साल से भी कम का समय शेष है। चुनावी नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में उपचुनाव कराना अनिवार्य नहीं है, जिसके बाद आयोग ने इसे टालने का निर्णय लिया।

सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक अवकाश

चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं:

सुरक्षा बल: हर पोलिंग बूथ पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।

अवकाश की घोषणा: मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से संबंधित क्षेत्रों में छुट्टी का ऐलान किया गया है, ताकि कामकाजी लोग भी आसानी से वोट डाल सकें।

अगला चरण के मतगणना का शेड्यूल

उपचुनावों का यह सिलसिला आज ही समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बाद अगले चरण में गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। सभी राज्यों के इन उपचुनावों के परिणामों की घोषणा 4 मई (सोमवार) को की जाएगी। मतगणना के दिन ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन चार राज्यों की जनता ने किस दल पर अपना भरोसा जताया है।



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Nitish Kumar के इस्तीफे की तारीख हो गई तय? दिल्ली के लिए रवाना हुए ‘सुशासन बाबू’, बिहार को मिलेगा नया CM


Bihar

oi-Kumari Sunidhi Raj

CM Nitish Kumar Resignation Date: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक युग का अंत होने जा रहा है। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) अब राज्य की बागडोर छोड़कर दिल्ली की ओर रुख कर रहे हैं। बिहार की सियासत में ‘सुशासन बाबू’ के नाम से पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार अब केंद्र में एक नई और बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे।

नीतीश कुमार के इस कदम ने न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि उनके दिल्ली जाने के बाद राज्य में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। उम्मीद ये भी जताई जा रही है कि पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश के मुख्य नेतृत्व की कमान संभाल सकती है। इस बदलाव को बिहार के भविष्य के लिए एक बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

CM Nitish Kumar Resignation Date

Nitish Kumar in Delhi: दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करना है। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 10 अप्रैल को वह संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार 11 अप्रैल को वापस पटना लौटेंगे। माना जा रहा है कि राज्य की बागडोर सौंपने की प्रक्रिया इसी के साथ तेज हो जाएगी।

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Nitish Kumar Resignation Date: नीतीश कुमार किस दिन देंगे सीएम पद से इस्तीफा

बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल की तारीख प्रदेश की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होगी। इस दिन पटना में एनडीए (NDA) विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। सूत्रों का दावा है कि नीतीश कुमार इसी बैठक में आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

JDU के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा (Sanjay Kumar Jha) ने कहा, “नीतीश कुमार आज दिल्ली जा रहे हैं, कल 12:15 बजे संसद भवन में शपथ लेंगे। 13 तक खड़मास है उसके बाद प्लान रोल आउट हो जाएगा।”

BJP के हाथों में होगी बिहार की कमान

जेडीयू (JDU) की ओर से अब यह स्पष्ट संकेत मिल चुके हैं कि बिहार में अब ‘बड़े भाई’ की भूमिका में BJP होगी। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री विजय कुमार चौधरी ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अब राज्य की सत्ता का नेतृत्व बीजेपी के हाथों में होगा। दो दशक तक नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूमने वाली बिहार की सत्ता का केंद्र अब पूरी तरह बदलने वाला है।

Bihar Next CM: नए मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे कौन?

बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। सूत्रों की मानें तो वर्तमान उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है।

जातीय समीकरण: सम्राट चौधरी का नाम आगे कर बीजेपी राज्य के बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश में है।

अन्य विकल्प: हालांकि, रेस में कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम मुहर 10 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली बीजेपी की केंद्रीय बैठक में लग सकती है।

दिल्ली में पीएम मोदी और शाह की अहम बैठक

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दिन ही यानी 10 अप्रैल को दिल्ली में बीजेपी नेतृत्व की एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में न केवल बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी, बल्कि नई सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी रणनीति तैयार की जाएगी।

भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी

बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को आयोजित किया जा सकता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पटना आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह बिहार बीजेपी के लिए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है।

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India Defense Budget: भारत में बढ़ रहा रक्षा बजट, IMF का अनुमान; घरेलू उत्पादन और आर्थिक विकास में होगी मजबूती


अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते स्वदेशी उत्पादन को देश की आर्थिक वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम बताया है। आईएमएफ के एक हालिया विश्लेषण के अनुसार, जब सैन्य खर्च स्थानीय उद्योगों को समर्थन देता है, तो यह न केवल उत्पादन में बढ़ोतरी करता है बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है।

आईएमएफ के वैश्विक रक्षा रुझानों पर आधारित इस विश्लेषण में कहा गया है कि रक्षा क्षेत्र में होने वाली वृद्धि अल्पावधि में आर्थिक गतिविधियों को तेज कर सकती है। इससे उपभोग और निवेश दोनों में वृद्धि देखी जा सकती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक शुभ संकेत है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनावों के बढ़ते माहौल के बीच रक्षा खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल के वर्षों में करीब आधे देशों ने अपने रक्षा बजट में वृद्धि की है, जिसने शीत युद्ध के बाद देखी गई गिरावट को पलट दिया है।

घरेलू उत्पादन पर जोर, फायदे अनेक

भारत के संदर्भ में आईएमएफ के निष्कर्ष स्पष्ट रूप से आर्थिक बढ़त की ओर इशारा करते हैं। आईएमएफ का मानना है कि जब रक्षा खर्च आयात पर निर्भर रहने के बजाय घरेलू उत्पादन पर आधारित होता है, तो इसके फायदे और भी अधिक हो जाते हैं।

आईएमएफ ने कहा है कि रक्षा खर्च का मल्टीप्लायर औसतन 1 के करीब होता है, जिसका अर्थ है कि खर्च में की गई हर बढ़ोतरी मोटे तौर पर आर्थिक उत्पादन में वैसी ही बढ़ोतरी में बदल जाती है। हालांकि, यह प्रभाव देशों के बीच अलग-अलग होता है। जिन देशों की हथियारों के आयात पर निर्भरता अधिक होती है, उनमें रक्षा खर्च मल्टीप्लायर छोटे होते हैं, क्योंकि मांग का एक हिस्सा विदेशों में चला जाता है।

यह अंतर भारत के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। भारत ने विदेशी हथियारों पर अपनी निर्भरता कम करने और एक मजबूत घरेलू रक्षा आधार स्थापित करने के प्रयासों को तेज किया है। रक्षा खर्च का एक बड़ा हिस्सा अब स्थानीय विनिर्माण, निजी कंपनियों और संयुक्त उद्यमों की ओर निर्देशित किया जा रहा है।

आर्थिक संतुलन और रोजगार सृजन

आईएमएफ ने यह भी बताया है कि आयात पर अधिक खर्च बाहरी संतुलन को कमजोर कर सकता है, क्योंकि मांग आयातित उपकरणों की ओर बढ़ जाती है। भारत का स्वदेशीकरण पर जोर ऐसे दबावों को कम करने में सहायक है। इससे मांग का एक बड़ा हिस्सा देश की अर्थव्यवस्था के भीतर ही बना रहता है, जो रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा खर्च एक लक्षित मांग झटके के रूप में कार्य करता है। यह सरकारी उपभोग को बढ़ाता है और विशेष रूप से रक्षा से जुड़े क्षेत्रों में निजी खर्च को प्रोत्साहित कर सकता है। समय के साथ, यह उत्पादकता को भी समर्थन दे सकता है। आईएमएफ का मानना है कि सार्वजनिक निवेश को प्राथमिकता देने वाला निर्माण लंबे समय तक उत्पादकता वृद्धि का समर्थन कर सकता है।

खर्च में तेजी के जोखिम

हालांकि, आईएमएफ ने रक्षा खर्च में बहुत तेजी से वृद्धि होने पर कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक वृद्धि से राजकोषीय घाटा जीडीपी के लगभग 2.6 प्रतिशत तक बढ़ सकता है और सार्वजनिक ऋण तीन साल के भीतर लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ये दबाव संघर्ष की स्थिति में और बढ़ सकते हैं, जब कर्ज तेजी से बढ़ता है और सामाजिक खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है।

वैश्विक परिदृश्य और भारत का स्थान

2010 के दशक के मध्य से दुनिया भर में रक्षा खर्च बढ़ रहा है। वर्तमान में लगभग 40 प्रतिशत देश अपनी जीडीपी का 2 प्रतिशत से अधिक रक्षा पर खर्च करते हैं। नाटो सदस्यों ने 2035 तक अपने रक्षा और सुरक्षा खर्च को जीडीपी के 5 प्रतिशत तक बढ़ाने का वादा किया है, जो सैन्य खर्च में निरंतर वृद्धि की ओर संकेत करता है।

भारत अपनी जीडीपी का लगभग 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करता है। हाल के वर्षों में, नीतिगत सुधारों और प्रोत्साहनों के माध्यम से देश ने घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आईएमएफ के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि जिन देशों की स्थानीय रक्षा उद्योग मजबूत है, वे अपने सैन्य खर्च को आर्थिक विकास में बदलने और बाहरी जोखिमों को कम करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।

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