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‘जहरीले सांप’ बयान नितिन नबीन बोले- ये गांधी परिवार की: खड़गे के ‘सांप’ वाले बयान पर कहा- उनकी सस्ती मानसिकता को दिखाती है


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नई दिल्ली6 मिनट पहले

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘सांप’ वाले बयान पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि खड़गे की टिप्पणी लोगों को सांप्रदायिक आधार पर भड़काने की कोशिश है और यह एक सस्ती मानसिकता को दिखाती है। यह बयान उस समय आया है जब खड़गे ने एक रैली में BJP और RSS की तुलना जहरीले सांप से की थी।

नितिन नवीन ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि कांग्रेस की यह पुरानी परंपरा रही है कि वह ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करती है, जिनका समाज पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर बार ऐसे बयानों के बाद जनता BJP को जीत का आशीर्वाद देती है।

उन्होंने खड़गे के बयान के पीछे गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया। कहा- राहुल गांधी और सोनिया गांधी रिमोट कंट्रोल से पार्टी चलाते हैं और खड़गे उसी के तहत बोलते हैं।

खड़गे ने असम में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और RSS पर टिप्पणी की थी।

खड़गे ने असम में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी और RSS पर टिप्पणी की थी।

खड़गे ने असम की एक रैली में कहा था कि अगर सामने जहरीला सांप आए, तो नमाज भी रोककर उसे मार देना चाहिए। इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने BJP और RSS को “जहरीला सांप” बताया। इस बयान के बाद असम BJP नेताओं ने खड़गे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कांग्रेस पर मुस्लिम वोट के लिए तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

इसी बीच, नितिन नवीन ने खड़गे के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने केरल और गुजरात के लोगों की तुलना की थी। खड़गे ने कहा था कि केरल के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं, उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि गुजरात जैसे राज्यों के लोगों को गुमराह किया जा सकता है।

नितिन नवीन ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे बढ़ा रहे हैं।

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वहीं, BJP नेता रविशंकर प्रसाद ने भी खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी राज्य के लोगों को अशिक्षित कहना एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के लिए शर्मनाक है।

गुजरात की साक्षरता दर 82 प्रतिशत है और यह प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बेहतर हुई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ मोदी से नफरत के कारण खड़गे कुछ भी बोलेंगे। अपने इस शर्मनाक बयान के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

खरगे ने केरल की सभा में कहा था कि गुजरात के लोग अनपढ़ है। इसलिए पीएम मोदी ने उन्हें मूर्ख बनाते हैं। वे इसीलिए बीजेपी को बार बार जिताते हैं।

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उन्होंने कहा- चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन क्या कांग्रेस अध्यक्ष ने सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं? मैं उनके शब्दों को दोहरा भी नहीं सकता। यह बेशर्मी और नीचता की पराकाष्ठा है। उनके शब्द न केवल अपमानजनक हैं बल्कि निर्लज्ज भी हैं।

किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के लिए किसी राज्य की जनता को अनपढ़ कहना क्या उचित है? खरगे, क्या गांधीजी, सरदार पटेल, मोरारजी देसाई और विक्रम साराभाई अनपढ़ थे? क्या सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पार्टी अध्यक्ष के बयान से सहमत हैं?

अगर राहुल गांधी में समझदारी है, तो उन्हें इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लेना चाहिए और पार्टी प्रमुख से माफी मांगने को कहना चाहिए। उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश को भी निरक्षर कहा। क्या आप देश को बांटना चाहते हैं? वे कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं,” उन्होंने आगे कहा।

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खड़गे ने गुजरातियों पर दिए बयान पर खेद जताया:केरलम में गुजरातियों को अनपढ़ कहा था

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को गुजरातियों से जुड़े विवादित बयान पर खेद जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि मेरे बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया। मैं शब्दों पर खेद व्यक्त करता हूं। पूरी खबर पढ़ें…

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Gold Rate Today: सोना सस्ता हुआ या महंगा? दिल्ली से मुंबई तक क्या है 22K और 18K के रेट, अभी खरीदें या रूके?


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 9 April 2026: देश में सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन 9 अप्रैल 2026 को बाजार ने एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया। कहीं कीमतें तेज़ी से ऊपर गईं तो कहीं हल्की गिरावट भी देखने को मिली। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा?

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,53,980 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट का भाव ₹1,41,160 है। वहीं मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,41,010 और 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,830 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दूसरी तरफ, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के वायदा भाव में हल्की गिरावट देखी गई है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में अभी अस्थिरता बनी हुई है।

Gold Rate Today 9 April 2026

Gold Rate Today In India: भारत के 20 बड़े शहरों में सोने का ताजा भाव (9 अप्रैल 2026)

शहर 24 कैरेट (₹/10 ग्राम) 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) 18 कैरेट (₹/10 ग्राम)
दिल्ली ₹1,53,980 ₹1,41,160 ₹1,15,520
मुंबई ₹1,53,830 ₹1,41,010 ₹1,15,370
कोलकाता ₹1,53,820 ₹1,41,000 ₹1,15,370
चेन्नई ₹1,54,920 ₹1,42,010 ₹1,18,600
पुणे ₹1,53,820 ₹1,41,000 ₹1,15,370
बेंगलुरु ₹1,53,820 ₹1,41,000 ₹1,15,370
हैदराबाद ₹1,53,820 ₹1,41,000 ₹1,15,370
अहमदाबाद ₹1,53,870 ₹1,41,050 ₹1,15,420
जयपुर ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
लखनऊ ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
चंडीगढ़ ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
भोपाल ₹1,53,870 ₹1,41,050 ₹1,15,420
पटना ₹1,53,870 ₹1,41,050 ₹1,15,420
गाजियाबाद ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
नोएडा ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
गुरुग्राम ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
मेरठ ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
कानपुर ₹1,53,970 ₹1,41,150 ₹1,15,520
इंदौर ₹1,53,870 ₹1,41,050 ₹1,15,420
सूरत ₹1,53,870 ₹1,41,050 ₹1,15,420

Silver Rate In India: चांदी की आज क्या है कीमत

सोने के साथ-साथ चांदी ने भी जोरदार उछाल दिखाया है। 9 अप्रैल को चांदी का भाव करीब ₹2,60,100 प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक दिन पहले ही इसमें ₹11,000 की बड़ी तेजी आई थी।

एक्सपर्ट्स की राय: क्यों मजबूत हो रहा है सोना? (sone ka bhav)

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा ने बाजार को बड़ा सहारा दिया है। इस फैसले से संभावित सैन्य टकराव टल गया और डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने की कीमतों को सपोर्ट मिला। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने का निर्णय समयसीमा से ठीक पहले लिया गया, जिससे वैश्विक तनाव घटा और निवेशकों का भरोसा लौटा।

ग्लोबल संकेतों से बढ़ी चमक

वहीं एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोने में मजबूती इसलिए भी आई क्योंकि वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा बेहतर हुई है। डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने कीमती धातुओं की मांग बढ़ा दी, जिससे सोना तीन हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच गया।

कच्चे तेल की गिरावट का असर

मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह का मानना है कि युद्धविराम के बाद कच्चे तेल में करीब 20% की गिरावट आई, जिससे वैश्विक बाजारों में तेजी लौटी। ऊर्जा कीमतें कम होने से केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दर बढ़ाने का दबाव घटा है, जो सोने के लिए सकारात्मक संकेत है।

देश में सोना-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग पर नहीं, बल्कि कई वैश्विक और स्थानीय फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती या कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें, और भू-राजनीतिक हालात सीधे तौर पर कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, भारत में आयात शुल्क, जीएसटी (GST) और रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति भी सोने के दाम तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

अभी सोना खरीदें या इंतजार करें?

अगर आप निवेश के नजरिए से सोच रहे हैं तो मौजूदा स्तर पर थोड़ी सावधानी बरतना बेहतर हो सकता है, क्योंकि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। हालांकि शादी-ब्याह या ज्वैलरी खरीदनी है तो धीरे-धीरे खरीदारी करना सही रणनीति मानी जा सकती है।



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Dhurandhar 2 OTT Release: रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ ओटीटी पर कब होगी रिलीज? कहां देख सकेंगे ये फिल्म?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Dhurandhar 2 OTT Release: बॉलीवुड के सबसे एनर्जेटिक एक्टर रणवीर सिंह की हाई-ऑक्टेन स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इन दिनों सिर्फ सिनेमाघरों में ही नहीं बल्कि OTT दर्शकों के बीच भी जबरदस्त चर्चा में है। जिन लोगों ने फिल्म थिएटर में नहीं देखी, वह बेसब्री से इसके डिजिटल प्रीमियर का इंतजार कर रहे हैं।

‘धुरंधर 2’ के ओटीटी रिलीज का हो रहा इतंजार
हालांकि फिल्म ‘धुरंधर 2’ की धमाकेदार कमाई ने इसके OTT प्लान को थोड़ा पीछे खिसका दिया है, जिससे इसकी ऑनलाइन रिलीज को लेकर सस्पेंस और ज्यादा बढ़ गया है। लोग बड़ी ही बेसब्री से ‘धुरंधर 2’ के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं।

Dhurandhar 2

बॉक्स ऑफिस पर धमाल, OTT रिलीज में देरी

-19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। कई हफ्तों बाद भी थिएटर्स में दर्शकों की भीड़ बनी हुई है, जो इसकी पॉपुलैरिटी को साफ दिखाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने दुनियाभर में 1600 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है और तीसरे हफ्ते में भी इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।

-आमतौर पर बड़ी फिल्मों के लिए करीब 8 हफ्तों का थिएट्रिकल विंडो रखा जाता है ताकि सिनेमाघरों की कमाई प्रभावित न हो। फिल्म ‘धुरंधर 2’ की लगातार सफलता को देखते हुए मेकर्स भी इसी रणनीति पर चलते नजर आ रहे हैं।

ओटीटी पर कब और कहां रिलीज होगी ‘धुरंधर 2’?

-इंडस्ट्री से जुड़ी चर्चाओं के अनुसार ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का डिजिटल प्रीमियर ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार (JioHotstar) पर हो सकता है। दिलचस्प बात ये है कि फिल्म का पहला पार्ट यानी ‘धुरंधर’ मूवी नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज हुई थी लेकिन दूसरे पार्ट के लिए प्लेटफॉर्म बदला गया है।

-हालांकि अभी तक मेकर्स या प्लेटफॉर्म की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म मई 2026 के आखिरी सप्ताह या जून 2026 के पहले हफ्ते में OTT पर दस्तक दे सकती है।

IPL बना सबसे बड़ा कारण

‘धुरंधर 2’ की ओटीटी रिलीज में देरी की सबसे बड़ी वजह Indian Premier League 2026 (IPL 2026) को माना जा रहा है। इस समय IPL का क्रेज अपने चरम पर होता है और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स इस दौरान बड़े प्रोजेक्ट रिलीज करने से बचते हैं ताकि दर्शकों का ध्यान बंटे नहीं। ऐसे में IPL खत्म होने के बाद फिल्म धुरंधर 2 को रिलीज करना एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे उसे बेहतर व्यूअरशिप मिल सके।

डिजिटल राइट्स की बड़ी डील

फिल्म ‘धुरंधर 2’ के डिजिटल राइट्स को लेकर भी बड़ी डील सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘धुरंधर 2’ के OTT राइट्स लगभग 120 से 150 करोड़ रुपए के बीच बेचे गए हैं। मेकर्स का मानना था कि फिल्म की बॉक्स ऑफिस क्षमता को देखते हुए ये प्रीमियम डील डिजर्व करती है।

फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट ने बढ़ाया क्रेज

-बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह एक बार फिर अंडरकवर एजेंट जसकीरत सिंह रंगी के रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी जासूसी, धोखे और खतरनाक मिशनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले पार्ट से भी ज्यादा बड़े स्केल पर पेश की गई है।

-फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और आर. माधवन जैसे दमदार कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जो ‘धुरंधर 2’ की लोकप्रियता को और बढ़ा रहे हैं। लोग फिलहाल इस फिल्म को लेकर क्रेजी हो गए हैं।



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मल्लिकार्जुन खरगे के ‘सांप’ वाले बयान के पीछे किसका कंट्रोल? BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने किया भंडाफोड़


India

oi-Sohit Kumar

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) द्वारा दिए गए ‘सांप’ वाले बयान ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (BJP National President Nitin Nabin) ने इस पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए इसे कांग्रेस की हताशा बताया है। नबीन ने सीधे तौर पर गांधी परिवार को घेरते हुए कहा कि खड़गे जी के मुंह से निकलने वाले शब्द दरअसल सोनिया और राहुल गांधी के हैं, जो रिमोट कंट्रोल से चलते हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित ‘सांप’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन नबीन ने ANI से बातचीत के दौरान कहा कि यह पूरी तरह से लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब-जब मर्यादा लांघती है, जनता बीजेपी को जीत का ताज पहनाती है।

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नबीन ने कहा कि, ‘पहले ये गांधी परिवार के शब्द थे, अब खरगे जी के मुंह से निकल रहे हैं। सोनिया और राहुल गांधी किसी भी व्यक्ति को रिमोट से कंट्रोल करते हैं। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने जब भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जनता ने हमें और मजबूती से सत्ता सौंपी है।’

#WATCH | On Mallikarjun Kharges Snake remark, BJP National President Nitin Nabin says, “The statements hes made are purely aimed at communally inciting people… It was the Gandhi familys words, now its coming out of Kharge jis mouth… Rahul and Sonia Gandhi and their… pic.twitter.com/9Bc2eYKzop

— ANI (@ANI) April 9, 2026 “>


बंगाल और केरल में ‘मैच फिक्सिंग’ का खेल खत्म

आगामी विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल और केरल में जीत का भरोसा जताया। बंगाल के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2016 से 2021 तक हमारा वोट शेयर 38% तक पहुंच गया है और इस बार हम निश्चित रूप से सरकार बनाएंगे। वहीं केरल को लेकर उन्होंने एलडीएफ (LDF) और यूडीएफ (UDF) के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया। नबीन ने कहा, ‘केरल के लोग इस फिक्सिंग से तंग आ चुके हैं। हमारा वोट बैंक 2% से बढ़कर 20% हो गया है, जनता अब बीजेपी को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है।’

राहुल गांधी के ‘सेटिंग’ वाले आरोपों पर पलटवार

राहुल गांधी द्वारा बीजेपी और एलडीएफ के बीच ‘सेटिंग’ के आरोपों पर नितिन नबीन ने उन्हें कमजोर ज्ञान वाला नेता बताया। उन्होंने सवाल किया कि अगर सेटिंग है, तो पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट गठबंधन में क्यों हैं? उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि राहुल गांधी इस संवेदनशील विषय पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं? नबीन ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का सपना ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और वे कम्युनिस्ट सिस्टम को पूरी तरह उखाड़ फेंकेंगे।

एक्टर विजय की एंट्री और असम चुनाव पर BJP की दोटूक

साउथ के सुपरस्टार और TVK प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री पर नबीन ने नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति में ‘फुल टाइम’ पिच पर समय बिताना पड़ता है, पार्ट-टाइम से काम नहीं चलता। उन्होंने साफ किया कि तमिलनाडु में बीजेपी का गठबंधन AIADMK के साथ है। वहीं असम चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस वहां पूरी तरह निराश और हताश है और बीजेपी अपने पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम लेकर आएगी। पवन खेड़ा के मामले पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर शब्दों की मर्यादा के साथ-साथ कड़ा स्टैंड लेना हमारा कर्तव्य है।





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गुरुग्राम में हड़ताली कर्मचारियों पर लाठीचार्ज: एक का सिर फूटा-20 घायल, पुलिस की बाइक फूंकी-गाड़ी तोड़ी; महिलाओं ने छीनी लाठी – gurugram News




हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मानेसर में धारा 163 लागू होने के बावजूद वीरवार को हजारों की संख्या में हड़ताली कर्मचारी जुट गए। जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस लाठीचार्ज किया। जिससे मामला भगदड़ की स्थिति बन गई। इस दौरान 20 से ज्यादा कर्मचारियों को चोटें आई हैं। एक के सिर पर गहरा जख्म है। काफी खून बहने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक महिला बेहोश हो गई। इससे भड़के हड़तालियों ने पुलिस की एक बाइक फूंक दी और गाड़ी पर पथराव किया, जिससे फ्रंट और बैक के शीशे टूट गए। एक पुलिसकर्मी से महिलाओं ने लाठी भी छीनने की कोशिश की गई। इस पर पुलिस कर्मियों की महिलाओं से नोकझोंक और खींचतान भी हुई। कई घंटे तक झड़प चलती रही। एक पुलिस कर्म इस विवाद के बाद कई कंपनियों के बाहर सैलरी बढ़ाने संबंधी सरकार के ऑर्डर वाले नोटिस चिपका दिए गए। कुछ दिन पहले होंडा कंपनी में सैलरी बढ़ाने को लेकर स्ट्राइक हुई थी। इसके बाद 3 दिन से आधा दर्जन से अधिक बड़ी कंपनियों तक इसकीआंच पहुंच गई। हालांकि होंडा कंपनी के समझौते के बाद काम पर लौट गए। सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारी 3 दिन से काम पर लौटने को तैयार नहीं हुुए। पुलिस प्रशासन ने कहा कि यहां धारा 163 लागू करते हुए धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी। मगर, प्रदर्शनकारी नहीं माने। देर शाम इस मामले में पुलिस ने तोड़फोड़ करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान करने पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पुलिस की लाठीचार्ज से मची भगदड़ के PHOTOS पुलिस से नोकझोंक, फिर लाठीचार्ज पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया तो नोकझोंक हुई। धक्का-मुक्की कर पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों का कहना था कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जो प्रबंधन और उनके बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और न ही प्रबंधन की तरफदारी करनी चाहिए। उधर, डीसी अजय कुमार ने बीती शाम बयान जारी किया। कहा कि सरकार की तरफ से न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों में वृद्धि की गई है। यह एक अप्रैल से लागू मानी जाएगी। बताया कि अकुशल श्रमिकों का वेतन 11275 से बढ़ कर 15220, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12430 से बढ़ कर 16780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13704 से बढ़ कर 18500 रुपए किया गया है। उच्च कुशल का वेतन 14389 से बढ़ कर 19425 रुपए हो जाएगा। यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है। पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत; जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का क्या हाल?


घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार के दिन कमजोर शुरुआत हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से अधिक गिरा, निफ्टी 23,850 से नीचे आ गया। ओपनिंग के दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 558.43 (-0.72 %) अंकों की बढ़त के साथ 77,004.47 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 157.10 (-0.65%) अंक टूटकर 23,840.25 पर पहुंच गया। अदाणी पोर्ट्स और इंफोसिस के शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई।


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Bank holiday Today: असम,केरल और पुडुचेरी में हो रहा मतदान, क्या बंद हैं बैंक? कैसे निपटाएं काम?


Business

oi-Ankur Sharma

Bank holiday Today: आज असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान हो रहा है। आमतौर पर, स्थानीय अधिकारी मतदान वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हैं, ताकि नागरिक बिना किसी बाधा के अपना वोट डाल सकें और अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का पालन कर सकें, ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि आज बैंक खुले हैं या बंद, अगर बंद हैं तो काम कैसे निपटाएं?

हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, 9 अप्रैल को असम और पुडुचेरी में बैंक बंद नहीं है लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आधिकारिक कैलेंडर के मुताबिक केरल राज्य में बैंकों की छुट्टी है इसलिए यहां पर सभी प्राइवेट और सरकारी बैंक बंद हैं लेकिन ऑनलाइन सेवाएं, मोबाइल बैंकिंग और ATM चालू हैं।

Bank holiday Today

असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा सहित अन्य चुनाव-बाउंड राज्यों के बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे मतदान के दिन अपनी स्थानीय बैंक शाखा से संपर्क कर खुलने या बंद रहने की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

ये हैं अप्रैल माह के बैंक की आने वाली छुट्टियों का कैलेंडर

पूरे भारत में लागू छुट्टियां

11 अप्रैल 2026 (शनिवार) – दूसरा शनिवार
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती
25 अप्रैल 2026 (शनिवार) – चौथा शनिवार

State-wise Holidays : राज्य-विशेष छुट्टियां

  • 14 अप्रैल 2026 -तमिल नववर्ष, बैसाखी, बोहाग बिहू (कई राज्यों में)
  • 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) -बंगाली नववर्ष, बोहाग बिहू, हिमाचल दिवस
  • 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार) -बोहाग बिहू (असम)
  • 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) -बसव जयंती / अक्षय तृतीया (कर्नाटक, कुछ राज्यों में)
  • 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार) -गरिया पूजा (त्रिपुरा)

साप्ताहिक अवकाश

12, 19, 26 अप्रैल 2026 – सभी रविवार को बैंक बंद रहते हैं।

असम,केरल और पुडुचेरी में हो रहा मतदान

आपको बता दें कि केरल, असम और पुडुचेरी में अहम विधानसभा चुनावों के लिए वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चलेगी। केरल में, 2.71 करोड़ वोटर 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

असम में आज 126 सीटों के लिए वोटिंग हो रही

तो वहीं असम में आज 126 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है, जिसमें 2.50 करोड़ से ज़्यादा वोटर अपने वोट का इस्तेमाल करने के हकदार हैं और 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। BJP के नेतृत्व वाला NDA लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में रायजोर दल और CPI(M) शामिल हैं। जबकि पुडुचेरी की 30 सीटों वाली विधानसभा के लिए, 10,14,070 वोटर अपने वोट का इस्तेमाल करने वाले हैं। चुनावी नतीजे 4 मई को आएंगे।



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‘Samay Raina तू गधे पर बैठने लायक है’, कॉमेडियन पर बौखलाए ‘शक्तिमान’, मच गया हंगामा, क्या है मामला?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Samay Raina and Mukesh Khanna: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अक्सर बयानबाजी और विवाद सुर्खियां बनते रहते हैं लेकिन इस बार मामला कुछ ज्यादा ही गरम हो गया है। ‘शक्तिमान'(Shaktimaan) के नाम से घर-घर में मशहूर एक्टर मुकेश खन्ना और स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है। दोनों के बीच की ये तकरार अब निजी हमलों तक पहुंच चुकी है, जिसने फैंस को भी हैरान कर दिया है।

मुकेश खन्ना का तीखा पलटवार
हाल ही में मुकेश खन्ना ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक एडिटेड तस्वीर शेयर की है जिसमें समय रैना को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया। इस तस्वीर के साथ मुकेश खन्ना ने एक बेहद सख्त और आक्रामक कैप्शन भी लिखा, जिसने विवाद को और भड़का दिया है।

Samay Raina

मुकेश खन्ना ने किया चौंकाने वाला पोस्ट

आपको बता दें कि एक्टर मुकेश खन्ना ने एक चौंकाने वाला पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर कॉमेडियन समय रैना पर हमला किया है। दरअसल समय रैना ने अपने लेटेस्ट स्टिल अलाइव (Still Alive) शो में ‘शक्तिमान’ स्टार मुकेश खन्ना को बुरा-भला कहा था।

मुकेश खन्ना ने समय रैना को कहा ‘कुत्ते की दुम’

-अपने पोस्ट में मुकेश खन्ना ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए समय रैना पर निशाना साधा है। जहां समय रैना ने मुकेश खन्ना पर इंडियाज गॉट लेटेंट कॉन्ट्रोवर्सी के दौरान लाइमलाइट पाने का आरोप लगाया था, वहीं एक्टर ने अब कॉमेडियन को ‘कुत्ते की दुम’ कहा है।

-मुकेश खन्ना ने एक एडिटेड तस्वीर शेयर की है जिसमें कॉमेडियन समय रैना गधे पर बैठे दिख रहे हैं। फोटो पर लिखा है- समय रैना तू सिर्फ गधे पर बैठने के लायक है वो भी मुंह काला करके। मुकेश खन्ना ने लिखा है कि कुछ लोग कभी नहीं सुधरते और बार-बार विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसे लोगों को सख्त सबक सिखाया जाना चाहिए।

‘समय रैना को गधे पर बैठाकर परेड करानी चाहिए’

-मुकेश खन्ना ने अपने पोस्ट के कैप्शन में एक गुस्से वाला नोट भी लिखा है। उन्होंने लिखा है- कुत्ते की दुम टेढ़ी रहती है। उसे लाख शीशियों में रखो। बाहर निकालो। फिर टेढ़ी की टेढ़ी, समय रैना की भी एक दुम है। कितना भी मारो, सीधा करो, वो वापस टेढ़ी हो जाती है क्योंकि वो सीधा सादा प्राणी नहीं है। वो भुना हुआ प्राणी है। गंदगी की आग में जलाया हुआ, पकाया हुआ।

-मुकेश खन्ना ने आगे लिखा है- पूरे देश ने लताड़ा-मारा, फिर आ गया बेशर्म की तरह और मार खाने। अब एक ही चीज बाकी है। उसका मुंह काला करके गधे पर बिठाकर देश भर के शहरों में, गलियों में उसकी परेड करनी चाहिए। जहां बच्चे उसको अंडे, टमाटर मारें क्योंकि उसने उनके सुपरहीरो शक्तिमान का अपमान किया है।

पोस्ट में दिखा गुस्सा, भाषा पर उठे सवाल

मुकेश खन्ना के पोस्ट की भाषा ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने अपने बयान में समय रैना के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जैसी बातें भी लिखी हैं। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोग जहां मुकेश खन्ना का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ उनकी भाषा की आलोचना भी कर रहे हैं।

क्या था समय रैना का बयान?

जानकारी के अनुसार ये पूरा विवाद कॉमेडियन समय रैना के हालिया शो ‘स्टिल अलाइव’ (Still Alive) के दौरान दिए गए बयान से शुरू हुआ था। अपने शो में समय रैना ने इंडस्ट्री में चल रहे विवादों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि कई लोग बिना वजह सुर्खियों में आने की कोशिश करते हैं।

शक्तिमान को लेकर उठाया सवाल

-इसी दौरान उन्होंने फेमस एक्टर मुकेश खन्ना का जिक्र करते हुए तंज कसा था और कहा था कि जब ‘शक्तिमान’ जैसे किरदार सामने आते हैं, तो उनसे बहस करना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही उन्होंने ये दावा भी किया था कि पुराने समय में इस शो के प्रभाव में आकर कुछ बच्चों ने खतरनाक स्टंट करने की कोशिश की थी।

-समय रैना ने ये भी कहा था कि कैसे ‘शक्तिमान’ के रोल के लिए पॉपुलर एक्टर मुकेश खन्ना ने उन पर और रणवीर अल्लाहबादिया पर हमला किया था। समय रैना ने अपने शो में कहा था- शक्तिमान आ गया था यार। शक्तिमान से कैसे लड़ेंगे।

-समय रैना ने अपने शो में ये भी कहा था कि किसी को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने अतीत को देखना चाहिए। समय रैना ने दावा किया था कि जब ‘शक्तिमान’ ऑन एयर हुआ था तो कई बच्चे अपने ऑन-स्क्रीन सुपरहीरो की नकल करने के लिए बिल्डिंगों से कूद गए थे। उन्होंने कहा था- तूने बच्चे मारे हैं, तू क्या मोरल हाई ग्राउंड लेकर बैठा है?

सोशल मीडिया पर बढ़ती बहस

-समय रैना के इस बयान को मुकेश खन्ना ने अपने किरदार और छवि पर सीधा हमला माना है और उसी के बाद एक्टर ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।

-इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां कुछ लोग समय रैना के बयान को कॉमेडी का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स इसे सीमा से बाहर मान रहे हैं। दूसरी तरफ मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया को लेकर भी लोग बंटे हुए नजर आ रहे हैं।



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Gold Silver Price: मुनाफावसूली से सोना और चांदी धड़ाम, निवेशकों में छाई अनिश्चितता; जानिए सर्राफा बाजार की चाल


पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच कमजोर सीजफायर का सीधा असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली के कारण गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस वैश्विक उथल-पुथल ने बाजार की भावनाओं को कमजोर कर दिया है, जिससे वैश्विक और घरेलू स्तर पर नई चिंताएं सामने आ रही हैं।

घरेलू बाजार में कीमतों में बड़ी गिरावट

‘ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन’ के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में चांदी की कीमत 7,800 रुपये या 3.10 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 2.43 लाख रुपये (2,43,200 रुपये) प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान इसका बंद भाव 2.51 लाख रुपये (2,51,000 रुपये) प्रति किलोग्राम था। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव में भी 1,500 रुपये या लगभग 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस गिरावट के बाद सोने की कीमतें 1.54 लाख रुपये (1,54,900 रुपये) प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1.56 लाख रुपये (1,56,400 रुपये) प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बता दें कि इन सभी कीमतों में सभी कर शामिल हैं।

कमजोर सीजफायर और आपूर्ति शृंखला का संकट

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर छाई अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने स्पष्ट किया कि निवेशकों द्वारा पश्चिम एशिया में इस नाजुक सीजफायर का पुनर्मूल्यांकन करने के कारण ही सोने की कीमतों में पिछले सत्र की बढ़त खत्म हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि रुक-रुक कर हो रही लड़ाई, होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने पर संशय, टैंकरों की आवाजाही रुकने और सीजफायर उल्लंघन की लगातार आ रही खबरों ने बाजार के सेंटिमेंट पर भारी दबाव डाला है। इसके कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर चिंताएं एक बार फिर से उभरने लगी हैं। मिरे एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने भी लेबनान में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता का जिक्र करते हुए सीजफायर को बेहद कमजोर करार दिया है।

वैश्विक बाजार की हलचल और भू-राजनीतिक दबाव

घरेलू बाजार में गिरावट के विपरीत वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं में मामूली बढ़त देखने को मिली है। प्रवीण सिंह के मुताबिक, डॉलर की कमजोरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने ने लगातार चौथे दिन अपनी बढ़त बनाए रखी है। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना 21.28 डॉलर या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 4,740.63 डॉलर प्रति औंस हो गया है, जबकि चांदी भी 74.12 डॉलर प्रति औंस पर मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रही है। 

इस बीच, ईरान ने मुख्य शिपिंग क्षेत्र में खदानों के जोखिम का हवाला देते हुए व्यापार के लिए वैकल्पिक मार्गों का सुझाव दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें भी स्थिर होने का प्रयास कर रही हैं और कमोडिटी व रिस्क एसेट्स की रिकवरी सीमित हो रही है। भू-राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि समझौते पर सहमति नहीं बनती है तो ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्होंने अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को तब तक वहीं तैनात रहने का निर्देश दिया है जब तक कि समझौते का पूरी तरह से पालन नहीं हो जाता। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ‘फेडरल ओपन मार्केट कमेटी’ की 18 मार्च की बैठक के मिनट्स से यह साफ हुआ है कि रोजगार और महंगाई के जोखिम अब अधिक संतुलित होने के कारण फेडरल रिजर्व अभी ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की मुद्रा में है।



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Iran से युद्धविराम के बाद Donald Trump का NATO देशों पर फूटा गुस्सा! खुलकर बताया कौन-कौन निकले धोखेबाज


International

oi-Sohit Kumar

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) समझौते के बाद अब अपना रुख वापस ‘ग्रीनलैंड’ (Greenland) की ओर मोड़ दिया है। पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान सहयोग न मिलने पर उन्होंने NATO सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि मुश्किल वक्त में जिन देशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया, अब उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ सकता है। ट्रम्प का इशारा साफ है- अगर मित्र देश सुरक्षा में साथ नहीं देंगे, तो अमेरिका भी अपने रणनीतिक हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। आइए जानतें हैं राष्ट्रपति ट्रम्प के इस कड़े रुख के पीछे की असली वजह क्या है?

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क्या है NATO, क्यों गद्दारी का आरोप लगा रहे हैं ट्रम्प?

NATO यानी ‘नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन’ एक शक्तिशाली सैन्य गठबंधन है, जिसकी स्थापना 1949 में हुई थी। इसमें अमेरिका के साथ-साथ ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे 32 देश शामिल हैं। इस संगठन का सबसे बड़ा नियम है ‘सामूहिक सुरक्षा’, यानी अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा और सब मिलकर जवाब देंगे।

ट्रम्प का आरोप है कि जब अमेरिका ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति में था, तब इस संगठन ने केवल तमाशा देखा और अमेरिका को अकेला छोड़ दिया। ट्रम्प के अनुसार, NATO देश अमेरिका के पैसे और सेना पर तो ऐश कर रहे हैं, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर पीछे हट जाते हैं।

क्यों सनक गए हैं राष्ट्रपति?

राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘जब हमें ज़रूरत थी तब NATO हमारे साथ नहीं था, और अगर फिर ज़रूरत पड़ी तो वे नहीं होंगे। ग्रीनलैंड को याद रखें, वह बड़ा, खराब ढंग से चलाया जा रहा, बर्फ का टुकड़ा!!!’

दरअसल, ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है जो डेनमार्क के अधीन आता है। ट्रम्प इसे अमेरिकी कंट्रोल में लाना चाहते हैं। इसके पीछे की असली वजह वहां छिपे बेशकीमती खनिज संसाधन और रूस-चीन के खिलाफ इसकी भौगोलिक स्थिति है। ट्रम्प का मानना है कि जो देश उनकी सैन्य मदद नहीं कर रहे, उनके संसाधनों पर अमेरिका का अधिकार होना चाहिए।

अमेरिका के सहयोगियों को मिली फटकार

यह पूरा विवाद उस समय गरमाया है जब अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में सीधी बातचीत होने वाली है। हफ़्तों की भीषण जंग के बाद अब शांति की उम्मीद तो जगी है, लेकिन ट्रम्प की नाराज़गी कम नहीं हुई है। व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने जमकर भड़ास निकाली।

उन्होंने कहा कि जापान में 50,000 और दक्षिण कोरिया में 45,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, लेकिन इन देशों ने ईरान संकट में अमेरिका की कोई मदद नहीं की। ट्रम्प की यह बयानबाजी अब यूरोपीय देशों के लिए खतरे की घंटी बन गई है, क्योंकि अगर अमेरिका NATO से पीछे हटता है, तो पूरी दुनिया का सुरक्षा ढांचा ढह सकता है।

क्या फिर शुरू होगी नई ट्रेड वॉर?

ट्रम्प की इस धमकी के बाद यूरोपीय संघ (EU) में डर का माहौल है। फ्रांस और जर्मनी जैसे देश अब अपनी अलग सेना बनाने और सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भरता कम करने की बात कर रहे हैं। ट्रम्प पहले भी ग्रीनलैंड के संसाधनों तक पहुंच बनाने के लिए ट्रेड वॉर की धमकी दे चुके हैं। अब जबकि ईरान के साथ मोर्चा शांत हुआ है, तो ट्रम्प ने अपना पूरा ध्यान ग्रीनलैंड और उन खनिज संपदाओं पर लगा दिया है जो भविष्य की तकनीक के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती हैं।



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