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Explainer: 1400 साल बाद फिर ‘अली’ ने फतह किया ‘खैबर’, Khamenei के 40वें पर ईरान को सबसे बड़ी जीत कैसे?


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oi-Divyansh Rastogi

Iran US Ceasefire Reframes Middle East Power: ईरान के शहर मशहद (Mashhad) की घुमावदार गलियों में पुरानी किताबों की के बीच पला-बढ़ा एक जीवन, जो आस्था, बुद्धि और राष्ट्र की नियति को एक सूत्र में पिरो गया। आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई का वह जीवन आज ईरान की धरती पर 40 दिन की जंग के बाद एक नई ऐतिहासिक जीत के रूप में जीवंत हो उठा है। 28 फरवरी 2026 को रमजान के पहले दिन, जब वे उपवास के दौरान पवित्र कुरान पढ़ रहे थे, तभी अमेरिकी-इजरायली मिसाइल ने उनके घर और दफ्तर पर हमला कर उनकी शहादत दिला दी।

लेकिन 40 दिन बाद, बुधवार (भारतीय वक्त के अनुसार, 8 अप्रैल तड़के 4 बजे के करीब) को , जब युद्धविराम का अमेरिका ने ऐलान किया। अमेरिका ने ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जो सुप्रीम लीडर के 40वें से मेल खा गया। गुरुवार को देश भर में रैलियों का आयोजन हो रहा है। ईरानी राष्ट्र इस विजय को खामेनेई की दूरदृष्टि का प्रमाण मान रहा है।

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यह जंग केवल सैन्य टकराव नहीं थी। ईरान ने एक साथ दो महाशक्तियों ‘अमेरिका और इजरायल’ के साथ 11 मुस्लिम देशों की मिली-जुली ताकत का सामना किया। यानी कुल 13 मुल्कों के खिलाफ अकेला ईरान 40 दिन तक डटा रहा और पटखनी दे दी। ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के माध्यम से ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता का विश्व के सामने ऐसा प्रदर्शन किया कि तथाकथित महाशक्तियों की छवि चूर-चूर हो गई। अब सवाल यह है कि सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत (ईरान का शहादत बताना) के 40वें पर ईरान को यह सबसे बड़ी जीत कैसे मिली? ईरान पहले से अधिक शक्तिशाली कैसे बनकर उभरा? और अमेरिका को हुए सारे नुकसान क्या-क्या हैं? आइए पूरी कहानी को समझें…

Iran Major Victory-America Losses 10 Points: 10 पॉइंट में अमेरिका के सारे नुकसान और ईरान की प्रमुख उपलब्धियां समझें…

  • अपनी शर्तों पर युद्धविराम थोपना: अमेरिका को ईरान की शर्तों पर 14 दिन का सीजफायर मानना पड़ा। ट्रंप को पाकिस्तान के जरिए गुहार लगानी पड़ी। ईरान ने बिना झुके अपनी साख बचाई।
  • अमेरिका की वैश्विक साख का भारी नुकसान: दुनिया के सबसे ताकतवर देश की छवि ध्वस्त। 40 दिन में रोज अपनी बात से पलटना पड़ा। ईरान ने साबित किया कि अमेरिका अब ‘अजेय’ नहीं रहा।
  • घरेलू स्तर पर भारी विरोध और चुनावी खतरा: लाखों अमेरिकी सड़कों पर उतरे। ट्रंप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन। मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स को फायदा। ईरान ने अमेरिकी जनता को जगा दिया।
  • अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत का भागना: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार अमेरिकी एफ-लड़ाकू विमान ईरान ने गिराए। विमानवाहक पोत को पीछे हटना पड़ा। ईरान की मिसाइलों ने अमेरिकी नौसेना को चोट पहुंचाई।
  • 25% नौसेना तैनात करने के बावजूद असफलता: अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, फिर भी ईरान को दबा नहीं पाया। ईरान ने पूरे क्षेत्र में अपनी रक्षा क्षमता साबित की।
  • ठिकानों पर हमले, THAAD और रडार तबाह: अरबों डॉलर की अमेरिकी रक्षा प्रणालियां ध्वस्त। ईरान समर्थित समूहों ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने ‘अजेय’ मिसाइल शील्ड को तोड़ दिया।
  • राजनीतिक अलगाव – NATO ने मदद से इनकार: फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन, इटली…कोई भी मदद को तैयार नहीं। अमेरिका को कुर्द, अलकायदा, ISIS से मदद मांगनी पड़ी। ईरान ने अमेरिका को पूरी तरह अकेला कर दिया।
  • अरब सहयोगियों की सुरक्षा गारंटी टूटना: सऊदी, UAE, कुवैत समेत खाड़ी देशों को ईरानी हमलों से नहीं बचा सका। ईरान ने साबित किया कि अमेरिकी सुरक्षा ‘कागजी’ है।
  • खर्ग द्वीप पर 40 साल पुरानी महत्वाकांक्षा अधूरी: अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा करना चाहता था, लेकिन ईरान ने उसे रोक दिया। ईरान की रणनीतिक जीत।
  • ईरान पहले से कहीं मजबूत बनकर उभरा: अमेरिका ने ‘सरेंडर’ कराने चला था, लेकिन ईरानी सभ्यता को मिटाने की कोशिश में खुद की साख गंवाई। ईरान ने दुनिया को दिखा दिया कि वह ‘अजेय’ है। अब तेल चीनी मुद्रा में खरीदने को मजबूर अमेरिका।

1400 साल बाद ‘अली’ की खैबर फतह: ऐतिहासिक प्रतीक

1400 साल पहले हजरत अली (रजि.) ने खैबर (Khyber) की किलेबंदी को फतह कर इस्लामी इतिहास में अमिट छाप छोड़ी थी। आज फिर ‘अली’ नाम के सुप्रीम लीडर की मौत (ईरानी शहदत मानते हैं) के बाद ईरान ने आधुनिक खैबर ‘अमेरिका-इजरायल’ की संयुक्त ताकत को परास्त किया है। यह जीत केवल सैन्य नहीं, बल्कि आस्था, प्रतिरोध और राष्ट्रीय इच्छाशक्ति की जीत है। खामेनेई की मौत ने राष्ट्र को और एकजुट किया, ठीक वैसे जैसे ऐतिहासिक खैबर की जंग में एकता ने चमत्कार किया था।

10 सूत्री प्रस्ताव: ईरान की शर्तों पर थोपा गया युद्धविराम (Ceasefire)

युद्ध के 40वें दिन अमेरिका को ईरान की 10 सूत्री मांगों पर झुकना पड़ा। पाकिस्तान के माध्यम से ट्रंप को गुहार लगानी पड़ी। ईरान ने बिना किसी समझौते के अपनी साख बचाई। अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण है और वहां टोल चीनी मुद्रा में लगाने की तैयारी चल रही है। वैश्विक तेल व्यापार की धुरी ईरान के हाथ में आ गई है।



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पश्चिम एशिया संकट का असर: 2025-26 में भारत का वस्तु निर्यात 2-3% घटने का अनुमान, फियो ने जताई चिंता


वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनिया की आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित है। इस कारण वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश के वस्तु निर्यात में 2-3 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस ने भी इस बारे में चिंता जाहिर की है। संस्था के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा है कि इस संकट के चलते पिछले वित्त वर्ष के मार्च महीने में ही देश के निर्यात शिपमेंट में 7-8 प्रतिशत की कमी आ सकती है। 

पश्चिम एशिया में संघर्ष से क्या परेशानी शुरू हुई?

निर्यात घटने का प्रमुख कारण 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इस्राइल की ओर से किया गया संयुक्त हमला है। इस लड़ाई ने पश्चिम एशिया में भारत के निर्यात पर बहुत बुरा असर डाला। इस तनाव के बाद भारत के लिए शिपिंग भाड़ा, हवाई परिवहन कार खर्च और बीमा लागत बहुत तेजी से बढ़े। पश्चिम एशिया के देशों से तेल और गैस की आवाजाही में भी रुकावट आई जिसके करण स्टील, प्लास्टिक और रबर जैसे कच्चे माल की कीमतें आसमान चढ़ गईं। ताजे फल और सब्जियों एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए हवाई और समुद्री भाड़े की लागत अचानक बढ़ गईं।

आशंकाओं के बीच राहत की क्या खबर?

वस्तु निर्यात में गिरावट की आशंका के बावजूद, फियो ने उम्मीद जताया है कि भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 5-6 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल निर्यात 825 बिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था, जिसमें 437 बिलियन डॉलर का वस्तु निर्यात और 388 बिलियन डॉलर का सेवा निर्यात शामिल था। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से 15 अप्रैल को निर्यात के अंतिम आंकड़े आधिकारिक रूप से जारी किए जाएंगे।

खाड़ी देशों के साथ व्यापार क्यों चुनौतीपूर्ण हो गया?

इस भू-राजनीतिक संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र में माल भेजने वाले निर्यातकों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर दी हैं। 


  • व्यापारिक आंकड़े: वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का इस क्षेत्र के साथ 178 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार था, जिसमें 56.87 बिलियन डॉलर का निर्यात और 121.67 बिलियन डॉलर का आयात शामिल था। 

  • प्रमुख बाजार: खाड़ी क्षेत्र के छह देश- यूएई, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कतर और कुवैत भारत के लिए अहम बाजार हैं। यह क्षेत्र बासमती चावल, समुद्री उत्पाद और ताजी उपज के लिए सबसे बड़ा कृषि-निर्यात गंतव्य है। 

  • तनावग्रस्त सेक्टर्स: संकट के कारण पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग सामान, चावल, फार्मास्यूटिकल्स और रत्न व आभूषण जैसे प्रमुख सेक्टर सबसे ज्यादा तनाव में हैं। 

सरकार ने इस महत्वपूर्ण बाजार में निर्यातकों को संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए कई उपायों की पेशकश की है, क्योंकि 2024-25 में रत्न व आभूषण, चावल और फार्मा का निर्यात ही लगभग 57 बिलियन डॉलर था।

क्या युद्धविराम से राहत की उम्मीद है?

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा से यह उम्मीद जगी है कि जहाजों की आवाजाही जल्द ही फिर से शुरू हो सकेगी। फियो अध्यक्ष ने कहा कि इस घोषणा से शिपिंग बाधाएं कम होंगी और निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी, हालांकि निर्यात को पूरी तरह से स्थिर होने में अभी कुछ महीने लगेंगे।



उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रल्हन ने सरकार से उच्च ब्याज दरों के मुद्दे को सुलझाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरें 2-4 प्रतिशत हैं, जबकि भारत में सब्सिडी के बाद यह लगभग 8.25 प्रतिशत है और बिना कोलैटरल के 12 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।





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Weather Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश का डबल अटैक! IMD ने इन इलाकों के लिए जारी किया अलर्ट


Delhi

oi-Sohit Kumar

Weather Delhi NCR: अप्रैल के महीने में जहां चिलचिलाती धूप पसीने छुड़ाती है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में कुदरत का अलग ही करिश्मा देखने को मिल रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे सर्दी की विदाई अभी हुई ही नहीं है। आसमान में छाए काले बादलों और अचानक हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को फिर से हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।

दिल्ली-एनसीआर में आज मौसम काफी एक्टिव रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज दिन भर आसमान में बादल छाए रहेंगे। रात के समय दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) भी चल सकती हैं, जिससे शाम के वक्त ठिठुरन बढ़ सकती है।

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Weather Tomorrow Delhi: दिल्ली में कल के मौसम का हाल

कल यानी 10 अप्रैल से मौसम में सुधार देखने को मिलेगा। शुक्रवार को दिल्ली का आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि धूप खिलेगी, लेकिन पिछले दिन की बारिश और हवाओं के असर से तापमान कंट्रोल में रहेगा।

दिल्ली के 11 जिलों का हाल

  • उत्तर दिल्ली का मौसम: रात में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • उत्तर-पूर्व दिल्ली: पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और रात होते-होते तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम दिल्ली: रात के समय आसमान में बिजली कड़कने के साथ हल्की वर्षा और धूल भरी हवाएं चलने के आसार हैं।
  • पश्चिम दिल्ली: बादल छाए रहने और रात में तेज झोंकों वाली हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
  • दक्षिण दिल्ली: मौसम काफी उतार-चढ़ाव भरा रहेगा और रात में गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
  • दक्षिण-पश्चिम दिल्ली: रात के वक्त तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी होने से वातावरण में ठंडक बनी रहेगी।
  • दक्षिण-पूर्व दिल्ली: आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और रात में धूल भरी हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है।
  • नई दिल्ली: रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • मध्य दिल्ली: भारी बादलों की मौजूदगी के बीच रात में हल्की वर्षा होने की पूरी संभावना है।
  • शाहदरा: गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और तेज सतही हवाओं का दौर रात में देखने को मिल सकता है।
  • पूर्वी दिल्ली: रात के समय मौसम में बदलाव आएगा और गरज के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं।

NCR के शहरों में मौसम का हाल

नोएडा का मौसम: यहां आज अलर्ट जारी किया गया है। रात में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की प्रबल संभावना है।
गाजियाबाद का मौसम: आसमान में बादल छाए रहेंगे और रात में मौसम करवट ले सकता है।
गुरुग्राम: हल्की बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहेगा।
फरीदाबाद: यहां भी रात के समय 30-40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और बूंदाबांदी के आसार हैं।

Delhi Weather Prediction: दिल्ली में कब साफ होगा मौसम?

दिल्ली में मौसम साफ होने की प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। कल से आसमान मुख्य रूप से साफ (Mainly Clear Sky) रहेगा और खिली हुई धूप देखने को मिलेगी।

11 और 12 अप्रैल के मौसम का हाल

  • 11 अप्रैल: शनिवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन दिन के समय 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं (Strong Surface Winds) चलने का अनुमान है।
  • 12 अप्रैल: रविवार को भी आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और मौसम सामान्य बना रहेगा।

Delhi Air Pollution Today: दिल्ली में आज कितना है पॉल्यूशन

दिल्ली की हवा में इस वक्त PM10 का स्तर 85 है। इसका सीधा मतलब यह है कि हवा में धूल और मिट्टी के मोटे कणों की मात्रा सामान्य से ज्यादा है। ये कण इतने बारीक होते हैं कि जब हम सांस लेते हैं, तो ये हमारे फेफड़ों तक पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, दिल्ली की हवा फिलहाल साफ नहीं है और यह सांस के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकती है। प्रदूषण के इसी गंभीर स्तर के कारण नई दिल्ली फिलहाल दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 68वें स्थान पर है।



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Elections 2026: Assam-Kerala और Puducherry में एक साथ मतदान, समझें 296 सीटों का गणित-पुख्ता सुरक्षा


India

oi-Divyansh Rastogi

Assam-Kerala Puducherry Election 2026: 9 अप्रैल (गुरुवार) को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में मतदान है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी मशीनरी लगा दी है। कुल 296 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपनी किस्मत ईवीएम में बंद करेंगे। आइए समझें सीटों का पूरा गणित…

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तीन राज्यों-प्रदेश की तस्वीर एक नजर में

  • असम: 126 सीटें (बहुमत 64 सीटें)
  • केरल: 140 सीटें (बहुमत 71 सीटें)
  • पुडुचेरी: 30 सीटें (बहुमत 16 सीटें)

असम: 2.5 करोड़ मतदाता, 722 उम्मीदवार

  • असम में कुल 2,50,54,463 मतदाता हैं, जिनमें 1,25,31,552 पुरुष, 1,25,22,593 महिलाएं और 318 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं।
  • 18-19 साल के 6,42,314 युवा पहली बार वोट डालेंगे।
  • 80+ के 2,50,006 और दिव्यांग 2,05,085 मतदाताओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
  • 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य की 15वीं विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को खत्म हो रहा है।

केरल: त्रिकोणीय मुकाबला, 2.71 करोड़ मतदाता

  • केरल में 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। यहां मुख्य मुकाबला त्रिकोणीय है।
  • कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं – 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 तीसरे लिंग के।
  • बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए।

पुडुचेरी: 30 सीटें, 9.44 लाख मतदाता

  • 30 विधानसभा सीटों (5 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) पर 294 प्रत्याशी हैं। इनमें 34 राष्ट्रीय दल, 63 राज्य स्तर के दल, 80 गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत दल और 117 निर्दलीय शामिल हैं।
  • कुल 9.44 लाख मतदाता – लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिलाएं और 139 तीसरे लिंग के।
  • बहुमत का आंकड़ा 16 सीटें।

सुरक्षा और निगरानी: लोहे की व्यवस्था

  • असम में 31,490 मतदान केंद्रों पर 25,054,463 मतदाताओं की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात किए गए हैं।
  • सभी केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग चालू
  • 31,486 मुख्य + 4 सहायक केंद्रों की रीयल-टाइम निगरानी
  • संवेदनशील बूथों पर सूक्ष्म पर्यवेक्षक
  • 1,51,132 मतदान कर्मी ड्यूटी पर
  • 41,320 बैलेट यूनिट, 43,975 कंट्रोल यूनिट और 43,997 VVPAT मशीनें (रिजर्व सहित)

केरल में 30,495 मतदान केंद्र (24 सहायक सहित) बनाए गए हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
पुडुचेरी में 1,099 मतदान केंद्र। मतदान कर्मियों को GPS वाले वाहनों से भेजा गया, साथ में पुलिस और हथियारबंद जवान।

खास सुविधाएं

  • 85 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) से घर बैठे वोटिंग की सुविधा (लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 60(सी) के तहत)।
  • मतदान के बाद सभी EVMs को सील्ड कमरों में रखा जाएगा, जहां 24 घंटे CCTV निगरानी रहेगी। तीन-स्तरीय सुरक्षा (अर्द्धसैनिक बल + स्थानीय पुलिस)।

मतगणना कब?

  • पूरे देश के पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद 4 मई 2026 को मतगणना होगी। चुनाव आयोग का संदेश साफ है: हर वोट की कीमत है और हर वोट सुरक्षित रहेगा। आज यानी 9 अप्रैल को तीनों जगहों पर मतदान होगा। अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करें।



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Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: मेट्रो से लेकर बाजार तक का आज क्या है अपडेट? घर से निकलने से पहले देख लें डिटेल


Delhi

oi-Kumari Sunidhi Raj

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज, 9 अप्रैल 2026 को सामान्य कामकाजी दिन है। मार्च के महीने में होली, ईद और रामनवमी जैसी लंबी छुट्टियों के बाद अब अप्रैल का दूसरा सप्ताह नियमित गतिविधियों के साथ शुरू हो चुका है। हालांकि अप्रैल का महीना छुट्टियों से भरा होता है, लेकिन आज यानी गुरुवार को दिल्ली के शिक्षा संस्थानों, वित्तीय केंद्रों और व्यापारिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है।

लोग बिना किसी बाधा के अपने दैनिक कार्यों की योजना बना सकते हैं। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सभी विभाग आज अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। यदि आप बैंक जाने या बाजार में खरीदारी की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है।

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh

स्कूल और कॉलेज

दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूल आज 9 अप्रैल को पूरी तरह से खुले हैं। शिक्षा निदेशालय (DoE) की ओर से आज के दिन के लिए कोई छुट्टी निर्धारित नहीं की गई है। छात्र और अभिभावक ध्यान दें कि सभी कक्षाएं और परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।

बैंकों की स्थिति

बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो दिल्ली में आज बैंकों की छुट्टी नहीं है। 1 अप्रैल (सालाना क्लोजिंग) और 3 अप्रैल (गुड फ्राइडे) के अवकाश के बाद, आज बैंक की सभी शाखाएं खुली हैं। ग्राहक चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट और अन्य जरूरी काम निपटा सकते हैं।

बाजार और व्यापार

दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जैसे चांदनी चौक, कनॉट प्लेस, करोल बाग, और सदर बाजार आज सामान्य रूप से खुले हैं। व्यापारिक संगठनों के अनुसार, आज कोई साप्ताहिक अवकाश नहीं है, इसलिए खरीदार अपनी सुविधा अनुसार इन बाजारों का रुख कर सकते हैं।

मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन

दिल्ली मेट्रो (DMRC) और डीटीसी (DTC) बस सेवाएं आज सामान्य समय सारणी के अनुसार संचालित हो रही हैं। यात्रियों के लिए किसी भी रूट पर कोई विशेष प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। दिल्ली के व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक की स्थिति भी सामान्य रहने की उम्मीद है।

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With AI Inputs



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धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज: कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी




पाकिस्तान के ल्यारी पर बनी बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में संजय दत्त ने पाकिस्तान के एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इस ऑफिसर का नाम चौधरी असलम है, जिन्हें पाकिस्तान का सुपरकॉप भी कहा जाता है। चौधरी असलम पाकिस्तान पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। सिंध पुलिस में काम करते हुए उन्होंने 2009 में ल्यारी के सबसे खूंखार रहमान डकैत का भी एनकाउंटर किया था। करीब चार साल बाद कराची में विस्फोटकों से भरी एक कार उनके काफिले से टकरा गई थी। इसमें असलम के साथ दो अन्य पुलिस अधिकारियों, बॉडीगार्ड और ड्राइवर की मौत हो गई थी। उनके परिवार को आज भी धमकियां मिलती हैं। दैनिक भास्कर ने असलम चौधरी की पत्नी नौरीन चौधरी से फोन पर बातचीत की। नौरीन ने कहा- फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर ने उनके पति के किरदार को फिल्माने से पहले उनकी परमिशन नहीं ली। मेरे पति न तो कभी रहमान डकैत से डरे, न ही बलूच विरोधी थे। उनके किरदार को गलत दिखाया गया है। इसके चलते उनके खिलाफ लीगल एक्शन लूंगी। आगे पढ़िए, नौरीन से हुई बातचीत के मुख्य अंश… फिल्म में पति का किरदार देखकर कैसा लगा?
किरदार बहुत अच्छा है। संजय दत्त पर यह काफी फिट बैठता है। उन्होंने मेरे पति असलम चौधरी का किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है, लेकिन कहानी में कुछ बातें सही नहीं दिखाई गई हैं। किन चीजों को अलग तरीके से दिखाया गया है?
असलम चौधरी का किरदार बहुत बड़ा है, लेकिन उसे उतना नहीं दिखाया गया है। उनका काम सिर्फ ल्यारी तक सीमित नहीं था। उन्होंने कराची में कई ऑपरेशन किए थे। जिन सभी मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन्होंने कभी भी अपनी फील्ड नहीं छोड़ी। ल्यारी असल में वैसा नहीं है, जैसा दिखाया गया है। ल्यारी कराची का एक छोटा सा इलाका है। फिल्म का कौन सा सीन असलम चौधरी की याद दिलाता है?
तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म के एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। उनकी मौत किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा थी?
नहीं। वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा—और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तानी में ही रह रही हूं। रहमान डकैत के एनकाउंटर के बाद असलम ने घर आकर क्या कहा?
एनकाउंटर से पहले उन्होंने कुछ लोगों का पता लगाया था। अपने प्लान को अंजाम देने वे चार-पांच दिन पहले घर से निकले थे। रहमान ईरान से आ रहा था। असलम ने उसे जंगल में 7 पुलिसकर्मियों के साथ घेर लिया था और उसका एनकाउंटर कर दिया। असलम 6 दिन बाद घर लौटे। वे बहुत खुश थे और मेरे पास आकर बोले- अल्लाह ने मेरी इज्जत बचा ली। चौधरी ने अपना काम पूरा कर लिया है। क्या आपको लगता है कि उनकी दाउद से भी बातचीत हुई थी?
मैंने अपने जीवन में चौधरी असलम से दाउद का नाम कभी नहीं सुना। मुझसे पहले भी ऐसे सवाल पूछे गए हैं। उन्होंने मेरे सामने सिर्फ शोएब खान का नाम लिया था। वह कराची का डॉन था। लाहौर जाकर उसे असलम चौधरी ने ही पकड़ा था। वह जेल गया और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। मेरे पति ने कभी पैसे के लालच में किसी के सामने सिर नहीं झुकाया। नवाज शरीफ और परवेज मुशर्रफ भी उनके काम को जानते थे। उन्होंने सिंध के 300 गरीब परिवारों के घरों में कभी राशन की कमी नहीं होने दी। बलूचों के बारे में बोले एक डायलॉग से विवाद खड़ा हो गया था। सच्चाई क्या है?
मेरे पति बलूच विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घरआई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं। असलम चौधरी की मौत के समय का घटनाक्रम?
मुझे मेरे चाचा के बेटे का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी चालू कीजिए, बड़ी खबर आ रही है। जब मैंने टीवी पर देखा तो पता चला कि असलम को अस्पताल ले जाया गया है। इसलिए मैं तुरंत वहां पहुंची। उस दिन कराची में लगभग बंद जैसी स्थिति थी। पूरे शहर में अफरा-तफरी मची हुई थी। असलम का इंतकाल हो चुका था। एक बार सुबह करीब सात बजे मेरे घर पर भी 350 किलो विस्फोटक से ब्लास्ट किया गया था। उस समय मैं घर पर अकेली थी। मैंने पिछली रात करीब दो बजे चौधरी असलम को फोन किया था और कहा था कि आप समय पर घर आ जाइए। तब उन्होंने बताया था कि उन्हें सूचना मिली है कि अमेरिका या सऊदी की एम्बेसी पर बम ब्लास्ट हो सकता है, इसलिए वे पेट्रोलिंग पर हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि असल में बम तो हमारे ही घर पर फटने वाला है। सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर मैं बच्चों के लिए नाश्ता बना रही थी। तभी हमारे घर के पास जोरदार धमाका हुआ था। जमीन में 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया और नीचे से पानी का फव्वारा निकलने लगा था। इस धमाके में हमारे 3-4 गनमैन, एक पड़ोसी और एक टीचर की मौत हो गई थी। हमारे घर के आसपास हमेशा गाड़ियां खड़ी रहती थीं। धमाके के बाद गाड़ियां फिल्मी सीन की तरह हवा में उड़कर गिर गई थीं। यह ब्लास्ट किसने करवाया था?
तहरीक-ए-तालिबान ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। क्या आदित्य धर ने इस फिल्म को बनाने से पहले आपसे संपर्क किया?
नहीं, हमसे कोई परमिशन नहीं ली गई। टीजर आने के बाद हमें पता चला कि ऐसी कोई फिल्म बन रही है। उन्होंने “हवा-हवा” गाने के लिए पाकिस्तानी कलाकार को फिल्म रिलीज से पहले ही कॉपीराइट का भुगतान कर दिया था। उन्होंने चौधरी असलम की एंट्री के लिए एक छोटे से सॉन्ग पर 46 लाख रुपए खर्च किए हैं। अब मैंने तय किया है कि इस मामले में मैं आदित्य धर को इंटरनेशनल वकील के जरिए नोटिस भेजूंगी। मैं उनसे पाकिस्तानी करंसी में 25 करोड़ रुपए मुआवजा मांगूंगी। अगर फिल्म 1500 करोड़ रुपए कमा चुकी है, तो 25 करोड़ उसके मुकाबले बहुत छोटी रकम है। लोगों ने तो मुझे यह भी कहा है कि कुल कमाई का 40% लेना आपका हक है। अगर आदित्य धर खुद मान जाते हैं तो ठीक है, नहीं तो मैं कोर्ट के जरिए कार्रवाई करूंगी। क्या चौधरी असलम ने आपको बंदूक चलाना और हैंड ग्रेनेड की ट्रेनिंग दी थी?
उन्होंने मुझे 9MM पिस्टल समेत दो-तीन गन की ट्रेनिंग दी थी। अभी भी मेरे पास हथियार हैं। सभी हथियारों के लाइसेंस हैं। उन्होंने मुझे फायरिंग करना और निशाना लगाना सिखाया था। आप हथियारों की ट्रेनिंग के लिए तैयार हो गईं थीं?
नहीं… मैंने शुरू में ही मना कर दिया था कि मैं बंदूक नहीं चलाना चाहती। तो उन्होंने कहा- चौधरी की पत्नी को किसी भी हालत में डरना नहीं है। मेरी मौत के बाद भी तुम्हारे मन में कोई डर नहीं होना चाहिए। सबको पता होना चाहिए कि नौरी खान कौन है। चौधरी असलम संजय दत्त के बारे में क्या सोचते थे?
उन्हें संजय दत्त बहुत पसंद थे। जब उन्होंने खलनायक वाली फिल्म देखी, तो संजय दत्त की बहुत तारीफ की थी। परिवार में कौन-कौन हैं?
मेरे चार बच्चे हैं। सभी बच्चे पाकिस्तान में हैं। किसी को भी विदेश नहीं भेजा है। मेरे बड़े बेटे की शादी कुछ समय पहले हुई है और अब वह भी पुलिस में शामिल होगा। मैं पिछले 12 वर्षों से तैयार बैठी हूं। अगर कोई हमला करेगा तो तो उसे छोड़ूंगी नहीं। उन्होंने कभी बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी?
मैं हमेशा उनसे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने को कहती थी। लेकिन वे मेरी बात नहीं मानते थे। घर में बम धमाके के बाद मैंने बहुत जिद की थी। उस दिन भी घर से निकलने के बाद, थोड़ी दूर जाकर उन्होंने अपनी जैकेट उतार दी थी। वे कहते थे कि मुझे किसी एक्स्ट्रा डिफेंस की जरूरत नहीं है। इससे बेहतर तो मर जाना है। असलम अपनी गाड़ी में नहीं बैठे रहते थे। वह हमेशा पुलिस बल में सबसे आगे रहते थे। असलम ने अपने नाम के आगे चौधरी क्यों लगाया?
कई बड़े ऑपरेशन पूरा करने के बाद उन्हें यह पहचान मिली। उन्होंने मेरी सलाह पर ही सफेद कुर्ते पहनने शुरू कर दिए थे। लोग उन्हें पंजाबी समझते थे, लेकिन वे पठान हैं। मेरे बच्चों ने फिल्म नहीं देखी है। उनका कहना है कि फिल्म में पिता को बहुत क्रूर दिखाया गया है। मैंने उनसे कहा कि संजय दत्त की एक्टिंग देखिए। फिल्म बनाने से पहले मुझसे उनके किरदार के बारे में पूछा जाना जरूरी था। जब वो जेल गए, तो बाहर के सारे काम मैं ही डील करती थी। मैं रहमान दकैत के इलाके में भी गई थी। वहां मेरा पीछा करवाया गया था। मैं और मेरा ड्राइवर गाड़ी लेकर भाग निकले थे। मैंने असलम चौधरी को कई बातें नहीं बताईं। एक रात मुझे शोएब खान के नाम से भी धमकी मिली थी। क्या आपको अभी भी रहमान डकैत के परिवार से धमकियां मिलती हैं?
हां, कुछ समय पहले धमकी मिली थी। कराची में कई गुट हैं। इसीलिए धमकियां मिलती रहती हैं। इसीलिए हमारी सुरक्षा में पाकिस्तान की सेना और सिंध पुलिस तैनात है।



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महिला आरक्षण संशोधन ड्राफ्ट को केंद्र की मंजूरी: इसी महीने बिल पारित होने की संभावना; लोकसभा सीटें 816 होंगी, 273 महिलाओं के लिए रिजर्व


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  • Women Reservation Bill Passed: Lok Sabha Seats To 816, 273 Reserved For Women

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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20 सितंबर 2023: लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास होने पर PM मोदी ने महिला सांसदों के साथ फोटो खिंचवाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 की जाएंगी, जिनमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें इस संशोधन बिल को पारित किए जाने की संभावना है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा।

उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों में पहली बार प्रभावी होगा। प्रस्ताव के मुताबिक आरक्षण ‘वर्टिकल’ आधार पर लागू होगा, यानी अनुसूचित जाति और जनजाति की आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए हिस्सा तय किया जाएगा।

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परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाएगी सरकार

राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण होगा। सरकार एक संशोधन बिल के एक संविधान साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी। ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण हो सके।

नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा।

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महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ेंगी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ेंगी। 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है।

1931 में पहली बार महिला आरक्षण का मुद्दा उठा था

1931: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान महिला आरक्षण पर पहली बार चर्चा हुई, लेकिन प्रस्ताव अंततः खारिज कर दिया गया। बेगम शाह नवाज और सरोजिनी नायडू जैसी नेताओं ने महिलाओं को पुरुषों पर तरजीह देने के बजाय समान राजनीतिक स्थिति की मांग पर जोर दिया।

1971: भारत में महिलाओं की स्थिति पर समिति का गठन किया गया। इसके कई सदस्यों ने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध किया।

1974: महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए महिलाओं की स्थिति पर एक समिति ने शिक्षा और समाज कल्याण मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी। इसमें पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की सिफारिश की

1988: राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना (National Perspective Plan) ने पंचायत स्तर से संसद तक महिलाओं को आरक्षण देने की सिफारिश की। इसने पंचायती राज संस्थानों और सभी राज्यों में शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण अनिवार्य करने वाले 73वें और 74वें संविधान संशोधनों की नींव रखी।

1993: 73वें और 74वें संविधान संशोधनों में पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गईं। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और केरल सहित कई राज्यों ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू किया है।

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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव खारिज:लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष लेकर आया था महाभियोग प्रस्ताव, 193 सांसदों ने साइन किए थे

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव पर 12 मार्च को 193 विपक्षी सांसदों (लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63) ने साइन किए थे। पूरी खबर पढ़ें…

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बिहार में काल वैशाखी एक्टिव, राजस्थान में अप्रैल में सर्दी: उत्तराखंड-हिमाचल समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट


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भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून7 मिनट पहले

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उत्तर भारत में एक्टिव 3 वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से अप्रैल में भी सर्दी का अहसास हो रहा है। राजस्थान में पिछले 20 दिनों से बदले हुए मौसम के कारण तापमान में 7 डिग्री तक की कमी आई है। बिहार में काल वैशाखी सिस्टम एक्टिव हो गया है।

काल बैसाखी एक तरह का अचानक आने वाला तेज आंधी-तूफान होता है। यह आमतौर पर अप्रैल–मई (वैशाख महीने) में आता है। इस सिस्टम के एक्टवि होने से 50 से 100kmph की रफ्तार से हवाएं चलती हैं, बारिश-ओले भी गिरते हैं। यह सिस्टम अचानक आता है, और जल्द खत्म हो जाता है।

इधर, मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए छत्तीसगढ़ और बिहार समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, सिक्किम, बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

असम और मेघालय में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहेगा। यहां आंधी-बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट है। हालांकि दक्षिण के राज्यों तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और और कोस्टल कर्नाटक में उमस भरा मौसम रहेगा।

मौसम की तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के शिमला के बाघी में सेब के बगीचे में बुधवार को ताजा बर्फबारी।

हिमाचल प्रदेश के शिमला के बाघी में सेब के बगीचे में बुधवार को ताजा बर्फबारी।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की मोटी परत से ढक गया है।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की मोटी परत से ढक गया है।

उत्तराखंड के उत्तराखंड के यमुनोत्री में बुधवार को जमकर बर्फबारी हुई।

उत्तराखंड के उत्तराखंड के यमुनोत्री में बुधवार को जमकर बर्फबारी हुई।

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अगले दो दिन के मौसम का हाल

  • 9 अप्रैल- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 30-50kmph रफ्तार की हवा। चल सकती हैं। असम और मेघालय में तेज बारिश।
  • 10 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं हल्की बारिश। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में 30-50kmph रफ्तार की हवा।

राज्यों से मौसम की खबरें…

राजस्थान: आंधी-बारिश के कारण अप्रैल में भी सर्दी, 5 से ज्यादा शहरों में बारिश

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राज्य में पिछले कुछ समय से चल रहा आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर धीमा हो गया है। अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप रहने कारण गर्मी बढ़ सकती है। 20 दिन से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास हो रहा है। दिन का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री नीचे आ गया है। पढ़ें पूरी खबर…

मध्यप्रदेश: कल से गर्मी का दौर, 5-6°C बढ़ेगा पारा; आज 7 जिलों में बारिश का अलर्ट

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प्रदेश में 10 अप्रैल से तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। तापमान में 5 से 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…

उत्तर प्रदेश: मेरठ-सहारनपुर में ओले गिरे, आज 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

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प्रदेश के 41 जिलों में बारिश का अलर्ट है। इस दौरान 60 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बुधवार देर शाम बरेली-हरदोई समेत 6 शहरों में ओले गिरे। मेरठ और सहारनपुर में सड़कों और खेतों में ओले की सफेद चादर जैसी नजर आई। पढ़ें पूरी खबर…

बिहार: काल वैशाखी एक्टिव,19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 60kmph की रफ्तार से चलेगी हवा

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बिहार में प्री-मानसून का सबसे खतरनाक सिस्टम ‘काल वैशाखी’ एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 60kmph की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली और ओले गिरने की आशंका है। हालांकि, 10 अप्रैल के बाद से फिर से मौसम ठीक हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

उत्तराखंड: 6 जिलों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में अप्रैल में चौथी बार बर्फबारी

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देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आज बारिश हो सकती है। केदारनाथ में अप्रैल में चौथी बार बर्फबारी हुई। चकराता क्षेत्र की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर सीजन की पांचवीं बर्फबारी दर्ज की गई। देवबन, खड़म्बा, दुरानी, कांवतालानी और मोयला टॉप सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरी है। पढ़ें पूरी खबर…

झारखंड: साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर, 14 जिलों में बारिश, 12 अप्रैल से बढ़ेगी गर्मी

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राज्य के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अभी बना हुआ है। गुरुवार को रांची, खूंटी, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत 14 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर…

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उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी: UP-राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरे; 15 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट


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भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून21 मिनट पहले

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IMD ने आज छत्तीसगढ़ और बिहार समेत 15 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के चारों धाम यानी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बुधवार को बर्फबारी हुई।

वहीं, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में भी बर्फ गिरी, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 11°C नीचे चला गया। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग समेत ऊंचाई वाले इलाकों में भी ताजा बर्फबारी हुई।

इधर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत 25 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। प्रयागराज के मेजा में गंगा फेरी घाट पर बना पांटून पुल तेज बहाव में बह गया। मध्य प्रदेश में 3 साइक्लोनिक एक्टिविटी हैं।

राजस्थान में पिछले दो दिनों में कई जिलों में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल से एक हफ्ते तक मौसम साफ रहने की संभावना है। दिल्ली में बुधवार को 11 साल में अप्रैल का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया।

मौसम की चार तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के शिमला के बाघी में सेब के बगीचे में बुधवार को ताजा बर्फबारी।

हिमाचल प्रदेश के शिमला के बाघी में सेब के बगीचे में बुधवार को ताजा बर्फबारी।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की मोटी परत से ढक गया है।

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी से पूरा क्षेत्र बर्फ की मोटी परत से ढक गया है।

उत्तराखंड के उत्तराखंड के यमुनोत्री में बुधवार को जमकर बर्फबारी हुई।

उत्तराखंड के उत्तराखंड के यमुनोत्री में बुधवार को जमकर बर्फबारी हुई।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में चलती रोडवेज बस पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में चलती रोडवेज बस पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई।

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अगले दो दिन मौसम का हाल

9 अप्रैल- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती हैं। असम और मेघालय में तेज बारिश का अलर्ट है।

10 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती हैं।

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Delhi Power Cut: दिल्ली के इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली, चेक करें 9 अप्रैल का BRPL शटडाउन लिस्ट


Delhi

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Delhi Power Cut: राजधानी दिल्ली के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) ने कल यानी 9 अप्रैल, 2026 के लिए मेंटेनेंस शटडाउन का शेड्यूल जारी किया है।

बिजली लाइनों के रखरखाव, ट्रांसफार्मर की मरम्मत और नेटवर्क अपग्रेडेशन के चलते कल कई प्रमुख इलाकों में 1 से 3 घंटे तक बिजली गुल रह सकती है।

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अगर आप वसंत कुंज, छतरपुर, आर.के. पुरम या नजफगढ़ जैसे इलाकों में रहते हैं, तो समय रहते अपने जरूरी काम निपटा लें। नीचे विस्तार से पढ़ें आपके इलाके का शेड्यूल:

दक्षिण दिल्ली (South Delhi) के प्रमुख शटडाउन

वसंत कुंज (Vasant Kunj): दोपहर 2:15 से 3:45 बजे तक (Kapas Hera Estate में ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस)।

समय: सुबह 11:04 से दोपहर 12:34 बजे तक (Desu Colony, Gandhi Colony और Khandsa Colony में पेड़ों की छंटाई के कारण)।

छतरपुर : सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Block C, Chhatarpur Extension में नेटवर्क अपग्रेडेशन)।

सुबह 11:04 से दोपहर 1:04 बजे तक (Chhatarpur Enclave, Dr. Ambedkar Colony और Phase 2 में फीडर मेंटेनेंस)।

सुबह 11:00 से 12:00 बजे तक (Asola और Wild Life Sanctuary इलाके में गैस प्रेशर चेक करने )।

हौज खास (Hauz Khas): सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक (Green Park, Block F में पोल शिफ्टिंग के कारण)।

आर.के. पुरम (R K Puram): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Sector-7 में ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस)।

खानपुर (Khanpur): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Devli Sangam Vihar, Block J & L में मेंटेनेंस कार्य)।

पश्चिम दिल्ली (West Delhi) और नजफगढ़ के इलाके

पालम (Palam): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Raj Nagar, Block B और West Sagarpur, Block J में लोड बैलेंसिंग और मेंटेनेंस)।

नजफगढ़ (Najafgarh): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Raghopur Village में ट्रांसफार्मर मेंटेनेंस)।

मोहन गार्डन (Mohan Garden): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Vikas Nagar, Bhagwati Garden और Mansa Ram Park में लोड अनबैलेंसिंग और HVDS मेंटेनेंस)।

नांगलोई (Nangloi): सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक (Jai Vihar Baprola में मेंटेनेंस कार्य)।

क्यों हो रहा है शटडाउन?

BSES के अनुसार, यह शटडाउन ‘निवारक रखरखाव’ (Preventive Maintenance) का हिस्सा है। गर्मी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ जाता है। नेटवर्क को अपग्रेड करने, ट्रांसफार्मर की सर्विसिंग करने और बिजली की लाइनों के पास पेड़ों की टहनियों को काटने के लिए यह कटौती जरूरी है ताकि भविष्य में अचानक बिजली गुल (Breakdown) होने की समस्या न आए।

उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सुबह 11 बजे से पहले अपने मोबाइल, लैपटॉप और इन्वर्टर चार्ज कर लें। साथ ही, पानी की मोटर जैसे काम भी शटडाउन समय से पहले निपटा लें।



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