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कौन है भारत का स्टील सिटी सिटी! जिसे भारत का ‘पिट्सबर्ग’ भी कहा जाता है! जाएं तो जरूर घूम


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Jamshedpur travel guide : जब बात भारत के सबसे प्‍लांड और इंडस्ट्रियल सिटी की आती है, तो जुबां पर सबसे पहला नाम जमशेदपुर का आता है. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित इस शहर को दुनिया भर में ‘स्टील सिटी’ के नाम से जाना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे ‘भारत का पिट्सबर्ग’ क्यों कहा जाता है और इसके इस नाम के पीछे का इतिहास क्या है?

आज जहां ऊंची इमारतें और विशाल स्टील प्लांट हैं, 1900 के दशक की शुरुआत में वहां सिर्फ ‘साकची’ नाम का एक छोटा सा आदिवासी गांव और घना जंगल हुआ करता था. जमशेदजी नसरवानजी टाटा का विजन था कि भारत का अपना एक स्टील प्लांट हो. उनकी इसी खोज को उनके बेटे दोराबजी टाटा ने पूरा किया और सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम पर इस जगह को चुना. 1919 में भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने जमशेदजी टाटा के सम्मान में इस शहर का नाम बदलकर ‘जमशेदपुर’ रख दिया.(Image : AI)

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जमशेदपुर को ‘भारत का पिट्सबर्ग’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी औद्योगिक पहचान अमेरिका के मशहूर स्टील शहर ‘पिट्सबर्ग’ से पूरी तरह मेल खाती है. जिस तरह पिट्सबर्ग ने अपनी नदियों के किनारे बसकर दुनिया को लोहा दिया, ठीक वैसे ही जमशेदपुर सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम पर स्थित है और टाटा स्टील की स्थापना के बाद एशिया के सबसे बड़े स्टील हब के रूप में उभरा. सिर्फ फैक्ट्रियां ही नहीं, बल्कि पिट्सबर्ग की तरह जमशेदपुर का सुनियोजित विकास और वहां की हरियाली का संतुलन भी इसे वैश्विक स्तर पर यह खास पहचान दिलाता है.(Image : AI)

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बिना नगर निगम के चलता है यह शहर- जमशेदपुर की एक और रोचक बात यह है कि यह भारत का इकलौता ऐसा बड़ा शहर है, जहां कोई नगर निगम (Municipal Corporation) नहीं है. पूरे शहर का रखरखाव और बुनियादी ढांचा टाटा स्टील की सहायक कंपनी ‘जुस्को’ (JUSCO) संभालती है. यही कारण है कि इसे भारत के सबसे स्वच्छ और सबसे बेहतर रहने योग्य शहरों में गिना जाता है. जमशेदपुर में घूमने लायक 7 बेहतरीन जगहें-(Image : AI)

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1. जुबली पार्क (Jubilee Park) मैसूर के वृंदावन गार्डन की तर्ज पर बना यह पार्क जमशेदपुर की जान है. 200 एकड़ में फैला यह पार्क शाम के वक्त रंग-बिरंगी लाइटों और म्यूजिकल फाउंटेंस से जगमगा उठता है. पिकनिक और मॉर्निंग वॉक के लिए यह सबसे पसंदीदा जगह है.(Image : AI)

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2. डिमना लेक (Dimna Lake) शहर की भीड़भाड़ से दूर अगर आप शांति चाहते हैं, तो डिमना लेक जरूर जाएं. दलमा पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जानी जाती है. यहां आप बोटिंग का आनंद भी ले सकते हैं.(Image : AI)

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3. दलमा वाइल्डलाइफ सेंचुरी (Dalma Wildlife Sanctuary) एडवेंचर के शौकीनों के लिए यह जगह जन्नत है. यह अभयारण्य खास तौर पर हाथियों के लिए प्रसिद्ध है. ट्रेकिंग करते हुए जब आप पहाड़ी की चोटी पर पहुँचते हैं, तो वहां से पूरे जमशेदपुर का नजारा किसी सपने जैसा लगता है.(Image : AI)

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4. टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (Tata Steel Zoological Park) जुबली पार्क के अंदर ही स्थित यह चिड़ियाघर बच्चों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेस्ट है. यहां आप सफारी का आनंद ले सकते हैं और कई दुर्लभ जानवरों को करीब से देख सकते हैं.(Image : AI)

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5. हुडको लेक (Hudco Lake) टेल्को कॉलोनी में स्थित यह एक कृत्रिम झील है, जिसे बहुत खूबसूरती से विकसित किया गया है. इसके पास ही एक सुंदर पहाड़ी और पार्क है, जहां से सूर्यास्त देखना एक यादगार अनुभव होता है.(Image : AI)

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6. भुवनेश्वरी मंदिर (Bhuvaneshwari Temple) पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां से खरकई और स्वर्णरेखा नदी का संगम भी साफ दिखाई देता है. यहां का शांत वातावरण मन को सुकून देता है.

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7. कीनन स्टेडियम और जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अगर आप खेल प्रेमी हैं, तो जमशेदपुर के इन स्पोर्ट्स सेंटर्स को देखना न भूलें. जमशेदपुर को ‘खेल नगरी’ भी कहा जाता है और यहां की सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं.याद रखें कि जमशेदपुर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है, जब मौसम सुहाना रहता है. यहां की सड़कें और सफाई देखकर आप हैरान रह जाएंगे!(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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आधी रात का खौफनाक मंजर, रास्ते में घेरकर युवक पर चाकू से हमला; अस्पताल पहुंचते ही मौत!


कमल दखनी/उदयपुर. उदयपुर शहर. आधी रात का समय. सभी अपने घरों में आराम से सो रहे थे. शहर में अचानक शोर-शराबा होने लगा. भागदौड़ मच गई. अचानक एक खबर फैली जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. दरअसल, एक युवक के जमीन पर गिरने की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई. मामला इतना गंभीर निकला कि अस्पताल पहुंचते-पहुंचते एक घर का चिराग बुझ चुका था. यह घटना घंटाघर पुलिस स्टेशन उदयपुर क्षेत्र की है, जहां आपसी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली. चाकुओं से गोदकर युवक की हत्या कर दी गई.

मृतक की पहचान 26 साल के साहिल उर्फ सुहानी पुत्र आरिफ के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक घटना रात करीब 12:30 बजे की है. सिलावटवाड़ी-बिच्छू घाटी इलाके में यह पूरी वारदात हुई. बताया जा रहा है कि साहिल का पहले से ठोकर चौराहा निवासी नईम के साथ विवाद चल रहा था, जो आखिरकार इस खौफनाक मोड़ तक पहुंच गया.

रास्ते में घेरकर किया हमला, मौके पर ही गिरा युवक
बताया जा रहा है कि नईम अपने कुछ साथियों के साथ पहले से ही मौके पर पहुंचा हुआ था. इसी दौरान साहिल अपने साथी जीशान के साथ बाइक से घर लौट रहा था. जैसे ही वह उस इलाके में पहुंचा, हमलावरों ने उसे घेर लिया.

इसके बाद जो हुआ, वह बेहद डराने वाला था. आरोपियों ने साहिल पर चाकू से हमला कर दिया. उसके सीने और कमर के नीचे दो वार किए गए. गंभीर चोट लगते ही साहिल वहीं गिर पड़ा. आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले हमलावर मौके से फरार हो गए. घायल हालत में साहिल को तुरंत Maharana Bhupal Hospital Udaipur ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मुआवजे की मांग
घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. सुबह होते-होते बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए. माहौल बेहद भारी नजर आया. मृतक की बहन सानिया खान भाई की मौत की खबर सुनकर फूट-फूटकर रो पड़ी. परिवार के लोग उसे संभालते रहे, लेकिन दुख साफ दिख रहा था.

परिजनों ने सरकार से 25 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा ताकि हालात बिगड़ने न पाएं.

आरोपी फरार, पुलिस की टीमें तलाश में जुटी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश का बताया जा रहा है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की हरकतें साफ तौर पर सामने आ सकें. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.



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India Bangladesh: दिल्ली में भारत-बांग्लादेश विदेश मंत्री की हुई मुलाकात, किन मुद्दों पर चर्चा


India

oi-Sumit Jha

India Bangladesh foreign Affairs minister Meeting: नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और बांग्लादेश के पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को और गहरा करने पर जोर दिया।

डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि बातचीत काफी सकारात्मक रही, जिसमें आपसी सहयोग और विकास के नए रास्तों पर चर्चा की गई। यह बैठक न केवल दोनों देशों के बीच की दोस्ती को दर्शाती है, बल्कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साझा संकल्प को भी मजबूत करती है।

India Bangladesh

S Jaishankar Khalilur Rahman Meeting: आपसी रिश्तों में मजबूती

बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना था। डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना दोनों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने संबंधों को और भी विविध बनाना चाहते हैं ताकि आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

Pleased to host FM Khalilur Rahman of Bangladesh and his delegation this afternoon.

We discussed strengthening our bilateral relationship in its various facets. Also exchanged views on regional and global developments.

Agreed to remain in close touch.@BDMOFA

🇮🇳 🇧🇩 pic.twitter.com/qAf87w2cvr

— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 8, 2026 “>

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क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा

नेताओं ने केवल अपने देशों की बात नहीं की, बल्कि आस-पड़ोस और दुनिया में हो रही हलचल पर भी विचार साझा किए। दक्षिण एशिया की सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों को लेकर दोनों मंत्रियों ने लंबी बात की। उनका मानना है कि क्षेत्रीय शांति के लिए दोनों देशों का एक साथ मिलकर सोचना और कदम उठाना बेहद जरूरी है।

कनेक्टिविटी और व्यापार पर जोर

भारत और बांग्लादेश के बीच सामानों की आवाजाही को आसान बनाने और लोगों के आपसी संपर्क को बेहतर करने पर विशेष चर्चा हुई। सीमाओं पर व्यापार की सुविधाओं को सुधारने और नए रेल व सड़क मार्गों के विकास पर सहमति बनी। इससे न केवल आर्थिक लाभ होगा, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी और गहरा होगा।

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भविष्य का साझा रास्ता

अंत में, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे भविष्य में भी इसी तरह घनिष्ठ संपर्क बनाए रखेंगे। डॉ. जयशंकर ने मेहमान प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित बातचीत से छोटी-मोटी समस्याओं को सुलझाने और बड़े लक्ष्यों को पाने में मदद मिलती है। दोनों देश आने वाले समय में कई साझा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए तैयार हैं।





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सर्वे- 29 में से 23 देश भविष्य को लेकर चिंतित: भारत के 65 फीसदी लोग मानते हैं कि देश सही दिशा में – इप्सोस




इस साल दुनियाभर में कई महत्वपूर्ण व्यवधान देखने को मिले हैं, जिनमें पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी शामिल है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। पूरी दुनिया के लोग भविष्य को लेकर चिंतित है और निराशा बढ़ रही है। इसके बीच भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में उम्मीद की किरण बरकरार है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इप्सोस ने मार्च 2026 की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का शीर्षक है ‘वाट वरीज द वर्ल्ड’ यानी पूरी दुनिया को सबसे ज्यादा क्या चितिंत करता है। रिपोर्ट में सर्वे किए गए 29 में से 23 देशों के अधिकांश लोग अपने भविष्य को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं लेकिन भारत, सिंगापुर, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देश इस ट्रेंड से अलग खड़े हैं। सर्वे में शामिल भारत के 65% लोगों का मानना है कि देश सही दिशा में जा रहा है। दुनिया में यह औसत महज 39% है। सर्वे में उन प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर नागरिकों की राय भी शामिल की गई है जो उनके दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। सर्वे में कई लोगों ने माना है कि तेल और गैस आपूर्ति पर बढ़ता दबाव भविष्य में चुनौती बन सकता है। अपराध-हिंसा-बेरोजगारी सबसे बड़ी चिंताएं वैश्विक चिंताओं में अपराध, हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सामाजिक असमानता, वितीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार प्रमुख हैं। भारत में भी इसी तरह की चिंताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन प्राथमिकताओं का क्रम अलग है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, अपराध और हिंसा के अलावा वित्तीय और राजनतिक भ्रष्टाचार भारतीयों की सबसे बड़ी चिंताएं हैं।
भारत की तटस्थ स्थिति ने बढ़ाई सकारात्मकता इप्सोस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के लोगों को सकारात्मक सोच के पीछे कई कारण हैं। भारत की तटस्थ भू राजनीतिक स्थिति और वैश्विक ईंधन संकट के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए सक्रिय प्रयासों ने अर्थव्यवस्था को अपेक्षाकृत स्थिर बनाए रखा है। पूरी दुनिया में एक सी चिंता- लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनावों से बन रहीं कठिन परिस्थितियां ये सभी चिंताएं एक साझा वैश्विक चिंता की ओर इशारा करते है। यह बैचेनी काफी हद तक लगातार हो रहे भू-राजनीतिक तनावों की वजह से पैदा हुई है। बीते कुछ वर्षों में इन तनाव और संघर्षों ने दुनियभर की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाला है और नागरिकों के लिए कठिन परिस्थितियां पैदा की – सुरेश रामलिंगम, सीईओ, इप्सोस इंडिया



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Mohsina Kidwai का 94 उम्र में निधन, कांग्रेस की दिग्गज नेता बनीं थीं आजमगढ़ की पहली महिला सांसद


Uttar Pradesh

oi-Bhavna Pandey

Mohsina Kidwai Passed away: देश की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार तड़के अस्पताल में निधन हो गया। उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। किदवई काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं, और उन्होंने नोएडा के मेट्रो अस्पताल में आज सुबह अंतिम सांस ली। उनके दामाद रज़ी उर रहमान किदवई ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज शाम करीब 5 बजे निजामुद्दीन स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा।

राजनीतिक रूप से, मोहसिना किदवई ने राजीव गांधी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले थे। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सदस्य के रूप में सेवाएं दीं, साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति का भी हिस्सा रहीं।

Mohsina Kidwai Passed away

मोहसिना किदवई 94 वर्ष की थीं और उन्होंने भारतीय राजनीति में दशकों तक सक्रिय योगदान दिया। मोहसिना किदवई का जन्म 1 जनवरी, 1932 को उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित किदवई परिवार में हुआ। हालांकि उनका रफी अहमद किदवई से सीधा संबंध नहीं था, वे गांधी परिवार के काफी करीबी नेताओं में थीं।

मोहसिना किदवई का राजनीतिक करियर

मोहसिना किदवई राजनीतिक करियर की शुरुआत 1970 में लखनऊ-बाराबंकी स्थानीय निकाय से विधान परिषद सदस्य बनने के साथ हुई। 1974 में मोहसिना किदवई बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं।

इमरजेंसी के बाद संभाली यूपी में कांग्रेस की कमान

इमरजेंसी के बाद कांग्रेस विरोधी की लहर के कारण 1977 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, इंदिरा गांधी ने उन्हें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया।

आजमगढ़ से बनीं थी कांग्रेस की पहली महिला सांसद

मोहसिना बाराबंकी की रहने वाली थीं और आजमगढ़ से उनका कोई नाता नहीं था लेकिन 1978 में आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में उन्होंने जनता पार्टी के उम्मीदवार रामवचन को 35,000 वोटों से हराकर पहली महिला सांसद बनने का गौरव हासिल किया।

मोहसिना किदवई केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य

मोहसिना किदवई ने इंदिरा गांधी (1980) और राजीव गांधी (1984) की सरकारों में शहरी विकास मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनके बाद के वर्षों में वे 2002 और 2008 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य चुनी गईं।

‘माई लाइफ इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में लिखा अनुभव

मोहसिना किदवाई ने अपनी राजनीतिक यात्रा और अनुभवों को आत्मकथा ‘माई लाइफ इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में भी संजोया। उन्‍होंने इस किताब में कांग्रेस पार्टी के साथ अपने अनुभवों का जिक्र किया है। दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहते हुए मोहसिना किदवई ने सामाजिक सरोकारों को हमेशा उच्च प्राथमिकता दी।



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UPSC CSE IAS Posting: UP कैडर के 21 IAS अफसरों की फील्ड पोस्टिंग जारी, टॉपर शक्ति दुबे को मिली कहां की कमान?


Uttar Pradesh

oi-Kumari Sunidhi Raj

UPSC CSE 2024 IAS Posting: यूपी के सरकारी सिस्टम में अब 21 नए चेहरों की एंट्री होने जा रही है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की 2024 की परीक्षा पास करने वाले 21 नए IAS अधिकारियों ने मसूरी की अपनी पहली ट्रेनिंग पूरी कर ली है और अब वे मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इन सभी अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है। ये अधिकारी इन जिलों में बतौर असिस्टेंट मजिस्ट्रेट और असिस्टेंट कलेक्टर काम संभालेंगे। 17 अप्रैल 2026 के बाद ये अधिकारी अपने-अपने जिलों में पहुंच जाएंगे और वहां के कामकाज को करीब से समझेंगे। इनका असली काम अब शुरू होगा, जहां इन्हें जनता की समस्याओं को सुलझाने और सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने का तरीका सीखना होगा।

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टॉपर शक्ति दुबे को मिली किस जिले की कमान

इस बैच की सबसे चर्चित अधिकारी और यूपीएससी टॉपर शक्ति दुबे को मुरादाबाद भेजा गया है। इलाहाबाद की रहने वाली शक्ति ने न सिर्फ अपनी मेहनत से देशभर में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि अब वे प्रशासन की बारीकियां सीखने के लिए तैयार हैं।

शक्ति ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और बीएचयू (BHU) जैसी बड़ी जगहों से पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के बावजूद उन्होंने राजनीति विज्ञान (PSIR) को अपना विषय चुना और इतिहास रच दिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘पीतलनगरी’ के नाम से मशहूर मुरादाबाद में उनकी नई पारी कैसी रहती है।

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IAS Posting: किस जिले को कौन सा नया अफसर मिला?

सरकार ने इन सभी 21 अफसरों को यूपी के कोने-कोने में तैनात किया है। यहां पूरी लिस्ट दी गई है कि किसे कहां भेजा गया है:

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नए जोश के साथ प्रशासन में ‘लेडी पावर’

इस बार के बैच की एक और बड़ी बात यह है कि टॉप-5 में तीन महिलाओं ने बाजी मारी है। शक्ति दुबे के अलावा हर्षिता गोयल और बाकी महिला उम्मीदवारों ने भी कमाल किया है। फील्ड ट्रेनिंग के दौरान इन अधिकारियों का सामना सीधा जनता से होगा। तहसील के चक्कर काटने वाले लोग हों या गांव में विकास की जरूरत, इन युवा अफसरों को हर चुनौती का हल निकालना होगा।

असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के रूप में ये अधिकारी न सिर्फ जमीन-जायदाद के मामले देखेंगे, बल्कि जिले की कानून व्यवस्था को समझने में भी सीनियर अधिकारियों की मदद करेंगे। उम्मीद है कि इन नए अफसरों के आने से यूपी के प्रशासन में एक नई चमक देखने को मिलेगी।

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परमाणु ऊर्जा का शक्तिमानः स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार: 400 साल की बिजली गारंटी; ऐसा करने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश




भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में वह कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने दुनिया के विकसित देशों को चौंका दिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी-BHAVINI) का 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) अब कमर्शियल उत्पादन लिए तैयार है। इसे बनाने में 200 से अधिक भारतीय एमएसएमई और निजी कंपनियों ने कलपुर्जे बनाए हैं। इस वजह से भारत पर किसी भी तरह के विदेशी प्रतिबंधों का कोई असर नहीं होगा। रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने इस जटिल तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर उतारा है। इसे किसी विदेशी मदद के बिना, पूरी तरह स्वदेशी इंजीनियरिंग से तैयार किया गया है। इससे भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के स्टेज-3 का रास्ता खुलेगा और थोरियम से परमाणु बिजली बनाना संभव होगा। परमाणु विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य रिएक्टरों की तुलना में ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ कहीं अधिक उन्नत होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जितना ईंधन (यूरेनियम) इस्तेमाल करता है, उससे कहीं ज्यादा पैदा करता है। इसीलिए इसे ‘ब्रीडर’ कहा जाता है। भारत के पास यूरेनियम के भंडार सीमित हैं, लेकिन थोरियम का विशाल भंडार है। यह रिएक्टर भारत के ‘तीन चरणों वाले परमाणु कार्यक्रम’ के दूसरे चरण की शुरुआत है, जो भविष्य में थोरियम के इस्तेमाल का रास्ता खोलेगा। परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, फ्रांस ने परमाणु रिएक्टर के एक ही डिजाइन- पेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (पीडब्ल्यूआर) को अपनाया। जर्मनी और ब्रिटेन की कोशिश नाकाम रही। भारत ने इस जटिल इंजीनियरिंग चुनौती को स्वीकार किया। भारत में लगभग 9.63 लाख टन थोरियम का भंडार है। एक बार जब हम तीसरे चरण में पूरी तरह प्रवेश कर जाएंगे, तो ये भंडार भारत को अगले 400 वर्षों तक निर्बाध बिजली प्रदान करने में सक्षम होंगे। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोदकर के विजन का जिक्र करते हुए विशेषज्ञ बताते हैं कि हालांकि इस परियोजना में समय लगा, जो ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी मिसाल है। यह भारत की ‘ऊर्जा संप्रभुता’ का घोषणा-पत्र जैसा है। कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर इसलिए खास है ईंधन की बचत – यह रिएक्टर इस्तेमाल किए गए ईंधन को फिर से रिसाइकिल कर ऊर्जा पैदा करता है। सुरक्षा – लिक्विड सोडियम का इस्तेमाल, जो बिजली न होने पर भी रिएक्टर को खुद ही ठंडा रख सकता है। 72 साल पहले होमी भाभा ने यह विजन रखा था। 22 साल लगे रिएक्टर के निर्माण में। 7,700 करोड़ रु. कुल लागत। 100% स्वदेशी तकनीक।



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Bengal Election: चुनाव से पहले ECI-TMC में फिर भिड़ंत, डेरेक ओ’ब्रायन बोले-हमें गेट लॉस्ट कहा गया


India

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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी अब दिल्ली के गलियारों तक पहुंच गई है। बुधवार, 8 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के बीच हुई बैठक ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है।

टीएमसी ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया और महज 7 मिनट की बातचीत के बाद उन्हें गेट लॉस्ट कह दिया।

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दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टीएमसी प्रतिनिधिमंडल का व्यवहार अनुचित था और आयोग पश्चिम बंगाल में बिना किसी डर या हिंसा के चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

7 मिनट में TMC नेताओं के साथ क्या हुआ? डेरेक ओ’ब्रायन का दावा

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा-आज हम मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे। सुबह 10:02 बजे बैठक शुरू हुई और 10:07 बजे उन्होंने हमें ‘गेट लॉस्ट’ कह दिया। जब हमने अधिकारियों के तबादलों और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठाए, तो उन्होंने हमें कमरे से बाहर जाने को कहा। यह लोकतंत्र के लिए शर्म की बात है। मैं चुनाव आयोग को चुनौती देता हूं कि वह इस बैठक का ऑडियो या वीडियो जारी करे। डेरेक ओ’ब्रायन ने यह भी कहा कि विपक्ष की सभी समान विचारधारा वाली पार्टियां इस मुद्दे पर एकजुट हैं और आज शाम एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

चुनाव आयोग का पलटवार: ‘मर्यादा का उल्लंघन’

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि टीएमसी प्रतिनिधिमंडल बैठक के दौरान चिल्ला रहा था और व्यवधान पैदा कर रहा था। डेरेक ओ’ब्रायन ने कथित तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त को चुप रहने तक कह दिया, जिसके बाद आयोग ने उन्हें मर्यादा (Decorum) बनाए रखने की हिदायत दी। आयोग ने साफ किया कि बंगाल में चुनाव भयमुक्त, हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त होंगे।

विवाद की क्या है असल जड़: 60 लाख मतदाता और 483 अधिकारी

TMC और चुनाव आयोग के बीच टकराव के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

मतदाता सूची से नाम हटाना: टीएमसी का आरोप है कि ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के नाम पर चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। टीएमसी का दावा है कि 60 लाख मतदाताओं के नाम जांच के घेरे में थे, जिनमें से 27 लाख नाम हटा दिए गए हैं। बंगाल में मतदाताओं की कुल संख्या अब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है।

अधिकारियों का तबादला: चुनाव आयोग ने पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में 483 अधिकारियों का तबादला कर दिया, जिनमें शीर्ष पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। टीएमसी ने इसे केंद्र सरकार का दखल बताया है, जबकि आयोग का कहना है कि यह 2021 जैसी चुनाव बाद की हिंसा को रोकने के लिए जरूरी है।

EC की TMC को ‘स्ट्रैट टॉक’ की चेतावनी

चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया (X) पर TMC के लिए स्ट्रैट-टॉक नाम से एक पोस्ट किया। इसमें चेतावनी दी गई कि इस बार बंगाल में बूथ कैप्चरिंग, बूथ जैमिंग और ‘सोर्स जैमिंग’ (मतदाताओं को रोकने की कोशिश) जैसी धांधलियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आयोग ने सख्त लहजे में कहा कि इस बार बिना किसी छापेमारी और डर के निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने जा रहे हैं। पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होना है जिसके नतीजे 4 मई को आएगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव से पहले सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। एक तरफ TMC चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगा रही है, तो वहीं आयोग निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के अपने रुख पर कायम है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद आगे और कितना तूल पकड़ता है और क्या इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ता है।



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ट्रेन से घूमें बेंगलुरु के पास की ये 6 ठंडी जगहें, कम खर्च और नजारे शानदार!


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6 Affordable Places : अगर आपका गाड़ी चलाने का मन नहीं है और आप उसकी झंझट से बचना चाहते हैं, तो बस ट्रेन ले लें. ये आसानी से पहुंचने लायक और आरामदायक जगहें बेंगलुरु से बस कुछ ही घंटों की दूरी पर हैं, जो इन्हें एक छोटी और ताज़गी भरी छुट्टी के लिए एकदम सही बनाती हैं इसके लिए किसी कार की ज़रूरत नहीं है.

चिक्काबल्लापुर: बेंगलुरु से ट्रेन से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित, चिक्काबल्लापुर एक छोटी, ताज़गी भरी छुट्टी के लिए एक आदर्श जगह है. यहां का मुख्य आकर्षण नंदी हिल्स है, जो अपनी ठंडी हवाओं और मनमोहक सूर्योदय के नज़ारों के लिए मशहूर है. वहीं, प्राचीन भोग नंदीश्वर मंदिर, अपनी बारीक द्रविड़ वास्तुकला के साथ, इतिहास की एक झलक दिखाता है. आस-पास के अंगूर के बाग और हरे-भरे नज़ारे इसे शहर की गर्मी से बचने के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं.

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मैसूर: ट्रेन से सिर्फ़ 2 से 3 घंटे की दूरी पर स्थित, मैसूर संस्कृति और शांति का एक अनोखा मेल पेश करता है. शानदार मैसूर महल शहर की शान के तौर पर खड़ा है, जबकि खूबसूरती से बनाए गए वृंदावन गार्डन अपनी शाम की म्यूज़िकल फ़व्वारों के लिए मशहूर हैं. चामुंडी पहाड़ी की यात्रा से शहर के चारों ओर के नज़ारे दिखाई देते हैं, जो मैसूर को गर्मियों की छुट्टियों के लिए एक आदर्श जगह बनाता है.

Hassan: A comfortable 3 to 4-hour train journey takes you to Hassan, a gateway to some of Karnataka’s finest heritage sites. The stunning Belur Temple and Halebidu Temple showcase intricate Hoysala architecture, while the unique Shettihalli Rosary Church, partially submerged during monsoons, offers a striking visual experience. This destination is perfect for those who enjoy history and architecture.

हासन: ट्रेन से 3 से 4 घंटे की आरामदायक यात्रा आपको हासन ले जाती है, जो कर्नाटक के कुछ बेहतरीन ऐतिहासिक स्थलों का प्रवेश द्वार है. शानदार बेलूर और हलेबिडु मंदिर परिसर होयसला वास्तुकला का बेहतरीन नमूना पेश करते हैं, जबकि अनोखा शेट्टिहल्ली रोज़री चर्च जो मॉनसून के मौसम में आंशिक रूप से पानी में डूब जाता है एक सचमुच शानदार दृश्य अनुभव देता है. यह जगह इतिहास और वास्तुकला के शौकीनों के लिए एकदम सही है.

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Sakleshpur: Around 4 to 5 hours by train, Sakleshpur is known for its scenic journey through the Western Ghats and its noticeably cooler climate. The star-shaped Manjarabad Fort offers sweeping views of the hills, while the surrounding coffee plantations, misty landscapes, and trekking trails make it a favourite for nature lovers seeking a peaceful retreat.

सकलेशपुर: ट्रेन से लगभग 4 से 5 घंटे की दूरी पर स्थित, सकलेशपुर पश्चिमी घाट के सुंदर नज़ारों और अपने सुहावने, ठंडे मौसम के लिए मशहूर है. तारे के आकार का मंजरबाद किला अपने ऊंचे स्थान से सांस रोक देने वाले नज़ारे दिखाता है, जबकि आस-पास के कॉफ़ी के बागान, धुंध भरे नज़ारे और ट्रेकिंग के रास्ते इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत और आनंददायक जगह बनाते हैं.

Shivamogga: Reaching Shivamogga by train takes around 4.5 to 5 hours, and the journey is well worth it for its natural attractions. The majestic Jog Falls, one of India’s tallest waterfalls, is a major draw, while the nearby Sakrebailu Elephant Camp offers a unique wildlife experience. The lush rainforests of Agumbe, often called the ‘Cherrapunji of the South,’ add to its appeal.

शिवमोग्गा: ट्रेन से शिवमोग्गा पहुंचने में लगभग 4.5 से 5 घंटे लगते हैं, और यह यात्रा अपने प्राकृतिक नज़ारों के लिए पूरी तरह से सार्थक है. शानदार जोग फ़ॉल्स भारत के सबसे ऊंचे झरनों में से एक यहां का मुख्य आकर्षण है, जबकि पास का सक्रेबैले हाथी कैंप एक अनोखा वन्यजीव अनुभव देता है. अगुम्बे के हरे-भरे वर्षावन, जिन्हें अक्सर ‘दक्षिण का चेरापूंजी’ कहा जाता है, इस क्षेत्र की सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं.

Chennai: With fast trains covering the distance in about 4 to 5 hours, Chennai makes for an easy coastal escape from Bengaluru. The expansive Marina Beach is perfect for long walks by the sea, while the historic Kapaleeshwarar Temple showcases classic Dravidian architecture. The colonial-era Fort St. George adds a layer of history, making Chennai a balanced mix of culture and leisure.

चेन्नई: तेज़ रफ़्तार ट्रेनों से लगभग 4 से 5 घंटे में दूरी तय हो जाने के कारण, चेन्नई बेंगलुरु से बीच पर छुट्टियां बिताने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. विशाल मरीना बीच समुद्र के किनारे लंबी सैर के लिए एकदम सही है, जबकि ऐतिहासिक कपालेश्वर मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है.



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Iran US Ceasefire: ‘तुरंत देश छोड़ें भारतीय’, सीजफायर के बाद इंडिया की एडवाइजरी, Helpline Number जारी


International

oi-Ankur Sharma

Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान दो हफ़्ते के लिए युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं लेकिन इस बीच, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 8 अप्रैल को सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है और सभी भारतीयों से देश छोड़ने की अपील की है, ये कदम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के मद्दे नजर उठाया गया है। ये निर्देश 7 अप्रैल को जारी पिछली एडवाइजरी का ही अगला हिस्सा है।

Iran US Ceasefire

एडवाइजरी में साफ तौर पर निम्नलिखित बातें कही गई हैं और साथ ही हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए गए हैं।

  • घटनाक्रमों को देखते हुए, जो भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में हैं, उन्हें दृढ़तापूर्वक सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के समन्वय से और दूतावास द्वारा सुझाए गए मार्गों का उपयोग करके शीघ्रता से ईरान छोड़ दें।
  • यह पुनः दोहराया जाता है कि दूतावास के साथ पूर्व परामर्श और समन्वय के बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमा तक पहुँचने का कोई भी प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
  • दूतावास के आपातकालीन नंबर नीचे दिए गए हैं।

मोबाइल नंबर:

  • +989128109115;
  • +989128109102;
  • +989128109109;
  • +989932179359

ईमेल: [email protected]

Iran US Ceasefire

US-Iran सीजफायर का भारत ने किया स्वागत

US-Iran सीजफायर का भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि ‘हम संघर्ष-विराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार ज़ोर दिया है, चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ज़रूरी हैं। इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही बहुत ज़्यादा तकलीफ़ दी है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर आवागमन की निर्बाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।’

सीजफायर पर ट्रंप ने क्या कहा?

सीजफायर के ऐलान के बाज डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘विश्व शांति के लिए एक बहुत बड़ा दिन’! ईरान भी यही चाहता है, अब उनका सब्र टूट चुका है! और ठीक इसी तरह, बाकी सभी का भी! यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका, Strait of Hormuz में जहाज़ों की आवाजाही को सुचारू बनाने में मदद करेगा। वहां बहुत सारे सकारात्मक काम होंगे! इससे बहुत ज़्यादा पैसा भी कमाया जाएगा। ईरान अब अपने पुनर्निर्माण का काम शुरू कर सकता है। हम हर तरह की ज़रूरी चीज़ों से लदे हुए वहां मौजूद रहेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि ऐसा ही होगा। ठीक वैसे ही, जैसा कि हम US में अनुभव कर रहे हैं, यह Middle East का ‘स्वर्ण युग’ साबित हो सकता है!’

India in Iran (@India_in_Iran) posts an advisory issued by the Embassy of India, Tehran.

“In continuation of the advisory of 07 April 2026, and in light of recent developments, Indian nationals still in Iran are strongly advised to expeditiously exit Iran, in coordination with… pic.twitter.com/tlPOZjQk4p

— Press Trust of India (@PTI_News) April 8, 2026 “>





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