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Iran-US Ceasefire: मिडिल ईस्ट में शांति की नई उम्मीद? ट्रंप के बयान से बढ़ी हलचल, ईरान को लेकर दिया बड़ा संकेत


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oi-Puja Yadav

Trump Iran-US Ceasefire: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर एक पोस्ट के जरिए मध्य पूर्व (Middle East) में शांति को लेकर बड़ा दावा किया है।

ट्रंप ने कहा कि यह विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन हो सकता है और संकेत दिया कि ईरान भी अब तनाव खत्म करने के लिए तैयार है। ट्रंप के मुताबिक, “ईरान अब इससे आगे बढ़ना चाहता है, वे थक चुके हैं। सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया के बाकी देश भी इस तनाव से बाहर निकलना चाहते हैं।”

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उनके इस बयान को मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बीच काफी अहम माना जा रहा है, खासकर तब जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग पर तनाव लगातार बना हुआ है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थिति संभालने में मदद करेगा अमेरिका

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में ट्रैफिक की समस्या को संभालने में मदद करेगा। यह इलाका वैश्विक तेल सप्लाई का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका न केवल सुरक्षा बल्कि लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान करेगा। “हम हर तरह की सप्लाई लेकर वहां मौजूद रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले,” ट्रंप ने लिखा।

ट्रंप का मिडिल ईस्ट का गोल्डन एज का दावा

ट्रंप के बयान का एक अहम हिस्सा ईरान के पुनर्निर्माण (Reconstruction) को लेकर भी था। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास अपने देश के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का मौका है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि जैसे अमेरिका इस समय गोल्डन एज का अनुभव कर रहा है, वैसे ही मध्य पूर्व भी एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में स्थिरता, आर्थिक विकास और शांति देखने को मिल सकती है।

ट्रंप के इस बयान के क्या हैं मायने?

ट्रंप का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह ईरान-अमेरिका संबंधों में संभावित सुधार का संकेत देता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ाता है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। भारत के संदर्भ में, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का खुलना सीधा रसोई गैस (LPG) और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर डालेगा।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के इन दावों पर आधिकारिक स्तर पर क्या प्रतिक्रिया आएगी और क्या वाकई जमीन पर कोई ठोस बदलाव देखने को मिलेगा। लेकिन इतना जरूर है कि उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह विश्व शांति का बड़ा दिन वास्तव में एक नई शुरुआत साबित होगा या सिर्फ एक राजनीतिक बयान बनकर रह जाएगा।



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Assam Election में जुबानी जंग तेज! खरगे के ‘जहरीले सांप’ और ‘अनपढ़’ वाले बयान पर छिड़ी सियासी रार


India

oi-Puja Yadav

Assam Election 2026: असम विधानसभा चुनाव के मतदान से ठीक पहले राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा भाजपा और आरएसएस की तुलना जहरीले सांपों से करने और गुजरात के लोगों को अनपढ़ बताने वाले बयानों ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।

भाजपा ने इन बयानों को लेकर खरगे के खिलाफ पुलिस और चुनाव आयोग (EC) में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि दूसरी ओर असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर तलाशी अभियान चलाया है।

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BJP-RSS जहरीले सांप की तरह: खरगे का तीखा हमला

असम के श्रीभूमि जिले में सोमवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने धार्मिक संदर्भ देते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा अगर नमाज पढ़ते समय सामने से जहरीला सांप गुजर रहा हो, तो नमाज छोड़कर उस सांप को मार देना चाहिए। नमाज टूटने से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उस सांप को मारना जरूरी है। आरएसएस और भाजपा वही जहरीले सांप हैं। इससे पहले रविवार को केरल के इडुक्की में खरगे ने केरल के लोगों को पढ़ा-लिखा और चतुर बताते हुए कहा था कि उन्हें गुजरात और कुछ अन्य जगहों के अनपढ़ लोगों की तरह गुमराह नहीं किया जा सकता।

भाजपा का पलटवार: खरगे का बयान शर्मनाक और अपमानजनक

दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने खरगे के बयानों की कड़ी निंदा की। प्रसाद ने कहा कि खरगे को गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को अनपढ़ कहने के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे शर्मनाक और नीच मानसिकता करार दिया।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा, अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें इस बयान की निंदा करनी चाहिए। खरगे उस पद पर बैठे हैं जिसे कभी नेहरू और पटेल जैसे दिग्गजों ने संभाला था, लेकिन उन्होंने पद की गरिमा को गिरा दिया है। इस बीच, भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी रंजीब कुमार शर्मा ने गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में खरगे के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की दबिश

विवाद केवल बयानों तक सीमित नहीं रहा। 7 अप्रैल को असम पुलिस की एक टीम ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के घर की तलाशी ली। दरअसल, पवन खेड़ा ने दो दिन पहले असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा पर विदेशों में अघोषित संपत्ति और चार देशों के पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए थे। रिंकी भुइयां शर्मा की शिकायत पर गुवाहाटी क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि खेड़ा घर पर नहीं मिले, लेकिन तलाशी में कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली है।

राहुल गांधी का जवाब: दलित समुदाय का अपमान

मुख्यमंत्री सरमा की पागल वाली टिप्पणी पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने X पर पोस्ट किया खरगे जी देश के एक वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित नेता हैं। उनके खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल पूरे एससी/एसटी समुदाय का अपमान है। प्रधानमंत्री मोदी की इस पर चुप्पी उनकी सहमति दर्शाती है। यह करोड़ों दलितों की गरिमा पर हमला है।

चुनाव ले 24 घंटे पहले माहौल में बढ़ी तल्खी

असम में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होना है, जबकि 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप लगातार तीखे होते जा रहे हैं। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले असम का चुनाव अब व्यक्तिगत आरोपों और कानूनी लड़ाइयों के केंद्र में आ गया है। जहां भाजपा इसे “विकास बनाम विनाश” की लड़ाई बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र बचाने का युद्ध करार दे रही है।



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Silver Price Today: चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, रातों-रात बढ़े 10,000 रुपये दाम, कितने का हुआ 1kg सिल्वर?


Business

oi-Kumari Sunidhi Raj

Silver Price Today: भारतीय सराफा बाजार में आज चांदी की कीमतों ने एक नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।ईरान-इजराइल US के बीच हुए युद्धविराम के बाद बाजार में भी काफी बदलाव दिख रहा है। वैश्विक बाजार में हो रहे बदलावों और घरेलू मांग में अचानक आई तेजी के कारण चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम ₹10,000 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। आज, 08 अप्रैल 2026 को भारत में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,60,000 के स्तर पर पहुंच गया है।

7 अप्रैल को चांदी की कीमत ₹2,50,000 पर स्थिर थी। प्रति ग्राम के हिसाब से देखें तो कीमतों में ₹10 का इजाफा हुआ है, जिससे 1 ग्राम चांदी अब ₹260 की हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती लोकप्रियता ने कीमतों को इस ऊंचाई पर धकेल दिया है।

Silver Price Today

Silver Rate Today: आज भारत में चांदी के दाम (प्रति ग्राम/किलोग्राम)

नीचे दिए गए टेबल में विभिन्न मात्राओं के लिए आज और कल के भावों का तुलनात्मक डेटा दिया गया है:

ग्राम आज का भाव (₹) कल का भाव (₹) बदलाव (₹)
1 ग्राम ₹260 ₹250 + ₹10
8 ग्राम ₹2,080 ₹2,000 + ₹80
10 ग्राम ₹2,600 ₹2,500 + ₹100
100 ग्राम ₹26,000 ₹25,000 + ₹1,000
1 किलो (1000g) ₹2,60,000 ₹2,50,000 + ₹10,000

ये भी पढ़ें: Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना चढ़ा, चांदी लुढ़की, मुंबई में कहां पहुंचा रेट?

Silver Price: पिछले 10 दिनों में चांदी की कीमतों में कितना हुआ बदलाव?

पिछले दस दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 02 अप्रैल को ₹5,000 की गिरावट के बाद बाजार में स्थिरता आई थी, लेकिन आज की ₹10,000 की बढ़त ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

दिनांक 10 ग्राम (₹) 100 ग्राम (₹) 1 किग्रा (₹)
अप्रैल 08, 2026 ₹2,600 ₹26,000 ₹2,60,000 (+10,000)
अप्रैल 07, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (0)
अप्रैल 06, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (0)
अप्रैल 05, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (0)
अप्रैल 04, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (0)
अप्रैल 03, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (0)
अप्रैल 02, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (-5,000)
अप्रैल 01, 2026 ₹2,550 ₹25,500 ₹2,55,000 (+5,000)
मार्च 31, 2026 ₹2,500 ₹25,000 ₹2,50,000 (+5,000)
मार्च 30, 2026 ₹2,450 ₹24,500

₹2,45,000 (0)

क्यों आई चांदी में इतनी तेजी?

सिर्फ डेटा ही नहीं, इस उछाल के पीछे के तीन मुख्य कारणों को समझना जरूरी है:

वैश्विक मांग: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं की सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग बढ़ी है।

रुपये की स्थिति: डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव ने भी आयातित चांदी को महंगा कर दिया है।

सप्लाई चेन: माइन्स से उत्पादन में आई कमी के चलते स्टॉक में गिरावट देखी जा रही है।

चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

हॉलमार्किंग का रखें ध्यान: चांदी खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क की जांच करें। भले ही कीमतें बढ़ रही हों, शुद्धता से समझौता न करें।

मेकिंग चार्ज: ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए भाव ‘स्पॉट प्राइस’ हैं। ज्वेलरी खरीदते समय दुकानदार इस पर 3% GST और मेकिंग चार्जेस अलग से जोड़ते हैं।

निवेश सलाह: बाजार के जानकारों के अनुसार, कीमतों में इतनी बड़ी तेजी के बाद एक छोटा ‘करेक्शन’ (कीमतों में हल्की गिरावट) आ सकता है, इसलिए बड़ी खरीदारी से पहले एक-दो दिन बाजार की दिशा का इंतजार करना समझदारी हो सकती है।

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Gold Rate Today: US-Iran में सीज फायर होते ही सोने ने पकड़ी रफ्तार, 3212 ₹ हुआ महंगा, क्या है ताजा भाव?


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oi-Ankur Sharma

Gold Rate Today (सोना का भाव आज का) 8 April 2026 : अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है, जिसका असर मार्केट पर दिख रहा है,बुधवार की सुबह सोने के भाव ने स्पीड पकड़ी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का भाव आज व 2.14% बढ़कर यानी 3212 रुपये तेजी के साथ 1,53,501 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।

तो वहीं गुडरिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट सोना का भाव गुडरिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट सोना का भाव 1,49,990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रैंक कर रहा है। जबकि इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) आज 24 कैरेट सोने की 1,47,786 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है।

Gold Rate Today

आइए जानते हैं कि देश के टॉप शहरों में 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव क्या चल रहा है।

Gold Price Today: आज क्या है सोने का भाव?

दिल्ली

  • सोना 24 कैरेट भाव-₹149990
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137500
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112530

मुंबई

  • सोना 24 कैरेट भाव-₹149840
  • सोना 22 कैरेट भाव- ₹137350
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112380

कोलकाता

  • सोना 24 कैरेट भाव- ₹149840
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹140200
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112380

चेन्नई

  • सोना 24 कैरेट भाव₹151200
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹138600
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹115600

मुंबई

  • सोना 24 कैरेट भाव- ₹149840
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137350
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112380

हैदराबाद

  • सोना 24 कैरेट भाव- ₹149840
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137350
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112380

लखनऊ

  • सोना 24 कैरेट भाव-₹149990
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137500
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112530

पटना

  • सोना 24 कैरेट भाव-₹149890
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137400
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112430

नोएडा

  • सोना 24 कैरेट भाव-₹149990
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137500
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112530

गुरुग्राम

  • सोना 24 कैरेट भाव- ₹149990
  • सोना 22 कैरेट भाव-₹137500
  • सोना 18 कैरेट भाव-₹112530

सोने का भाव आज का 8 अप्रैल 2026: क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?

सीजफायर की खबर के बाद जहां कच्चे तेल के दाम गिरे, वहीं सोने (Gold) में तेजी देखने को मिली है। एक्सपर्ट्स इसे ‘सेफ हेवन डिमांड’ और बाजार की अनिश्चितता से जोड़कर देख रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स सीजी राठी ने जी बिजनेस से बात करते हुए कहा कि ‘सीजफायर टेम्पररी है, मिडिल ईस्ट में हालात कभी भी बदल सकते है लेकिन आज की डेट में बाजार गुलजार है जिसे कि सकारात्मक रूप से देखना चाहिए और बाजार की तरह सीजफायर का स्वागत करते हुए ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए।’

डिस्क्लेमर: बताए गए विचार और सुझाव सिर्फ़ अलग-अलग एनालिस्ट या एंटिटी के हैं, वनइंडिया हिंदी किसी भी तरह के कोई निवेश सलाह नहीं देता है देता हैं और ना ही सिक्योरिटीज़ की खरीद या बिक्री के लिए कहता है। सारी जानकारी सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद के लिए दी गई है और कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले लाइसेंस वाले फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से इसे अलग से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।



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Biz Updates: अदाणी ने अमेरिकी कोर्ट में दी चुनौती, केस खारिज करने की मांग; जानें कारोबार का अपडेट


भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी ने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) की तरफ से उनके खिलाफ दर्ज सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। मंगलवार को न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन फेडरल कोर्ट में दाखिल एक याचिका में अदानी के वकीलों ने एसईसी के दावों को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।

अदानी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर नवंबर 2024 में आरोप लगा था कि उन्होंने अदानी ग्रीन एनर्जी के लिए लाभ पाने हेतु भारतीय अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने का वादा किया था। एसईसी का दावा है कि 2021 में 6,965 करोड़ रुपये के बॉन्ड ऑफरिंग दस्तावेजों में इस योजना को छिपाया गया। अदालती फाइलिंग में वकीलों ने दलील दी कि यह मामला अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन है, क्योंकि घटना और संबंधित व्यक्ति भारत के हैं। साथ ही वे बॉन्ड कभी अमेरिकी एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं हुए थे। वकीलों ने रिश्वतखोरी के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि इसमें अदाणी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। फिलहाल इस मामले पर एसईसी की ओर से प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

एजीआर बकाया मामले में वोडाफोन आइडिया को राहत

दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन-आइडिया के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़े बकाये के पुनर्मूल्यांकन की समय-सीमा जून तक बढ़ा दी है। पहले इस प्रक्रिया को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क की समीक्षा के चलते समय-सीमा बढ़ाई गई है।  सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वोडाफोन-आइडिया को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 तक के एजीआर बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर कर दिया है। 



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एयरलाइंस कंपनियों को बड़ी राहत: सरकार ने लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में की 25% की कटौती, सस्ते होंगे एयर टिकट!


पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद अब भारत सरकार ने हवाई यात्रियों को बड़ी राहत दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को घरेलू एयरलाइंस के लिए एयरपोर्ट्स पर लगने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की भारी कटौती का एलान किया है। इस कदम का सीधा मकसद विमान ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों के बावजूद हवाई टिकटों के दाम को नियंत्रण में रखना है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट के कारण विमान ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। ऐसे में एयरलाइंस पर परिचालन लागत का बोझ बढ़ गया था। अगर सरकार यह कदम नहीं उठाती, तो एयरलाइंस इसका सीधा बोझ यात्रियों पर डालतीं, जिससे टिकटों की कीमतें आसमान छूने लगतीं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक के लिए हवाई सफर को किफायती और सुविधाजनक बनाना है।

यह भी पढ़ें: आंकड़ों में अमेरिका-ईरान की जंग: 3500 से ज्यादा मौतें, 12 देश पर हमले, जानें युद्ध में किसे-कितना नुकसान

400 करोड़ रुपये की मिलेगी राहत

सरकार के इस फैसले से देश की एयरलाइंस कंपनियों को अगले तीन महीनों में लगभग 400 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को तुरंत प्रभाव से इन निर्देशों को लागू करने के लिए कहा है।

सरकार की पैनी नजर

नायडू ने बताया कि वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन की कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि देखी गई है, लेकिन सरकार ने घरेलू स्तर पर इसका बहुत सीमित असर होने दिया है। एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने भविष्य में टैरिफ निर्धारण के दौरान एडजस्टमेंट का विकल्प खुला रखा है। मंत्रालय लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। जरूरत पड़ने पर भविष्य में और भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।



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Iran US War: 6.6 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा, बड़े नेताओं सहित हजारों की गई जान! युद्धविराम के बाद बर्बादी का हिसाब


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oi-Kumari Sunidhi Raj

Iran US War: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के कई देशों को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। करीब एक महीने से ज्यादा समय तक चले भीषण रक्तपात, विनाशकारी मिसाइल हमलों और अनिश्चितता के काले बादलों के बाद आखिरकार ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच Ceasefire (युद्धविराम) पर सहमति बन गई है। हालांकि, बंदूकों की गूंज शांत होने के बावजूद इस संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सीने पर जो गहरे घाव दिए हैं, उनकी भरपाई में दशकों का समय लगेगा।

ताजा आर्थिक विश्लेषण के आंकड़े डरावने हैं। इस युद्ध ने दुनिया को अब तक करीब 54.88 लाख करोड़ रुपये ($6.6 ट्रिलियन) का वैश्विक आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। युद्ध की इस लपट ने न केवल पश्चिम एशिया के भूगोल को झुलसाया, बल्कि न्यूयॉर्क के वॉल स्ट्रीट से लेकर मुंबई के दलाल स्ट्रीट तक के बाजारों को धराशायी कर दिया। कच्चे तेल की कीमतें $69 से रॉकेट की तरह उछलकर $125.88 प्रति बैरल तक जा पहुंचीं, जिसने दुनिया भर में महंगाई का एक ऐसा विस्फोट किया है जिससे उबरना फिलहाल नामुमकिन नजर आ रहा है।

Iran US War: 6.6 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा, बड़े नेताओं सहित हजारों की गई जान! युद्धविराम के बाद बर्बादी का हिसाब

ईरान को बड़ा नुकसान, GDP 10% गिरने का अनुमान

युद्ध का मुख्य अखाड़ा रहा ईरान आज खंडहरों के ढेर पर खड़ा है। यहां का आधुनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।

भीषण मानवीय क्षति: रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में अब तक 7,300 से अधिक मौतें हुई हैं और 25,000 से ज्यादा लोग घायल हैं। इन मौतों में इस्लामिक रिपब्लिक के नेता अली ख़ामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ जनरल भी शामिल हैं।

विरासत और विकास का अंत: आधुनिक अस्पताल, स्कूल और कई ऐतिहासिक इमारतें जमींदोज हो चुकी हैं।

आर्थिक मंदी: युद्ध के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था में 10% से ज्यादा की गिरावट दर्ज होने का खतरा मंडरा रहा है।

सुपरपावर अमेरिका पर पड़ा सैन्य खर्च का बोझ

इस त्रिकोणीय संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न होकर भी अमेरिका को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ी है।

तत्काल खर्च: युद्ध के दौरान अब तक $80.4 बिलियन (करीब 7.49 लाख करोड़ रुपये) सीधे खर्च हुए हैं।

भविष्य की मार: विशेषज्ञों का मानना है कि सामरिक और सैन्य नुकसान का कुल आंकड़ा $210 बिलियन तक पहुंच सकता है।

व्यापारिक नुकसान: व्यापार में आई रुकावटों की वजह से अमेरिका को $115 बिलियन की अलग से चोट लगी है।

इजरायल के राजस्व को $15 बिलियन की चपत

इजरायल के लिए यह जंग जान-माल के मोर्चे पर बेहद नुकसानदेह साबित हुई है।

बड़ी जनहानि: संघर्ष में 33,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 7,100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

आर्थिक दबाव: युद्ध संचालन और ध्वस्त हुए बुनियादी ढांचे की वजह से इजरायल को अब तक $15 बिलियन का राजस्व घाटा हुआ है।

99% खाड़ी क्षेत्र में पानी का संकट, ठप होते शहर

दुनिया के ऊर्जा केंद्र कहे जाने वाले खाड़ी देशों में इस युद्ध ने जीवन की बुनियादी जरूरत ‘पानी’ पर हमला किया है। यहां के 99% पानी की आपूर्ति ‘डीसैलिनेशन’ प्लांट (खारे पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र) से होती है, जो युद्ध के कारण ठप हो गए। इससे पूरे क्षेत्र में पानी का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है।

भारत में निवेशकों के 37 लाख करोड़ डूबे, पेट्रोल-डीजल पर मार

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी इस संघर्ष की आंच से बुरी तरह झुलस गए हैं।

शेयर बाजार में तबाही: विदेशी निवेशकों की घबराहट के चलते बाजार से भारी निकासी हुई, जिससे भारतीय निवेशकों के 37 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।

ईंधन की किल्लत: कच्चे तेल की कीमतों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए। LPG की कमी के कारण गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।

सरकारी घाटा: जनता को राहत देने के लिए सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की, जिससे सरकारी खजाने को 1.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

दुनिया भर में ‘एनर्जी इमरजेंसी’ और कड़े प्रतिबंध

सप्लाई चेन टूटने से कई देशों में स्थितियां बेकाबू हो गईं:

पाकिस्तान व श्रीलंका: पाकिस्तान में स्कूल बंद कर ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू किया गया, वहीं श्रीलंका में हर बुधवार सरकारी छुट्टी का ऐलान कर दिया गया।

फिलीपींस: देश में औपचारिक रूप से ‘नेशनल एनर्जी इमरजेंसी’ लगा दी गई है।

चीन: बीजिंग ने अपने घरेलू भंडार को सुरक्षित करने के लिए ईंधन निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

इंडस्ट्री और खेती पर ‘डबल अटैक’

मैन्युफैक्चरिंग: एथिलीन 35% और एक्रिलिक एसिड 30% तक महंगा हुआ है। गुजरात के टेक्सटाइल हब में इनपुट लागत 50% बढ़ने से पॉलिएस्टर के दाम 15% बढ़ गए।

खाद्य सुरक्षा: उर्वरकों (Fertilizers) की भारी किल्लत ने वैश्विक स्तर पर फूड इन्फ्लेशन (खाद्य महंगाई) का खतरा पैदा कर दिया है, जिससे आने वाले समय में अनाज की कमी हो सकती है।

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Crude Oil Price Today: ट्रंप के एक ‘सीजफायर’ से दुनिया भर में गिरे तेल का दाम! अब कितने पर पहुंचा क्रूड ऑयल?


Business

oi-Sohit Kumar

Crude Oil Price Today: ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में बुधवार को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दो सप्ताह के युद्ध विराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों ही $100 प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गए हैं। आइए जानते हैं तेल बाजार पर इसका क्या असर होगा?

ताजा जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने तेहरान के साथ एक अस्थायी समझौते पर सहमति व्यक्त की है, जिसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलना अनिवार्य होगा। इस खबर के आते ही ब्रेंट क्रूड 13.6% गिरकर $94.43 और WTI क्रूड लगभग 14.3% टूटकर $96.82 प्रति बैरल पर आ गया। यह पिछले छह वर्षों में तेल की कीमतों में सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट में से एक है।

Crude Oil PTI

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस समझौते को ‘डबल-साइडेड युद्ध विराम’ बताया। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा कि यदि उनके खिलाफ आक्रामकता रुकती है, तो वे भी हमले रोक देंगे और हॉर्मुज के रास्ते सुरक्षित पारगमन (Transit) सुनिश्चित करेंगे।

हालांकि बाजार ने इस खबर का स्वागत किया है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि यह राहत कम समय की हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही अभी शांति का समझौता हुआ है, लेकिन भविष्य में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जोखिम बना रहेगा और बाजार इस अनिश्चितता को ध्यान में रखकर ही अपनी चाल तय करेगा।

Crude Oil Price Today: क्रूड ऑयल के ताजा आंकड़े

  • WTI Crude (अमेरिकी कच्चा तेल): इसकी कीमत में $17.28 (-15.3%) की कमी आई है और यह अब $95.67 पर है। (WTI अमेरिका में उत्पादित होने वाले तेल का मानक है)।
  • Brent Crude (इंटरनेशनल कच्चा तेल): अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 13.32% (-$14.56) फिसलकर $94.71 प्रति बैरल पर आ गया है। (भारत अपनी जरूरत का अधिकतर तेल इसी ब्रेंट क्रूड के भाव पर खरीदता है)।
  • Murban Crude (अबू धाबी का तेल): इसमें 18.85% (-$22.48) की भारी गिरावट देखी गई, जो अब $96.78 पर है।
  • Gasoline (पेट्रोल): अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल की कीमतों में 10.39% की भारी कटौती दर्ज की गई है।
  • Heating Oil (ईंधन तेल): इसकी कीमतों में 18.55% की गिरावट आई है, जिसका उपयोग मशीनों और हीटिंग के लिए होता है।
  • Natural Gas (प्राकृतिक गैस): रसोई गैस और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली गैस की कीमतों में भी 4.15% की गिरावट आई है।

सोर्स: ऑयल प्राइस (oilprice.com)



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RBI MPC Announcement: नहीं बदलेगी ईएमआई, रिजर्व बैंक की एमपीसी ने ब्याज दरों को 5.25% पर रखा स्थिर


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ किया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद और गति मजबूत बनी हुई है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद लिए गए इस फैसले ने बाजारों को स्थिरता और निरंतरता का स्पष्ट संकेत दिया है।

वैश्विक चुनौतियां और आर्थिक दृष्टिकोण पर गवर्नर क्या बोले?

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निरंतर संघर्षों ने व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण पर दबाव डाला है, जिससे अत्यधिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। इन वैश्विक परिस्थितियों और बाहरी दबावों के कारण नीति निर्माताओं के लिए अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने हेतु सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है।

रेपो रेट पर मौद्रिक नीति समिति का क्या फैसला?

वैश्विक अस्थिरताओं के इस दौर में, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, समिति ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर पर यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में वोटिंग की। इसलिए रेपो रेट बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रहेगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ने अपना रुख न्यूट्रल रखा है। यह न्यूट्रल रुख दिखाता है कि रिजर्व बैंक बदलती परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में उचित कदम उठाने के लिए तैयार है।

महंगाई के बारे में क्या बोले आरबीआई गवर्नर

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर यह है कि महंगाई दर पूरी तरह से नियंत्रण में बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने पुष्टि की है कि महंगाई का स्तर सीमित है और यह केंद्रीय बैंक की ओर से निर्धारित चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। महंगाई का इस सुरक्षित दायरे में रहना व्यापार जगत के लिए एक अनुकूल माहौल प्रदान करता है। 

आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख संकेतक क्या कह रहे?

भले ही वैश्विक परिदृश्य में भारी अनिश्चितताएं मौजूद हों, लेकिन भारत की घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत हैं। उच्च-आवृत्ति संकेतक इस बात की स्पष्ट गवाही देते हैं कि देश की आर्थिक गतिविधि में निरंतर गति बरकरार है। 


  • नीतिगत दर: मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है।

  • निर्णय व रुख: एमपीसी ति से यथास्थिति बनाए रखने का फैसला और नीतिगत रुख न्यूट्रल घोषित।

  • महंगाई: हेडलाइन महंगाई दर सफलतापूर्वक चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है।

  • वैश्विक स्थिति: चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व चुनौतियों और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।

  • घरेलू अर्थव्यवस्था: हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स देश में मजबूत आर्थिक गति का संकेत दे रहे हैं।

गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में आरबीआई की यह मौद्रिक नीति सतर्कता और आर्थिक मजबूती का एक बेहतरीन संयोजन पेश करती है। एक ओर जहां वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व अनिश्चितताएं आर्थिक आउटलुक को प्रभावित कर रही हैं, वहीं भारत में चार प्रतिशत से कम की महंगाई दर और मजबूत आंकड़े देश के आर्थिक लचीलेपन की गवाही देते हैं।





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Petrol Diesel Prices Today: क्रूड ऑयल के दाम में भारी गिरावट, क्या घटे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम?


Business

oi-Ankur Sharma

Petrol Diesel Prices Today: अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीजफायर की वजह से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, इस वक्त US क्रूड वेरिएंट की कीमत 17 परसेंट तक गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है तो वहीं, ब्रेंट क्रूड भी लगभग 16 परसेंट टूटकर 92 डॉलर के लेवल पर रैंक कर रहा है।

ऐसे में सवाल ये है कि क्या कच्चे तेल के दाम गिरने से भारत में पेट्रोल-ड़ीजल की कीमत कम होंगी? फिलहाल आज तो दामों में कोई चेंज नहीं हुआ है जिससे कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

Petrol Diesel Prices Today

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही युद्ध के कारण भारत के प्रीमियम 100-ऑक्टेन पेट्रोल, XP100 की कीमत में ₹11 प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी जिसके बाद दिल्ली में इसका रेट बढ़कर ₹160 हो गया था और एक्स्ट्रा ग्रीन प्रीमियम डीज़ल की कीमत भी ₹1.50 बढ़कर ₹92.99 प्रति लीटर कर दी गई थी लेकिन रेगुलर पेट्रोल-डीजल की प्राइस में बदलाव नहीं हुआ था।

आपके शहर में आज क्या है पेट्रोल का रेट?

  • नई दिल्ली ₹94.77
  • कोलकाता ₹105.41
  • मुंबई ₹103.54
  • चेन्नई ₹100.80
  • गुड़गांव ₹95.65
  • नोएडा ₹95.16
  • बेंगलुरु ₹102.92
  • भुवनेश्वर ₹100.97
  • चंडीगढ़ ₹94.30
  • हैदराबाद ₹107.50
  • जयपुर ₹104.91
  • लखनऊ ₹94.57
  • पटना ₹105.23
  • तिरुवनंतपुरम ₹107.40

आपके शहर में आज क्या है डीजल का रेट?

  • नई दिल्ली ₹87.67
  • कोलकाता ₹92.02
  • मुंबई ₹90.03
  • चेन्नई ₹92.39
  • गुड़गांव ₹88.10
  • नोएडा ₹88.31
  • बेंगलुरु ₹90.99
  • भुवनेश्वर ₹92.55
  • चंडीगढ़ ₹82.45
  • हैदराबाद ₹95.70
  • जयपुर ₹90.38
  • लखनऊ ₹87.67
  • पटना ₹91.49
  • तिरुवनंतपुरम ₹96.28

US=Iran में सीजफायर, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतें गिर गईं। इस समझौते के तहत, ईरान ने कुछ समय के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने पर सहमति जताई, जिससे जहाज़ों के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा।

‘तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखना होगा’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर एक पोस्ट में कहा कि स्ट्रेट से सुरक्षित गुज़रना ईरान की सेना के साथ तालमेल और “तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए” ही संभव होगा। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस गुज़रता है।

पहले कितना था कच्चे तेल का दाम ?

सीजफायर से पहले तेल $110-120 प्रति बैरल तक पहुंच गया था तो वहीं कुछ फिजिकल मार्केट में तो कीमतें $140-150 तक भी पहुंच गई थीं। आज देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं घटेलेकिन अगर कीमतें नीचे रहती हैं, तो आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है।



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